Sunday, May 17, 2026
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रोहिणी -चोरी की गाड़ियों को काटकर कबाड़ में बेचने वाला गिरफ्तार , चार बाइक बरामद, 27 वारदातों का खुलासा 

-दिल्ली दर्पण ब्यूरो 

रोहिणी। दिल्ली के रोहिणी साउथ थाना पुलिस ने बाइक चोरी की एक वारदात की जांच करते हुए ऐसे शातिर वाहन चोरी तक पहुंची जो गाड़ियां चोरी कर उन्हें काटकर ठिकाने लगता था। पुलिस ने इस गिरोह को गिरफ्तार कर वाहन चोरी की 27 वारदातों को सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की 4 बाइक और 23 बाइक के इंजन बरामद किये है। आरोपी 50 वर्षीय प्रदीप डबास उर्फ़ बॉबी नाम का यह शख्स मंगोल पूरी कलां  का रहने वाला है। रोहिणी साउथ थाना पुलिस को 24 फरवरी को बाइक चोरी की कॉल मिली थी। इस कॉल को पीएसआई गुरदीप सिंह हवाले कर मामला दर्ज़ किया और जांच शुरू की।

रोहिणी में वाहन चोरी की बढ़ती वारदातों की रोकथान और धरपकड़ के लिए रोहिणी साउथ पुलिस ने इसके लिए खास तौर पर टीम का गठन किया। इस टीम एसीपी रोहिणी प्रक्षय सिंह की सघन निगरानी और थाना अध्यक्ष इंस्पेक्टर संजय कुमार की निगरानी में गठित इस टीम , सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह , हवलदार प्रदीप , राजू पल्वे, कुल भूषण ,सिपाही बलजीत ,आशीष ने जांच शुरू की और इस शातिर चोर को दबोच लिया। प्रदीप डबास उर्फ़ बॉबी के साथ दो शख्स और भी थे। साउथ थाना पुलिस के प्रयाश और तकनिकी सहायता से  पुलिस मंगोल पुर कलां गांव में पहुंची जहाँ चोरी की बाइक खड़ी थी। पुलिस ने देखा की वहां काफी संख्या में बाइक के इंजन , कई नंबर प्लेट और स्पेयर पार्ट भी रखे हुए थे। इतने सारे इंजन और गाड़ियों के कबाड़ देखकर पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने इनके बारें में जब पूछताछ की तो प्रदीप डबास उर्फ़ बॉबी कोई संतोष जनक जबाब नहीं दे सका। पुलिस ने ज़िप नेट से नंबर प्लेट और इंजन नम्बरों को चेक किया तो ये सभी ऐसी बाईक के थे जो दिल्ली के अलग अलग इलाकों से चोरी की गयी थी। 

प्रदीप डबास नाम का यह आरोपी पर दो  मामले एनडीपीएस एक्ट और एक आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज़ है। प्रदीप से पूछताछ में सामने आया कि यह और सुल्तान पूरी के रहें वाले इसके दो अन्य साथी रामा और गंजा विनोद दिल्ली के अलग अलग इलाकों से वाहन चोरी करते थे। पुलिस प्रदीप डबास को पुलिस हिरासत में लेकर उसके साथियों की धरपकड़ और चोरी के वाहनों की बरामदगी का प्रयाश कर रही है। आरोपी प्रदीप डबास आठवीं तक पढ़ा है। गरीबी और गलत संगत के चलते यह नशा करने लगा। पेशे से मैकेनिक होने के चलते यह चोरी की गाडिओं के स्पेयर पार्ट्स बेचने लगा। मैकेनिक होने के कारन इस पर कोइ शक भी नहीं करता था। वह कुछ हज़ार में चोरी की बाइक खरीद लेता और उसके पुर्जे और कबाड़ को बेचकर अच्छी कमाई कर लेता था। लेकिन अब यह पुलिस के शिंकजे में है। दिल्ली में बड़े पैमाने पर गाड़ियां और दुपहिया वाहन चोरी हो रही है। लेकिन पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद भी पुलिस चोरी की गाड़ियां बरामद नहीं कर पाती। ऐसे में पुलिस को इलाके में इस तरह मैकेनिक और गाड़ियौं के कबाड़ का काम करने वालों पर ख़ास नजर रखने की जरूरत है। यदि इन पर नकेल कैसे तो वाहन चोरी की वारदातों में तो कमी आ ही सकती है साथ ही बरामदगी भी ज्यादा हो सकती है। 

उत्तरी दिल्ली नगर निगम और नेता सदन ने लिया बड़ा फैसला, नहीं टूटेगा चांदनी चौक का हनुमान मंदिर

नेहा राठौर, संवाददाता

नई दिल्ली। चांदनी चौक में दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों द्वारा 60 साल पुराने हनुमान मंदिर को तोड़े जाने को लेकर गुरुवार, 25 फरवरी 2021 को उत्तरी दिल्ली नगर निगम में हुई सदन की बैठक में मंदिर के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया गया है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि हमारा देश सबका साथ और सबका विश्वास को लेकर चलने वाला देश है। पूरे विश्व के अंदर शायद ही ऐसा संगम देखने को मिलेगा, जहां किसी शहर के एक ही सड़क पर सभी धर्मों के पूजा स्थल स्थापित हों। उसी स्थान पर सड़क के किनारे सेन्ट्रलवर्ज पर 18 बिजली के ट्रांसफर्मर भी स्थापित है, इसी के साथ वहां मंदिर को भी स्थायी रूप से भव्य हनुमान मंदिर के रूप में स्थापित किया जा सकता है।

महापौर कार्यालय में सर्वदलीय बैठक

प्रस्ताव में मंगलवार, 23 फरवरी 2021 को महापौर कार्यालय में हुई सर्वदलीय बैठक का भी जिक्र किया गया है। उसमें कहा गया कि सभी दलों ने लोगों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए मंदिर को नहीं तोड़ने की बात पर सहमति बनाई है। मंदिर के पुनः स्थापना के लिए सभी दलों ने आस्था और श्रद्धा प्रकट की है इसे प्रस्ताव में  देश के लिए एक मिसाल है और एकता का परिचायक बताया गया है।

इस पर कांग्रेस दल के नेता और वरिष्ठ निगम पार्षद श्री मुकेश गोयल ने सदन की बैठक में प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अब यह दिल्ली की केजरीवाल सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत होने से बचाये। उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने प्रस्ताव पारित कर दिया है। अब दिल्ली सरकार इसे पारित कर धार्मिक कमेटी को भेजे, ताकि हनुमान मंदिर के अस्तित्व पर कोई संकट नहीं आये। उन्होंने कहा कि हम मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल जी से आग्रह करते हैं कि यदि आवश्यकता पड़े तो इस प्रस्ताव को कैबिनेट से स्वीकृति दिलाएं।

प्रस्ताव पर सभी दलों की सहमति

प्रस्ताव में आखिरी में उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने कहा कि पक्ष व विपक्ष की राजनीति से उपर उठकर चांदनी चौक स्थित हनुमान मंदिर को वर्तमान स्थिति में रहने दिये जाने के लिए सर्व सहमति से यह निर्णय लिया गया है और निगम आयुक्त को निर्देश दिया गया है कि निगम द्वारा इस मंदिर में तोड़-फोड़ की कोई कार्रवाई नहीं की जाए और भविष्य में भी सभी धर्मों के पूजा स्थलों के प्रति सदभाव रखा जाए और इस प्रस्ताव को दिल्ली सरकार के पास भी भेजा जाए कि वह अपने स्तर पर इस मंदिर में तोड़-फोड़ की कोई कार्रवाई न करे।

बता दें कि चांदनी चौक में 3 जनवरी को दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर दिल्ली नगर निगम के बुल्डोज़र ने हनुमान मंदिर को तोड़ दिया था, जिसके बाद रातों रात लोगों ने एक स्टील के मंदिर का निर्माण किया गया। मंदिर तोड़े जाने पर लोगों का कहना था कि जब अन्य धार्मिक स्थानों के लिए छूट है तो मंदिर ही क्यों तोड़ा गया। आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने जनवरी में तड़के मंदिर को तोड़ा फिर वहां रखी मूर्तियों और अन्य चीजों को पास के मंदिर में रखवा दिया। वहीं, तोड़ फोड़ के दौरान निकले मलबे को भी तुरंत हटा दिया गया था। इसके बाद कुछ घंटे में वहां सड़क भी बना दी गई, जिससे मंदिर होने का कोई सबूत न रह जाए। 

एनजीटी की हाई लेवल कमेटी ने किया फरीदाबाद का दौरा

मनोज सूर्यवंशी, संवाददाता

दिल्ली एनसीआर। एनजीटी की हाई लेवल कमेटी ने आज फरीदाबाद का दौरा किया, इस दौरान नगर निगम द्वारा बनाई गई फरीदाबाद 311 ऐप्प का पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस प्रीतम पाल और हरियाणा की पूर्व चीफ सेक्रेटरी उर्वशी गुलाटी ने ऐप को लांच किया। नगर निगम द्वारा बनाए गए, इस ऐप में फरीदाबाद की जनता को वह तमाम सुविधाएं मिलेंगी जो नगर निगम से संबंधित हैं। किसी भी तरह की शिकायत इस ऐप पर कर सकते हैं।

पूर्व जस्टिस प्रीतम पाल ने कहा कि फरीदाबाद के लिए यह एक बेहतर ऐप साबित होगा। जनता की समस्याएं इस ऐप के माध्यम से निपटेंगी। निगम कमिश्नर यशपाल यादव द्वारा बनवाए गए इस ऐप में फरीदाबाद की समस्याओं से जुड़ी हुई तमाम वे चीजें होंगी।


पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट कोर्ट के पूर्व जस्टिस एवं एनजीटी हाई लेवल के कमेटी के चेयरमैन प्रीतम पाल और हरियाणा की पूर्व चीफ सेक्रेटरी उर्वशी गुलाटी ने इस बीच शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। जिसमें काफी हद तक टीम संतुष्ट नजर आए। इस दौरान नगर निगम द्वारा बनाई गई फरीदाबाद 311 ऐप को लांच किया। इस ऐप के जरिए शहर की जनता अपनी शिकायतों यहां दर्ज करा सकती है इसी ऐप के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

सरकारी विभागों में होगा सिर्फ ई-वाहनों का इस्तेमाल

काव्या बजाज, संवाददाता

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली देश का ऐसा पहला प्रदेश बनने जा रही है, जहां के सभी सरकारी विभागों में सिर्फ और सिर्फ ई–वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। आपको बता दें कि दिल्ली सरकार स्विच दिल्ली अभियान ले कर आई है, जिसके तहत उन्होंने लोगों से ई वाहनों को इस्तेमाल करने की अपील तो की ही है, लेकिन इसके साथ – साथ दिल्ली के सरकारी विभागों को भी छह महीने के अंदर ई वाहनों की तरफ स्विच कर दिया जाएगा।

अरविंद केजरीवल के इस अभियान की तारीफ करते हुए उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल का हमेशा से ही यह सपना था कि वह दिल्ली को ई वाहन राजधानी बनाना जिसके लिए उन्होंने यह कदम उठाया है। यह कदम ना सिर्फ दिल्ली को प्रसिद्धि दिलवाएगा बल्कि राजधानी में बढ़ रहे प्रदूषण को भी कम करने में काफी असरदार साबित होगा।

सिसोदिया का कहना है कि आगे चल कर स्विच दिल्ली अभियान और ई वाहनों को काफी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। लेकिन उनका कहना था कि पहली बार ई वाहनों की खरीदी के लिए वित्त विभाग की अनुमति जरूरी है। सरकार का कहना है कि उन्होंने यह कदम ना सिर्फ प्रदूषण बल्कि जल वायु परिवर्तन और पर्यावरण को ध्यान में रख कर भी लिया गया है। और अगर सरकार के इस कदम को समर्थन मिला तो आगे चल कर राजधानी का नक्शा बदल सकता है।

अशोक विहार -अग्रवाल वे.सोसाइटी चुनाव के लिए ऑब्जर्वर की नियुक्ति अपमान जनक :-डॉ एचसी गुप्ता 

-दिल्ली दर्पण ब्यूरो 

अशोक विहार। अशोक विहार अग्रवाल समाज की सबसे बड़ी और सम्मानित संस्था अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी के 4 अप्रैल को होने वाले चुनावों के लिए कोर्ट द्वारा ऑब्जर्वर की नियुक्ति पर संस्था के प्रमुख लोग हैरानी और नाराजगी जता रहे है। सबसे ज्यादा आहात पिछले 5 चुनावों में चुनाव आयुक्त ज़िम्मेदारी निभा रहे डॉ एचसी गुप्ता हुए है। डॉ एचसी गुप्ता का दर्द है कि जब भी वे चुनाव लड़ने का मन बनाते है समाज उन्हें चुनाव कराने की जिम्मेदारी देकर चुनाव आयुक्त बना देता है। और अब जब उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का मन बनाया तो उन्हें सह चुनाव प्रभारी बना दिया। जितने भी चुनाव डॉ एच सी गुप्ता की टीम ने कराये उसकी सभी ने तारीफ़ की फिर चाहे वह चुनाव जितने वाला यो है चुनाव हारने वाला ग्रुप या फिर समाज के प्रमुख लोग। ऐसे में कोर्ट की निगरानी में चुनाव करना उन्हें अपमान जनक लग रहा है। उनका दर्द है कि यदि उनकी निष्पक्षता पर संदेह था तो फिर सोसाइटी के वकील ने उनके नाम अतिरिक्त चुनाव अधिकारी के लिए क्यों दिया गया?  नाम देने से पहेल उन्होंने उनकी अनुमति तक लेना जरूरी नहीं समझा। 

सोसाइटी के चुनाव कोर्ट की निगरानी में कराये जाने पर समाज में भी तीव्र प्रतिक्रिया य्वक्त की है। सवाल उठाये जा रहे है की क्या समाज में ऐसे नाम नहीं है जो निष्पक्ष चुनाव करा सके। समाज के प्रमुख लोग डॉ गुप्ता को इसके लिए बेहतरीन चुनाव अधिकारी मानते रहे है। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव ही नहीं कराये बल्कि चुनाव प्रक्रिया में बेहद सुधार भी किये। चुनाव प्रक्रिया के दौरान हर ट्रष्टी के समय और सुविधा का ध्यान रखा। ऐसे में कोर्ट द्वारा ऑब्जर्वर नियुक्त करना समाज का अपमान ही नहीं बल्कि सोसाइटी के धन की बर्बादी भी है। 

डॉ एचसी गुप्ता ने बिना अनुमति कोर्ट में नाम दिए जाने पर सोसाइटी को भी अड़े हाथों लिया है और साथ ही कोर्ट को भी इसकी जानकारी दी है। कोरोना काल से ही पत्रों द्वारा अपने विरोधियों पर प्रहार करते आ रहे डॉ गुप्ता ने इस बार महासचिव कैलाश को भी आड़े हाथों लिया है। वे इस बात पर नाराज है जिसमें कहा गया है की डॉ एचसी गुप्ता ने कोर्ट की कार्यवाही में हिस्सा लिया है।  इसकी सूचना पत्र द्वारा समाज को भी दी है जिसमें कहा गया है की वे उस वक्त दिल्ली में थे ही नहीं फिर कोर्ट की कार्यवाही में हिस्सा कैसे ले सकतें है ? यह झूठ क्यों बोला गया समझ से परे है।  क्या डॉ एचसी गुप्ता चुनाव अधिकारी बनसे से बच रहे है ?  दिल्ली दर्पण के इस सवाल पर डॉ गुप्ता ने कहा की पहले तो सोसाइटी के उन जिम्मेदार लोगों को माफ़ी मांगनी किये उसकी बात वे इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए तैयार है। ऐसे में देखना यह है क्या डॉ गुप्ता कोर्ट की निगरानी में होने वाली चुनाव कमेटी का हिस्सा होंगे या नहीं।