Wednesday, January 14, 2026
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दिल्ली के वजीरपुर में 3.5 करोड़ के पुराने नोट जब्त, पुलिस ने उठाया पर्दा

दिल्ली के वजीरपुर इलाके में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों के 3.5 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की है। यह नोट नवंबर 2016 की नोटबंदी के बाद से चलन से बाहर हैं। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की और नकदी से भरे कई बैग जब्त किए। मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और दो वाहनों को भी सीज़ किया गया है।

पुराने नोट कम कीमत पर खरीदकर बदले जाने का झांसा

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने कबूल किया कि वे लोगों से पुराने नोट बेहद कम कीमत पर खरीदते थे। वे दावा करते थे कि ये नोट वे आरबीआई में बदलवा देंगे और इसीलिए लोग कम मूल्य पर नोट देने को तैयार हो जाते थे।
लेकिन यह दावा पूरी तरह फर्जी था।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास न तो पुराने नोट रखने का कोई कानूनी आधार था और न ही कोई दस्तावेज। यह स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी, साजिश और स्पेसिफाइड बैंक नोट्स एक्ट के उल्लंघन का मामला है।

कैसे पकड़े गए आरोपी?

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने वजीरपुर में छापेमारी की। मौके पर नकदी से भरे बैग लेकर जा रहे कई लोगों को रोका गया और पूछताछ की गई।
जांच के दौरान—

  • पुराने नोटों के बैग बरामद हुए
  • दो गाड़ियाँ जब्त की गईं
  • चार लोगों को हिरासत में लिया गया

एक अधिकारी ने बताया कि नकदी कहाँ से आई और इसमें कौन-कौन शामिल है, इसका पता लगाने के लिए पूछताछ जारी है।

गिरफ्तार हुए चार आरोपी—तीन दिल्ली के, एक हिमाचल का

पुलिस ने जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार है:

  • हर्ष (22 वर्ष) — निवासी रोहिणी सेक्टर-25, दिल्ली
  • टेक चंद (39 वर्ष) — निवासी रोहिणी सेक्टर-25, दिल्ली
  • लक्ष्य (28 वर्ष) — निवासी बृजपुरी, दिल्ली
  • विपिन कुमार (38 वर्ष) — मूल रूप से जोगिंदर नगर, हिमाचल प्रदेश; फिलहाल शालीमार बाग मेट्रो स्टेशन के पास एक सर्वेंट क्वार्टर में रह रहा था

पुलिस के अनुसार, चारों आरोपी जानते थे कि चलन से बाहर नोट रखना गैर-कानूनी है, फिर भी जल्दी पैसा कमाने के लालच में वे इस काम में शामिल थे।

कहां से आए 3.5 करोड़ के नोट?

बरामद पुराने नोटों की कुल फेस वैल्यू 3.5 करोड़ रुपये से अधिक है। आरोपियों का कहना है कि उन्होंने ये नोट अलग-अलग लोगों से बाजार मूल्य से बहुत कम कीमत पर खरीदे थे।
वे इन लोगों को झूठा भरोसा दिलाते थे कि इन नोटों को आरबीआई में बदलने का अभी भी कोई तरीका मौजूद है।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बयान की पुष्टि की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि—

  • इस नेटवर्क में और कौन शामिल है
  • नोट किस स्रोत से लाए गए
  • कैश की सप्लाई चेन कितनी बड़ी है

मामले की जांच लगातार जारी है।

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