Saturday, May 9, 2026
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भलस्वा डेयरी पुलिस की जांच पर कोर्ट के तीखे सवाल: मुख्य हमलावर फरार, छात्र को फंसाने की कोशिश नाकाम

-दिल्ली दर्पण ब्यूरो| नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने भलस्वा डेयरी थाना पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मारपीट के एक मामले में पुलिस द्वारा एक युवा छात्र, पुष्कर, को आरोपी बनाए जाने के बाद अदालत ने उसे अग्रिम जमानत दे दी है। इस आदेश से पुलिस की ‘काबिलियत’ और जांच की ‘नियत’ पर उंगलियां उठ रही हैं क्योंकि एफआईआर में नाम न होने के बावजूद पुलिस छात्र की गिरफ्तारी पर आमादा थी। 
एडवोकेट श्वेता एस. कुमार की दलीलों ने पुलिस को किया निरुत्तर
अदालत में आरोपी छात्र का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता श्वेता एस. कुमार ने अपनी कानूनी काबिलियत का लोहा मनवाया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि उनका मुवक्किल एक होनहार छात्र है और पुलिस की गलत कार्रवाई उसके पूरे करियर को तबाह कर सकती है। 
श्वेता एस. कुमार ने सफलतापूर्वक यह साबित किया कि:

  • एफआईआर के मूल विवरण में पुष्कर हमलावरों में शामिल ही नहीं था। 
  • पुलिस ने बिना किसी पिछले आपराधिक रिकॉर्ड के एक छात्र को सलाखों के पीछे भेजने की कोशिश की। 
  • शिकायतकर्ता पक्ष द्वारा लगाए गए ‘उकसाने’ के आरोप मनगढ़ंत हैं क्योंकि पुलिस रिकॉर्ड (FIR) में इनका कोई जिक्र नहीं है。 
    पुलिस की नाकामी: असली गुनहगार अब भी आजाद
    सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की पेशेवर कार्यक्षमता तब कटघरे में आ गई जब जांच अधिकारी (IO) ने कोर्ट में स्वीकार किया कि मुख्य हमलावर—हर्ष, साहिल और तरुण—अभी भी फरार हैं। यह हैरान करने वाला है कि पुलिस ने उन हमलावरों को पकड़ने के बजाय एक ऐसे युवक पर ध्यान केंद्रित किया जिसके खिलाफ मारपीट का कोई साक्ष्य नहीं था ।

न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी की आजादी को छीनने का कोई ठोस आधार नहीं है。 कोर्ट ने निर्देश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में पुष्कर को ₹10,000 के निजी मुचलके पर रिहा किया जाए। 
यह फैसला पुलिस प्रशासन के लिए एक सबक है कि वे केवल अपनी फाइलों को भरने के लिए निर्दोष छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें।

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Turkman Gate पथराव: पुलिस की जांच तेज, 400 फुटेज खंगालकर 30 की पहचान

नई दिल्ली: दिल्ली के Turkman Gate इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध ढांचा हटाने के दौरान हुए पथराव मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने CCTV कैमरों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो फुटेज के आधार पर अब तक 30 आरोपियों की पहचान कर ली है। इन सभी को हिरासत में लेने के लिए अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

यह घटना मंगलवार देर रात उस समय हुई, जब इलाके में अवैध ढांचे को हटाने की कार्रवाई चल रही थी। इसी दौरान अचानक भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद शाहनवाज, मोहम्मद आरिब, मोहम्मद काशिफ, मोहम्मद अदनान और मोहम्मद कैफ के रूप में हुई है। सभी आरोपियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, आरोपियों के वकील आज तिस हजारी कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल करेंगे।

जांच के लिए बनाई गईं कई टीमें

दिल्ली पुलिस ने इस मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस ने बताया कि जांच के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई हैं। एक टीम इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, जबकि दूसरी टीम सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्ट की जांच कर रही है। पुलिस के पास इस घटना से जुड़े 400 से ज्यादा वीडियो मौजूद हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है।

लोकल और बाहरी लोग शामिल

अब तक की जांच में सामने आया है कि हिंसा में स्थानीय लोगों के साथ-साथ कुछ बाहरी लोग भी शामिल थे। पुलिस को इस मामले में कुछ राजनीतिक लोगों की भूमिका को लेकर भी इनपुट मिले हैं। दो से तीन ऐसे व्यक्तियों की पहचान की गई है, जिन पर हिंसा भड़काने का शक है। हालांकि, फिलहाल पुलिस ने इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।

सांसद मोहिबुल्लाह नदवी की मौजूदगी पर सवाल

इस मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने इस पहलू से भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर जांच में कोई ठोस सबूत सामने आता है, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बताया जा रहा है कि पथराव शुरू होने से पहले रात करीब 12 बजे सांसद नदवी मौके पर पहुंचे थे। उनके वहां पहुंचने के वीडियो भी पुलिस के पास मौजूद हैं। वहीं, सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि वे स्थानीय लोगों के बुलाने पर वहां गए थे और पथराव की घटना से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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दिल्ली तुर्कमान गेट हिंसा: 5 आरोपी गिरफ्तार, कई की तलाश जारी

नई दिल्ली:
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई पथराव की घटना को लेकर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। यह घटना फैज इलाही मस्जिद के पास उस समय हुई, जब अदालत के आदेश के तहत एमसीडी अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई कर रही थी।

कॉन्स्टेबल के बयान पर दर्ज हुई FIR

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह एफआईआर चांदनी महल थाना में तैनात कॉन्स्टेबल संदीप के बयान के आधार पर दर्ज की गई है। बयान में कॉन्स्टेबल संदीप ने बताया कि वह बड़ी मस्जिद तुर्कमान गेट के पास ड्यूटी पर तैनात थे। कोर्ट के आदेश के अनुसार फैज इलाही मस्जिद के समीप अवैध अतिक्रमण हटाया जाना था, जिसकी जानकारी पहले ही स्थानीय लोगों को दी जा चुकी थी।

बैरिकेडिंग के दौरान बढ़ा तनाव

कॉन्स्टेबल संदीप के अनुसार, रात करीब 12:40 बजे थाना प्रभारी (SHO) अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर बैरिकेडिंग कर रहे थे। इसी दौरान करीब 30 से 35 लोगों की भीड़ पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बैरिकेड की ओर बढ़ने लगी। बयान में संदीप ने बताया कि वह भीड़ में शहनवाज, मोहम्मद आरिब, मोहम्मद कासिफ, मोहम्मद अदनान और मोहम्मद कैफ को पहचानते हैं।

चेतावनी के बावजूद नहीं मानी भीड़

पुलिस के मुताबिक, SHO ने लाउड हेलर के माध्यम से भीड़ को बताया कि इलाके में BNSS की धारा 163 लागू है और सभी लोगों को तितर-बितर होने का निर्देश दिया गया। बावजूद इसके, भीड़ नहीं मानी और नारेबाजी करते हुए बैरिकेड तोड़ दिया।

पथराव में 5 पुलिसकर्मी घायल

बयान के अनुसार, भीड़ ने अचानक पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान एक व्यक्ति ने कॉन्स्टेबल संदीप के हाथ से लाउड हेलर छीनकर तोड़ दिया। पथराव में हेड कॉन्स्टेबल जय सिंह, कॉन्स्टेबल विक्रम, रविंद्र और SHO सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से भीड़ को तितर-बितर किया गया और घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

दिल्ली पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

AAP देश से माफी मांगे: आतिशी पर गुरु तेग बहादुर अपमान का आरोप

नई दिल्ली:
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान एक बार फिर सदन में हंगामा देखने को मिला। सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर को लेकर कथित असंवेदनशील टिप्पणी के मुद्दे पर बुधवार को भाजपा विधायकों ने वेल में उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा ने आम आदमी पार्टी और विपक्ष की नेता आतिशी पर गुरु तेग बहादुर के अपमान का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की है।

विधानसभा में हंगामे के बीच स्पीकर ने इस मामले में आतिशी से स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं, भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

“AAP देश से माफी मांगे”: परवेश वर्मा

दिल्ली सरकार में मंत्री परवेश वर्मा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर का 350वां शहादत दिवस पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा में इस विषय पर विशेष चर्चा के दौरान आतिशी ने न केवल इस पर कोई सकारात्मक टिप्पणी नहीं की, बल्कि उनके शब्दों से सिख समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

परवेश वर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी को इस कथित अपमान के लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा इस तरह की टिप्पणी की गई।

“हिंदुत्व या सिख गुरुओं की बात पर AAP को आपत्ति”: नेगी

भाजपा विधायक रविंदर सिंह नेगी ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी हिंदुत्व, राम मंदिर या सिख गुरुओं की प्रशंसा की बात आती है, तो AAP को परेशानी होने लगती है। उन्होंने सवाल किया कि गुरु तेग बहादुर जैसे महान व्यक्तित्व की शहादत पर चर्चा से विपक्ष को आपत्ति क्यों है।

सजा का फैसला स्पीकर करें: भाजपा

भाजपा नेताओं ने कहा कि आतिशी बुधवार को विधानसभा सत्र में मौजूद नहीं थीं। उन्होंने मांग की कि आतिशी सदन में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें और स्पीकर यह तय करें कि इस मामले में क्या कार्रवाई या सजा दी जानी चाहिए। भाजपा ने दोहराया कि जब तक माफी नहीं मांगी जाती, विरोध जारी रहेगा।

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दिल्ली विधानसभा में गुरु तेगबहादुर शहादत बहस पर क्यों मचा हंगामा

नई दिल्ली:
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ही सदन में लगातार हंगामे का माहौल बना हुआ है। मंगलवार को भी सदन में उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर की शहादत की 350वीं वर्षगांठ को लेकर चर्चा चल रही थी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।

भाजपा विधायक रविंदर सिंह नेगी ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर की शहादत पर चर्चा के दौरान विपक्ष की नेता आतिशी ने विरोध शुरू कर दिया। नेगी ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि ऐसी ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व की विषयवस्तु पर आपत्ति क्यों जताई जा रही है।

“हिंदुत्व या सिख गुरुओं की बात पर AAP को परेशानी”: नेगी

रविंदर सिंह नेगी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर की शहादत को पूरा देश मना रहा है। उन्होंने कहा कि न केवल दिल्ली सरकार, बल्कि देश के प्रधानमंत्री भी इस विषय पर कार्यक्रमों और चर्चाओं में हिस्सा ले रहे हैं। नेगी ने सदन में कहा कि गुरु तेग बहादुर ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, और उनके परिवार ने भी बलिदान दिया। ऐसे विषय पर चर्चा से किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी हिंदुत्व, राम मंदिर या सिख गुरुओं की प्रशंसा की बात आती है, तो AAP को समस्या होने लगती है। नेगी ने कहा कि यह भारत है और यहां अपनी धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत पर चर्चा की जाएगी।

JNU नारेबाजी पर भी दी प्रतिक्रिया

भाजपा विधायक ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित नारेबाजी के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। नेगी ने कहा कि देश या धर्म के खिलाफ बोलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सदन में गतिरोध बरकरार

घटना के बाद कुछ समय तक विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित रही। हालांकि, बाद में कार्यवाही दोबारा शुरू की गई। फिलहाल शीतकालीन सत्र के दौरान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और सदन में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।

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