Sunday, May 17, 2026
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क्या मार्च में बढ़ने वाली है दूध की कीमत ?

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

नई दिल्ली।। कोई भी नई खबर हो और सोशल मीडिया पर बवाल न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता. ऐसी ही एक खबर सोशल मीडिया पर छाई हुई है, जो दावा कर रही है कि दूध की कीमतें 100 रुपए प्रति लीटर होने जा रहीं हैं. ट्विटर यूजर्स ने इसे देश में ट्रैंडिग पर ला दिया है।

पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel Prices) की बढ़ती कीमतों से आम आदमी अभी उबरा भी नहीं था कि खबरें आ गईं कि दूध की कीमतें भी सैकड़ा पार होने जा रही है। ट्विटर पर एक हैशटैग 1मार्च से दूध 100 लीटर ट्रैंड में है। इसके तहत दावा किया जा रहा है कि एक मार्च से दूध की कीमत 100 रुपए प्रति लीटर होगी। इस खबर को सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान नेता मलकीत सिंह के हवाले से पेश किया जा रहा है। लेकिन आपको बता दें कि हम इसकी पुष्टी नहीं करते और हम आपसे भी यही कहना चाहते हैं कि ऐसी फालतु खबरों को देखकर और पढ़कर आप लोग अफरा तफरी न मचाएं परेशान न हो।

दरअसल, एक अखबार की कटिंग वायरल हो रही है। जिसमें कीमतें बढ़ने का दावा किया जा रहा है अब आपको बताते हैं कि क्या कहती है ये वायरल खबर दरअसल वायरल खबर में लिखा है कि ‘सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने दूध के दाम बढ़ने की बात की है। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान मलकीत सिंह ने बताया कि एक मार्च से किसान दूध के दामों में बढ़ोतरी करेंगे. पचास रुपए लीटर बिकने वाला दूध दोगुनी कीमत यानि 100 रुपए लीटर बेचा जाएगा।

आपको बता दें कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों के साथ एक सूची भी सामने आती है, जिसमें लिखा होता है कि ईंधन की असल कीमत क्या है और उसपर कितना टैक्स लगाया गया है. इसके बाद उसकी कीमत की जानकारी दी जाती है. ठीक इसी तरह वायरल हो रही पोस्ट में एक तस्वीर है. इस तस्वीर में दूध के नए रेट बताए गए हैं. वायरल सूची में आधार मूल्य, हरा चारा टैक्स, गोबर टैक्स, लेबर चार्ज, किसान लाभांश जैसी बातें शामिल हैं. हालांकि, किसानों की तरफ से इस मामले पर आधिकारिक रूप से बयान नहीं आया है. इसलिए इस वायरल खबर की पुष्टी नहीं की जा सकती।

प्रधानमंत्री मोदी ने ली वैक्सीन की पहली डोज़

काव्या बजाज, संवाददाता

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मार्च को वैक्सीन का पहला डोज़ लिया है। राजधानी दिल्ली के एम्स में वैक्सीन लेने के बाद उन्होंने सभी लोगों से अपील की और कहा कि अगर वह भी वैक्सीन लेने के योग्य हैं तो वह जरूर वैक्सीन लगवाए और कोरोना को हराने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। जो महामारी का खत्म करने के लिए बेहद जरूरी है।

वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद से ही काफी लोग और नेता वैक्सीन के विरुद्ध आवाज़ उठा रहे थे। और कह रहे थे कि ट्रायल खत्म होने से पहले वैक्सीन को मंज़ूरी कैसे दी जा सकती है। यह लोगों के साथ खिलवाड़ करना होगा और इससे लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है। तो वहीं कुछ लोगों ने तो वैक्सीन को भाजपा वैक्सीन ही करार कर दिया था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के इस कदम ने सभी लोगों बिना कुछ कहे जवाब दे दिया है।

भारत में आज यानी एक मार्च से कोविड वैक्सीन के दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है। जिसमें 45 और उससे अधिक उम्र के लोग वैक्सीन की डोज ले सकते हैं। पहले चरण की शुरुआत 16 फरवरी से की गई थी। जिसमें हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन लगाने की अनुमति दी गई थी।

कोरोना के यूटर्न पर लोगों ने कहा


काव्या बजाज, संवाददाता

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एक बार फिर कोरोना का कहर देखने को मिल रहा है। पिछले कई दिनों से कोरोना के पॉज़िटिव केस में इज़ाफा हो रहा है। लगातार चार दिन से कोरोना के केस 200 के करीब पाए जा रहे हैं, जिससे सरकार और लोगों के माथ पर बल पड़ने लगे हैं। वैक्सीन आने के बाद से ही लोगों की लाहपरवाहियां काफी बढ़ गई थी, जिसकी वजह से कोरोना का यू टर्न बढ़ते मरीज़ों के रूप में दिखाई दे सकता है।


जब हमने इसपर लोगों की राय जानने की कोशिश की तो उनका कहना था कि कोरोना ने पहले ही काफी लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। कोरोना ने किसी की नौकरी छीनी तो किसी का अपना ही छीन गया। अब इसके यूटर्न से उनका चिंचित होना स्वाभाविक है। अगर पहले की तरह ही कोरोना वापस आता है तो बचा हुआ उनका कामकाज भी खतरे में आ जाएगा।

कुछ लोगों का मानना यह भी है कि कोरोना का यू टर्न सिर्फ लोगों की लाहपरवाहियों की वजह से देखने को मिल रहा है। वैक्सीन आने के बाद से ही लोग काफी लाहपरवाह हो गए। बाज़ार में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करना, मास्क नहीं पहनना काफी आम बात हो चुकी है।


वहीं कुछ लोगों का साफ तौर पर कहना था कि उनके मन से कोरोना का कहर बिल्कुल खत्म हो चुका है। कोरोना के मामले में बढ़ोत्तरी को देखते हुए सरकार ने सभी गाइड़लाइंस को 31 मार्च तक बढ़ा दिया है। साथ ही कोरोना की रोकथाम के लिए सभी राज्यों को वैक्सीन लगाने तेजी लाने की बात भी कही है।

दिल्ली विश्वविद्यालय ने दी छात्रों को डिजिटल डिग्री

काव्या बजाज, संवाददाता

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय ने 97वें दीक्षांत समारोह पर एक बड़ा कदम उठाते हुए करीब 80 हज़ार छात्रों को डिजिटल डिग्री दी है। डीयू के डीन प्रो. डीएस रावत का कहना था कि हमेशा से ही छात्रों को प्रिंटिड डिग्री दी जाती है, जिसमें कई बार समय लग जाता है। इसे देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय ने इस बार छात्रों को डिजिटल डिग्री दी है।

दूसरी तरफ इस कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल को इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया। उन्होंने 156 छात्रों को मेडल और 36 छात्रों को पुरस्कार दिए। साथ ही साथ उन्होंने कोरोना काल में दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा किए गए कार्यों की तारीफ भी की।


आपको बता दें कि छात्रों को डिजिटल डिग्री देने के लिए विश्वविद्यालय ने हर छात्र से 750 रुपए का शुल्क लिया है। साथ ही साथ आने वाले समय में सभी छात्रों को प्रिंटिड डिग्री प्रदान की जाएगी जो हर बार की तरह निशुल्क होगी।

दिल्ली एमसीडी उपचुनाव की 3:30 बजे तक 43 फीसदी वोटिंग

खुशबू काबरा, संवाददाता

नई दिल्ली। पांच वार्ड में हो रहे दिल्ली नगर निगम के उपचुनाव में वोटिंग 28 फरवरी को  सुबह 7:30 बजे से ही शुरू हो गई थी।  दोपहर बाद 3:30 बजे तक 43 फीसदी वोटिंग हो चुकी थी। सबसे अधिक कल्याणपुरी वार्ड में 38.85% वोटिंग हुई है। वोटरों की संख्या की बात करें तो  रोहिणी C में 69131 (इस उपचुनाव में सबसे बड़ा वार्ड) शालीमार बाग नॉर्थ में 44938, त्रिलोकपुरी ईस्ट  में 45953, कल्याणपुरी  में 42785, चौहान बांगर में 39607 (इस उपचुनाव में सबसे छोटा वार्ड) हैं। इस चुनाव को लेकर  कड़े सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए। इनमें  मुख्य मुकबाला आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी के बीच हैं। हालांकि बसपा समेत दूसरी क्षेत्रीय पार्टियां भी मैदान में हैं।  तीनों पार्टी ने जमकर चुनाव प्रचार अभियान चलाया है। सभी अपनी जीत का दावा भी कर रही है।

दिल्ली के राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार,उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) के तहत दो वार्ड और पूर्वी दिल्ली नगर निगम के तीन वार्ड के उपचुनाव में करीब 2.42 लाख लोग मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। दिल्ली के शालीमार बाग (उत्तर), रोहिणी-सी, त्रिलोकपुरी, कल्याणपुरी और चौहान बांगर वार्ड में उपचुनाव हो रहा है।

जानकारी के मुताबिक हर बूथ पर थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था की गई है। ऐसे लोग, जिनके शरीर का तापमान सामान्य से अधिक पाया जा रहा है उन्हें पैरासिटामोल टैबलेट दी गई है और शाम चार बजे के बाद मतदान करने को कहा जा रहा है। आखिरी के एक घंटे में कोरोना संक्रमित भी मदतान कर सकेंगे। इसकी मतगणना आगामी तीन मार्च को होगी।


उपचुनाव के लिए पांचों वार्डों में कुल 26 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें चार प्रमुख पार्टी आम आदमी पार्टी, भाजपा, कांग्रेस व बहुजन समाज पार्टी के अलावा निर्दलीय भी शामिल हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए सभी मतदान केंद्रों पर कोरोना के दिशा निर्देशों के साथ मतदान की व्यवस्था की गई है।