दिल्ली।। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को उत्तर प्रदेश के किसानों के साथ बैठक की और केंद्र सरकार से मांग की कि तीनों काले कानूनों को तुरंत वापस ले। केजरीवाल ने कहां की स्वामीनाथन आयोग के अनुसार सभी 23 फसलों को एमएसपी पर खरीद की गारंटी दी जाए। इन कानूनों के खिलाफ आंदोलन के बीच बीजेपी ने रविवार को एक बैठक में प्रस्ताव पारित कर कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीनों कृषि कानूनों को किसानों के लिए डेथ वॉरंट जैसा बताया। उन्होंने कहा कि अगर ये कानून लागू हो जाते हैं, तो किसानों की किसानी चंद पूंजीपतियों के हाथ में चली जाएगी। उन्होंने ये बातें रविवार को कृषि कानूनों के संबंध में दिल्ली विधानसभा परिसर में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान नेताओं के साथ हुई बैठक के दौरान कही।
केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए। अगर हमारे देश के किसानों की कोई सरकार नहीं सुनेगी, तो फिर किसकी सुनेगी? उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार तीनों काले कानूनों को तुरंत वापस ले और स्वामीनाथन आयोग के अनुसार सभी 23 फसलों को एमएसपी पर खरीद की गारंटी दी जाए।
दिल्ली।। दिल्ली में पांच सीटों पर हो रहे उपचुनाव आने वाले एमसीडी चुनावों का सेमीफाइल माना जा रहा है। आपको बता दे कि इस चुनावों मे प्रत्याशी का हौसला बढ़ाने के लिए लगातार सभी पार्टी के दिग्गज नेता वार्डो में जाकर प्रचार प्रसार के साथ ही पदयात्रा करके लोगों से भी वोट की अपील कर रहे है।
जब हमारी दिल्ली दर्पण की टीम ने इस उपचुनावों में लोगों की रॉय ली तो लोगों ने भी अपनी बातों को हमसे खुलकर साझा किया। जब हमनें लोगों से पुछा कि वार्ड 62 में कैसा माहौल है और किसकी हवा तेज है तो लोगों को कहना था कि इस बार तीनों पार्टियां प्रचार तो जोरो शोरो से कर रहीं पर हवा इस बार कांग्रेस कि तेज है। और साथ ही इस बार हम सभी चाहते है कि कांग्रेस आए क्योंकि सभी सरकारों को देखने के बाद अब हमें फिर से कांग्रेस याद आ रही है।
कई लोगों की रॉय सुनकर तो ऐसा लगा कि इस बार जनता अपना रुख मोड़ने वाली है। जिसके बाद इसी कड़ी में जब औऱ लोगों से ये पुछा गया कि दिल्ली में लगातार बढ़ रहे गैस डिजल के दाम क्या उपचुनावों मे असर डालेगें तो जनता का कहना था कि इस बार हम पहले ही सर्तक हो गए है। क्योंकि जिस तरह से सभी चीजों के दाम बढ़ रहे है। उससे तो यही लग रहा है कि अच्छे दिन अब नहीं आने वाले, बल्कि जनता के बुरे दिन शुरु हो गए है।
सभी सवालों के जवाब सुनकर तो ऐसा ही लगा कि जनता इस बार सोच समझ कर अपना नेता चुनने वाली है।
दिल्ली।। दिल्ली में निगम उपचुनाव का बिगुल जब से बजा है तब से आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस लगातार जनता तक पहुंचने के लिए कोई ना कोई तरकीब आजमा रही है लेकिन बीजेपी पार्टी ने इस दौरान जनता को लुभाने के लिये जो तरीका आज़माया है वह बीजेपी के लिये उपचुनाव में मुसिबत साबित हो रहा है।
बता दें की शालीमार बाग वार्ड 62एन की एक झुग्गी के पास बीजेपी पार्टी के पटके और पैंपलेट के साथ ही महिलाओं के लिये दर्जनों भर साड़ी और एक बैग बरामद हुआ है जिसको देख कर जिसके पुलिस हिरासत में ले लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है खास बात यह है की जिस गाड़ी में सामान बारामद हुआ है उसमें गाड़ी की दो नंबर प्लेट भी बरामद हुई है।
हांलकि दोनों ही नंबर प्लेट एक ही नंबर की हैं लेकिन गाड़ी लैंड रोवर में आगे की तरफ नंबर प्लेट नहीं लगी है। गाड़ी का नंबर हरियाणा का है। ऐसे में शालीमार बाग वार्ड नबंर 62एन में चर्चा में आया यह मामला आप और कांग्रेस के लिये किसी त्रूब के इके से कम नहीं हैं। यही वजह है की शालीमार बाग से आम आदमी पार्टी की विधायक वंदना कुमारी बीजेपी पार्टी पर हमलावर हैं और जमकर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगा रही हैं।
जब इस मामले में बीजेपी पार्टी के प्रदेश महामंत्री हर्ष मल्होत्रा और केशव पुरम जिलाध्यक्ष से भी बात की जिन्होंने इन आरोपों को निराधार बताया और कहा की किसी की गाड़ी में साड़ी मिलना और भाजपा पार्टी के पैंपलेट और पटके होना यह साबित नहीं होता की यह भाजपा गाड़ी है।
दिल्ली।। क्या दिल्ली नगर निगम अपने सफाई कर्मचारियों को जबरन कोरोना वेक्सीन लगा रहा है। यह सवाल खड़े किये है केशव पुरम जोन के सफाई कर्मचारी की मौत ने आरोप है की 17 फरवरी को दिल के मरीज रमेश नाम के एक कर्मचारी को वेक्सीन लगाई थी। जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गयी और आज उसकी मौत हो गयी। मृतक के परिजनों और उसके साथियों का आरोप है की उसे जबरन वेक्सीन लगाने के लिए मजबूर किया। इस घटना के बाद दीपचंद बंधू हॉस्पिटल में भीड़ जमा हो गयी। आप विधायक और बीजेपी के पूर्व विधायक भी पहुंचे किसी ने जांच की बात की तो किसी ने मुआवजे की मामला चाहे जो लेकिन इस घटना के बाद से पहले से ही वेक्सिनेशन में आ रही दिक्कतें और बढ़ सकती है।
दिल्ली में दिल्ली नगर निगम के एक सफाई कर्मचारी की मौत से ये सवाल फिर फिर खड़े हो गए है। दिल्ली के केशव पुरम जोन मैं तैनात 55 वर्षीय सफाई कर्मचारी ने 17 फरवरी को वेक्सीन लगवाई थी। इसके बाद उसकी तबियत बिगड़ गयी और आज उसकी मौत हो गयी। मृतक के परिजनों का आरोप है की रमेश दिल का मरीज था और वह टिका नहीं लगवाना चाहता था। लेकिन उसके बड़ी अधिकारियों ने उस पर तरह – तरह से जबरन दबाव बनाया।जिसके चलते उसकी मौत हो गयी।
इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और उसके साथी सफाई कर्मचारियों की भीड़ दीपचंद बंधू हॉस्पिटल में जमा हो गयी मौके और माहौल को देख आम आदमी पार्टी बीजेपी नेता भी पहुंच गये। किसी ने मुआवजे की मांग की तो किसी ने दोषी जाँच कर दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। आम आदमी पार्टी ने तो निगम को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बड़े अधिकारी पहले वेक्सीन क्यों नहीं लगते ? सफाई कर्मचारी क्या टेस्टिंग टूल है ?
विधायक राजेश गुप्ता का कहना था कि अगर इनको वेक्सिनेशन करनी है तो बड़े अधिकारीयों की कराये पहले नगर निगम में सफाई कर्मचारियों कोरोना काल में बहुत काम किया। यहाँ बीजेपी के नेता नहीं है पूर्व विधायक आये थे वे भी भाग गए।
मामला तूल पकड़ता देख एमसीडी के अधिकारी भी पहुंचे और इस बात से इंकार किया की किसी को जबरन वेक्सीन लगाई जा रही है। एमसीडी अधिकारी का कहना है की किसे लगवाया जाना यह देखना डॉक्टस का काम है। इस मौके पर दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग ने मुआवजे की मांग के साथ साथ वेक्सिनेशन कार्य को रोक देने की मांग तक कर डाली।
एमसीडी के सुप्रींटेंडेड सैनिटेशन के.सी. शर्मा ने कहां कि हमने कोई जबरदस्ती नहीं की 4500 लोगों को लगानी थी लेकिन 700 लोगों को ही वेक्सीन लगा पाई है।
आपको बता दे कि इस मामले को देखते हुए दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग के चैयरमैन संजय गहलोत भी पहुंचे जिनका कहना था कि हम एक करोड़ रुपये मुआवजे और आश्रित को एमसीडी में नौकरी की मांग कर रहे है साथ ही आयोग में जाकर इस पर रोक लगाने का आदेश देंगे।
गौरतलब है की वेक्सीन लगाने के अभियान में पहले चरण में प्रथम पंक्ति के यानी डॉक्टर्स ,पुलिस और सफाई कर्मचारी कोरोना योद्धाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसे लेकर लोगों में उत्साह कितना है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है की केशव पुरम जोन में 4500 सफाई कर्मचारियों को वेक्सीन लगानी है लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद यह आंकड़ा 15 दिन में केवल 700 तक ही पहुंचा है जाहिर है एक तरफ वेक्सिनेशन को लेकर उदासीनता है तो दूसरी तरफ ज्यादा से ज्यादा वेक्सीन लगाने का दबाव है। शायद यही दबाव सफाई कर्मचारी की मौत की वजह बताई जा रही है।
दिल्ली।। गोपाल राय ने कहा कि सीलमपुर में लोगों ने हमेशा सिर्फ कांग्रेस को वोट दिया, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। सीलमपुर में जो 25 साल में काम नहीं हुआ था, वह काम आप सरकार ने 5 साल में पूरा किया। दिल्ली में अगर किसी ने काम करवाया है, तो उसका नाम अरविंद केजरीवाल है।
एमसीडी के होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर रविवार को आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व मंत्री गोपाल राय ने चौहान बांगर वॉर्ड में बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। चुनावी भाषण देते हुए गोपाल राय ने कहा कि एमसीडी का यह उपचुनाव अगले पांच साल के लिए दिल्ली का भविष्य लिखने वाला है। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह सिर्फ 5 वॉर्डों का चुनाव नहीं, बल्कि एमसीडी में 15 सालों से शासन कर रही बीजेपी के भ्रष्ट शासन को उखाड़ फेंकने का भी सेमी फाइनल है।
गोपाल राय ने कहा कि यह चुनाव कांग्रेस से नहीं, बल्कि बीजेपी से मुकाबला करने का है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अगले एक हफ्ते तक समर्पित होकर काम करने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस के चुनाव जीतने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन अगर केजरीवाल हारते हैं, तो फर्क पड़ेगा।