Thursday, May 14, 2026
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“रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला: पेट्रोल-डीजल बचाने की पहल, दिल्ली सरकार के 10 बड़े ऐलान”

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती खपत और प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को राजधानी के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। इन फैसलों का मकसद सरकारी स्तर पर ईंधन की बचत, ट्रैफिक कम करना और लोगों को सार्वजनिक परिवहन के प्रति जागरूक करना है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि अब दिल्ली के सभी सरकारी दफ्तरों में हफ्ते में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था लागू की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे रोजाना सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी, जिससे ट्रैफिक जाम और पेट्रोल-डीजल की खपत दोनों में कमी आएगी। साथ ही निजी कंपनियों और कॉर्पोरेट सेक्टर से भी इस मॉडल को अपनाने की अपील की जाएगी।

दिल्ली सरकार ने ‘मंडे मेट्रो’ अभियान की भी शुरुआत की है। इसके तहत हर सोमवार मंत्री, अधिकारी और सरकारी कर्मचारी मेट्रो से सफर करेंगे। सरकार का उद्देश्य यह संदेश देना है कि सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाकर ईंधन बचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार खुद उदाहरण पेश करेगी, तभी आम लोग भी इसे गंभीरता से अपनाएंगे।

इसके अलावा दिल्ली सरकार ने सरकारी विभागों में पेट्रोल-डीजल की खपत में 20 प्रतिशत कटौती का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विभागों को अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने, साझा यात्रा को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल पर जोर देने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान की घोषणा करते हुए कहा कि दिल्लीवासियों से हफ्ते में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील की जाएगी। इस दिन लोग निजी वाहनों की बजाय मेट्रो, बस, साइकिल या कार पूलिंग का इस्तेमाल करें, ताकि प्रदूषण और ट्रैफिक दोनों को कम किया जा सके।

सीएम ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद कई राज्यों ने अपने सरकारी काफिलों में गाड़ियों की संख्या घटा दी है। दिल्ली सरकार ने भी इसी दिशा में कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री के काफिले को सीमित कर दिया है। अब मुख्यमंत्री के काफिले में केवल चार गाड़ियां होंगी, जिनमें से दो इलेक्ट्रिक वाहन होंगी।

दिल्ली सरकार के इन फैसलों को पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लोग इन पहलों को गंभीरता से अपनाते हैं तो राजधानी में प्रदूषण और ट्रैफिक की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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