Friday, May 15, 2026
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इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर छूट की पेशकश

काव्या बजाज, संवाददाता

नई दिल्ली। राजधानी में लोगों को प्रदूषण से छुटकारा दिलाने के लिए दिल्ली सरकार ने छूट की पेशकश की है। उसके मुताबिक किसी भी तरह के इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद पर सरकार सब्सिडी देने जा रही है। इस बारे में 4 फरवरी को केजरीवाल सरकार ने ‘स्विच दिल्ली’ अभियान की शुरुआत की, जिसके तहत दिल्ली की जनता को कई तरह से फायदा मिल सकता है।


पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार सभी दोपहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहन पर करीब 1.5 लाख तक की सब्सिडी देगी। इस छूट का मकसद लोगों की सहायता के साथ – साथ दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण को कम करना है। राजधानी में प्रदूषण काफी  बढ़ता जा रहा है। जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि और अगर जल्द ही इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया तो हालात इससे भी बदतर हो जाएंगे।


इलेक्ट्रिक वाहनों के फायदे गिनवाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार दिल्ली में जगह – जगह पर चार्जिंग पोआइंट लगवाने की बात की, ताकि ऐसे वाहनों के इस्तेमाल में लोगों को कोई दिक्कता नहीं आए। इसके साथ – साथ उन्होंने सभी मॉल और शॉपिंग की जगहों पर भी चार्जिंग पोआइंट बनाने का अनुरोध किया है, ताकि चार्जिंग की समस्या नहीं आए।


केजरीवाल ने कहा कि सरकार हमेशा से ही दिल्ली और दिल्लीवासियों के हित में कार्य करती आई है। यह कदम भी इसी में से एक है। प्रदूषण को कम करने के लिए सभी को एक साथ मिल कर काम करना होगा। खासकर युवाओं से अनुरोध है कि वह अपना पहला वाहन खरीदें तो इलेक्ट्रिक वाहन ही खरीदें।


‘स्विच दिल्ली’ अभियान के तहत घोषणा करते समय उन्होंने बताया कि सरकार वाहन किराए पर लेती है और अपना कार्य करती है। आगे से वह 6 महीने के बाद से सिर्फ और सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन ही किराए पर लेगी।
डिस्कलेमर: आगे देखना यह होगा कि दिल्ली सरकार ने लोगों की मदद और प्रदूषण को कम करने के लिए जो कदम उठाया वह उसमें कितना कामयाब हो पाती है।

अपनी पत्रिका साप्ताहिक समाचार पत्र – अंक 06/2021

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नरेला इंडस्ट्री एरिया में टाटा पावर का नया ग्रिड

पुनीत गुप्ता, संवाददाता

दिल्ली।। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली में पाॅवर ओवर लोडिंग की समस्या के समाधान के लिए आज नव निर्मित आधुनिक 66/11 केवी ग्रिड का उदघाटन किया। केजरीवाल सरकार के लगातार प्रयासों के बाद इस ग्रिड की शुरूआत हो सकी है।

इस दौरान ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली वासियों को आज एक नया 66/11 केवी स्मार्ट पॉवर ग्रिड समर्पित किया गया है, जो पर्यावरण को बिना कोई क्षति पहुंचाए ओवर लोडिंग की समस्या हल करके विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति प्रदान करेगा। यह स्मार्ट ग्रिड शून्य मानव हस्तक्षेप के साथ एक केंद्रीकृत आटोमैटिक सिस्टम का उपयोग करता है। केजरीवाल सरकार की तरफ से लगातार किए जा रहे पर्यावरण सुरक्षा को देखते हुए इस ग्रिड में लिथियम बैटरी का इस्तेमाल किया गया है, जिसके रख रखाव में कोई खर्च नहीं है और न ही किसी एसिड की जरूरत है, जिससे केमिकल प्रदूषण को रोकने में मदद मिलेगी।

 
ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने नरेला ग्रिड सब स्टेशन पर टाटा पाॅवर डीडीएल के उद्घाटन समोराह को संबोधित करते हुए कहा कि यह ग्रिड करीब 35 साल तक चलेगा और इसके रखरखाव में कोई खर्च नहीं आएगा। आगे उन्होंने ने बताया कि कैसे शून्य प्रतिशत टैक्स कलेक्शन के बावजूद भी दिल्ली सरकार ने पूरे कोरोना काल में 70 प्रतिशत लोगो को मुफ्त में बिजली दिया है और 400 यूनिट तक बिजली आधे दाम में दिया। दिल्ली सरकार की तरफ से लगातार किए जा रहे पर्यावरण सुरक्षा को देखते हुए इस ग्रिड में लिथियम बैटरी का इस्तेमाल किया गया है, जिसमे रखरखाव में कोई खर्च नहीं है और ना ही किसी एसिड की जरूरत है जिससे केमिकल प्रदूषण को रोकने में मदद मिलेगी।

 
ऊर्जा मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली के अंदर बिजली, पानी, स्वस्थ्य और शिक्षा के लिए जो भी काम हुए हैं, उनकी तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले समय में 24 घंटे पानी देना दिल्ली सरकार के महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है। उन्होंने यमुना प्रदूषण पर कहा कि आने वाले समय में यमुना की सफाई सरकार का मुख्या काम होगा। 
नवनिर्मित इस ग्रिड से क्षेत्र में हो रहे रासायनिक प्रदूषण में भी कमी आएगी और भविष्य में विस्थापित किए जाने वाले 1000 रासायनिक उद्योगों को भी ऊर्जा की आपूर्ति पूरी हो सकेगी।

भारत सरकार की नई पॉलिसी के विरोध में आई एम ए के डॉक्टर उतरे सड़को पर

मनोज सूर्यवंशी, संवाददाता

दिल्ली एनसीआर।। नेशनल आई एम ए और स्टेट आई एम ए के आवाहन पर पूरे भारत में मिक्सौपैथी के खिलाफ एक जंग का ऐलान किया गया है। इसके तहत 1 फरवरी से 15 फरवरी तक भिन्न-भिन्न प्रकार के आंदोलन किए जाएंगे। 9 फरवरी को जगह-जगह पर कैंडल मार्च का आयोजन किया जाएगा। 6 और 7 फरवरी को  दिल्ली चलो का आयोजन किया जाएगा और दिल्ली आई एम ए हेड क्वार्टर पर डॉक्टर भूख हड़ताल करेंगे। इसके अलावा पूरे भारत में कई जगहों पर दो 2 घंटे ओपीडी बंद करने का भी निर्देश है। 


डॉ सुरेश अरोड़ा और डॉ पुनीता हसीजा ने बताया कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि अभी नवंबर में भारत सरकार ने एक नई पॉलिसी बनाई है जिसके तहत आयुर्वेद के डॉक्टरों को डिग्री देकर भिन्न भिन्न प्रकार की सर्जरी करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। डॉ करन पुनिया, स्टेट प्रेसिडेंट हरियाणा का कहना है कि हमारा यह मानना है कि इस प्रकार की अनुमति देने से मरीजों को नुकसान होने की संभावना है। एलोपैथी में जो सर्जरी डॉक्टर को एमबीबीएस और उसके बाद 3 साल की एमएस की डिग्री करने के बाद भी  कुछ और समय के एक्सपीरियंस के बाद करनी आती है, ऐसी सर्जरी करने के लिए अगर आयुर्वेद के डॉक्टर को अनुमति दी जाती है, तो यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है हम इसका विरोध करते हैं।

यहां पर यह समझना भी बहुत मुश्किल है, कि आयुर्वेद की पद्धति में अगर एलोपैथिक सर्जरी कराई जाएंगी तो इसमें बेहोश करने की व्यवस्था कैसे होगी व ऑपरेशन करने के लिए दवाएं कौन से इस्तेमाल की जाएंगी वह उन दवाओं की जानकारी इन डॉक्टरों को कैसे दी जाएगी।


हम यहां पर यह बताना चाहते है कि आइ एम ए  किसी पद्धति के खिलाफ नहीं है। हमारा यह मानना है कि आयुर्वेद, होम्योपैथी ,यूनानी व अन्य पद्धति अपने हिसाब से बहुत ही अच्छी पद्धतियां हैं हम चाहते हैं कि वह अपने विज्ञान को अच्छी तरह चलाएं, उसमें रिसर्चस करें और आगे बढ़े ।लेकिन एलोपैथी के अंदर इनका कोई मिश्रण नहीं किया जाना। चाहिए इससे दोनों ही पद्धतियों में खराबी होगी और इसके परिणाम दुर्भाग्यपूर्ण होंगे । आगे आने वाली जेनरेशंस के डॉक्टर और आम जनता के लिए यह स्थिति बहुत ही खराब है। हम सरकार से अपील करते हैं कि जल्द से जल्द इस पॉलिसी को वापस ले। 

लापता किसानों का पता लगाएगी दिल्ली सरकार

काव्या बजाज, संवाददाता

नई दिल्ली।। राजधानी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस वार्ता में घोषणा की है और कहा है कि गणतंत्र दिवस के दिन हुई हिंसा में जो भी लोग लापता है उनका पता दिल्ली सरकार लगाएगी। उनका कहना है कि हिंसा के बाद से ही काफी लोगों ने उन्हें सम्पर्क किया और बताया कि हिंसा के बाद से ही उनके कुछ साथी लापता हैं। और यह उनका दियित्व बनता है कि वह लोगों की सेवा करे जिसके लिए जनता ने उन्हें चुना है।

आपको बता दें कि किसानों के कुछ साथी और उनके समर्थन में आए लोग मुख्यमंत्री केजरीवाल से मिलने पहुँचे थे। जिसके बाद उन्होंने गुमशुदा लोगों की जानकारी दी। जिस पर केजरीवाल ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनकी मदद जरूर करेंगे।

मदद का आश्वासन देने के बाद उन्होंने प्रेस वार्ता की और कहा कि हिंसा की वजह से पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था। तो ऐसा हो सकता है कि गुमशुदा लोग इस वक्त जेल में बंद हो। जिसकी वजह से वह अपने परिवार और आंदोलन में शामिल उनके साथियों से सम्पर्क नहीं कर पाए।

इस समस्या के सामाधान और लोगों की मदद के लिए दिल्ली सरकार जेल में बंद लोगों की सूची तैयार कर रही है। जिससे पता लगाया जा सकेगा कि वह लोग जेल में बंद हैं या नहीं। और अगर इसके बाद भी उन लोगों की जानकारी नहीं मिलती तो सरकार उनकी मदद के लिए हर मुमकिन कोशिश करेगी।