Wednesday, May 6, 2026
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पीरागढ़ी ‘डेथ कार’ मिस्ट्री: हत्या, आत्महत्या या कोई गहरी साजिश ?सड़क पर मिले एक ही परिवार के तीन शवों ने उलझाई पुलिस की गुत्थी, परिजनों ने नकारा सुसाइड का एंगल

नई दिल्ली | विशेष संवाददाता
दिल्ली में रविवार की शाम सड़क पर एक परिवार के तीन लोगों के शव मिलने की घटना और भी पेचीदा हो रही है। पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास जिस हालत में कार के भीतर बापरोला निवासी रणधीर (76), शिव नरेश (47) और लक्ष्मी देवी (40) के शव मिले, उसने कानून के रखवालों के सामने सवालों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि गाड़ी में ऐसे कोई संकेत और सबूत नहीं मिले जिससे यह लगे कि कोई हत्या हुई है? न कोई संघर्ष के निशान, न कोई बाहरी चोट।तो फिर क्या यह सुसाइड है?यदि इसे आत्महत्या मान लिया जाए, तो भी गुत्थी सुलझती नहीं दिखती। यदि ऐसा है तो इसकी वजह क्या है? क्या कोई परिवार दिन-दहाड़े, व्यस्त फ्लाईओवर पर सरेराह मौत को गले लगाएगा? वह भी तब, जब मृतकों के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।साजिश है तो आखिर किसकी?दिल्ली दर्पण टीवी की टीम जब बापरौला स्थित मृतक के घर पहुँची, तो वहां का मंजर पुलिसिया थ्योरी से बिल्कुल अलग था। मृतक रणधीर की बेटी सविता, भाई सरवर और भतीजे हरीश ने साफ तौर पर कहा कि परिवार आर्थिक रूप से पूरी तरह समृद्ध था। रणधीर जी का स्वभाव बेहद खुशमिजाज था और घर में किसी भी तरह का तनाव या कलह नहीं थी। परिजनों का सीधा सवाल है कि जो व्यक्ति सुबह हंसते-खेलते घर से निकला, वह कुछ घंटों बाद लाश बनकर कैसे मिला? यदि यह हत्या की साजिश है, तो फिर यह साजिश है किसकी? और इसके पीछे क्या वजह हो सकती है ?

पुलिस की जांच के तीन मुख्य बिंदु:
फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार: पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कार में किसी जहरीली गैस या ‘साइलेंट किलर’ पदार्थ के इस्तेमाल की संभावनाओं की जांच की जा रही है।CCTV फुटेज: पीरागढ़ी फ्लाईओवर और बापरौला से निकलने वाले रास्तों के कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि पता चल सके कि कार में कोई चौथा व्यक्ति तो मौजूद नहीं था।कॉल डिटेल्स: मृतकों के मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर उनकी अंतिम बातचीत और लोकेशन की जांच की जा रही है।

डीसीपी ने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। फिलहाल, पूरा बापरौला इलाका सदमे में है और परिवार की निगाहें दिल्ली पुलिस के न्याय पर टिकी हैं। क्या यह एक सोची-समझी ‘परफेक्ट मर्डर’ की साजिश थी या कोई ऐसा सच जो कार के बंद दरवाजों के साथ ही दफन हो गया ?

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दिल्ली के विकासपुरी में दर्दनाक हादसा: बस में आग लगने से कंडक्टर जिंदा जला

नई दिल्ली।
दिल्ली के विकासपुरी इलाके में रविवार (8 फरवरी) देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब सड़क किनारे खड़ी एक निजी बस में अचानक आग लग गई। इस हादसे में बस के अंदर सो रहे कंडक्टर की जिंदा जलकर मौत हो गई। आग इतनी भीषण थी कि दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचने से पहले ही युवक की जान जा चुकी थी।

दमकल विभाग के मुताबिक, रात करीब 12:33 बजे जनकपुरी मछली बाजार क्षेत्र से एक निजी बस में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन बस के अंदर तलाशी के दौरान एक युवक का जला हुआ शव बरामद हुआ।

मृतक की पहचान 25 वर्षीय सुनील शर्मा के रूप में हुई है, जो उक्त बस में कंडक्टर (हेल्पर) के तौर पर काम करता था। बताया जा रहा है कि सुनील रात के समय बस के अंदर ही सो रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मच्छरों से बचने के लिए बस के अंदर मच्छर कॉइल जलाई गई थी, जिससे आग भड़क गई और कुछ ही पलों में पूरी बस उसकी चपेट में आ गई।

स्थानीय लोगों ने जब बस से धुआं और आग की लपटें उठती देखीं तो तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। बस के अंदर फंसे सुनील को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिल पाया।

दमकल विभाग ने बताया कि रात करीब 1:50 बजे STO अमित ने मौके की जानकारी दी। आग बस नंबर HR55AX-5463 में लगी थी और बस के अंदर एक पुरुष का जला हुआ शव पाया गया। सूचना के बाद विकासपुरी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची, जहां हेड कांस्टेबल विक्रम ने हालात का जायजा लिया।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बस कहां खड़ी थी, आग लगने के समय सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और कहीं किसी तरह की लापरवाही तो नहीं बरती गई। यह हादसा मच्छर कॉइल जैसी आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली चीज से होने वाले गंभीर खतरों की ओर एक बार फिर ध्यान दिलाता है।

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दिल्ली: मोती नगर डीडीए पार्क बना खून का मैदान, चाकूबाजी में एक युवक की हत्या, दूसरा AIIMS में भर्ती

नई दिल्ली।
दिल्ली में रविवार (9 फरवरी) की शाम चाकूबाजी की दो घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। दोनों ही वारदातें मोती नगर थाना क्षेत्र के डीएलएफ मोती नगर के पास स्थित डीडीए पार्क में हुईं। पहली घटना में एक नाबालिग लड़के की मौत हो गई, जबकि दूसरी घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका इलाज दिल्ली एम्स के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, रविवार शाम 6:37 बजे मोती नगर थाना पुलिस को इंद्रलोक निवासी एक नाबालिग की मौत की सूचना मिली। मृतक की पहचान अमर पार्क, इंद्रलोक निवासी जावेद के रूप में हुई है, जो नौवीं कक्षा का छात्र था। पुलिस ने बताया कि जावेद के दाहिने कंधे के नीचे चाकू लगने से गंभीर चोट आई थी, जिसके कारण उसकी मौत हो गई।

इसके कुछ ही समय बाद, शाम करीब 7:50 बजे पुलिस को दूसरी चाकूबाजी की सूचना मिली। इस घटना में इंद्रलोक के पेट्रोल पंप के पास रहने वाले करीब 25 वर्षीय मोहम्मद दानिश की पीठ में चाकू घोंप दिया गया। गंभीर हालत में दानिश को पहले आचार्य भिक्षु अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका इलाज एम्स ट्रॉमा सेंटर में जारी है।

आपसी रंजिश में हुआ हमला, दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी

पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में दोनों मामलों में आपसी विवाद और पुरानी रंजिश के चलते चाकू से जानलेवा हमला किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि पुलिस को दोनों पीड़ितों के बारे में अलग-अलग समय पर जानकारी मिली, लेकिन जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि दोनों घटनाएं एक ही वारदात से जुड़ी हो सकती हैं।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि हमलावर एक से अधिक हो सकते हैं। मृतक जावेद के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, वहीं घायल दानिश के बयान के आधार पर मामले की कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल दोनों मामलों में केस दर्ज किए जा रहे हैं और पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।

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सुसाइड या साज़िश? पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर मिली 3 लाशें, पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे

नई दिल्ली।
दिल्ली के व्यस्ततम इलाकों में शामिल पीरागढ़ी चौक रविवार शाम उस वक्त दहशत में आ गया, जब फ्लाईओवर पर खड़ी एक लावारिस कार के अंदर से एक साथ तीन शव बरामद किए गए। कार में दो पुरुष और एक महिला मृत अवस्था में मिले, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। यह ट्रिपल डेथ मिस्ट्री पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, रविवार दोपहर करीब 3:51 बजे फायर विभाग को सूचना मिली कि पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर एक टाटा टिगोर कार (DL 7 CU 6492) संदिग्ध हालत में खड़ी है। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जब कार का दरवाजा खोला गया, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए। कार के भीतर तीन लोग बेसुध पड़े थे, जिनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

मृतकों की पहचान रणधीर सिंह (76 वर्ष), निवासी बापरौला, दिल्ली, शिव नरेश सिंह (47 वर्ष) और लक्ष्मी देवी (40 वर्ष) के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन परिस्थितियां कई सवाल खड़े कर रही हैं।

क्या था तीनों का आपसी कनेक्शन?

पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक महिला लक्ष्मी देवी, शिव नरेश की जानकार थी और दोनों के बीच करीबी संबंध थे। वहीं शिव नरेश और रणधीर सिंह पिछले करीब छह सालों से प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़े हुए थे। तीनों का एक साथ कार में होना और फ्लाईओवर पर संदिग्ध हालत में पाया जाना मामले को और उलझा रहा है।

गाड़ी के अंदर मिले ये सामान

पुलिस को कार की तलाशी के दौरान सॉफ्ट ड्रिंक की बोतलें, एक हेलमेट, गमछा और ट्रैक सूट बरामद हुआ है। खास बात यह है कि कार की पिछली सीट पर शिव नरेश का हेलमेट और ट्रैक सूट मिला है, लेकिन उनकी बाइक का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। यह पहलू जांच एजेंसियों को शक के दायरे में डाल रहा है।

परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

हालांकि पुलिस का शुरुआती आकलन आत्महत्या की ओर इशारा कर रहा है, लेकिन मृतकों के परिजनों ने इसे साजिशन हत्या बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि तीनों के एक साथ आत्महत्या करने की बात हजम नहीं होती।

पुलिस की जांच जारी

फिलहाल पुलिस ने दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और मामले की जांच कई एंगल से की जा रही है। कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह मामला आत्महत्या है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है।

पीरागढ़ी फ्लाईओवर की यह घटना फिलहाल एक रहस्य बनी हुई है, जिसका सच आने वाले दिनों में पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएगा।

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50 करोड़ की नशीली दवाओं के साथ 7 तस्कर गिरफ्तार, ANTF की बड़ी कार्रवाई।

एहसान अंसारी

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा में फैले अंतर्राज्यीय ड्रग कार्टेल का पर्दाफाश किया है। इस संयुक्त ऑपरेशन में पुलिस ने 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 48 किलोग्राम से अधिक प्रतिबंधित नशीली दवाएं बरामद की हैं।

पुलिस के अनुसार, बरामद नशीले पदार्थों में भारी मात्रा में ट्रामाडोल और अल्प्राजोलाम शामिल है, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। यह ड्रग नेटवर्क स्थानीय स्तर के तस्करों से लेकर अंतर्राज्यीय सप्लायर्स तक फैला हुआ था, जिसे इस कार्रवाई के बाद पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है।

यह सफल ऑपरेशन निरीक्षक नितेश कुमार के नेतृत्व में अंजाम दिया गया, जिसे एसीपी सतेंद्र मोहन का मार्गदर्शन एवं डीसीपी श्री संजीव कुमार यादव का समग्र पर्यवेक्षण प्राप्त रहा। पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर एक के बाद एक कार्रवाई कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपियों को दबोचा।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से न केवल नशीली दवाओं की तस्करी पर बड़ा प्रहार हुआ है, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले गिरोहों को भी करारा संदेश दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

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