नई दिल्ली: चुनाव आयोग (EC) ने देशभर में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे चरण का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस चरण में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट की विशेष जांच की जाएगी। दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र समेत कई बड़े राज्यों को इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
SIR यानी Special Intensive Revision, चुनाव आयोग की वह विशेष प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची की गहन जांच और सत्यापन किया जाता है। इस दौरान फर्जी, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं, जबकि नए पात्र नागरिकों को वोटर लिस्ट में जोड़ा जाता है। चुनाव आयोग का कहना है कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को साफ, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।
चुनाव आयोग के अनुसार, इस चरण में जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है वहां बूथ स्तर पर विशेष अभियान चलाए जाएंगे। वहीं हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को फिलहाल इस चरण से बाहर रखा गया है।
दिल्ली में भी SIR प्रक्रिया शुरू होने जा रही है और रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी की अंतिम वोटर लिस्ट 7 अक्टूबर 2026 तक जारी की जा सकती है। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया के बाद राजधानी में बड़ी संख्या में मतदाता सूची में बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
हालांकि, इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद भी गहराता जा रहा है। कुछ विपक्षी दलों, खासकर तृणमूल कांग्रेस (TMC), ने आरोप लगाया है कि SIR के जरिए बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हो चुकी है।
वहीं चुनाव आयोग ने साफ किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से और तय नियमों के अनुसार की जाएगी, ताकि हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और फर्जी मतदान पर रोक लगाई जा सके।

