Saturday, May 16, 2026
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Saurabh Bharadwaj पर शिकंजा: दिल्ली में तीन AAP नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज

नई दिल्ली:
दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, विधायक संजीव झा और नेता आदिल अहमद खान के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली प्रदूषण को लेकर किए गए एक राजनीतिक व्यंग्य के दौरान ईसाई समुदाय के पवित्र प्रतीक सांता क्लॉज का अपमानजनक तरीके से इस्तेमाल किया गया।

क्या है पूरा मामला

शिकायत के अनुसार, 17 और 18 दिसंबर 2025 को इन तीनों AAP नेताओं ने अपने-अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स से एक वीडियो साझा किया। यह वीडियो कनॉट प्लेस में किए गए एक राजनीतिक स्किट से जुड़ा बताया जा रहा है।

वीडियो में सांता क्लॉज को मास्क पहनकर प्रदर्शन करते हुए और सड़क पर बेहोश होकर गिरते हुए दिखाया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सांता क्लॉज, जो ईसाई समुदाय के लिए एक पवित्र और सम्मानित धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीक हैं, को इस तरह दिखाना समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।

‘धार्मिक प्रतीक को प्रॉप की तरह इस्तेमाल किया गया’

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वीडियो में सांता क्लॉज को केवल राजनीतिक संदेश देने के लिए एक प्रॉप की तरह इस्तेमाल किया गया। वीडियो के एक हिस्से में नकली CPR करते हुए सांता क्लॉज का मजाक उड़ाया गया, जिसे सेंट निकोलस और क्रिसमस पर्व की पवित्रता का अपमान बताया गया है।

जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य का आरोप

शिकायतकर्ता का दावा है कि यह सब जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण मंशा से किया गया, ताकि ईसाई समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा सके। धार्मिक प्रतीकों का इस तरह राजनीतिक व्यंग्य में उपयोग करना कानूनन अपराध बताया गया है।

पुलिस ने शुरू की जांच

दिल्ली पुलिस के अनुसार, सार्वजनिक रूप से किसी धार्मिक प्रतीक का मजाक उड़ाना भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 302 के तहत दंडनीय अपराध है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और वीडियो समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

फिलहाल, इस मामले में आम आदमी पार्टी या संबंधित नेताओं की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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दिल्ली में अटल कैंटीन सेवा शुरू, कम कीमत में पौष्टिक भोजन का वादा

नई दिल्ली:
देश की राजधानी दिल्ली में गुरुवार से अटल कैंटीन योजना की शुरुआत हो गई है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में एक साथ 45 अटल कैंटीन (अन्ना कैंटीन) शुरू की गईं। इस योजना के तहत गरीबों और जरूरतमंदों को मात्र 5 रुपये में भरपेट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

अटल कैंटीन में मिलने वाली थाली में रोटी, सब्जी, दाल-चावल और अचार शामिल है। एक कैंटीन में एक वक्त में करीब 500 लोगों को भोजन कराने की क्षमता रखी गई है।

मुख्यमंत्री ने खुद लिया जायजा

योजना के शुभारंभ के दिन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वयं एक अटल कैंटीन में पहुंचकर भोजन किया और वहां मौजूद स्टाफ से व्यवस्था, गुणवत्ता और संचालन से जुड़ी पूरी जानकारी ली। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य शहरी गरीबों, मजदूरों और जरूरतमंदों को सस्ता और सम्मानजनक भोजन उपलब्ध कराना है।

अटल कैंटीन में क्या-क्या मिलेगा

  • सिर्फ 5 रुपये में भरपेट थाली
  • रोटी, सब्जी, दाल-चावल और अचार
  • रोजाना तय समय पर भोजन की व्यवस्था
  • आगे चलकर दिल्ली में 100 अटल कैंटीन खोलने की योजना

भोजन का समय

  • सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक
  • शाम 6:30 बजे से रात 9:30 बजे तक

दिल्ली में कहां-कहां खुलीं अटल कैंटीन

अभी दिल्ली के 45 स्थानों पर अटल कैंटीन शुरू की गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से ये इलाके शामिल हैं—

  • नरेला (सेक्टर A-6 हुडको, होलांबी कलां)
  • बवाना (शाहबाद दौलतपुर, एसआरएस बवाना)
  • बादली (संजय कैंप)
  • आदर्श नगर, शालीमार बाग, वजीरपुर
  • तिमारपुर, शकूरबस्ती, मंगोलपुरी
  • राजौरी गार्डन, मादीपुर, शकूरपुर बस्ती
  • मोती नगर, राजिंदर नगर
  • विकासपुरी, मटियाला, नजफगढ़
  • पालम, महरौली, आरके पुरम
  • छतरपुर सहित कई जेजे क्लस्टर और मजदूर बहुल इलाके

सरकार के मुताबिक, बाकी 55 अटल कैंटीन जल्द ही शुरू कर दी जाएंगी।

गरीबों को बड़ी राहत

अटल कैंटीन योजना को दिल्ली में बढ़ती महंगाई के बीच गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इस योजना से रोजाना हजारों जरूरतमंद लोगों को सस्ता, साफ और पौष्टिक भोजन मिल सकेगा।

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Atal bihari vajpayee का ‘चर्चिल’ बयान किसके लिए था? जानिए नेहरू-गांधी परिवार से उनके संबंध

नई दिल्ली:
भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भारतीय राजनीति का अजातशत्रु कहा जाता है। वैचारिक मतभेदों के बावजूद उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों से हमेशा गरिमा, संवाद और परस्पर सम्मान का रिश्ता बनाए रखा। नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के शासनकाल में अटल बिहारी वाजपेयी एक मजबूत विपक्षी नेता के रूप में उभरे, लेकिन निजी रिश्तों में कभी कटुता नहीं आने दी।

पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक, तीन पीढ़ियों के साथ अटलजी के संबंध भारतीय संसदीय लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा का उदाहरण माने जाते हैं।

जवाहरलाल नेहरू से गुरु-शिष्य जैसा संबंध

अटल बिहारी वाजपेयी 1957 में पहली बार सांसद बने। संसद में उनके ओजस्वी भाषणों से तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू बेहद प्रभावित हुए। एक बार उन्होंने एक विदेशी मेहमान से अटलजी का परिचय कराते हुए कहा था—“ये नेता एक दिन भारत का प्रधानमंत्री बनेगा।”

संसद में एक बहस के दौरान वाजपेयी ने नेहरू की तुलना चर्चिल और चैंबरलेन से की थी। इसके बाद एक भोज में नेहरू ने मुस्कुराते हुए अटलजी से कहा कि उनका भाषण बहुत प्रभावशाली था। यह संवाद दोनों के बीच आपसी सम्मान को दर्शाता है।

1977 में जब अटल बिहारी वाजपेयी विदेश मंत्री बने और उन्होंने अपने कार्यालय से नेहरू की तस्वीर हटी देखी, तो तुरंत उसे वापस लगवाने का आदेश दिया। यह कदम उनके व्यक्तित्व की परिपक्वता को दर्शाता है।

इंदिरा गांधी से टकराव भी, सहयोग भी

इंदिरा गांधी के साथ अटलजी के रिश्ते सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव वाले रहे। वे उनके सबसे मुखर आलोचकों में शामिल थे, लेकिन राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर उन्होंने कभी राजनीति को आड़े नहीं आने दिया।

1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने इंदिरा गांधी सरकार के फैसलों का खुलकर समर्थन किया। पाकिस्तान के हमले की निंदा करते हुए उन्होंने बांग्लादेश को मान्यता देने के निर्णय को सही ठहराया और कहा कि देश की एकता के लिए बलिदान आवश्यक है।

आपातकाल के दौरान वाजपेयी को जेल भी जाना पड़ा, जिससे राजनीतिक कड़वाहट बढ़ी, लेकिन इसके बावजूद इंदिरा गांधी कई अहम मुद्दों पर उनसे राय लेती रहीं। शिमला समझौते के दौरान बारिश में इंदिरा गांधी का अटलजी के सिर पर छाता पकड़ना, उनके रिश्ते की सहजता का प्रतीक माना जाता है।

राजीव गांधी से सबसे आत्मीय रिश्ता

राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी के संबंधों को सबसे आत्मीय माना जाता है। 1980 के दशक में जब अटलजी गंभीर किडनी बीमारी से जूझ रहे थे और उन्हें इलाज के लिए अमेरिका जाना था, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने व्यक्तिगत रूप से उनकी मदद की।

राजीव गांधी ने अटलजी को अपने कार्यालय बुलाया और उन्हें संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधिमंडल में शामिल कर न्यूयॉर्क जाने की व्यवस्था करवाई। राजीव गांधी की हत्या के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने भावुक होकर कहा था—“अगर आज मैं जीवित हूं, तो राजीव गांधी की वजह से हूं।”

राजनीति से ऊपर मानवीय रिश्ते

अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति में उस दौर के प्रतीक रहे, जहां तीखे राजनीतिक मतभेदों के बावजूद निजी रिश्तों में मर्यादा और सम्मान बना रहता था। उनकी जयंती पर उन्हें स्मरण करना, भारतीय लोकतंत्र की उसी परंपरा को याद करना है।

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बहन के प्यार पर भाई का कहर, मुनक नहर में तैरती मिली प्रेमी की संदिग्ध लाश

नई दिल्ली: प्रेम संबंधों को लेकर झूठी शान और गुस्से का खौफनाक अंजाम एक बार फिर दिल्ली में देखने को मिला है। आउटर नॉर्थ दिल्ली के समयपुर बादली इलाके में सामने आए एक ब्लाइंड मर्डर केस को पुलिस ने सुलझा लिया है, जिसमें कजिन बहन के प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर शव मुनक नहर में फेंक दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

डीसीपी आउटर नॉर्थ दिल्ली हरेश्वर स्वामी के अनुसार, 22 नवंबर 2025 को थाना समयपुर बादली को PCR कॉल मिली थी कि हैदरपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के पास मुनक नहर में एक युवक का शव तैर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां शव की हालत देखकर सभी सन्न रह गए। युवक के हाथ और पैर जूतों के फीते से बंधे हुए थे, गले में रुमाल कसा हुआ था और सिर पर धारदार हथियार से किए गए तीन गहरे वार के निशान मौजूद थे।

पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की और गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान मृतक की पहचान अंकित (18 वर्ष) के रूप में हुई, जो दिल्ली के सदर बाजार का रहने वाला था। परिजनों से पूछताछ में पता चला कि अंकित 18 नवंबर 2025 से लापता था, जिसकी गुमशुदगी की जानकारी पहले ही दी जा चुकी थी।

जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने CCTV फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का विश्लेषण किया। इसी दौरान स्पेशल सेल द्वारा पहले से पकड़े गए आरोपी आशीष से पूछताछ में अहम सुराग मिला। कड़ी पूछताछ के दौरान आशीष ने अपने दोस्त अंकित की हत्या की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि अंकित का उसकी कजिन बहन से प्रेम संबंध था, जिससे वह बेहद नाराज़ था।

आशीष ने पुलिस को बताया कि उसने अपने साथी विशाल के साथ मिलकर अंकित को बहाने से बुलाया और फिर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। पहचान छुपाने और सबूत मिटाने के इरादे से शव को मुनक नहर में फेंक दिया गया। आरोपी को लगा कि पानी में शव मिलने से पुलिस तक कोई सुराग नहीं पहुंचेगा।

आशीष की निशानदेही पर पुलिस ने दूसरे आरोपी विशाल को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार और वारदात में प्रयोग किए गए दो वाहन भी बरामद कर लिए हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला ऑनर किलिंग की ओर इशारा करता है, जिसमें पारिवारिक ‘इज्जत’ के नाम पर एक युवक की जान ले ली गई। फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस वारदात में कोई और व्यक्ति शामिल तो नहीं था।

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बड़ी खबर: दिल्ली मेट्रो का विस्तार तय, 13 नए स्टेशन बनेंगे, मोदी कैबिनेट ने ₹12,000 करोड़ से ज्यादा मंजूर किए

नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राजधानी के मेट्रो नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने दिल्ली मेट्रो के फेज-5A विस्तार को मंजूरी दे दी है। मोदी कैबिनेट ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए ₹12,015 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। इस चरण में 16 किलोमीटर लंबे नए रूट पर कुल 13 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली मेट्रो के फेज-5A के तहत नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने से दिल्ली मेट्रो का कुल नेटवर्क 400 किलोमीटर के आंकड़े को पार कर जाएगा, जो राजधानी के सार्वजनिक परिवहन के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।

किन रूट्स पर होगा मेट्रो विस्तार?

दिल्ली मेट्रो का यह नया विस्तार तीन प्रमुख कॉरिडोर पर किया जाएगा। इसमें

  • तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज,
  • रामकृष्ण आश्रम से इंद्रप्रस्थ,
  • और एरोसिटी से टर्मिनल-1 तक मेट्रो लाइन का विस्तार शामिल है।

इन रूट्स पर बनने वाले 13 स्टेशनों में से 10 स्टेशन भूमिगत (अंडरग्राउंड) होंगे, जबकि 3 स्टेशन एलिवेटेड बनाए जाएंगे। इससे दक्षिण और मध्य दिल्ली के कई इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

तीन साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिल्ली मेट्रो रेल परियोजना के फेज-5A को तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य का बड़ा हिस्सा अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (TBM) की मदद से भूमिगत रूप से किया जाएगा, ताकि सड़क यातायात पर न्यूनतम असर पड़े और लोगों को कम से कम परेशानी हो।

यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वर्तमान में औसतन रोज़ाना करीब 65 लाख यात्री दिल्ली मेट्रो से सफर करते हैं। व्यस्त दिनों में यह संख्या 80 लाख तक पहुंच जाती है। नए विस्तार के बाद यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी, कम यात्रा समय और भीड़ से राहत मिलेगी।

दिल्ली के लिए क्यों अहम है यह विस्तार?

दिल्ली में बढ़ती आबादी और ट्रैफिक को देखते हुए मेट्रो सबसे भरोसेमंद परिवहन साधन बन चुका है। फेज-5A के तहत होने वाला यह विस्तार न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि प्रदूषण कम करने और सड़क जाम की समस्या से निपटने में भी मददगार साबित होगा।

कुल मिलाकर, दिल्ली मेट्रो का यह नया विस्तार राजधानी के सार्वजनिक परिवहन को नई मजबूती देगा और लाखों यात्रियों के रोज़मर्रा के सफर को पहले से ज्यादा आसान और आरामदायक बनाएगा।

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