Monday, May 4, 2026
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दिल्ली में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार स्कॉर्पियो बुजुर्ग पर चढ़ी, मौके पर मौत; कार में सवार 5 लोग नशे में धुत

Delhi के गाजीपुर में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो का कहर, बुजुर्ग की मौके पर मौत

पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक बुजुर्ग की जान चली गई। यह हादसा सुबह करीब 6 बजे हुआ, जब मयूर विहार की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर पलटते हुए फुटपाथ पर जा गिरी। उस समय फुटपाथ पर गाजीपुर फूल मंडी से काम करके लौट रहे 3-4 लोग मौजूद थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्कॉर्पियो सीधे एक बुजुर्ग के ऊपर आ गिरी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान पैक कोरम अली के रूप में हुई है। वह पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले का रहने वाला था और गाजीपुर की फूल मंडी में काम करता था। रोज की तरह वह सुबह काम खत्म कर लौट रहा था, तभी यह हादसा हो गया।

कार में सवार थे 5 युवक-युवतियां

पुलिस के अनुसार, स्कॉर्पियो में कुल 5 लोग सवार थे—3 लड़कियां और 2 लड़के, जिनकी उम्र 22 से 25 साल के बीच बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सभी नशे में थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने ड्राइवर को पकड़ लिया, जो कथित तौर पर नशे की हालत में था, और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

हालांकि, ड्राइवर के अलावा बाकी चार लोग मौके से फरार हो गए। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। मामले में लापरवाही से वाहन चलाने और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है।

दो दिन पहले भी हुआ था बड़ा हादसा

गौरतलब है कि दो दिन पहले भी गाजीपुर इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर एमसीडी टोल प्लाजा के पास एक बड़ा सड़क हादसा हुआ था। गुरुवार सुबह एक एसयूवी कार ट्रक से टकरा गई थी, जिसमें 55 वर्षीय महिला और उनकी बेटी की मौत हो गई थी, जबकि दो बच्चों समेत परिवार के तीन अन्य सदस्य घायल हुए थे।

लगातार हो रहे सड़क हादसों ने गाजीपुर और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई और सड़कों पर निगरानी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

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शालीमार बाग पुलिस की बड़ी कामयाबी: चोरी की गुत्थी सुलझी, 22 मामलों में शामिल शातिर चोर गिरफ्तार

एहसान अंसारी , दिल्ली दर्पण टीवी

नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिम जिला की शालीमार बाग थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मकान में हुई चोरी की एक वारदात को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान राकेश (23 वर्ष) के रूप में हुई है। आरोपी के पास से चोरी किए गए सोने और चांदी के आभूषण भी बरामद कर लिए गए हैं।


क्या थी घटना?
बीती 2 फरवरी 2026 की अलसुबह करीब 4:00 बजे, शालीमार बाग के BG-1 ब्लॉक निवासी अंकित सक्सेना के घर में चोरी की वारदात हुई थी। अज्ञात चोर मुख्य द्वार खोलकर घर के अंदर दाखिल हुआ और कीमती सामान समेटकर फरार हो गया। इस संबंध में थाना शालीमार बाग में धारा 305(2) BNS के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।


पुलिस टीम की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए ACP राजबीर लांबा और SHO इंस्पेक्टर रामपाल के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में SI जोगेंद्र, HC कुलदीप, कांस्टेबल सुभाष और कांस्टेबल ओम प्रकाश शामिल थे।
टीम ने घटनास्थल के आसपास के दर्जनों CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय मुखबिरों की मदद ली। तकनीकी जांच और कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस आरोपी राकेश (निवासी U&V ब्लॉक, शालीमार बाग) तक पहुंचने में कामयाब रही।


शातिर अपराधी और बरामदगी
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी का सामान बरामद किया, जिसमें शामिल है:

  • 500 ग्राम चांदी
  • 10 ग्राम सोना (कुल 9 आभूषण)
    जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी राकेश कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि पेशेवर अपराधी है। वह पहले भी चोरी और घरफोड़ू चोरी के 22 मामलों में संलिप्त रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपी से अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है ।

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न्यूज़रूम से राज्यसभा तक? ओडिशा की सियासी बिसात पर डॉ. पबित्र मोहन सामंतराय का बड़ा दांव!

एहसान अंसारी, दिल्ली दर्पण ब्यूरो

नई दिल्ली/भुवनेश्वर: ओडिशा की सियासत में इन दिनों समुद्र की लहरों से ज्यादा चुनावी हलचल तेज है। मौका है 2 अप्रैल को होने वाले राज्यसभा चुनाव का, और चर्चा का केंद्र बने हैं एक ऐसे शख्स जिन्होंने अपनी कलम और सामाजिक सरोकारों से अपनी एक अलग पहचान बनाई है। वरिष्ठ पत्रकार और प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. पबित्र मोहन सामंतराय का नाम अब सियासी गलियारों में पूरी मजबूती के साथ गूंज रहा है।

कौन हैं डॉ. पबित्र मोहन सामंतराय?
डॉ. सामंतराय केवल एक नाम नहीं, बल्कि मीडिया जगत का एक बड़ा चेहरा हैं। वर्तमान में वे ओड़िया दैनिक ‘पर्यवेक्षक’ (Paryabekhyak) और अंग्रेजी दैनिक ‘द कालिंगा क्रॉनिकल’ के एडिटर-इन-चीफ हैं। इतना ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले प्रमुख संगठनों जैसे:

  • राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ (RPM)
  • नेशनल मीडिया कॉन्फेडरेशन (NMC)
  • इंडियन फेडरेशन ऑफ स्मॉल एंड मीडियम न्यूज़पेपर्स (IFSMN) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में वे दिल्ली से लेकर ओडिशा तक पत्रकारों की बुलंद आवाज बने हुए हैं।

सियासी तजुर्बा और सामाजिक पैठ
यह पहली बार नहीं है जब डॉ. सामंतराय का नाम राजनीति से जुड़ा हो। साल 2009 में वे भाजपा के टिकट पर ओडिशा की ‘बर्चना’ विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। पिछले चार दशकों से वे न केवल मीडिया बल्कि वैदिक शिक्षा और मूल्य आधारित समाज के निर्माण में भी जुटे हैं। वैदिक इंटरनेशनल फाउंडेशन और महारिषि इंटरनेशनल ज्ञान फाउंडेशन के अध्यक्ष के तौर पर उनका शैक्षणिक योगदान उन्हें एक ‘बुद्धिजीवी उम्मीदवार’ के रूप में स्थापित करता है।

क्यों तेज हुई चर्चा?
ओडिशा की चार राज्यसभा सीटों के लिए समीकरण लगातार बदल रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. सामंतराय का अनुभव, उनकी बेदाग छवि और पत्रकारिता से लेकर वैदिक परंपरा तक उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक ‘डार्क हॉर्स’ (छुपारुस्तम) साबित कर सकती है। क्या एक पत्रकार अब उच्च सदन में ओडिशा की आवाज बनेगा? यह सवाल फिलहाल दिल्ली से भुवनेश्वर तक चर्चा का विषय है।

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पूर्वी दिल्ली में हॉफ एनकाउंटर: उस्मानपुर मुठभेड़ के बाद 3 बदमाश गिरफ्तार

पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर में हॉफ एनकाउंटर, मेरठ के असद गैंग के तीन बदमाश गिरफ्तार

पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में देर रात दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस हॉफ एनकाउंटर में तीन बदमाशों को गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों आरोपी मेरठ के रहने वाले बताए जा रहे हैं और असद गैंग से जुड़े हैं। इनमें एक का नाम असद बताया गया है।

इनपुट के बाद बिछाया गया जाल

शक्करपुर स्थित क्राइम ब्रांच टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि मेरठ के कुख्यात असद गैंग का सरगना अपने साथियों के साथ उस्मानपुर इलाके में आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके में ट्रैप लगाया और निगरानी शुरू कर दी।

रात 2 बजे आमना-सामना

गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे तीनों बदमाश एक दुपहिया वाहन पर उस्मानपुर पहुंचे। पुलिस टीम ने उन्हें रुकने और सरेंडर करने का इशारा किया, लेकिन खुद को घिरता देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें तीनों बदमाशों के पैर में गोली लगी और उन्हें काबू कर लिया गया।

बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई जान

मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की एक गोली एक सब-इंस्पेक्टर को भी लगी, लेकिन उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे उनकी जान बच गई। घायल तीनों आरोपियों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हत्या के मामले में थे वांटेड

पुलिस के मुताबिक, तीनों बदमाशों पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। ये मेरठ में एक हत्या के मामले में वांछित चल रहे थे। गिरफ्तारी के बाद आगे की जांच जारी है और इनके आपराधिक नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।

तीन महीने पहले भी हुई थी मुठभेड़

गौरतलब है कि करीब तीन महीने पहले उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू उस्मानपुर इलाके में भी पुलिस और एक वांछित अपराधी के बीच मुठभेड़ हुई थी। उस दौरान इमरान उर्फ काला नामक आरोपी को जीरो पुश्ता के पास रोका गया था। रुकने का इशारा करने पर उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई और आरोपी के पैर में गोली लगने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

फिलहाल उस्मानपुर मुठभेड़ में गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस उनके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।

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हिमांशु भाऊ गैंग के नाम पर 10 करोड़ की प्रॉपर्टी हड़पने की साजिश, आरोपी गिरफ्तार

Delhi News: गैंग का डर दिखाकर 10 करोड़ की प्रॉपर्टी हड़पने की साजिश नाकाम, विकास उर्फ विक्की गिरफ्तार

दिल्ली में गैंग के नाम पर लोगों को डराकर संपत्ति हड़पने की साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो खुद को कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग का सदस्य बताकर करोड़ों की संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी अकेले ही इस पूरी साजिश को अंजाम दे रहा था।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान विकास उर्फ विक्की के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वह पीड़ित को करीब 10 करोड़ रुपये कीमत की रोहिणी सेक्टर-23 स्थित संपत्ति अपने नाम ट्रांसफर करने के लिए लगातार धमकियां दे रहा था। पुलिस ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए 4 फरवरी 2026 को उसे नरेला इलाके से गिरफ्तार किया। उसके पास से अपराध में इस्तेमाल किया गया एक आई-फोन भी बरामद किया गया है।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

मामले की शुरुआत 26 नवंबर 2025 को हुई, जब अशोक विहार निवासी रजत गुप्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप कॉल के जरिए खुद को हिमांशु भाऊ गैंग का सदस्य बताकर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है। आरोपी रोहिणी सेक्टर-23 स्थित उनकी संपत्ति अपने नाम ट्रांसफर कराने का दबाव बना रहा था।

शिकायतकर्ता ने धमकी से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे। इसके आधार पर अशोक विहार थाने में जबरन वसूली और आपराधिक धमकी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच में हुआ अहम खुलासा

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इसी संपत्ति को लेकर पहले से बेगमपुर थाने में भी एक मामला दर्ज है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी संपत्ति विवाद का फायदा उठाकर गैंग के नाम पर धमकी दे रहा था। टेक्निकल सर्विलांस और फील्ड इंटेलिजेंस के जरिए पुलिस ने विकास की पहचान की और उसे धर दबोचा।

गैंग का नाम लेकर रची साजिश

पूछताछ में विकास ने कबूल किया कि वह प्रॉपर्टी के काम से जुड़ा हुआ है। कानूनी तरीके से प्लॉट हासिल न कर पाने पर उसने गैंग का नाम लेकर दबाव बनाने की योजना बनाई। उसने अपने साथी नितिन डबास समेत कुछ लोगों को गैंग का सदस्य बनकर कॉल करने के लिए कहा था, ताकि पीड़ित पर डर का असर पड़े।

पुलिस अब आरोपी के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है। शुरुआती जांच में साफ हो गया है कि आरोपी ने गैंग का नाम केवल डर पैदा करने के लिए इस्तेमाल किया था, जबकि उसका किसी संगठित गैंग से सीधा संबंध नहीं मिला है।

इस गिरफ्तारी के साथ दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है, जिससे करोड़ों रुपये की संपत्ति पर अवैध कब्जे की कोशिश विफल हो गई।

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