Monday, May 4, 2026
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लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर दिल्ली पुलिस का बड़ा प्रहार: मुठभेड़ के बाद 3 वांटेड शूटर गिरफ्तार

दिल्ली में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ पुलिस ने बड़ा ऑपरेशन चलाया है। आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के बवाना थाना क्षेत्र में बवाना मुल्क नहर के पास पुलिस और गैंग के तीन शूटरों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान दोनों ओर से चार राउंड गोलियां चलीं। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

तीन दिन पहले कारोबारी की हत्या

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए बदमाशों ने तीन दिन पहले बवाना इलाके में एक कारोबारी की दौड़ाकर गोली मारकर हत्या की थी। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर गैंग से जुड़े रणदीप मलिक और अनिल पंडित ने ली थी। इसके बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

पूछताछ में कई खुलासों की उम्मीद

मुठभेड़ के बाद पकड़े गए तीनों शूटर्स से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कारोबारी की हत्या के पीछे क्या वजह थी और सुपारी किसने दी थी। साथ ही दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय गैंग के अन्य सदस्यों, उनके नेटवर्क और संभावित टार्गेट्स की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, गैंग का नेटवर्क विदेश से संचालित मॉड्यूल से भी जुड़ा हो सकता है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

पिछले महीने उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में भी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गैंग के दो शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया था। वे बाहरी और पूर्वी दिल्ली में दर्ज फायरिंग और जबरन वसूली के मामलों में वांछित थे। उस कार्रवाई में दो स्वचालित पिस्तौल, जिंदा कारतूस, एक चोरी की स्कूटी और मोबाइल फोन बरामद किए गए थे।

पूछताछ में आरोपियों ने पश्चिम विहार पूर्व और मधु विहार इलाकों में रंगदारी के लिए हुई फायरिंग की घटनाओं में अपनी संलिप्तता कबूल की थी।

लगातार जारी है अभियान

दिल्ली पुलिस का कहना है कि राजधानी में संगठित अपराध और रंगदारी के मामलों पर सख्त नजर रखी जा रही है। गैंग से जुड़े अन्य फरार बदमाशों की तलाश जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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दिल्ली में नकली पैरासिटामोल और जिंक का बड़ा भंडाफोड़: फर्जी दवा फैक्ट्री पर छापा, करोड़ों की दवाएं जब्त

दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और क्राइम ब्रांच ने नकली दवाओं के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए बिहार के गया में संचालित एक फर्जी दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में नकली जिंक, एजीथ्रोमाइसिन टैबलेट, पैरासिटामोल पाउडर और इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह ट्रामाडोल आधारित नकली दवाएं बनाकर बाजार में सप्लाई कर रहा था और लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर मोटा मुनाफा कमा रहा था।

मास्टरमाइंड गया से गिरफ्तार

पुलिस ने इस नेटवर्क के मास्टर कोऑर्डिनेटर अरुण (59) को बिहार के गया से गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में कुल 9 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। पिछले सप्ताह गिरफ्तार आरोपी तनिष्क से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि वह अरुण के साथ मिलकर नकली दवाओं का कारोबार चला रहा था। इसके बाद पुलिस टीम ने गया में छापा मारकर फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।

जांच में सामने आया कि फैक्ट्री बिना किसी वैध लाइसेंस के संचालित हो रही थी। वहां न तो कोई मैन्युफैक्चरिंग केमिस्ट मौजूद था और न ही एनालिटिकल केमिस्ट। ड्रग विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया, जहां बड़े पैमाने पर मशीनें और नकली दवाएं बरामद की गईं।

भारी मात्रा में बरामदगी

छापेमारी के दौरान पुलिस ने बरामद किया:

  • 1,19,800 नकली जिंक की गोलियां
  • 42,480 नकली एजीथ्रोमाइसिन टैबलेट
  • 27 किलो पैरासिटामोल पाउडर
  • 444 नकली इंजेक्शन (डिलोना एक्वा)

इसके अलावा, 5 किलो से ज्यादा ट्रामाडोल पाउडर भी बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

पूरा सेटअप कर चला रहे थे अवैध कारोबार

पुलिस के मुताबिक, अरुण अवैध रूप से मंगाए गए ट्रामाडोल पाउडर को प्रोसेस कर गोलियों का निर्माण करता था। इन गोलियों को अवैध मेडिकल दुकानों और फर्जी सप्लायर्स के जरिए अलग-अलग राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। कुछ स्थानों पर इनका इस्तेमाल हेरोइन के विकल्प के रूप में भी किया जा रहा था।

गिरोह कच्चा माल अवैध तरीके से मंगवाता, फैक्ट्री में प्रोसेस करता और फिर फर्जी मेडिकल फ्रंट के जरिए बाजार में सप्लाई करता था। इस पूरे नेटवर्क का संचालन संगठित तरीके से किया जा रहा था।

जीरो टॉलरेंस की चेतावनी

इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कई राज्यों में छापेमारी की और तकनीकी व मानव खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की। अब तक दो फर्जी फैक्ट्रियां बंद कराई जा चुकी हैं। डीसीपी संजीव कुमार यादव ने कहा है कि जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

यह कार्रवाई एक बार फिर दर्शाती है कि नकली दवाओं का कारोबार किस तरह लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है, और ऐसे गिरोहों पर शिकंजा कसना बेहद जरूरी है।

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तांत्रिक कमरूदीन जादू टोने के झांसे में कैसे लेता था? सामने आए तंत्र मंत्र लिखे पन्ने और नाबालिग लड़कियों की तस्वीरें

दिल्ली के पीरागढ़ी ट्रिपल मर्डर केस में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। मुख्य आरोपी तांत्रिक कमरुद्दीन के पास से ऐसे पन्ने बरामद हुए हैं, जिनमें कथित तौर पर तंत्र-मंत्र से जुड़े दावे और लोगों को झांसे में लेने के तरीके लिखे मिले हैं। पुलिस को एक महिला के मोबाइल फोन से नाबालिग लड़कियों की तस्वीरें भी मिली हैं, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।

तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी का जाल

जांच एजेंसियों के मुताबिक, पीड़ित लक्ष्मी के फोन में कई लड़कियों और महिलाओं की तस्वीरें मिलीं, जिनमें वे खुले बालों में खड़ी थीं और हाथ में निजी विवरण वाले कागज़ पकड़े हुए थीं। ये तस्वीरें अलग-अलग ग्रुप्स में साझा की गई थीं। तस्वीरों में कुछ लड़कियों के हाथ में तंत्र-मंत्र लिखे बोर्ड भी नजर आए।

पुलिस का कहना है कि कमरुद्दीन इन तस्वीरों और तथाकथित “धनवर्षा” जैसे दावों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाता था। वह अपने क्लाइंट्स से करीब ₹2 लाख तक की रकम लेने का वादा करता था और दावा करता था कि इससे उन्हें बड़ा लाभ होगा। यदि किसी को कथित लाभ नहीं मिलता या शक होता, तो वह बहाने बनाता—कभी किसी महिला को जानवर के काटने का कारण बताता तो कभी सर्जरी का हवाला देता।

इतना ही नहीं, पुलिस के अनुसार वह बिना टांके के सर्जरी करने जैसे झूठे दावे भी करता था और हर विजिट के लिए लगभग ₹7,000 तक वसूलता था।

सीसीटीवी फुटेज और अहम सुराग

कमरुद्दीन के घर के पास लोनी इलाके से सीसीटीवी फुटेज भी बरामद हुई है। फुटेज में रणधीर, शिव नरेश और लक्ष्मी को एक गाड़ी से उतरते हुए देखा गया है। यह फुटेज जांच में अहम कड़ी साबित हो रही है।

नाबालिग लड़कियों की तस्वीरें मिलने के बाद पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ अंधविश्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संगठित तरीके से लोगों को फंसाने और शोषण की आशंका भी है।

कार में मिली थीं तीनों की लाशें

गौरतलब है कि 8 फरवरी को पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर एक कार के अंदर रणधीर सिंह, शिव नरेश सिंह और लक्ष्मी देवी के शव मिले थे। मामले में कमरुद्दीन को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया और उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर एक सॉफ्ट ड्रिंक में नींद की गोलियों का घातक मिश्रण मिलाकर अपने तीन फॉलोअर्स को पिलाया था। इसी के बाद उनकी मौत हुई।

फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह में और लोग भी शामिल थे। मामले ने एक बार फिर अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर चल रहे अवैध धंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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दिल्ली में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार स्कॉर्पियो बुजुर्ग पर चढ़ी, मौके पर मौत; कार में सवार 5 लोग नशे में धुत

Delhi के गाजीपुर में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो का कहर, बुजुर्ग की मौके पर मौत

पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक बुजुर्ग की जान चली गई। यह हादसा सुबह करीब 6 बजे हुआ, जब मयूर विहार की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर पलटते हुए फुटपाथ पर जा गिरी। उस समय फुटपाथ पर गाजीपुर फूल मंडी से काम करके लौट रहे 3-4 लोग मौजूद थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्कॉर्पियो सीधे एक बुजुर्ग के ऊपर आ गिरी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान पैक कोरम अली के रूप में हुई है। वह पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले का रहने वाला था और गाजीपुर की फूल मंडी में काम करता था। रोज की तरह वह सुबह काम खत्म कर लौट रहा था, तभी यह हादसा हो गया।

कार में सवार थे 5 युवक-युवतियां

पुलिस के अनुसार, स्कॉर्पियो में कुल 5 लोग सवार थे—3 लड़कियां और 2 लड़के, जिनकी उम्र 22 से 25 साल के बीच बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सभी नशे में थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने ड्राइवर को पकड़ लिया, जो कथित तौर पर नशे की हालत में था, और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

हालांकि, ड्राइवर के अलावा बाकी चार लोग मौके से फरार हो गए। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। मामले में लापरवाही से वाहन चलाने और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है।

दो दिन पहले भी हुआ था बड़ा हादसा

गौरतलब है कि दो दिन पहले भी गाजीपुर इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर एमसीडी टोल प्लाजा के पास एक बड़ा सड़क हादसा हुआ था। गुरुवार सुबह एक एसयूवी कार ट्रक से टकरा गई थी, जिसमें 55 वर्षीय महिला और उनकी बेटी की मौत हो गई थी, जबकि दो बच्चों समेत परिवार के तीन अन्य सदस्य घायल हुए थे।

लगातार हो रहे सड़क हादसों ने गाजीपुर और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई और सड़कों पर निगरानी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

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शालीमार बाग पुलिस की बड़ी कामयाबी: चोरी की गुत्थी सुलझी, 22 मामलों में शामिल शातिर चोर गिरफ्तार

एहसान अंसारी , दिल्ली दर्पण टीवी

नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिम जिला की शालीमार बाग थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मकान में हुई चोरी की एक वारदात को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान राकेश (23 वर्ष) के रूप में हुई है। आरोपी के पास से चोरी किए गए सोने और चांदी के आभूषण भी बरामद कर लिए गए हैं।


क्या थी घटना?
बीती 2 फरवरी 2026 की अलसुबह करीब 4:00 बजे, शालीमार बाग के BG-1 ब्लॉक निवासी अंकित सक्सेना के घर में चोरी की वारदात हुई थी। अज्ञात चोर मुख्य द्वार खोलकर घर के अंदर दाखिल हुआ और कीमती सामान समेटकर फरार हो गया। इस संबंध में थाना शालीमार बाग में धारा 305(2) BNS के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।


पुलिस टीम की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए ACP राजबीर लांबा और SHO इंस्पेक्टर रामपाल के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में SI जोगेंद्र, HC कुलदीप, कांस्टेबल सुभाष और कांस्टेबल ओम प्रकाश शामिल थे।
टीम ने घटनास्थल के आसपास के दर्जनों CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय मुखबिरों की मदद ली। तकनीकी जांच और कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस आरोपी राकेश (निवासी U&V ब्लॉक, शालीमार बाग) तक पहुंचने में कामयाब रही।


शातिर अपराधी और बरामदगी
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी का सामान बरामद किया, जिसमें शामिल है:

  • 500 ग्राम चांदी
  • 10 ग्राम सोना (कुल 9 आभूषण)
    जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी राकेश कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि पेशेवर अपराधी है। वह पहले भी चोरी और घरफोड़ू चोरी के 22 मामलों में संलिप्त रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपी से अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है ।

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