Wednesday, May 6, 2026
spot_img
Home Blog Page 64

दिल्ली फिर दहली: दुकान के अंदर घुसकर शख्स की चाकू से बेरहमी से हत्या

दिल्ली: त्रिलोकपुरी में दुकान के भीतर घुसकर चाकू से बेरहमी से हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली | पूर्वी दिल्ली
दिल्ली एक बार फिर अपराध की एक खौफनाक वारदात से दहल गई है। पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में एक दुकानदार की उसी की दुकान के भीतर चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 42 वर्षीय वीर सिंह के रूप में हुई है, जो ऑटो स्पेयर पार्ट्स की दुकान चलाते थे।

यह सनसनीखेज घटना सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे 13/31 ब्लॉक, त्रिलोकपुरी में हुई। वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

क्या है पूरा मामला

पुलिस के अनुसार, वीर सिंह सुबह अपनी दुकान खोलकर बैठे थे। उस वक्त उनके साथ उनके सहयोगी राम किशन भी मौजूद थे। इसी दौरान तीन युवक दुकान पर आए और मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए कहा। वीर सिंह ने दुकान पर ग्राहकों के आने का हवाला देते हुए फोन चार्ज करने से मना कर दिया।

बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जो कुछ ही पलों में हिंसा में बदल गई। तीनों युवकों ने चाकू निकालकर वीर सिंह पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए राम किशन पर भी हमला किया गया, जिससे वह घायल हो गए।

अस्पताल में मौत

घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से वीर सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मैक्स पटपड़गंज अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने वीर सिंह को मृत घोषित कर दिया। राम किशन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

पुलिस की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूचना के आधार पर दो आरोपियों यासीन और यामीन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा।

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी और घटना के पीछे के कारणों की भी जांच की जा रही है।

परिवार का आरोप

मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस उन पर समझौते का दबाव बना रही है और तीसरा आरोपी अब तक फरार है। परिजनों ने मांग की है कि सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो और उन्हें कड़ी सजा दी जाए।

इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/the-price-of-a-32-year-old-laborer-who-fell-in-the-manhal-after-being-dragged-into-the-dalal-khabar/

दिल्ली के रोहिणी में लापरवाही की कीमत जान से चुकानी पड़ी: खुले मेनहोल में गिरकर 32 वर्षीय मजदूर की मौत

दिल्ली: रोहिणी में खुले सीवर मेनहोल में गिरकर मजदूर की मौत, बिहार का रहने वाला था मृतक

नई दिल्ली | रोहिणी
दिल्ली के रोहिणी इलाके से एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। रोहिणी सेक्टर-32 में खुले पड़े सीवर के मेनहोल में गिरकर एक मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान बिहार के समस्तीपुर निवासी 32 वर्षीय बिरजू के रूप में हुई है। यह हादसा सोमवार शाम को हुआ, लेकिन इसकी जानकारी पुलिस को करीब 24 घंटे बाद दी गई।

क्या है पूरा मामला

पुलिस के मुताबिक, सोमवार शाम बिरजू अपने एक साथी के साथ पैदल घर लौट रहा था। दोनों मजदूरी का काम करते थे और बताया जा रहा है कि वे शराब पीकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान सेक्टर-32 इलाके में खुले पड़े सीवर मेनहोल में बिरजू गिर गया। आगे चल रहे उसके दोस्त को इसकी भनक तक नहीं लगी और वह मौके से आगे निकल गया।

घटना की सूचना मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। करीब तीन घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बिरजू को सीवर से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

प्रशासन की लापरवाही उजागर

घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि सीवर का ढक्कन पहले से खुला हुआ था। पुलिस ने बताया कि जिस सीवर में मजदूर गिरा, वह डीडीए (DDA) का है। हादसे के बाद प्रशासन की ओर से मेनहोल का ढक्कन लगाया गया और आसपास पत्थर रखकर उसे अस्थायी रूप से सुरक्षित किया गया।

दिल्ली पुलिस का बयान

दिल्ली पुलिस के अनुसार, दोनों मजदूर सोमवार को दिन में शराब के नशे में थे और रात करीब 9 बजे घटनास्थल से गुजर रहे थे। पीछे चल रहा मजदूर खुले मेनहोल में गिर गया, जबकि आगे चल रहे व्यक्ति को इसका पता नहीं चला। अगले दिन मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की।

पुलिस ने लापरवाही के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि मेनहोल खुला कैसे रह गया।

यह घटना एक बार फिर राजधानी में खुले मेनहोल और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/in-the-bowl-of-dalal-karbar-ka-public-scandal-killing-bashnai-gg-ka-dev/

दिल्ली के बवाना में सनसनी: कारोबारी की सरेआम गोली मारकर हत्या, बिश्नोई गैंग का दावा

नई दिल्ली। दिल्ली के बवाना इलाके में सोमवार को दिनदहाड़े एक कारोबारी की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। घटना के एक दिन बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पुलिस फिलहाल इस पोस्ट की सत्यता की जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह पोस्ट ‘रणदीप मलिक अनिल पंडित’ नामक अकाउंट से की गई है। पोस्ट में दावा किया गया है कि यह हत्या लॉरेंस बिश्नोई, जितेंद्र गोगी मान, हाशिम बाबा और काला राणा गिरोह के इशारे पर अंजाम दी गई है। पुलिस ने इस दावे की जांच और हमलावरों की पहचान के लिए कई टीमें गठित की हैं।

फेसबुक पोस्ट में दी गई खुली धमकी

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि कारोबारी वैभव गांधी गिरोह की गतिविधियों में हस्तक्षेप कर रहा था। हिंदी और अंग्रेजी में लिखी गई इस पोस्ट में इसे एक “चेतावनी” बताया गया है और कहा गया है कि जो कोई भी उनके काम में बाधा बनेगा, उसे बिना किसी पूर्व सूचना के मौत के घाट उतार दिया जाएगा।

फैक्टरी के बाहर मारी गई गोली

पुलिस के अनुसार, 35 वर्षीय वैभव गांधी प्लास्टिक के दाने बनाने का कारोबार करते थे। सोमवार दोपहर करीब 12:51 बजे वह लैपटॉप बैग लेकर बवाना इलाके में स्थित अपनी फैक्टरी के बाहर खड़े थे, तभी बाइक सवार हमलावर वहां पहुंचे और उन पर फायरिंग कर दी।

दौड़ाकर किया गया हमला

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीन बाइक सवार बदमाशों ने पहले वैभव गांधी से बैग छीनने की कोशिश की। जब उन्होंने भागने का प्रयास किया तो हमलावरों ने करीब 40 से 50 मीटर तक उनका पीछा किया और कई गोलियां चलाईं। एक गोली लगते ही वैभव गांधी जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद आरोपी उनका सामान लेकर मौके से फरार हो गए।

अस्पताल में मृत घोषित

घटना के बाद गंभीर रूप से घायल वैभव गांधी को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में दहशत का माहौल है।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट की प्रामाणिकता की गहन जांच की जा रही है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही इस सनसनीखेज हत्या का खुलासा किया जाएगा।

यह भी पढ़ें:-  https://delhidarpantv.com/dalal-bike-samat-pit-in-the-young-postmortem-report-does-not-know-the-real-reason-of-play/

दिल्ली: बाइक समेत गड्ढे में गिरा युवक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मौत की असली वजह खोली

नई दिल्ली। दिल्ली के जनकपुरी इलाके में सड़क के बीच खोदे गए गहरे गड्ढे में गिरने से 25 वर्षीय युवक की मौत के मामले में पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार युवक की मौत दम घुटने (ट्रॉमैटिक एस्फिक्सिया) के कारण हुई। यह हादसा दिल्ली जल बोर्ड द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य के दौरान छोड़े गए गड्ढे की वजह से हुआ, जिसको लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।

मुंह-नाक में भर गई थी गीली मिट्टी

सूत्रों के मुताबिक मृतक कमल ध्यानी गड्ढे में गिरने के बाद सीधे मुंह के बल मिट्टी में फंस गया था। गड्ढे में मौजूद गीली मिट्टी उसके मुंह और नाक में भर गई, जिससे उसे सांस लेने में गंभीर परेशानी हुई। इसके अलावा बाइक के कमर और सीने पर गिर जाने से भी उसकी हालत और बिगड़ गई।

बाइक के दबाव से बढ़ी सांस की दिक्कत

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि कमल की कमर और सीने पर बाइक का दबाव पड़ा हुआ था। इस वजह से वह खुद को हिला-डुला भी नहीं सका। रिपोर्ट के अनुसार, बाइक का वजन और गीली मिट्टी दोनों ही उसकी सांस रुकने का कारण बने।

जांघ पर मिला जलने का निशान

रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। कमल की दाहिनी जांघ पर जलने का निशान पाया गया है, जो संभवतः बाइक के गर्म साइलेंसर के संपर्क में आने से हुआ होगा। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह काफी देर तक उसी हालत में फंसा रहा।

15 फुट गहरे गड्ढे में गिरा था युवक

जानकारी के अनुसार, कैलाशपुरी निवासी और एक निजी बैंक में कार्यरत कमल ध्यानी शुक्रवार (6 फरवरी) की सुबह घर लौट रहे थे। इसी दौरान वह दिल्ली जल बोर्ड की सीवर पाइपलाइन पुनर्वास परियोजना के लिए खोदे गए लगभग 15 फुट गहरे गड्ढे में बाइक समेत गिर गए। गड्ढे के आसपास कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा घेराबंदी नहीं थी।

घंटों तलाश के बाद मिला शव

पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद परिजनों ने कई अस्पतालों में कमल की तलाश की, लेकिन किसी भी जगह दुर्घटना का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर परिवार और पुलिस ने जनकपुरी इलाके में कई घंटों तक खोजबीन की, जिसके बाद गड्ढे से शव बरामद हुआ।

परिजनों ने पुलिस पर लगाए लापरवाही के आरोप

परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में गंभीरता नहीं दिखाई और उन्हें यह कहकर इंतजार कराया गया कि गुमशुदगी की रिपोर्ट 24 घंटे बाद ही दर्ज की जा सकती है। वहीं पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है।

सरकार और अधिकारियों पर फूटा गुस्सा

इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में गुस्सा है। लोगों ने दिल्ली सरकार, दिल्ली जल बोर्ड और पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अगर गड्ढे को ठीक से ढका गया होता या चेतावनी संकेत लगाए गए होते, तो एक युवक की जान बच सकती थी।

यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/pargadh-death-master-murder-suicide-or-many-deep-serious-serious-body-of-one-family-found-on-road-not-confused-about-police-family-not-killed-suicide-angle/

पीरागढ़ी ‘डेथ कार’ मिस्ट्री: हत्या, आत्महत्या या कोई गहरी साजिश ?सड़क पर मिले एक ही परिवार के तीन शवों ने उलझाई पुलिस की गुत्थी, परिजनों ने नकारा सुसाइड का एंगल

नई दिल्ली | विशेष संवाददाता
दिल्ली में रविवार की शाम सड़क पर एक परिवार के तीन लोगों के शव मिलने की घटना और भी पेचीदा हो रही है। पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास जिस हालत में कार के भीतर बापरोला निवासी रणधीर (76), शिव नरेश (47) और लक्ष्मी देवी (40) के शव मिले, उसने कानून के रखवालों के सामने सवालों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि गाड़ी में ऐसे कोई संकेत और सबूत नहीं मिले जिससे यह लगे कि कोई हत्या हुई है? न कोई संघर्ष के निशान, न कोई बाहरी चोट।तो फिर क्या यह सुसाइड है?यदि इसे आत्महत्या मान लिया जाए, तो भी गुत्थी सुलझती नहीं दिखती। यदि ऐसा है तो इसकी वजह क्या है? क्या कोई परिवार दिन-दहाड़े, व्यस्त फ्लाईओवर पर सरेराह मौत को गले लगाएगा? वह भी तब, जब मृतकों के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।साजिश है तो आखिर किसकी?दिल्ली दर्पण टीवी की टीम जब बापरौला स्थित मृतक के घर पहुँची, तो वहां का मंजर पुलिसिया थ्योरी से बिल्कुल अलग था। मृतक रणधीर की बेटी सविता, भाई सरवर और भतीजे हरीश ने साफ तौर पर कहा कि परिवार आर्थिक रूप से पूरी तरह समृद्ध था। रणधीर जी का स्वभाव बेहद खुशमिजाज था और घर में किसी भी तरह का तनाव या कलह नहीं थी। परिजनों का सीधा सवाल है कि जो व्यक्ति सुबह हंसते-खेलते घर से निकला, वह कुछ घंटों बाद लाश बनकर कैसे मिला? यदि यह हत्या की साजिश है, तो फिर यह साजिश है किसकी? और इसके पीछे क्या वजह हो सकती है ?

पुलिस की जांच के तीन मुख्य बिंदु:
फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार: पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कार में किसी जहरीली गैस या ‘साइलेंट किलर’ पदार्थ के इस्तेमाल की संभावनाओं की जांच की जा रही है।CCTV फुटेज: पीरागढ़ी फ्लाईओवर और बापरौला से निकलने वाले रास्तों के कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि पता चल सके कि कार में कोई चौथा व्यक्ति तो मौजूद नहीं था।कॉल डिटेल्स: मृतकों के मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर उनकी अंतिम बातचीत और लोकेशन की जांच की जा रही है।

डीसीपी ने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। फिलहाल, पूरा बापरौला इलाका सदमे में है और परिवार की निगाहें दिल्ली पुलिस के न्याय पर टिकी हैं। क्या यह एक सोची-समझी ‘परफेक्ट मर्डर’ की साजिश थी या कोई ऐसा सच जो कार के बंद दरवाजों के साथ ही दफन हो गया ?

यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/bus-catches-fire-and-conductor-burns-in-dalals-development/