-दिल्ली दर्पण ब्यूरो
नई दिल्ली: रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन (RCBA) ने अधिवक्ता विभस कुमार झा की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है । यह निर्णय एसोसिएशन की कार्यकारी समिति द्वारा 5 मई 2026 को आयोजित एक विशेष बैठक में लिया गया । समिति ने अधिवक्ता द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई कुछ पोस्टों की भाषा और सामग्री को पेशेवर नैतिकता के विरुद्ध पाया है ।
एसोसिएशन द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, विभस कुमार झा पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के खिलाफ अपमानजनक और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी करने का आरोप है । नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि ये टिप्पणियां न्यायपालिका की गरिमा को कम करने वाली हैं और माननीय उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में पहले ही स्वत: संज्ञान (Suo Motu) ले लिया है ।
इसके अतिरिक्त, अधिवक्ता पर बार की महिला सदस्यों के प्रति अपमानजनक पोस्ट करने का भी गंभीर आरोप है । एसोसिएशन ने बताया कि इस संबंध में वरिष्ठ और युवा महिला अधिवक्ताओं की ओर से कड़ी आपत्ति और शिकायतें दर्ज कराई गई थीं । समिति ने माना कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के साथ-साथ न्यायपालिका और साथियों के सम्मान की रक्षा करना भी हर वकील का अनिवार्य कर्तव्य है ।
रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के मानद सचिव, प्रदीप खत्री द्वारा जारी इस नोटिस में ने विभस कुमार झा को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया है । उन्हें नोटिस प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण और संबंधित दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया है । यदि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होता है, तो बार एसोसिएशन उनकी सदस्यता को स्थायी रूप से समाप्त करने की दिशा में आगे की कार्रवाई करेगा ।
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