Sunday, May 17, 2026
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सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए बनने जा रहा है कानून

काव्या बजाज, संवाददाता

नई दिल्ली। सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म आजकल काफी चर्चा में हैं। लोग कई तरह से इन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कुछ समय से इन प्लेटफॉर्म को गलत तरीके से इस्तेमाल करने की खबरें आ रहीं है। जिसकी वजह से सरकार इसके लिए एक कानून बनाने जा रही है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और संचार मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान इसका खुलासा किया।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नियम के तहत उन्होंने सोशल मीडिया को दो श्रेणियों में बाटां है। एक इंटरमिडियरी और दूसरा सिग्निफिकेंट। अगर सोशल मीडिया के जरिए किसी के सम्मान या गरिमा को नुकसान पहुँचाया जाता है खासकर महिलाओं को तो इसके लिए 24 घंटों के अंदर ही कार्यवाही कर उस कंटेंट को हटाया जाएगा।

इन कानूनों को सरकार तीन महीने के अंदर ही लागू करेगी। जिसके लिए उन्होंने सभी सोशल मीडिया कंपनियों को एक शिकायत निवारण व्यवस्था बनाने को कहा है जो यूज़र्स की शिकायतों का निवारण करेगी। साथ ही कोर्ट और सरकार के पूछने पर जवाब भी देगी की सोशल मीडिया पर कौन सा पोस्ट किसने शुरु किया है।

सोशल मीडियो के साथ ही ओटीटी प्लेटफॉर्म को रेगुलेट करने के लिए भी एक शिकायत निवारण तंत्र बनाया जाएगी जिसे तीन हिस्सों में बाटां गया है। जावेड़कर ने बताया कि उन्होंने पहले ओटीटी प्लेटफॉर्म की कंपनियों से मुलाकात की थी और उन्हें एक सेल्फ रेगुलेशन बनाने को कहा था, जिसे वह पूरा करने में असमर्थ रहे। उसकी वजह से अब ये नियम लागू किए जाएंगें। टीवी और प्रिंट की तरह ही एक संस्था ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए भी काम करेगी जो कंटेंट को उम्र के हिसाब से क्लासिफाय करेगी और पैरेंटल लॉक जैसी कई सुविधाएँ देगी।

नगर निगम उपचुनाव में दमखम लगा रहे बड़े – बड़े नेता

पुनीत गुप्ता, संवाददाता

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम उपचुनाव में रोहिणी वार्ड 32 N में भी बड़े बड़े नेता पूरा दमखम लगा रहे है। यह सीट बीजेपी के लिए कभी आसान नहीं रही, इस बार तो बीजेपी ने यहाँ अपने बड़े बड़े स्टार प्रचारक मैदान में उतार दिए है। यहाँ बसपा के आने से मुकाबला चतुर्कोणीय हो गया हैबवाना विधान सभा के वार्ड 32N रोहिणी सी ,सीट पर हो रहे नगर निगम उपचुनाव में मुकाबला मुख्यतया चार प्रत्याशियों के बीच है। मौजूदा विधायक जय भगवान् उपकार बीएसपी के पार्षद थे, उसके बाद  पिछले विधान सभा चुनाव में “आम आदमी पार्टी ने अपने मौजूदा विधायक  रामचंद्र की टिकट काट कर जयभगवान को थमा दी और वे विधायक बन गए। उनकी जगह खाली हुयी सीट पर अब आम आदमी पार्टी ने यहाँ से अपने पूर्व विधायक रामचंद्र को प्रत्याशी बनाया है। ये दोनों ही बीएसपी से “आप ” में शामिल हुए थे। अब बीएसपी भी  फिर नए उम्मीदवार के साथ जीत की उम्मीद लेकर मैदान  में है। कांग्रेस ने यहाँ से अपनी पूर्व पार्षद मेमवती बरवाला को प्रत्याशी बनाया है। इस वार्ड के साथ साथ मेमवती का काफी प्रभाव है। यानी मुकाबला  यहाँ चतुर्कोणीय मना जा रहा है। सभी अपने अपने मुद्दों और अपनी अपनी खाशियत के साथ जीत दावा कर रहे है।


बीजेपी ने यहाँ राकेश गोयल को अपना उम्मीदवार बनाया है। राकेश गोयल पिछले निगम चुनाव में बहुत कम वोटों के अंतराल से हार गए थे। लिहाज़ा उन्हें पार्टी ने दुबारा मौक़ा दिया है और पार्टी ने बड़े बड़े नेताओं और स्टार प्रचारकों को मैदान में उतार दिया ह चुनावो सभाओं में बहस जहाँ इलाके की बदहाली और विकास पर होनी चाहिए थी वहां बीजेपी का जोर केजरीवाल सरकार और उसके स्थानीय विधायक और प्रत्याशी पर है। अपनी चुनावी सभाओं में बीजेपी आदमी पार्टी पर आरोप लगा रही है की “आप ” ने जिसका टिकट  काटा अब  उसी  पर दाव लगा रही है  लेकिन कोई बुनियादी मुद्दे भाजपा नहीं रख पा रही है।

कुल 65 हज़ार मतदातों वाली इस सीट पर दलित वोट करीब 60 प्रतिशत के साथ निर्णायक भूमिका में है। यहाँ सबसे ज्यादा वोट शाहबाद दौलत पुर स्लम एरिया में है। हालांकि रोहिणी के तीन सेक्टर 24 , 25 , और 26 भी इसी वार्ड का हिस्सा है। यह सीट जितना बीजेपी के लिए हमेशा ही टेढ़ी खीर रहा है। लेकिन अब चतुर्कोणीय मुकाबले में बीजेपी अपनी जीत की संभावनाएं तलाश रही है, बीजेपी के पास कोई खास मुद्दा नज़र नहीं आ रहा, एमसीडी मे कर्मियों की तनख्वाह का मुद्दा हो या सफाई का मुद्दा या भ्रष्टाचार का मुद्दा हो, भाजपा घिरती हुई नज़र आयी है तो वही आम आदमी पार्टी दिल्ली सरकार के काम पर वोट के लिए अपील कर रही है.वार्ड 32N मे उपमुख्यमंत्री मंत्री मनीष सिसोदिया की पदयात्रा और मुख्यमंत्री के रोड शो के बाद माहौल काफ़ी बदला है।

भाजपा सभी स्टार प्रचारक जैसे की सांसद हंसराज हंस, देवेंद्र सोलंकी, मनोज तिवारी, गौतम गंभीर, आदेश गुप्ता, निरहुआ, रवि किशन की जनसभाओ से जनसम्पर्क कर रही है वही दूसरी और आम आदमी पार्टी और कांग्रेस छोटी छोटी नुक्कड़ मीटिंग और जनसभाओ के जरिये सीधा जनसम्पर्क साध रही है जिसका फायदा भी पार्टी को मिल रहा है.वार्ड 32N की जनता का मूड टाटालने की कोशिश की तो पता चला की जनता दिल्ली सरकार के काम से खुश है.  सर्वे के अनुसार आम आदमी पार्टी इन उपचुनावों मे बड़ी पार्टी के रूप मे उभर रही है।
आप – 42%, कांग्रेस – 27%, भाजपा – 16%, BSP – 9% और अन्य – 6

स्थायी समिति बैठक: साप्ताहिक बाजार की समस्याएं दूर करने की पहल

डिम्पल भारद्वाज , संवाददाता

नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम की 24 फरवरी को स्थायी समिति की बैठक में साप्ताहिक बाजारों का मुद्दा एक बार फिर गरमाया। निगम के सभी छह जोनों में करीब एक दशक से 106 नियमित साप्ताहिक बाजार लगते थे। आज भी उनकी संख्या वही है। जबकि हैरानी की बात यह है कि लगने वाले बाजारों की बाजारों की संख्या एक दशक में कई गुना बढ़ गई है। बाजारों से निगम को छोड़ कर दूसरी एजेंसी के कर्मचारी 100-100 रुपये वसूलते हैं, जबकि निगम आज भी दस से 15 रुपये वसूल रहा है। इस मुद्दे को लेकर नेता सदन योगेश वर्मा ने सभी जोनों में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों का सर्वे करा उनकी सही संख्या का पता लगाने के लिए कहा है, ताकि निगम को पूरा राजस्व मिल सके, क्योंकि साप्ताहिक बाजारों की आड़ में अवैध उगाही हो रही है।


इस बारे में उत्तरी दिल्ली नगर निगम के योगश वर्मा का कहना है इस तरह से फर्जीवाड़े की वजह से निगम को पूरा राजस्व नहीं मिल पाता है। जबकि स्थायी समिति के पार्षद सदस्य तिलकराज कटारिया ने कहा कि साप्ताहिक बाजारों में माफिया के लोग जेबें भर रहे हैं। साथ ही उन्होंने सुझाव भी दिया कि साप्ताहिक बाजार लगने से पहले वहां पीली रेखा खींची जाए, ताकि उसके बाहर दुकानें नहीं लग सकें।

विपक्ष के पार्षद विक्की गुप्ता ने भ्रष्टाचार की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक बाजार में पांच हजार दुकानें लग रही हैं और निगम के रिकार्ड में 200 से 300 तक दर्ज हैं। आखिर यह पैसा किसकी जेब में जा रहा है। इस संबंध में निगम अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके। स्थायी समिति के मनोनित पार्षद सदस्य विक्की गुप्ता ने भी सुझाव दिए थे। इस बीच विपक्षी पार्षद अजय शर्मा ने भी कई गंभीर आरोप निगम की कार्यशैली पर लगाए और सवाल किया कि आखिर मुकुंदपुर में पांचवी तक के प्राईवेट स्कूल को बिना किसी जांच के अनुमति कैसे दी गयी।

दिल्ली में नर्सरी से 8वीं तक नहीं होंगी परिक्षाएं

नेहा राठौर

नई दिल्ली। कोरोना के बढ़ती तीसरी लहर के कारण दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2020-21 में कक्षा 3 से लेकर कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों की ऑफलाइन परीक्षाएं नहीं होंगी। परीक्षाओं की बजाय छात्रों को दी गई वर्कशीट और असाइनमेंट के आधार पर मार्क्स दिये जाएंगे।

बता दें कि 2020 में कोरोना के कारण प्राइमरी से मिडिल लेवल तक स्कूल नहीं खुलने थे। लिखित परीक्षा को सब्जेक्ट असाइनमेंट और प्रोजेक्ट असेसमेंट से रिप्लेस कर दिया गया है। इस बार भी दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2020-21 में नर्सरी से लेकर कक्षा 2 तक के सभी विद्यार्थियों को अगले एकेडमिक सेशन के लिए अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाएगा। हालांकि KG से लेकर 2nd क्ला तक के विद्यार्थी को मार्क्स विंटर ब्रेक असाइनमेंट और अभिभावकों के साथ साझा की गई वर्कशीट के आधार पर दिया जाएगा। 

दिल्‍ली के डिप्‍टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा, “क्लास 8 तक के सभी बच्चे नो डिटेन्शन पॉलिसी के तहत अगली क्लास में प्रोमोट कर दिए जाएंगे पर इस साल बच्चों नें सेमी ऑनलाइन क्लासेज में क्या सीखा, ये समझना ज़रूरी है, ताकि हम अगले शैक्षणिक सत्र के लिए बेहतर तैयारी कर सकें। लिहाज़ा इस साल हम क्लास 8 तक के बच्चों को किसी एक परीक्षा की जगह, उन्होंने जो पूरे साल वर्कशीट्स और असाइनमेंट किया है, उसी के आधार पर मूल्यांकन कर रहे हैं।”

कांग्रेस का दावा, सीवर के नाम पर दिल्ली सरकार का घोटाला

  • RTI के माध्यम से हुआ खुलासा
  • 1380 करोड़ लगे लेकिन सीवर नहीं डाला
  • कांग्रेस ने चलाया इसके खिलाफ अभियान

पुनीत गुप्ता, दिल्ली दर्पण टीवी

शाहबाद डेरी, दिल्ली मे उपचुनावों के बिच आरोप प्रत्यारोप की राजनीती तेज है ऐसे मे कई खुलासे ऐसे भी हो रहे है जो राजनितिक पार्टियों की नींद उड़ा सकती है, वार्ड 32 n मे
कुछ ऐसा ही खुलसा RTI के माध्यम से हु है कांग्रेस नेता अब घर घर ढ़ोल की पोल अभियान के चलते जनता तक 1380 करोड़ के घोटाले की पोल खोल रहे है

RTI की कॉपी कांग्रेस के दिग्गज नेता गलियों मे घूम रहे है और बता रहे है की शाहबाद डेरी की जनता के साथ धोका हुआ है RTI के खुलासे के अनुसार दिल्ली सरकार ने 1380 करोड़ रूपये लागत से शाहाबाद डेरी मे सीवर का काम पूरा कर चुके है लेकिन धरातल पर कोई सीवर नहीं डाला गया है.

इसके साथ ही मेमवती बरवाला ने कहा की केजरीवाल सरकार ने शाहबाद डेयरी की जनता के साथ किया धोखा, 1380 करोड़ रुपए खर्च करके शाहबाद डेयरी में सीवर लाइन बिछाने का काम अक्टूबर 2020 में ही पूरा हो गया है परंतु वास्तविकता यह है कि शाहबाद डेयरी के लोगों ने बताया कहीं पर भी सीवर लाइन का काम नहीं हुआ है जिस कारण नालियों का गंदा पानी सड़कों पर इकट्ठा हो जाता है जिससे लोगों को आने जाने में बड़ी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है केजरीवाल जी विज्ञापन करने और झूठ बोलने में मस्त हैं दिल्ली की जनता त्रस्त है