Wednesday, May 6, 2026
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अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी : चुनावी हलचल के बीच शोक की लहर,पवन गुप्ता के निधन के बाद अनिल गुप्ता के भाई का निधन

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

अशोक विहार। अशोक विहार स्थित अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी के चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज़ हो गयी है। कोर्ट के दखल के बाद सोसाइटी के चुनाव 14 फरवरी को करने की घोषणा हो गयी है। हालांकि अभी मौजूदा कार्यकाणी इससे कोर्ट में चुनौती देकर कुछ और समय मांगने की अपील करने की तैयारी कर रही है। प्रधान स्व. पवन गुप्ता के आस्कमिक निधन के बाद समाज की नजरें ऐसे शख्स को तलाश रही है जो समाज और सोसाइटी की मौजूदा हालात को देखते हुए प्रधान पद के लिए उपयुक्त हो।

तमाम चर्चाओं और चिंताओं के बीच अनिल गुप्ता ( घी वाले ) वाले ग्रुप ने अपने तैयारियां शुरू कर दी है। लेकिन इसी बीच उनके छोटे भाई के आस्कमिक निधन ने अग्रवाल समाज को स्तब्ध कर दिया। महज कुछ दिन में सोसाइटी के दो मुख्य टृष्टियों के जाने पर समाज में मायूसी का माहौल है।

इस सबके बावजूद कोर्ट के आदेश की वजह से सोसाइटी में चुनाव की हलचलें भी जारी है। मौजूदा कार्यकारणी को भय है कहीं कोर्ट की अवमाना न हो जाये इसलिए चुनाव प्रक्रिया को कुछ दिन और बढ़ने की अर्जी लेकर जाने की तैयारियां भी हो रही है। अच्छी बात यह है की इतने मदभेदों की बावजूद मनभेद ने बढे इसके प्रयाश भी जारी है। इसी कर्म में सोसाइटी के महासचिव और अनिल गुप्ता के मीटिंग भी हुयी। इसमें कई प्रमुख लोग शामिल हुए। इसके दो दिन बाद ही अनिल गुप्ता के छोटे भाई की निधन से फिर मामला रुक गया है। सोसाइटी के प्रधान पवन गुप्ता के अचानक हुए निधन के बाद मौजूदा कार्यकाणी और समाज के एक बड़े तबके में की जा रही चिंता अब चर्चा में बदल गयी है। चर्चा इस बात की है की सोसाइटी की सियासत में स्व. पवन गुप्ता की जगह कौन लेगा ? कौन है ऐसा शख्स जो ऐसे समय में सोसाइटी की कमान संभाल ले जो न केवल सोसाइटी में चल रहे आर्थिक संकट से उभार सके बल्कि सभी को साथ लेकर सोसाइटी की विकास की गति को तेज़ी दे सके। तमाम चर्चाओं के बीच यह भी मानना जा रहा है की स्व. पवन गुप्ता के जाने के बाद अनिल गुप्ता ( घी वाले ) का गुट मजबूत हुआ है।

खबर है की कोर्ट द्वारा 14 फरवरी को चुनाव करवाने के आदेश के बाद अनिल गुप्ता ने अपने पैनल के कई नाम तय भी कर लिए थे। इनमें दीपक जिंदल , नरेश गर्ग का नाम तय माने जा रहे है। अनिल गुप्ता ग्रुप को भी लग रहा है कि सोसाइटी के प्रधान बनने का उनका सपना पूरा होता दिख रहा है। सोसाइटी की दिशा और दशा तय करने वाले प्रमुख लोग भी मौजूदा हालत में अनिल गुप्ता को बेहद मजबूर मान रहे है। ताज़ा हालत को देखते हुए यह तय है की कोर्ट के आदेश अनुसार 14 फरवरी तक चुनाव करना संभव नहीं है। अब अनिल गुप्ता परिवार को लगे सदमें के बाद किसी भी तरह के अग्रेसिव मूड और मॉड में समाज के लोग नहीं है। 

सोसाइटी के समक्ष कितने संकट,कैसे होगा समाधान ? 

प्रधान पवन गुप्ता और अनिल गुप्ता के भाई के निधन के बाद अशोक विहार अग्रवाल समाज शोकाकुल है। कोर्ट के आदेश है की चुनाव 14 फरवरी हो ऐसे में कोर्ट के समक्ष ताज़ा हालत और तकनिकी दिक्कतों को भी सामने रखना है ताकि चुनाव एक डेढ़ महीने आगे बढ़ सके। सोसाइटी के समक्ष यह के बड़ा संकट है।

सोसाइटी के समक्ष समाज की सियासी माहौल ही नहीं बल्कि आर्थिक संकट भी है। महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल के रिनोवेशन का काम चल रहा है। प्रधान पवन गुप्ता इस हॉस्पिटल की कायाकल्प कर इसे बेहद भव्य और उपयोगी बनाने में लगे हुए थे। हालांकि उनके विरोधी इसमें धांधलियां देख रहे थे। हॉस्पिटल के निर्माण कार्य पर कुल 11 करोड़ रुपये खर्च होने है। सूत्रों के अनुसार करीब 3 करोड़ रुपये खर्च भी हो चुकें है।

सोसाइटी का खजाना खाली हो चुका है ऐसे में बाकी 8 करोड़ का इंतजाम कौन और कैसे करेगा, यह सवाल प्रमुख ट्रष्टियों के दिल दिमाग में कौंध रहा है।अभी हॉस्पिटल का बहुत काम बाकी है। आने वाली मैनेजमेंट इसे कैसे मैनेज करेगी यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

स्कूल के स्टेडियम का भी काम 80 प्रतिशत ही पूरा हुआ है। इस पर भी संकट आता रहा है। एक शिकायत के बाद नगर निगम का दस्ता इसे तोड़ने पहुंचा था। उस समय प्रधान के साथ स्थानीय विधायक राजेश गुप्ता स्कूल पहुंच गए और पुलिस और निगम प्रशासन से भिड़ कर उसे बचा लिया। जाहिर है आने वाले प्रधान के समक्ष चुनौतियाँ कम नहीं है। सोसाइटी के विकास कार्यों के लिए पैसे का इंतजाम करना , सभी को साथ लेकर तालमेल बैठना आसान नहीं है। ऐसे में सबसे बड़ा संकट ऐसे प्रधान का चयन है जो इन संकटों से समाज और सोसाइटी को उभार सके। 

राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा एकत्र करेंगे मनोज तिवारी

काव्या बजाज, संवाददाता

नई दिल्ली। भाजपा सांसद मनोज तिवारी अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के लिए चंदा इकट्ठा करेंगे। इसके लिए अपने संसदीय क्षेत्र में वे एक फरवरी को रथ यात्रा निकालने वाले हैं। इस बारे में मनोज तिवारी ने बताया कि फरवरी में ‘श्री राम मंदिर निर्माण निधि अभियान’ की शुरुआत होगी जिसमें उनके साथ सभी कार्यकर्ता लोगों के घर – घर जाकर इस अभियान को अंजाम देंगे।

उनका कहना है कि उन्होंने फिलहाल चंदे की रकम का कोई लक्ष्य तय नहीं किया है, लेकिन मंदिर निर्माण के लिए वह पूरी जद्दोजहद से काम करेंगे। हिन्दू धर्म के लोगों का सपना रहा है कि वह अपनी आँखों के सामने मंदिर बनता देखे। काफी अड़चनों के बाद सभी का यह सपना पूरा होने जा रहा है, जिसकी वजह से लोग निर्माण के लिए अपना योगदान देने के लिए काफी उत्सुक हैं। इस कार्य में तिवारी ने अपने जन्म दिन से रथयात्रा निकाल कर पूरा करने की योजना बनाई है। 

विधायक शिवचरण गोयल ने किया क्लस्टर क्षेत्र में पीने के पाईप लाईन का उद्घाटन

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

कीर्ति नगर। मोती नगर विधानसभा के विधायक शिवचरण गोयल द्वारा क्लस्टर क्षेत्र  के 8 /35 कीर्ति नगर में फोर्स संस्था के सहयोग से पानी के पीने की पाईप लाईन का उद्घान नारियल अर्पण कर के किया। जिसमे संस्था की क्षेत्र अध्यक्षा जसविन्दर कौर ने विधायक का माला और टिका लगाकर उनका स्वागत किया।

विधायक ने सभी को सम्बोधित करते हुए कहाँ की संस्था पहले भी क्षेत्र में कई तरह के कार्य जैसे साफ़-सफाई, पीने का साफ पानी के कार्यक्रम करती रहती है। आप लोगों के लिए क्षेत्र में पानी के ट्यूबबेल, शौचालय, वाई-फाई, नालिया आदि के कार्य किये जा चुके है। आने वाले समय में भी कई तरह के विकास योजना दिल्ली सरकार द्वारा होने बाकि है।

कुछ जगह पर पीने के पानी की व्यवस्था ना होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। मामला विधायक के संज्ञान में आते ही उन्होंने जल बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दे कर इस कार्य को पूरा करने को कहां। इस पानी की पाईप लाईन बिछ जाने से हजारों परिवारों को पानी उपलब्ध हो सकेगा।

सभी लोगों ने विधायक का आभार प्रकट किया। उद्घाटन में मोती नगर विधानसभा के अध्यक्ष अमरजीत सिंह सोढ़ी भी मौजूद थे। इसी के साथ-साथ वार्ड  100 अध्यक्ष मुनीश ढींगरा और आम आदमी पार्टी के सभी कर्मठ कार्यकर्त्ता उपस्थित थे।  

सिग्नल ने अपनाया व्हाट्सएप का कस्टम वॉलपेपर फीचर

नेहा राठौर, संवाददाता

पूरी दुनिया में व्हाट्सएप की नई प्राइवसी पॉलिसी को लेकर चल रहे विवाद के बाद सिग्नल इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप के डाउनलोड्स पिछले कुछ दिनों में काफी बढ़े है। विवाद के बाद लाखों व्हाट्सएप युजर्स ने सिग्नल मैसेजिंग ऐप को अपनाया है। अपने युजर्स के लिए सिग्नल ने व्हाट्सएप के कई फीचर्स जोड़ने शुरू किए है ताकि यूजर्स को इस ऐप को इस्तेमाल करने में अटपटा महसूस न हो या कोई परेशानी का सामना ना करना पड़े। सिग्नल ने व्हाट्सऐप के कई लोकप्रिय फीचर में से एक कस्टम वॉलपेपर फीचर को अपने ऐप से जोड़ा लिया है। इस फीचर के मदद से यूज़र अपने चैट विंडो में कसटमाइज्ड वॉलपेपर लगा सकेंगे।

इस महीने की शुरूआत में ही सिग्नल ने घोषणा की थी कि जल्द ही इस प्लेटफॉर्म में वॉलपेपर और एनिमेटेड स्टीकर जैसे कुछ नए फीचर जोड़े जाएंगे। इन फीचर्स को सिग्नल के बीटा वर्जन में देखा गया है। इन फीचर को जल्द ही स्टेबल वर्जन में भी रोल आउट किया जाएगा। इन नए फीचर के बारे में Android Police ने बताया है। कोई भी यूजर अपने चैट विंडो में कस्टम वॉलपेपर को जोड़ सकता है।

फीचर का इस्तेमाल

सिग्नल पर चैट विंडो में इस नए कस्टम वॉलपेपर फीचर को जोड़ने का तरीका

·        सिग्नल बीटा यूज़र ऐप की सेटिंग्स में जाएं। 

·        इसके बाद Appearance पर टैप करें।

·        आपको Chat Wallpaper का विकल्प मिलेगा।

·        इस पर टैप करके आप किसी चैट के लिए कस्टमाइज्ड वॉलपेपर को सेट कर सकते हैं।

अगर आपको किसी अलग या खास चैट के लिए कस्टमाइज्ड वॉलपेपर को लगाना है तो इसके लिए भी विकल्प मौजूद है। बस आपको उनके नाम पर जाना है जिनके चैट पर आपको वॉलपेपर का ऑप्शन पर टैप करना है, उसके बाद आप उसपर अपनी पसंद के वॉलपेपर लगा सकते हैं।

इस ऐप पर कुल मिलाकर 21 चैट वॉलपेपर जोड़े गए हैं, जिनमें 12 सॉलिड कलर और 9 ग्रेडिएंट कलर वाले वॉलपेपर है। यूजर्स अपने फोन की गैलरी या कैमरा इन दोनों में से किसी का भी इस्तेमाल करके खुद से वॉलपेपर बनाकर भी लगा सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस फीचर के अलावा सिग्नल ने ऐनिमेटेड स्टीकर्स का फीचर भी जोड़ा है। इस बीटा वर्जन में 24 नए पैक जोड़े गए है।

सामुदायिक भवनों को निजी हाथों में सोंपने की तैयारी में बीजेपीः मुकेश गोयल

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

नई दिल्ली।। उत्तरी दिल्ली नगर निगम में कांग्रेस दल के नेता और वरिष्ठ निगम पार्षद मुकेश गोयल ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम के बजट को मुंगेरी लाल के हसीन सपनों जैसा बताया है। उन्होंने कहा कि शनिवार को पेश किये गए बजट में स्थायी समिति अध्यक्ष छैल बिहारी ने निगम के सामुदायिक भवनों को निजी हाथों में सोंपने का प्रस्ताव कर दिया है। इससे आम नागरिकों की ब्लैकमेलिंग शुरू हो जाएगी।


मुकेश गोयल ने कहा कि स्थायी समिति अध्यक्ष ने सामुदायिक भवनों से संबंधित प्रस्ताव में विपक्ष की सहमति की बात कही है। लेकिन कांग्रेस दल के साथ सत्ता पक्ष के नेताओं ने इस विषय में कोई बात नहीं की है। उन्होंने यदि आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष के साथ इसकी सहमति ले ली हो तो अलग बात है। इस तरह के प्रस्ताव पहले भी लाए जा चुके हैं और विपक्ष के दबाव में उन्हें वापस लिया गया था।


मुकेश गोयल ने आगे कहा कि निजी संगठन नगर निगम के सामुदायिक भवनों को विभिन्न बहानों से लेने के बाद इन भवनों की बुकिंग के लिए भारी मुनाफा वसूली करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी पहले सिविक सेंटर के किराये को भी नकार रही थी। लेकिन कांग्रेस द्वारा सदन बनाये गये दबाव के बाद अब बजट में सिविक सेंटर का 2477 करोड़ रूपये जोड़ दिया गया है।


मुकेश गोयल ने कहा कि स्थायी समिति अध्यक्ष ने बजट में पार्षद निधि में डेढ़ करोड़ रूपये और अर्बन व रूरल विलेज के लिए भी 50-50 लाख रूपये आबंटित करने का प्रस्ताव किया है। जबकि वास्तविकता यह है कि पिछले एक साल में निगम पार्षदों को क्षेत्रीय विकास के लिए एक रूपया भी जारी नहीं किया गया है।