– दिल्ली दर्पण ब्यूरो
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के भजनपुरा स्थित चांदबाग इलाके में हुई एक भीषण आग की घटना ने सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश की है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि कैसे आधी रात को लगी आग में हिंदू और मुस्लिम पड़ोसियों ने मिलकर 25 लोगों की जान बचाई। भारद्वाज ने इस घटना की तुलना पालम अग्निकांड से करते हुए सरकारी तंत्र पर भी सवाल उठाए।
आधी रात को ‘देवदूत’ बनकर आए पड़ोसी
सौरभ भारद्वाज के अनुसार, चांदबाग की एक 5 मंजिला इमारत की पार्किंग में रात करीब 2:00 बजे भीषण आग लग गई। इमारत में रहने वाले अधिकांश लोग मुस्लिम समुदाय के थे। धुएं से जब दम घुटने लगा, तो सबसे पहले पड़ोस में रहने वाले मनोज कुमार शर्मा (एक हिंदू ब्राह्मण) ने शोर मचाकर सबको जगाया और मदद के लिए दौड़ पड़े।
चादरों और सीढ़ियों से हुआ ‘रेस्क्यू’
- बहादुरी की मिसाल: आग इतनी भीषण थी कि बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया था। नीचे खड़े हिंदू पड़ोसियों ने फौरन बेडशीट (चादरें) तान दीं, जिस पर 5 लोग (जिनमें दो छोटी बच्चियां भी थीं) ऊपर से कूदे और उनकी जान बच गई।
- सीढ़ी से बचाए 20 लोग: पड़ोसियों ने सूझबूझ दिखाते हुए सामने वाली बिल्डिंग की बालकनी से जलती हुई बिल्डिंग तक सीढ़ी (Ladder) लगाई और एक-एक करके हर फ्लोर से लगभग 20-25 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
- राशिदा की जांबाजी: इमारत में रहने वाली राशिदा नामक महिला ने अपने हाथ जलने के बावजूद गैस सिलेंडरों को आग के बीच से खींचकर बाहर निकाला, ताकि कोई बड़ा ब्लास्ट न हो सके।
“पालम में पुलिस ने नहीं बिछाने दिए थे गद्दे”
भारद्वाज ने भावुक होते हुए कहा कि पालम अग्निकांड में 9 लोग (3 बच्चों समेत) इसलिए जिंदा जल गए क्योंकि वहां पुलिस और दमकल विभाग ने पड़ोसियों को नीचे गद्दे बिछाने से रोक दिया था। उन्होंने मांग की है कि चांदबाग के इन बहादुर नागरिकों को मुख्यमंत्री द्वारा बहादुरी का पुरस्कार मिलना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “काम आपका पड़ोसी ही आता है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो; नफरत फैलाने वाले संगठन बचाने नहीं आते।”
प्राइवेट स्कूलों और बिजली-पानी पर घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरभ भारद्वाज ने अन्य मुद्दों पर भी भाजपा को घेरा:
- स्कूलों की मनमानी: उन्होंने आरोप लगाया कि एपीजे (Apeejay), डीपीएस (DPS) और सालवान पब्लिक स्कूल जैसे बड़े स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और बच्चों के रिजल्ट रोक रहे हैं। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इन स्कूलों पर FIR दर्ज क्यों नहीं करवा रही हैं?
- पानी का संकट: उन्होंने एलजी और वीरेंद्र सचदेवा पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले ये लोग कहते थे कि दिल्ली में पानी बहुत है, अब ये पानी की कमी का रोना क्यों रो रहे हैं?
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