Friday, May 15, 2026
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साहिबजादों की स्मृति में होगा ‘MCD वीरता कप’, निगम स्कूलों के बच्चे फुटबॉल मैदान में दिखाएंगे दमखम

दिल्ली दर्पण ब्यूरो |नई दिल्ली: वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में दिल्ली नगर निगम (MCD) के शिक्षा विभाग द्वारा “1st MCD वीरता कप 2025” फुटबॉल टूर्नामेंट का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह टूर्नामेंट दसवें सिख गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों, बाबा फतेह सिंह जी और बाबा जोरावर सिंह जी की महान शहादत को समर्पित है। शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री योगेश वर्मा (एडवोकेट) ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों को साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान से परिचित कराना और उनके भीतर साहस व राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करना है।

टूर्नामेंट का आयोजन 19 जनवरी से 24 जनवरी 2026 तक दिल्ली नगर निगम के सभी जोन में किया जाएगा। प्रतियोगिता में निगम के सभी प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भाग लेंगे, जिनके लिए लड़कों और लड़कियों की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। शुरुआती चरण के मुकाबले विभिन्न जोन में खेले जाएंगे, जबकि टूर्नामेंट के निर्णायक सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले वेस्ट जोन स्थित खाटू श्याम स्टेडियम में आयोजित होंगे। इस आयोजन के लिए निगम प्रशासन द्वारा आवश्यक फंड भी आवंटित कर दिया गया है।

इस पहल के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ अभियान को गति देने और स्कूली स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं को निखारने का लक्ष्य रखा गया है। श्री योगेश वर्मा के अनुसार, खेल के मैदान पर उतरने से बच्चों में टीम भावना, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास होगा। निगम का शिक्षा विभाग इस टूर्नामेंट के जरिए न केवल शहीदों की स्मृति को जीवंत रखना चाहता है, बल्कि मेधावी खिलाड़ियों को भविष्य में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के अवसर भी प्रदान करना चाहता है।

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दिल्ली में साहित्य और विचारों का महोत्सव, तीन दिवसीय दिल्ली शब्दोत्सव 2026 का आगाज़

Delhi Word Festival 2026: नए साल की शुरुआत साहित्य, संस्कृति और विचारों के महोत्सव से, दिल्ली शब्दोत्सव 2026 का आगाज़

नई दिल्ली:
नए वर्ष के स्वागत के साथ ही राजधानी दिल्ली में साहित्य, संस्कृति और विचारों का भव्य संगम देखने को मिल रहा है। दिल्ली सरकार द्वारा 2 जनवरी से तीन दिवसीय ‘दिल्ली शब्दोत्सव 2026’ की शुरुआत हो गई है। यह महोत्सव लेखकों, विचारकों, कलाकारों और पाठकों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास है, जहां शब्दों के जरिए संवाद, विमर्श और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को नई दिशा मिलेगी।

मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित यह उत्सव 2 से 4 जनवरी तक रोजाना सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक चलेगा। तीन दिनों तक साहित्यिक चर्चाओं, समकालीन मुद्दों पर संवाद और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला जारी रहेगा। दिल्ली के कला, संस्कृति और भाषा मंत्री कपिल मिश्रा के अनुसार, यह पहली बार है जब दिल्ली सरकार इस स्तर पर विचार, साहित्य और संस्कृति को एक मंच पर ला रही है, जिससे दिल्ली को एक स्थायी सांस्कृतिक पहचान मिलेगी।

100 से अधिक वक्ता, पुस्तकों का विमोचन और कवि सम्मेलन
शब्दोत्सव के दौरान देशभर से आए 100 से अधिक प्रतिष्ठित वक्ता अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम में 40 से ज्यादा नई पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा। इसके अलावा छह सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और दो विशेष कवि सम्मेलन भी आयोजित होंगे। दिल्ली-एनसीआर की 40 से अधिक यूनिवर्सिटीज के छात्र इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी करेंगे, जिससे यह उत्सव युवाओं से सीधे तौर पर जुड़ सके।

उद्घाटन समारोह में शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी
महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन 2 जनवरी को दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री कपिल मिश्रा की मौजूदगी भी इस अवसर को खास बनाएगी।

राजनीति, सुरक्षा और संस्कृति के दिग्गज होंगे शामिल
कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित कई राष्ट्रीय स्तर के वक्ता भाग लेंगे। सुनील आंबेकर, मनमोहन वैद्य, डॉ. सच्चिदानंद जोशी, सेवानिवृत्त एयर चीफ मार्शल राकेश भदौरिया, फिल्म निर्देशक चंद्रप्रकाश द्विवेदी, सांसद सुधांशु त्रिवेदी, माधवी लता, विक्रमजीत बनर्जी और विष्णु शंकर जैन जैसे नाम इस उत्सव की वैचारिक गरिमा को और ऊंचाई देंगे।

संगीत, नृत्य और लोक परंपराओं से सजी शामें
हर दिन शाम को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का विशेष आयोजन होगा। हर्षदीप कौर, हंसराज रघुवंशी और प्रहलाद सिंह टिपनिया की संगीतमय प्रस्तुतियां दर्शकों को आकर्षित करेंगी। भरतनाट्यम, कथक, भजन संध्या, कवि सम्मेलन और सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन जैसे कार्यक्रम उत्सव को और खास बनाएंगे। इसके साथ ही दिल्ली के पारंपरिक और लोकप्रिय व्यंजनों का स्वाद भी दर्शक ले सकेंगे।

Gen-Z से संवाद और डीयू एंबैसडर प्रोग्राम
युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए Gen-Z डायलॉग पर विशेष सत्र रखा गया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के विभिन्न कॉलेजों में ‘डीयू एंबैसडर प्रोग्राम’ शुरू किया गया है, जिसके तहत छात्र अपने-अपने कैंपस में शब्दोत्सव का प्रचार करेंगे और युवाओं को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे।

इंटरएक्टिव स्पेस और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
महोत्सव में माइक-अप सेशन, सेल्फी कॉर्नर और इंटरैक्टिव जोन बनाए गए हैं। आम लोग ‘दिल्ली शब्दोत्सव’ की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। आयोजन को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोकप्रिय बनाने के लिए सोशल मीडिया पर विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।

सरकारी आयोजन नहीं, जन-भागीदारी का मंच
दिल्ली के कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग और सुरुचि प्रकाशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह महोत्सव केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-भागीदारी से सजा सांस्कृतिक उत्सव है। मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि ‘दिल्ली शब्दोत्सव 2026’ को हर साल आयोजित किया जाएगा। वहीं, सुरुचि प्रकाशन के राजीव तुली का मानना है कि यह महोत्सव भारतीय ज्ञान परंपरा और वैचारिक विरासत को समझने और आगे बढ़ाने का एक सशक्त मंच बनेगा।

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दिल्ली में दर्जी की बेरहमी से हत्या, बिहारी लाल पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार; वजह ने चौंकाया

नई दिल्ली:
दिल्ली में चाकूबाजी की बढ़ती घटनाओं ने एक बार फिर लोगों को दहला दिया है। आदर्श नगर थाना क्षेत्र के लालबाग इलाके में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां 50 वर्षीय दर्जी बिहारी लाल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामले में एक नाबालिग आरोपी को हिरासत में ले लिया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

घर के सामने हुआ हमला
पुलिस के मुताबिक, यह वारदात देर शाम करीब 7:30 बजे बिहारी लाल के घर के ठीक सामने हुई। बिहारी लाल सृष्टि नगर में दर्जी का काम करते थे और अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में केवल दो बेटियां हैं। मामूली कहासुनी के दौरान नाबालिग आरोपी ने कथित तौर पर बिहारी लाल पर चाकू से हमला किया, जबकि उसके साथी ने उन्हें लात मारकर घायल कर दिया।

गंभीर रूप से घायल बिहारी लाल को तुरंत BJRM अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

चश्मदीदों ने बताई पूरी घटना
परिवार के सदस्य, जो इस घटना के चश्मदीद भी हैं, ने बताया कि इलाके में कुछ लड़के अक्सर आकर हुड़दंग मचाते थे, गालियां देते और साइकिलें इधर-उधर फेंकते थे। वारदात वाले दिन भी ऐसा ही हो रहा था। जब बिहारी लाल ने उन्हें अपशब्द कहने से मना किया, तो आरोपी भड़क गए और बदला लेने के लिए अपने दोस्तों को बुला लिया।

चश्मदीदों के अनुसार, तीन लड़के मौके पर पहुंचे। एक के हाथ में चाकू था, जबकि एक अन्य के पास कथित तौर पर बंदूक थी। इसके बाद उन्होंने बिहारी लाल पर हमला कर दिया। जो लोग बीच-बचाव करने आए, उन पर भी चाकू से वार किया गया। इसी हमले में बिहारी लाल की जान चली गई।

एक आरोपी मौके पर पकड़ा गया
बताया जा रहा है कि तीनों आरोपी आसपास की कॉलोनी के रहने वाले हैं और पहले भी इलाके में हुड़दंग मचाते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में पुलिस से कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। घटना के दौरान ही पड़ोसियों ने एक आरोपी को पकड़ लिया, जिसे बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया।

नाबालिग, स्कूल ड्रॉपआउट निकला आरोपी
पुलिस ने जानकारी दी है कि चाकू से हमला करने वाला आरोपी नाबालिग है और स्कूल ड्रॉपआउट है। उसने 9वीं कक्षा में पढ़ाई छोड़ दी थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि अपशब्द कहे जाने को लेकर वह गुस्से में आ गया था। पुलिस ने उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है।

इलाके में दहशत, लोग उठा रहे सवाल
इस मामले में BNS की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोग इलाके में बार-बार हो रही चाकूबाजी की घटनाओं को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं और पुलिस से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

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जेल से साजिश, दिल्ली में कत्ल: शास्त्री पार्क वसीम हत्याकांड की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली

नई दिल्ली:
दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में हुए वसीम हत्याकांड ने अब नया और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। इस मामले में जहां दिल्ली पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर आपसी रंजिश में हत्या की बात कह चुकी है, वहीं अब लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया के जरिए इस हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने अपने पोस्ट में कहा है कि यह हत्या उत्तरी-पूर्वी दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टर हाशिम बाबा के लिए की गई थी। पोस्ट के मुताबिक, मृतक वसीम लगातार हाशिम बाबा के खिलाफ बोल रहा था, इसी वजह से उसे मारने का फैसला लिया गया। बता दें कि हाशिम बाबा फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है, जबकि लॉरेंस बिश्नोई गुजरात की साबरमती जेल में बंद है।

पुलिस ने दो भाइयों को किया गिरफ्तार
इस हत्याकांड को दिल्ली पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों में सुलझाने का दावा किया था। पुलिस ने शास्त्री पार्क से दो सगे भाइयों—26 वर्षीय शाकिर और 22 वर्षीय इस्लाम उर्फ बॉर्डर—को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी मृतक वसीम के पड़ोस के ही निवासी हैं। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है।

33 वर्षीय वसीम की चाकू मारकर हत्या
पुलिस के अनुसार, 30 और 31 दिसंबर की दरम्यानी रात शास्त्री पार्क स्थित जेपीसी अस्पताल से सूचना मिली थी कि चाकू से घायल एक युवक को अस्पताल लाया गया है। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 33 वर्षीय वसीम के रूप में हुई, जो बुलंद मस्जिद, शास्त्री पार्क का रहने वाला था।

जांच में सामने आया कि वसीम पर डीडीए पार्क के पीछे बने लूप के पास चाकू से हमला किया गया था। सूचना मिलते ही शास्त्री पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम की मदद से सबूत जुटाए गए। इसके बाद हत्या का मामला दर्ज कर एसएचओ इंस्पेक्टर मनजीत तोमर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

आपसी रंजिश में हत्या की कबूलियत
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार दोनों भाइयों ने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि वसीम के साथ उनका पुराना विवाद चल रहा था, इसी आपसी रंजिश के चलते उन्होंने चाकू से हमला किया।

फिलहाल, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दावे के बाद पुलिस इस एंगल से भी मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह देखा जा रहा है कि गैंग का दावा महज सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने की कोशिश है या इसके पीछे कोई ठोस कड़ी भी मौजूद है।

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New Year Eve पर ट्रैफिक सख्त, दिल्ली पुलिस ने 868 चालान काटकर दिखाई सख्ती

नई दिल्ली | Delhi News

नए साल की पूर्व संध्या पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त अभियान चलाया। 31 दिसंबर की रात से 1 जनवरी की सुबह तक चले इस विशेष ड्राइव के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने के 868 मामलों में चालान काटे गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जश्न के माहौल में किसी भी तरह की लापरवाही को रोकना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य था।

शहरभर में सख्त चेकिंग
अभियान के तहत दिल्ली की प्रमुख सड़कों, नाइटलाइफ इलाकों और रिहायशी क्षेत्रों में विशेष प्रवर्तन टीमें तैनात की गईं। नशे में ड्राइविंग के अलावा तेज रफ्तार, खतरनाक बाइक स्टंट और अन्य ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भी कड़ी कार्रवाई की गई। खासतौर पर उन इलाकों पर फोकस किया गया, जहां न्यू ईयर ईव पर लोगों की आवाजाही और भीड़ ज्यादा रहती है।

नाइटलाइफ हब पर विशेष नजर
पुलिस ने कनॉट प्लेस, हौज खास, एयरोसिटी समेत अन्य नाइटलाइफ हब को विशेष निगरानी में रखा। इन इलाकों में देर रात तक चेकिंग अभियान जारी रहा, ताकि शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे स्थानों पर अक्सर सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है।

ब्रेथ एनालाइजर से जांच, बदलते रहे चेकपॉइंट्स
रातभर शहर के विभिन्न हिस्सों में चेकपॉइंट बनाए गए, जहां ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से वाहन चालकों की जांच की गई। जांच से बचने की कोशिश करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए प्रवर्तन टीमें लगातार अपनी लोकेशन बदलती रहीं। इससे वाहन चालकों में यह साफ संदेश गया कि किसी भी हाल में नियमों से बचना आसान नहीं होगा।

20 हजार पुलिसकर्मी, CCTV से निगरानी
सड़क सुरक्षा के साथ-साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने करीब 20,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की गई और जिला नियंत्रण कक्षों के बीच रियल-टाइम समन्वय रखा गया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि शराब पीकर गाड़ी चलाने के खतरों को लेकर लोगों को जागरूक करना था। नशे में ड्राइविंग सड़क हादसों की बड़ी वजह है, और इसे रोकने के लिए आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

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