नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दिल्ली स्थित मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता के दौरान गांधी-वाड्रा परिवार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। भंडारी ने दावा किया कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने टिकट वितरण के नाम पर करोड़ों रुपये की अवैध वसूली का प्रयास किया। उन्होंने हरियाणा महिला कांग्रेस की जनरल सेक्रेटरी के पति गौरव कुमार द्वारा सार्वजनिक की गई WhatsApp चैट्स का हवाला देते हुए कहा कि केसी वेणुगोपाल, कोदीकुली सुरेश और प्रियंका वाड्रा के निजी सचिव शादाब खान के माध्यम से करीब 7 करोड़ रुपये की उगाही की कोशिश की गई है। बीजेपी के अनुसार, ये चैट्स इस बात का पुख्ता सबूत हैं कि कांग्रेस पार्टी में टिकट बेचना अब एक संगठित ‘भ्रष्टाचार मॉडल’ बन चुका है।
भंडारी ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा की इस मामले पर चुप्पी उनके ‘अपराध की स्वीकारोक्ति’ (Admission of Guilt) है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी चुनाव जनता की सेवा के लिए नहीं, बल्कि शीर्ष नेतृत्व की विलासी जीवनशैली और राहुल गांधी के 100 से अधिक रहस्यमयी विदेशी दौरों को फंड करने के लिए लड़ती है। प्रवक्ता ने उत्तर प्रदेश चुनाव की ‘पोस्टर गर्ल’ और नवजोत सिंह सिद्धू के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस का यह ‘कट और कैश’ मॉडल पूरे देश में फैला हुआ है। उन्होंने गांधी परिवार को ‘देश विरोधी और कॉम्प्रोमाइज्ड’ बताते हुए कहा कि वे जानते हैं कि वे जनता का दिल नहीं जीत सकते, इसलिए उन्होंने चुनाव को उगाही का जरिया बना लिया है।
बीजेपी ने कांग्रेस नेतृत्व से 24 घंटे के भीतर इन आरोपों पर जवाब मांगा है और चेतावनी दी है कि यदि जवाब नहीं मिला, तो यह साबित हो जाएगा कि सामने आई WhatsApp चैट्स पूरी तरह सत्य हैं। भंडारी ने जवाहरलाल नेहरू के समय के ‘जीप घोटाले’ से लेकर वर्तमान के ‘टिकट घोटाले’ तक की कड़ी जोड़ते हुए कहा कि गांधी-वाड्रा परिवार की हर पीढ़ी को केवल भ्रष्टाचार ही एकजुट करता है। उन्होंने अंत में कहा कि चाहे केरल हो, बंगाल हो या असम, कांग्रेस केवल एक सिंडिकेट चलाने के लिए चुनाव लड़ रही है ताकि करोड़ों रुपये की कमाई कर अपनी लाइफस्टाइल को आगे बढ़ा सके।
यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/the-demon-tempter-killed-the-people-in-the-forest-and-threw-the-dead-body-into-pieces/

