Friday, May 15, 2026
spot_img
Home Blog Page 94

दिल्ली फ्रॉड केस: 20 कंपनियों का जाल, 180 करोड़ का लेन-देन और रहस्यमयी मौत

नई दिल्ली:
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने ऑपरेशन ‘साइ-हॉक’ के तहत एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह शेल कंपनियों और म्यूल बैंक अकाउंट्स के जरिए देशभर में साइबर ठगी से जुटाए गए पैसों को इधर-उधर कर रहा था। जांच में सामने आया है कि रकम को घुमाने और उसका स्रोत छुपाने के लिए 20 फर्जी कंपनियां बनाई गई थीं, जिनके खातों से करीब 180 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ।

एक बैंक खाते से खुला पूरा राज

NCRP पोर्टल पर दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों की पड़ताल के दौरान पुलिस की नजर एक निजी बैंक के खाते पर पड़ी, जिसमें लगातार ठगी का पैसा जमा हो रहा था। यह खाता कुड्रेमुख ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर खोला गया था। शुरुआती जांच में ही साफ हो गया कि यह एक म्यूल अकाउंट है। इसके बाद साइबर पुलिस स्टेशन, नई दिल्ली जिले में एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की गई।

कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी बना ‘मोहरा’

जांच में पता चला कि कंपनी का डायरेक्टर राजेश खन्ना था, जो एक कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाला कर्मचारी था। पूछताछ में उसने बताया कि सुशील चावला और राजेश कुमार के कहने पर उसके नाम पर कंपनी और बैंक खाते खोले गए। वास्तविक रूप से पैसों का पूरा नियंत्रण इन्हीं दोनों के हाथ में था। इसी तरह उसके और अन्य नामों पर कुल 20 शेल कंपनियां बनाकर ठगी की रकम को कई स्तरों में ट्रांसफर किया जा रहा था।

176 शिकायतें, 180 करोड़ का लेन-देन

इन कंपनियों से जुड़े बैंक खातों की जांच करने पर देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़ी 176 साइबर फ्रॉड शिकायतें सामने आईं। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, इन खातों के जरिए लगभग 180 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया। रकम को कई लेयर में घुमाकर असली स्रोत छुपाने की कोशिश की जा रही थी।

FIR के बाद होटल में मिली ‘मोहरे’ की मौत

मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब सामने आया कि जिन राजेश खन्ना के नाम पर कंपनियां खोली गई थीं, उनकी एफआईआर दर्ज होने के बाद नोएडा के एक होटल में मौत हो गई। जांच से स्पष्ट है कि राजेश खन्ना को सिर्फ एक मोहरे की तरह इस्तेमाल किया गया था, जबकि पूरे नेटवर्क को सुशील चावला और राजेश कुमार संचालित कर रहे थे।

गिरफ्तारी, डिजिटल सबूतों से खुला नेटवर्क

शुरुआत में दोनों आरोपी जांच में सहयोग करते दिखे, लेकिन बाद में सवालों से बचने लगे और नोटिस का जवाब देना बंद कर दिया। मोबाइल चैट्स और अन्य डिजिटल सबूतों से पूरे नेटवर्क की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने सुशील चावला और राजेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि इनका संबंध पश्चिम बंगाल में सक्रिय एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क से हो सकता है।

मोबाइल-लैपटॉप जब्त, जांच जारी

पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किए हैं। सभी डिजिटल डिवाइस और बैंक खातों की जानकारी I4C को भेजी जा रही है, ताकि देशभर में दर्ज अन्य मामलों से इनके लिंक जोड़े जा सकें। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों की तलाश में जुटी है और जांच लगातार जारी है।

यह भी पढ़ें- https://delhidarpantv.com/25-round-fire-on-3-crore-rupees-in-the-life-of-the-gangster/

रोहिणी में गैंगवार का आतंक: 3 करोड़ की रंगदारी न देने पर 25 राउंड फायरिंग

नई दिल्ली:
दिल्ली के रोहिणी इलाके में रंगदारी न देने पर बेखौफ बदमाशों ने फायरिंग कर दहशत फैला दी। शुक्रवार शाम रोहिणी सेक्टर-24 स्थित बेगमपुर इलाके में तीन बाइक सवार बदमाशों ने एक प्रॉपर्टी डीलर के घर के बाहर खड़ी कार पर करीब 25 राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

पुलिस के अनुसार, यह वारदात 3 करोड़ रुपये की रंगदारी से जुड़ी है। प्रॉपर्टी डीलर को तीन दिन पहले एक इंटरनेशनल नंबर से फोन कॉल और व्हाट्सएप मैसेज के जरिए 3 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की गई थी। मांग पूरी न होने पर डराने के इरादे से यह फायरिंग करवाई गई। मामले में जबरन वसूली और फायरिंग की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

बताया जा रहा है कि फायरिंग हिमांशु भाऊ गैंग के गुर्गों ने अंजाम दी। बदमाशों ने जान लेने के बजाय केवल डर पैदा करने के मकसद से घर के बाहर खड़ी नीली रंग की टोयोटा इनोवा कार को निशाना बनाया। कार के फ्रंट विंडशील्ड पर गोलियों के निशान बदमाशों के इरादों की गंभीरता बयां कर रहे हैं।

घटना से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें लाल रंग की बाइक पर सवार तीन युवक सोसाइटी के अंदर जाते दिख रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यही तीनों बदमाश वारदात में शामिल थे। उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, गैंग ने 26 से 29 दिसंबर के बीच इलाके के एक प्रॉपर्टी डीलर और एक कार्डबोर्ड कारोबारी से इंटरनेशनल नंबर के जरिए कई बार व्हाट्सएप कॉल और वॉइस मैसेज कर 3 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। कॉल करने वाले ने रकम न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। शुरुआत में पीड़ित ने पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी, लेकिन फायरिंग की घटना के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

चश्मदीदों के अनुसार, बदमाशों ने सोसाइटी में घुसते ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हालांकि जिस कार पर गोलियां चलाई गईं, वह उसी कारोबारी की नहीं थी, जिससे फिरौती मांगी गई थी। वारदात पूरी योजना के साथ अंजाम दी गई और बदमाशों ने जानबूझकर केवल वाहन को निशाना बनाया।

फरार होने के बाद बदमाशों ने कारोबारी को उसी इंटरनेशनल नंबर से एक और धमकी भरा मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था कि यह सिर्फ “ट्रेलर” है और पत्नी-बेटी को जान से मारने की धमकी दी गई।

घटना के बाद पुलिस की क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- https://delhidarpantv.com/decision-making-on-the-problem-of-the-court-in/

दिल्ली में आवारा कुत्तों की समस्या पर सियासी संग्राम, फेक न्यूज फैलाने पर मुकदमे की चेतावनी

नई दिल्ली, 2 जनवरी।
दिल्ली में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया है। आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने शिक्षकों को कुत्तों की गिनती करने के काम में लगाने का आदेश देकर टीचर्स का अपमान किया है। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के नेता लगातार वीडियो बनाकर दिल्ली सरकार पर व्यंग्य और कटाक्ष कर रहे हैं। जिस तेजी और आक्रामकता के साथ आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को उठाया है, उसके बाद अब भाजपा सरकार भी खुलकर मैदान में उतर आई है।

दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आम आदमी पार्टी पर फेक न्यूज और दुष्प्रचार फैलाने का आरोप लगाते हुए कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जानबूझकर झूठी खबरें फैलाई गईं और सरकारी सर्कुलर को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, तो दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसके लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

दिल्ली सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि आम आदमी पार्टी और उसके नेता जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल परिसरों से संबंधित जिस सर्कुलर को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि शिक्षकों को ‘कुत्तों की गिनती’ करने का आदेश दिया गया है, वह पूरी तरह झूठ और भ्रामक है। सर्कुलर में कहीं भी शिक्षकों से कुत्तों की गिनती कराने का कोई निर्देश नहीं है।

शिक्षा मंत्री ने सर्कुलर के प्रमुख बिंदुओं का हवाला देते हुए बताया कि इसमें केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूल परिसरों में आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। सर्कुलर के अनुसार सुरक्षा गार्ड, गेटकीपर और चौकीदार को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही हर स्कूल में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जो यह सुनिश्चित करेगा कि स्कूल परिसर में आवारा कुत्तों का कोई ठिकाना न बने। आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय निकाय को सूचना देने का भी प्रावधान है।

आशीष सूद ने सवाल उठाया कि आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल यह बताएं कि सर्कुलर के किस बिंदु में शिक्षकों को कुत्तों की गिनती करने के लिए कहा गया है। उन्होंने आम आदमी पार्टी की राजनीति को ‘शूट एंड स्कूट’ बताते हुए कहा कि पहले आरोप लगाए जाते हैं और फिर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब इस तरह की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रेस वार्ता में शिक्षा मंत्री ने आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि आप सरकार दिल्ली में कई स्कूल भवनों के निर्माण कार्य अधूरे छोड़कर चली गई। इसके अलावा विभिन्न पाठ्यक्रमों के नाम पर करोड़ों रुपये केवल प्रचार और विज्ञापनों पर खर्च किए गए। उन्होंने दावा किया कि ‘हैप्पीनेस करिकुलम’, ‘एंटरप्रेन्योर माइंड सेट करिकुलम’ और ‘देशभक्ति करिकुलम’ के नाम पर भारी-भरकम राशि प्रचार पर उड़ाई गई।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में वर्तमान दिल्ली सरकार बिना शोर-शराबे के शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और स्कूल परिसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दोहराया कि दिल्ली सरकार बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी और फर्जी खबरें फैलाकर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें- https://delhidarpantv.com/the-problem-of-the-deep-covered-cutting-in-the-occupation-of-the-child-on-the-tear-water-rod-with-the-red-water/

अशोक विहार: बच्चों के पार्क पर कुत्तों का ‘कब्जा’, छिड़ा विवाद; राजधानी में गहराता आवारा कुत्तों का संकट

  • राजेंद्र स्वामी , दिल्ली दर्पण ब्यूरो 
     नई दिल्ली | विशेष संवाददातादेश की राजधानी दिल्ली में आवारा कुत्तों का आतंक अब एक जानलेवा सामाजिक संकट का रूप ले चुका है। हर बीतते दिन के साथ दिल्ली के रिहायशी इलाकों में कुत्तों के हमले और निवासियों के साथ बढ़ते टकराव की खबरें प्रशासन की विफलता को उजागर कर रही हैं। इसी गंभीर स्थिति का सबसे डरावना चेहरा अशोक विहार फेज-1 के एच-ब्लॉक में सामने आया है। यहाँ का ‘राज पाल छिकारा चिल्ड्रन पार्क’ अब बच्चों के खेलने की जगह के बजाय विवाद और दहशत का केंद्र बन गया है। दिल्ली दर्पण टीवी की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दिल्ली में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या ने बच्चों और बुजुर्गों का घरों से निकलना दूभर कर दिया है, और अशोक विहार इसका एक जीता-जागता उदाहरण बन गया है जहाँ मासूमों के हक को कुत्तों के आतंक ने छीन लिया है।

डॉग लवर्स बनाम RWA : ‘युद्ध’ जैसे हालातअशोक विहार में यह मुद्दा अब डॉग लवर्स और आरडब्ल्यूए (RWA) के बीच सीधी जंग में तब्दील हो चुका है। आरडब्ल्यूए पदाधिकारी और पूर्व सरकारी अधिकारी अनिल छिकारा ने बताया कि पार्क के भीतर अवैध तरीके से फीडिंग कराई जा रही है, जिससे कुत्तों का जमावड़ा और आक्रामकता बढ़ गई है। मामला तब और गंभीर हो जाता है जब सुरक्षा की मांग करने वाले निवासियों को ही डराया-धमकाया जाता है। निवासियों का आरोप है कि कुछ लोग ‘पशु प्रेम’ की आड़ में कानून हाथ में ले रहे हैं और विरोध करने पर झूठी एफआईआर (FIR) और कोर्ट केस की धमकियां देते हैं। फेडरेशन की कानूनी सलाहकार एडवोकेट रत्ना अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के 2025 के कड़े आदेशों के बावजूद भी सार्वजनिक पार्कों में फीडिंग जारी है, जो सीधे तौर पर कोर्ट की अवमानना है।
प्रशासनिक सुस्ती और सुरक्षा की मांग – यह समस्या केवल एक इलाके की नहीं बल्कि पूरी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है। फेडरेशन ऑफ अशोक विहार आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष डॉ. एच.सी. गुप्ता ने सभी संबंधित विभागों को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। निवासियों की स्पष्ट मांग है कि चिल्ड्रन पार्कों की अनिवार्य रूप से मजबूत फेंसिंग (घेराबंदी) की जाए और कुत्तों के लिए आबादी से दूर ‘डेजिग्नेटेड फीडिंग जोन’ बनाए जाएं। दिल्ली में जिस तरह से यह मामला हिंसक झड़पों की ओर बढ़ रहा है, उसे देखते हुए यदि प्रशासन और एमसीडी (MCD) ने तुरंत कोई ठोस नीति लागू नहीं की, तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है। अब यह केवल जानवरों के प्रति प्रेम का विषय नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन और उनके बच्चों की सुरक्षा का सबसे बड़ा सवाल बन गया है।

यह भी पढ़ें- https://delhidarpantv.com/the-strict-scrutiny-of-the-parliaments-parivartan-khadlavals-public-court-authority-is-now-not-in-the-file-for-the-land-related-work/

वज़ीरपुर में सांसद प्रवीण खंडेलवाल की ‘जन अदालत’- अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी, “अब फाइलों में नहीं, जमीन पर दौड़ेगा काम”

राजेंद्र स्वामी, दिल्ली दर्पण टीवी 
नई दिल्ली: चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने नए साल के आगाज के साथ दिल्ली की अफसरशाही के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। वज़ीरपुर में आयोजित एक भव्य ‘जनसंवाद’ कार्यक्रम के दौरान सांसद ने मंच पर मौजूद नए जिले के डीएम और तमाम आला अधिकारियों की आंखों में आंखें डालकर सीधा अल्टीमेटम दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अब तक जो हुआ सो हुआ, लेकिन अब नए साल पर अधिकारी संकल्प लें कि वे जनता की समस्याओं के प्रति उदासीन नहीं रहेंगे। सांसद ने स्पष्ट संदेश दिया कि पुराना ढर्रा अब नहीं चलेगा और सरकारी कुर्सियां केवल जनता की सेवा के लिए हैं, हुकूमत चलाने के लिए नहीं।

इस जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान जब शिकायतों का अंबार लगा, तो स्थानीय विधायक पूनम भारद्वाज और अशोक भारद्वाज ने उन अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई जो जनप्रतिनिधियों और पार्षदों की बातों की अनदेखी कर रहे थे। कार्यक्रम में एमसीडी, डीडीए और दिल्ली पुलिस से जुड़ी शिकायतों की भरमार रही, जिसे लेकर आरडब्ल्यूए (RWA) के प्रतिनिधियों ने भी अपनी आवाज बुलंद की। सांसद ने जहाँ बेहतर कार्य करने वाले विभागों की पीठ थपथपाई, वहीं काम में कोताही बरतने वाले अधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि जनहित के कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त से बाहर होगी। जन संवाद के इस कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस , दिल्ली नगर निगम , SDM , डीडीए , जल बोर्ड सहित लगभग हर विभाग के अधिकारी मौजूद थे।  इसके अलावा नव गठित जिला उत्तर पश्चिम के डीएम एस.एस. परिहार  भी मौजूद थे। 

श्री परिहार ने सभी अधिकारियों को मोटिवेट करते हुए कहा की हमें कोशिस करनी चाहिए की हम दिल्ली के विकास और जनता की समस्याओं को गंभीरता से लें। राजनीतिक और सांगठनिक दृष्टि से भी यह कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण रहा, जहाँ चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र के लगभग सभी बीजेपी निगम पार्षद और जिला अध्यक्ष अजय खटाना व अरविंद गर्ग मौजूद रहे। विधायक कार्यालय से शुरू हुए इस संवाद की धमक पूरी लोकसभा में सुनाई दी, जिसे आगामी चुनावों से पहले बीजेपी की ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार की नई ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि यदि जनप्रतिनिधियों और बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में जनता से ऐसा सीधा संवाद जारी रहा, तो इसके सुखद परिणाम जल्द ही धरातल पर दिखाई देंगे।

यह भी पढ़ें- https://delhidarpantv.com/the-strength-of-the-mcd-varta-cup-corporation-will-be-seen-in-the-field-of-football-on-the-basis-of-sahabjad/