Saturday, May 16, 2026
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दिल्ली के व्यापारियों को बड़ी राहत: 4 महीने में ₹915 करोड़ GST रिफंड, MSME को बिना गारंटी कर्ज

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार (28 दिसंबर) को फ्रेंड्स कॉलोनी औद्योगिक क्षेत्र के शताब्दी समारोह में कहा कि उनकी सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बीते चार महीनों में राजधानी के व्यापारियों को 915 करोड़ रुपये का GST रिफंड जारी किया गया है।

सीएम गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत देना और दिल्ली में व्यापार करना आसान बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उद्यम विकास को तेज करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर लगातार काम कर रही है।

दिल्ली में नए औद्योगिक क्षेत्र और रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने बताया कि आने वाले समय में दिल्ली में तीन नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जिससे लाखों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “मजबूत उद्योग ही मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव है। इसीलिए हम उद्योगों के विकास और उद्यमियों की सुविधा को प्राथमिकता दे रहे हैं।”

10 महीनों में किए गए बड़े सुधार

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि मात्र 10 महीनों में औद्योगिक क्षेत्र के लिए कई अहम सुधार लागू किए गए हैं। लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत उद्योगों को मंजूरी लेने में कम समय लगेगा और काम तेजी से आगे बढ़ेगा।

इसके अलावा, दिल्ली का पहला व्यापारी कल्याण बोर्ड भी गठित किया गया है। इसके जरिए व्यापारी और औद्योगिक संगठन अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उद्योगों के साथ संवाद बढ़ाकर व्यावहारिक समाधान निकालने में विश्वास रखती है।

MSME को बिना गारंटी कर्ज

सरकार ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSME) के लिए 10 करोड़ रुपये तक के बिना गारंटी वाले ऋण की सुविधा भी शुरू की है। इसका उद्देश्य छोटे कारोबारियों को वित्तीय मजबूती देना और उनके व्यवसाय को बढ़ावा देना है।

सीएम ने यह भी बताया कि GST विभाग में फेसलेस सिस्टम और रिफंड प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका नतीजा रहा कि चार महीनों में ही 915 करोड़ रुपये का रिफंड व्यापारियों को जारी किया जा सका।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई विधायक और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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दिल्ली में ठंड का कहर: घने कोहरे से थमी रफ्तार, कई ट्रेनें देरी से चलीं

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर के इलाके इन दिनों मौसम की गंभीर मार झेल रहे हैं। 29 दिसंबर की सुबह दिल्ली-NCR में घना कोहरा छाया रहा, जिससे कई इलाकों में विजिबिलिटी पूरी तरह जीरो तक पहुंच गई। हालात इतने खराब रहे कि सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए और लोगों को दिन की शुरुआत में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए 29 दिसंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, घने कोहरे की स्थिति 28 दिसंबर की देर रात से ही बननी शुरू हो गई थी, जो सुबह के समय और अधिक घनी हो गई। दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में भी चारों ओर कोहरे की मोटी परत देखने को मिली। कई स्थानों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में यह पूरी तरह शून्य रही। वाहन चालकों को पार्किंग लाइट जलाकर बेहद धीमी गति से वाहन चलाने पड़े।

सर्दी और प्रदूषण ने बढ़ाई मुश्किलें

कोहरे के साथ-साथ कड़ाके की सर्दी और खतरनाक वायु प्रदूषण ने हालात को और गंभीर बना दिया है। रविवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 390 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में AQI 414 तक पहुंच गया। गुरुग्राम में यह स्तर 353 रिकॉर्ड किया गया। खराब हवा के कारण बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी रोगियों के लिए स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

तापमान की बात करें तो दिल्ली में अधिकतम 21 डिग्री और न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नोएडा में तापमान 20/9, गाजियाबाद में 19/8, ग्रेटर नोएडा में 20/9 और गुरुग्राम में 20/8 डिग्री सेल्सियस रहा।

यात्रा को लेकर चेतावनी

घने कोहरे के चलते रात और सुबह के समय यात्रा करना बेहद जोखिम भरा हो गया है। रात 10 बजे के बाद सड़कों पर आवाजाही काफी कम देखी गई, वहीं सुबह तड़के लोग घरों से निकलने से बचते नजर आए। IMD ने सलाह दी है कि लोग सुबह 4 बजे से 9 बजे के बीच अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर हाईवे पर सफर करने में अतिरिक्त सतर्कता बरतें।

आने वाले दिनों का मौसम

मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है, हालांकि दोपहर में हल्की धूप से कुछ राहत मिलने की संभावना है। 30 दिसंबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 1 जनवरी को हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं, जिससे मौसम में आंशिक बदलाव हो सकता है।

IMD का अनुमान है कि 30 दिसंबर से 3 जनवरी के बीच अधिकतम तापमान 20 से 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। पहाड़ी इलाकों में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण बर्फबारी होगी, जिसका असर मैदानी इलाकों में कोहरे और प्रदूषण के रूप में देखने को मिल सकता है।

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दिल्ली गैस चैंबर बनी: जहरीली हवा से बेहाल राजधानी, AQI रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

दिल्ली में घना कोहरा और स्मॉग, AQI खतरनाक स्तर पर, मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया

दिल्ली की सुबह शनिवार की तरह रविवार को भी धुंध और स्मॉग की चादर में लिपटी रही। राजधानी में विजिबिलिटी काफी कम हो गई और हवा की गुणवत्ता (AQI) बेहद खराब स्तर पर पहुंच गई। कई इलाकों में हालात गंभीर बने रहे और मौसम विभाग ने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया।

मौसम विभाग ने 28 दिसंबर के लिए पहले ही येलो अलर्ट जारी किया था, जो रविवार की सुबह सही साबित हुआ। न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे ठंडी हवा और कोहरे की तीव्रता दोनों बढ़ गई। ठंडी हवाओं की कमी और स्थिर मौसम की स्थिति ने प्रदूषकों को हवा में ही रोके रखा, जिसके कारण स्मॉग और फॉग की परत और घनी हो गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में अनावश्यक बाहर निकलने से बचना चाहिए। स्वास्थ्य पर असर कम करने के लिए मास्क का उपयोग, बाहर निकलते समय आंख और नाक को ढककर रखना और बच्चों, बुजुर्गों तथा श्वसन रोगियों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

आवागमन और विजिबिलिटी पर भी असर पड़ा। सड़कें और फ्लाईओवर पर धुंध के कारण ड्राइविंग मुश्किल हो गई, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया। राजधानीवासियों से अपील की जा रही है कि यदि जरूरी काम न हो तो घर पर ही रहें और सार्वजनिक परिवहन या कार का इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सतर्क रहें।

विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी हवाओं की कमी, स्थिर मौसम और बढ़ते प्रदूषण स्तर ने राजधानी में वायु गुणवत्ता को बेहद खराब कर दिया है। आने वाले कुछ दिनों में यदि मौसम की स्थिति में बदलाव नहीं आता है तो शहर में धुंध और स्मॉग का असर और बढ़ सकता है।

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दिल्ली ब्रेकिंग: शाहदरा में छेड़छाड़ के बाद दो पक्षों में खूनी झड़प, पुलिस एक्शन

दिल्ली के शाहदरा में शनिवार की शाम आम दिनों जैसी ही थी। बाजार में हलचल थी, लोग अपने-अपने घर लौट रहे थे। दो नाबालिग बहनें भी उसी भीड़ का हिस्सा थीं—बेफिक्र, अपने रास्ते पर। लेकिन कुछ ही पलों में उनकी यह सामान्य शाम डर और दहशत में बदल गई।

फर्श बाजार इलाके के बिहारी कॉलोनी के पास अचानक दो नाबालिग लड़कों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। पहले अभद्र टिप्पणियां की गईं, फिर हर कदम के साथ डर बढ़ता चला गया। बच्चियां सहम गईं। उनके लिए यह सिर्फ छेड़छाड़ नहीं थी, बल्कि अपनी सुरक्षा को लेकर एक गहरी घबराहट थी।

डरी हुई एक बहन ने कांपते हाथों से अपने चचेरे भाइयों को फोन किया। भाइयों ने देर नहीं की और तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बहनों का साथ दिया, उनके सामने दीवार बनकर खड़े हुए और गलत का विरोध किया। लेकिन शायद यही साहस हमलावरों को नागवार गुज़रा।

आरोप है कि लड़कों ने अपने दोस्तों को बुला लिया। थोड़ी ही देर में कई नाबालिग वहां इकट्ठा हो गए—कुछ के हाथों में लाठी थीं, कुछ के हाथों में पत्थर। देखते ही देखते माहौल हिंसक हो गया। सड़क पर चीख-पुकार गूंजने लगी, लोग अपने घरों के दरवाज़े बंद करने लगे।

बहनों के भाइयों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। जान बचाने के लिए एक भाई पास के घर में घुस गया, लेकिन गुस्सा इतना बेकाबू था कि उस घर पर भी पत्थर फेंके गए। पास में खड़ी एक स्कूटी को तोड़ दिया गया—जैसे यह साबित करने के लिए कि उस वक्त किसी को कुछ भी नहीं दिख रहा था।

इस पूरी घटना में नाबालिग भाई-बहनों को मामूली चोटें आईं, लेकिन जो चोट सबसे गहरी थी, वह मन पर लगी। डर, अपमान और असहायता की चोट—जो शायद लंबे समय तक उनके साथ रहेगी।

घटना के बाद इलाके में सन्नाटा और डर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब शाम होते ही माता-पिता अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डर रहे हैं। लोग सवाल कर रहे हैं कि अगर बच्चे ही असुरक्षित हैं, तो भरोसा किस पर किया जाए?

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लिया। पुलिस ने तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया है। सभी आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए मामले की जांच किशोर न्याय अधिनियम के तहत की जा रही है।

यह घटना सिर्फ एक झगड़े की खबर नहीं है। यह उस डर की कहानी है, जो आज भी हमारी गलियों में सांस लेता है। यह याद दिलाती है कि बेटियों की सुरक्षा सिर्फ कानून की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और इलाके में शांति बनाए रखने की कोशिश जारी है। पीड़ित परिवार बस यही चाहता है कि जो उन्होंने झेला, वह किसी और बच्चे को न झेलना पड़े।

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दिल्ली में 20 रुपये के विवाद में पत्नी की हत्या, पति ने ट्रेन के सामने की आत्महत्या

दिल्ली में सामने आई यह घटना कोई सामान्य अपराध की खबर नहीं है, बल्कि एक ऐसी त्रासदी है, जो सोचने पर मजबूर कर देती है कि गुस्सा और हालात कैसे पल भर में सब कुछ छीन लेते हैं। सिर्फ 20 रुपये को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते-देखते इतना बढ़ गया कि पति ने पहले अपनी पत्नी की जान ले ली और फिर खुद भी ट्रेन के सामने कूदकर मौत को गले लगा लिया।

जिस घर में कभी रोजमर्रा की बातें, छोटी खुशियां और सपने रहे होंगे, आज वहां सन्नाटा है। पुलिस के अनुसार, पति-पत्नी के बीच मामूली कहासुनी हुई थी। किसी ने नहीं सोचा था कि यह बहस इतनी खतरनाक मोड़ ले लेगी। गुस्से में उठाया गया एक कदम दो जिंदगियों को खत्म कर गया और पीछे छोड़ गया सिर्फ पछतावा।

सुबह जब लोगों ने रेलवे ट्रैक के पास शव देखा, तो पूरे इलाके में मातम पसर गया। पड़ोसी बताते हैं कि दोनों आम लोग थे, जैसे हम-आप। कभी हँसते-बोलते दिखते थे, तो कभी आपसी तनाव भी नजर आता था। लेकिन किसी ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि एक दिन उनका रिश्ता इस तरह खत्म होगा।

पड़ोस की महिलाएं आज भी यही कह रही हैं—“काश, उस वक्त कोई उन्हें रोक लेता, काश गुस्सा थोड़ी देर के लिए थम जाता।” यह ‘काश’ अब किसी काम का नहीं, लेकिन कई जिंदगियों के लिए यह एक चेतावनी जरूर है।

पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है, लेकिन कानून भी अब सिर्फ औपचारिकता निभा सकता है। असली नुकसान तो उस परिवार का है, जो हमेशा के लिए अपनों से बिछड़ गया।

यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि छोटी-सी बात, थोड़ी-सी आर्थिक परेशानी या पल भर का गुस्सा कैसे सब कुछ खत्म कर सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि घरेलू तनाव, मानसिक दबाव और संवाद की कमी ऐसे हादसों की बड़ी वजह बनते हैं।

यह कहानी किसी एक घर की नहीं है। यह हम सबके लिए एक आईना है—कि गुस्सा करने से पहले, हाथ उठाने से पहले, एक पल रुककर सोच लेना कितना जरूरी है। क्योंकि कुछ गलत फैसले वापस नहीं लिए जा सकते… और उनकी कीमत पूरी ज़िंदगी चुकानी पड़ती है।

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