Monday, May 4, 2026
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मोटी कमाई या मौत का इंतज़ार ? केशव पुरम में MCD और डेयरी माफिया का ‘खूनी’ नेक्सस बेनकाब !

दिल्ली दर्पण ब्यूरो

नई दिल्ली: राजधानी का केशव पुरम जोन इन दिनों भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का अखाड़ा बन चुका है। सावन पार्क वार्ड में नगर निगम कर्मचारी की बेरहमी से पिटाई ने यह साफ कर दिया है कि दिल्ली की सड़कों पर घूम रही आवारा गायें केवल जनता के लिए सिरदर्द नहीं हैं, बल्कि यह विभाग की ‘दूधिया कमाई’ का सबसे बड़ा सबूत हैं।
वसूली का ‘रेट’ बढ़ा तो फटा कर्मचारी का कानताजा मामला भारत नगर थाना क्षेत्र का है, जहाँ एमसीडी कर्मचारी राजू के साथ गाय पालकों ने जमकर मारपीट की। इस हमले में राजू के कान का पर्दा फट गया, जिसके बाद उसे दीपचंद बंधु अस्पताल से बड़े अस्पताल में रेफर करना पड़ा। पीड़ित कर्मचारी के अनुसार, वह वज़ीरपुर जेजे कॉलोनी के पास मरणासन्न अवस्था में पड़ी एक गाय की सूचना देने गया था, लेकिन वहां डेयरी संचालकों ने उसे घेर लिया। वहीं, डेयरी संचालकों का आरोप है कि एमसीडी कर्मचारी लगातार ‘महीना’ (रिश्वत) बढ़ाने का दबाव बना रहे थे, जिसके चलते यह विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया।


अंधा सिस्टम : बीमार गाय दिखी, अवैध डेयरी नहीं ?दिल्ली दर्पण टीवी की ग्राउंड रिपोर्ट में सबसे बड़ा सवाल यह उठा है कि आखिर नगर निगम के अधिकारियों को मेट्रो स्टेशन की मुख्य सड़क पर खड़ी सैकड़ों आवारा गायें और अवैध डेयरियां नजर क्यों नहीं आतीं? क्या अधिकारियों की आंखों पर भ्रष्टाचार की पट्टी बंधी है? स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी कर्मचारी कार्रवाई का नाटक करने जाते हैं, तो पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी जाती ?


पुराना है मौत का खेल
यह पहली बार नहीं है जब केशव पुरम जोन सुर्खियों में है। इससे पहले भी अवैध डेयरी संचालकों के साथ हुई मारपीट में एक निगम कर्मचारी की जान जा चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन ‘कमीशन’ के खेल में इतना डूबा है कि उसे न तो अपने कर्मचारियों की सुरक्षा की परवाह है और न ही जनता की जान की।फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन सवाल वही है—क्या दिल्ली की सड़कें इन आवारा गायों और भ्रष्ट अधिकारियों के नेक्सस से कभी आजाद हो पाएंगी ?

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दिल्ली में CBI की बड़ी कार्रवाई: 10 लाख की रिश्वत लेते दरोगा रंगे हाथ गिरफ्तार

Delhi Police Bribery Case: CBI ने CR पार्क थाने के ASI को 10 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

नई दिल्ली
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली पुलिस में फैले भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए CR पार्क थाना क्षेत्र में तैनात एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी दरोगा पर आरोप है कि उसने संपत्ति विवाद के एक मामले में शिकायतकर्ता से कुल 25 लाख रुपये की अवैध मांग की थी।

CBI के मुताबिक, आरोपी ASI ने शिकायतकर्ता को धमकी दी थी कि अगर रकम नहीं दी गई तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पैसे देने की स्थिति में मामला “सुलझाने” का भरोसा दिया गया था।

10 लाख की पहली किस्त लेते ही दबोचा गया

CBI ने इस संबंध में 10 फरवरी 2026 को मामला दर्ज कर जाल बिछाया। उसी दिन आरोपी ASI शिकायतकर्ता से 25 लाख रुपये की रिश्वत में से 10 लाख रुपये की पहली किस्त ले रहा था। इसी दौरान CBI की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

हाल के दिनों में दूसरी बड़ी कार्रवाई

गौरतलब है कि CBI ने 7 फरवरी 2026 को भी दिल्ली पुलिस के एक अन्य ASI को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। वह पश्चिम विहार थाने में तैनात था और उसने शिकायतकर्ता के भाई को जमानत दिलाने के बदले 25 हजार रुपये की मांग की थी। बाद में सौदा 15 हजार रुपये में तय हुआ, जिसके बाद CBI ने ट्रैप लगाकर आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।

CBI की आम लोगों से अपील

CBI ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सख्त नीति दोहराते हुए नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत मांगता है या किसी प्रकार का भ्रष्टाचार करता है, तो उसकी शिकायत तुरंत दर्ज कराएं।
शिकायत CBI के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), दिल्ली कार्यालय — CBI भवन, पहली मंजिल, CGO कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली — में की जा सकती है। इसके अलावा फोन नंबर 011-24367887 और मोबाइल नंबर 9650394847 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

CBI का स्पष्ट संदेश है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी सरकारी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

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अशोक विहार में ‘सिस्टम’ का सरेंडर: कार माफिया और खोखा सिंडिकेट के आगे प्रशासन नतमस्तक

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अशोक विहार (राजेंद्र स्वामी, दिल्ली दर्पण टीवी  ): राजधानी का पॉश इलाका कहा जाने वाला अशोक विहार इन दिनों अतिक्रमण और भ्रष्टाचार की दोहरी मार झेल रहा है। दिल्ली दर्पण टीवी द्वारा किए गए रियलिटी चेक में यह खुलासा हुआ है कि अशोक विहार फेज-2 और फेज-3 के बीच की मुख्य सड़क अब सार्वजनिक संपत्ति न रहकर कार डीलरों का ‘प्राइवेट शोरूम’ बन चुकी है।

फुटपाथ गायब, सड़कों पर रेंगता ट्रैफिक

सड़क की स्थिति यह है कि फुटपाथ पर तो गाड़ियां कब्जा जमाए ही हुए हैं, मुख्य सड़क पर भी तीन-तीन कतारों में महंगी गाड़ियां खड़ी की जा रही हैं। हद तो तब हो जाती है जब इन सड़कों पर ही खुलेआम गाड़ियों की धुलाई होती है, जिससे न केवल सड़क खराब हो रही है बल्कि कीचड़ और जाम से आम जनता का निकलना दूभर हो गया है। ट्रैफिक रेंग कर चलता है, लेकिन जिम्मेदार मौन हैं।

सेटिंग का खेल: चालान या ‘अवैध वसूली का लाइसेंस’?

हैरानी की बात यह है कि कार डीलर कैमरे पर यह स्वीकार कर रहे हैं कि उन्हें एमसीडी या ट्रैफिक पुलिस से कोई डर नहीं है। डीलरों के मुताबिक, प्रशासन कभी-कभार 2-3 हजार रुपये का छोटा-मोटा चालान काटकर अपनी ‘खानापूर्ति’ कर लेता है, जिसके बदले उन्हें सड़क और फुटपाथ घेरने की खुली छूट मिल जाती है। स्थानीय RWA और निवासियों ने अब शिकायत करना भी छोड़ दिया है, क्योंकि उनका मानना है कि कार माफिया और प्रशासन का यह गठजोड़ अटूट है।

नेताओं के दावे बनाम हकीकत

क्षेत्र में ‘ट्रिपल इंजन’ की सरकार होने के बावजूद हालात बदतर हैं। स्थानीय सांसद प्रवीण खंडेलवाल बार-बार ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात करते हैं और स्थानीय विधायक भी दौरों का दावा करती हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत में कार माफिया के हौसले बुलंद हैं। जनता पूछ रही है कि क्या इन जनप्रतिनिधियों की आंखें इस खुलेआम हो रहे अतिक्रमण को देखने में असमर्थ हैं?

खोखा माफिया: मुर्दों के कागजों पर चल रहा धंधा

अतिक्रमण का यह जाल सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है। दीपचंद बंधु अस्पताल के पास और फेज-2 की मार्केट में खाने-पीने के खोखों की बाढ़ आ गई है। सूत्रों का दावा है कि एमसीडी के भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से एक बड़ा ‘पेपर माफिया’ सक्रिय है। ये माफिया उन पुराने लाइसेंसों के फर्जी कागजात तैयार कर रहे हैं जिनके असली मालिक अब नहीं रहे या लावारिस हैं।

सील तो कर दिया, पर हटाया क्यों नहीं?

फेज-1 में हाल ही में लगे एक अवैध खोखे पर जब दिल्ली दर्पण टीवी ने खबर दिखाई, तो एमसीडी ने आनन-फानन में उसे सील कर नोटिस चस्पा कर दिया। पूर्व जोन चेयरमैन और निगम पार्षद योगेश वर्मा ने मौके पर जाकर दो दिन में खोखा हटवाने का दावा किया था, लेकिन दो हफ्ते बीत जाने के बाद भी वह खोखा अपनी जगह पर डटा हुआ है। यह देरी साबित करती है कि विभाग के भीतर ही कोई है जो इन माफियाओं को संरक्षण दे रहा है।

सवाल अब भी वही है: क्या अशोक विहार की जनता को कभी इन माफियाओं से मुक्ति मिलेगी, या प्रशासन की यह ‘सेटिंग’ इसी तरह चलती रहेगी?

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पीरागढ़ी ट्रिपल मर्डर का खुलासा: तंत्र-मंत्र के नाम पर जहर देकर लूट करता था ‘बाबा कमरूद्दीन’

Peeragarhi Murder Case: कार में मिली तीन लाशों का खुलासा, तंत्र-मंत्र के नाम पर जहर देकर करता था लूट

नई दिल्ली | पश्चिमी दिल्ली
दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में सड़क किनारे खड़ी एक कार के अंदर मिली तीन लाशों के रहस्य से आखिरकार पर्दा उठ गया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले को सुलझाते हुए इसे ट्रिपल मर्डर करार दिया है। जांच में सामने आया है कि खुद को तांत्रिक बताने वाला कमरुद्दीन उर्फ बाबा ने पैसों का लालच देकर तीनों को जहर खिलाया और नकदी व कीमती सामान लेकर फरार हो गया।

क्या है पूरा मामला

8 फरवरी 2026 को पश्चिम विहार ईस्ट थाना पुलिस को पीसीआर कॉल मिली थी कि एक सफेद रंग की कार में तीन लोग बेहोशी की हालत में पड़े हैं। मौके पर पहुंची पुलिस को कार के अंदर और बाहर तीन शव मिले। ड्राइवर सीट पर 76 वर्षीय बुजुर्ग, कार के बाहर 42 वर्षीय एक पुरुष और अंदर 40 वर्षीय महिला का शव पड़ा था।

तीनों को तुरंत संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान

पुलिस ने मृतकों की पहचान बापरोला निवासी 76 वर्षीय रंधीर, नांगली डेयरी निवासी 42 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर शिव नरेश और जहांगीरपुरी निवासी 40 वर्षीय लक्ष्मी के रूप में की थी।

शुरुआती जांच में आत्महत्या का शक

कार से शराब की बोतलें, कोल्ड ड्रिंक, खाली गिलास, मोबाइल फोन, नकदी, आधार कार्ड, हेलमेट और जैकेट मिलने के बाद पुलिस को शुरुआत में आत्महत्या की आशंका हुई थी। हालांकि, मृतकों के परिजनों ने इस थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया और मामले को हत्या बताया।

तांत्रिक कमरुद्दीन निकला मास्टरमाइंड

तकनीकी जांच और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस को पता चला कि तीनों मृतक एक तांत्रिक कमरुद्दीन के संपर्क में थे। उसने तंत्र-मंत्र और पूजा के जरिए अचानक धन लाभ का लालच दिया था।

जांच में सामने आया कि घटना से एक दिन पहले और वारदात वाले दिन तीनों लोनी, गाजियाबाद गए थे। कार में उनके साथ एक चौथा व्यक्ति भी मौजूद था, जिसकी पहचान बाद में कमरुद्दीन के रूप में हुई।

जहर देकर हत्या, फिर नकदी लेकर फरार

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने पहले से जहर मिले लड्डू तैयार कर रखे थे। पूजा के बहाने उसने शराब और कोल्ड ड्रिंक मंगवाई और सफर के दौरान तीनों को जहरीला प्रसाद खिला दिया। जब तीनों बेहोश हो गए, तो वह कार से उतरकर नकदी और कीमती सामान लेकर फरार हो गया।

पहले भी दर्ज हैं गंभीर मामले

पुलिस के मुताबिक, आरोपी कमरुद्दीन उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का रहने वाला है और लोनी व फिरोजाबाद में कथित तांत्रिक केंद्र चलाता था। उसके खिलाफ पहले भी हत्या जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने इससे पहले कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

इस सनसनीखेज खुलासे ने एक बार फिर अंधविश्वास और ठगी के नाम पर हो रहे अपराधों की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है।

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दिल्ली फिर दहली: दुकान के अंदर घुसकर शख्स की चाकू से बेरहमी से हत्या

दिल्ली: त्रिलोकपुरी में दुकान के भीतर घुसकर चाकू से बेरहमी से हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली | पूर्वी दिल्ली
दिल्ली एक बार फिर अपराध की एक खौफनाक वारदात से दहल गई है। पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में एक दुकानदार की उसी की दुकान के भीतर चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 42 वर्षीय वीर सिंह के रूप में हुई है, जो ऑटो स्पेयर पार्ट्स की दुकान चलाते थे।

यह सनसनीखेज घटना सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे 13/31 ब्लॉक, त्रिलोकपुरी में हुई। वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

क्या है पूरा मामला

पुलिस के अनुसार, वीर सिंह सुबह अपनी दुकान खोलकर बैठे थे। उस वक्त उनके साथ उनके सहयोगी राम किशन भी मौजूद थे। इसी दौरान तीन युवक दुकान पर आए और मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए कहा। वीर सिंह ने दुकान पर ग्राहकों के आने का हवाला देते हुए फोन चार्ज करने से मना कर दिया।

बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जो कुछ ही पलों में हिंसा में बदल गई। तीनों युवकों ने चाकू निकालकर वीर सिंह पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए राम किशन पर भी हमला किया गया, जिससे वह घायल हो गए।

अस्पताल में मौत

घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से वीर सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मैक्स पटपड़गंज अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने वीर सिंह को मृत घोषित कर दिया। राम किशन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

पुलिस की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूचना के आधार पर दो आरोपियों यासीन और यामीन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा।

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी और घटना के पीछे के कारणों की भी जांच की जा रही है।

परिवार का आरोप

मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस उन पर समझौते का दबाव बना रही है और तीसरा आरोपी अब तक फरार है। परिजनों ने मांग की है कि सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो और उन्हें कड़ी सजा दी जाए।

इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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