नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान संपन्न होते ही I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के संस्थापक निदेशक की जमानत को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार निदेशक को नियमित जमानत दे दी है। इस पर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ईडी (ED) और केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
‘ED ने नहीं किया विरोध’ – सौरभ भारद्वाज का दावा
सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि यह बेहद हैरान करने वाला है कि ईडी ने निचली अदालत में जमानत का विरोध नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल केवल चुनावी रणनीति को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।
भारद्वाज ने कहा, “I-PAC के निदेशक को चुनाव से ठीक पहले गिरफ्तार किया गया और जैसे ही बंगाल में वोटिंग खत्म हुई, उन्हें जमानत मिल गई। यह कोई इत्तेफाक नहीं है।”
TMC की चुनावी रणनीति को बाधित करने का आरोप
AAP नेता ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि I-PAC पिछले कई वर्षों से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए चुनावी रणनीति तैयार कर रही थी। उनके पास उम्मीदवारों की प्रोफाइल और जीत का पूरा खाका (व्यू रचना) मौजूद था। चुनाव से ठीक पहले छापेमारी और गिरफ्तारी का मकसद केवल दबाव बनाना था, ताकि संगठन के कर्मचारी काम न कर सकें और विपक्षी पार्टी को नुकसान हो।
“लोकतंत्र का नंगा नाच”
सौरभ भारद्वाज ने इस पूरी प्रक्रिया को “लोकतंत्र का नंगा नाच” करार दिया। उन्होंने बीजेपी और आरएसएस समर्थकों को संबोधित करते हुए सवाल किया कि क्या वे इसी तरह चुनाव जीतना चाहते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए केंद्रीय बलों और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर संवैधानिक मर्यादाओं को ताक पर रख दिया गया है।
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