Saturday, May 2, 2026
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संगठन सृजन अभियान: वजीरपुर में कांग्रेस की जिला स्तरीय बैठक, जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की कवायद

नई दिल्ली(दिल्ली दर्पण ब्यूरो): देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस अपने अब तक के सबसे बड़े संकट से उबरकर फिर से उसी गौरवशाली मुकाम को हासिल करने की कोशिश में जुट गई है, जिस पर वह दशकों तक काबिज रही। इसी कड़ी में बुधवार को वजीरपुर में ‘आदर्श नगर जिला कांग्रेस’ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा पार्टी को ‘ऊपर से नीचे’ (Top-to-Bottom) के बजाय ‘नीचे से ऊपर’ (Bottom-to-Top) के सिद्धांत पर मजबूत करना रहा। पार्टी का मानना है कि बूथ, ब्लॉक और जिला स्तर पर नए और सक्रिय नेतृत्व की पहचान करके ही एक अभेद्य ढांचा तैयार किया जा सकता है।

इस बैठक में विशेष रूप से पहुंचे मध्य प्रदेश से सांसद और प्रभारी डॉ. अशोक सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने इस दूरदर्शी अभियान के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान पार्टी की जड़ों को सींचने का काम करेगा। बैठक में जिले के अंतर्गत आने वाले पूर्व विधायक, पूर्व पार्षद, जिला और ब्लॉक स्तर के तमाम दिग्गज नेता शामिल हुए। जिला पर्यवेक्षक और पूर्व मंत्री डॉ. नरेंद्र नाथ ने इस दौरान सभी नेताओं को अभियान की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपसी रायशुमारी और संवाद के जरिए संगठन को सशक्त बनाना ही प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जमीन पर काम करने वाला कार्यकर्ता ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है और उन्हीं के दम पर यह बदलाव मुमकिन है।

गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी द्वारा 2025 में शुरू किया गया ‘संगठन सृजन अभियान’ अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच गया है। पार्टी के दिग्गज नेता के.सी. वेणुगोपाल व्यक्तिगत रूप से इस अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। कांग्रेस की नजर अब 2027 तक होने वाले विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों और स्थानीय निकाय चुनावों पर टिकी है। दिल्ली के संदर्भ में भी यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि नगर निगम चुनाव नजदीक हैं। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव के नेतृत्व में पार्टी अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। अब देखना यह होगा कि संगठन को धार देने की यह कवायद चुनावों में कितनी कामयाब साबित होती है।

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Wazirpur Murder Case: ‘ना बंटेंगे, ना कटेंगे’ के नारों से गूंजा इंडस्ट्रियल एरिया, हिंदू संगठनों ने निकाला मशाल मार्च

राजेंद्र स्वामी, दिल्ली दर्पण ब्यूरो

नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में हुई एक युवक की बेरहमी से हत्या के बाद इलाके में तनाव के साथ-साथ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। 15 अप्रैल को ‘दिल्ली दर्पण टीवी’ की रिपोर्ट के अनुसार, संतोष नाम के एक युवक की मछली मार्केट में चाकू गोदकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के विरोध में अब विभिन्न हिंदू संगठनों और स्थानीय निवासियों ने एकजुट होकर न्याय की मांग तेज कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

संतोष, जो मूल रूप से नेपाल का निवासी था और वजीरपुर की एक स्टील फैक्ट्री में काम करता था, उसकी दो दिन पहले सरेआम हत्या कर दी गई थी। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि संतोष एक बेहद शरीफ और मेहनती युवक था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस हत्या के पीछे के कारणों को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।

हिंदू संगठनों का हुंकार और मशाल मार्च

बुधवार को वजीरपुर की गलियों में भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए और संतोष के लिए न्याय की मांग करते हुए एक विशाल मशाल मार्च निकाला। मार्च के दौरान “ना बंटेंगे, ना कटेंगे” और “एक हैं तो सेफ हैं” जैसे नारे गूंजते रहे।

बजरंग दल और अन्य हिंदूवादी संगठनों के नेताओं ने इस घटना को ‘टार्गेट किलिंग’ करार देते हुए इसे समुदाय विशेष की सोची-समझी साजिश बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दिल्ली के अलग-अलग इलाकों (जैसे उत्तम नगर और वजीरपुर) में हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नशे और सट्टे के कारोबार पर सवाल

रिपोर्ट के दौरान स्थानीय लोगों ने वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में फल-फूल रहे अवैध नशे और सट्टेबाजी के कारोबार पर भी गहरी चिंता जताई। लोगों का आरोप है कि इलाके में सक्रिय नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों के कारण आए दिन चाकूबाजी और हत्या जैसी वारदातें हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि केवल गिरफ्तारी काफी नहीं है, बल्कि अपराधियों को फांसी की सजा दी जाए।

भारी पुलिस बल तैनात

प्रदर्शन को देखते हुए पूरे वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, संतोष के परिजनों का कहना है कि उन्हें न्याय की उम्मीद तो है, लेकिन मन में डर और असुरक्षा का भाव भी बना हुआ है।

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दिल्ली में ‘खूनी’ मेहंदी: दूल्हे की सनकी प्रेमिका ने होने वाली दुल्हन पर फेंका तेजाब; शादी से 4 दिन पहले खुशियां मातम में बदलीं

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के गोकलपुरी इलाके से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक घर में चल रहे मेहंदी के जश्न के बीच दूल्हे की ‘गर्लफ्रेंड’ ने होने वाली दुल्हन पर तेजाब फेंककर उसकी जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश की। इस हमले में 21 साल की शबनम बुरी तरह झुलस गई है, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

खुशियों के बीच अचानक मची चीख-पुकार

जानकारी के मुताबिक, तिरपाल फैक्ट्री वाली गली (गोकलपुरी) में शबनम के घर पर मेहंदी की रस्म चल रही थी। 19 अप्रैल को उसकी शादी होनी थी और घर में मेहमानों की चहल-पहल थी। मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे, जब शबनम के हाथों में मेहंदी लग रही थी, तभी पड़ोस में रहने वाली गुलिस्ता (26) वहां पहुंची। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, लेकिन अचानक गुलिस्ता ने अपने पास छिपाई हुई तेजाब की बोतल निकाली और शबनम के चेहरे पर उड़ेल दी।

तेजाब फेंकने वाली आरोपी गुलिस्ता

5 साल का ‘इश्क’ और खौफनाक साजिश

पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी गुलिस्ता उस युवक से प्यार करती थी जिससे शबनम की शादी होने वाली थी। दोनों पिछले पांच सालों से रिश्ते में थे। जब गुलिस्ता को पता चला कि उसका प्रेमी किसी और से शादी कर रहा है, तो वह ईर्ष्या और गुस्से की आग में जलने लगी। पुलिस का मानना है कि उसने पूरी साजिश के तहत तेजाब की बोतल अपने पास रखी थी और सही मौके का इंतजार कर रही थी।

चेहरा, गर्दन और हाथ बुरी तरह झुलसे

तेजाब के हमले से शबनम की आंखों, चेहरे, गर्दन और हाथों पर गहरे जख्म हुए हैं। दर्द से तड़पती शबनम को तुरंत गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर लेकिन गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की एक टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है।

आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजी गई

हमले के तुरंत बाद वहां मौजूद परिजनों ने भागने की कोशिश कर रही गुलिस्ता को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसिड की बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद आरोपी ने तेजाब कहां से और किससे खरीदा।

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AAP में बड़ी बगावत? प्रियंका कक्कड़ का राघव चड्ढा पर सनसनीखेज आरोप: “BJP से मिलकर करवाई सांसद के घर ED रेड”

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) की प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांसद राघव चड्ढा पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। कक्कड़ ने दावा किया कि पंजाब से AAP सांसद अशोक मित्तल के घर पर हुई हालिया ED की छापेमारी के पीछे असल में राघव चड्ढा का हाथ है। उनके अनुसार, राघव चड्ढा ने हाल ही में भाजपा नेताओं के साथ एक गुप्त बैठक की थी, जिसमें उन्होंने अशोक मित्तल को निशाना बनाने और उनके यहाँ रेड करवाने की साजिश रची। कक्कड़ ने इस कदम को पार्टी के साथ बड़ी “गद्दारी” और “पीठ में छुरा घोंपने” जैसा बताया है।

इन आरोपों के पीछे की वजह बताते हुए प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि राघव चड्ढा, अशोक मित्तल से राज्यसभा में ‘डिप्टी लीडर’ का पद मिलने के कारण नाराज थे, क्योंकि यह पद पहले चड्ढा के पास था। उन्होंने आगे दावा किया कि इस गुप्त समझौते के बदले में राघव चड्ढा ने अपने लिए केंद्र सरकार से ‘Z+’ श्रेणी की सुरक्षा मांगी थी, जो अब उन्हें मिल भी गई है। प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि जनता के करोड़ों रुपये आखिर ऐसे नेता की सुरक्षा पर क्यों खर्च किए जा रहे हैं, जबकि उनकी अपनी सरकार (पंजाब) ने उनका थ्रेट परसेप्शन देखते हुए सुरक्षा में बदलाव किए थे।

पार्टी की ओर से कड़ा रुख अपनाते हुए कक्कड़ ने कहा कि जिस अरविंद केजरीवाल ने एक साधारण कार्यकर्ता को सड़क से उठाकर संसद तक पहुँचाया, उसी नेता ने आज पार्टी के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी के सिपाही भाजपा की इन जांच एजेंसियों और जेल की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। यह पूरी घटना आम आदमी पार्टी के भीतर चल रहे गहरे मतभेदों और सत्ता संघर्ष को उजागर करती है, जिसने अब एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है।

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वजीरपुर: PM मोदी के ‘स्वाभिमान अपार्टमेंट’ में माफिया का आतंक, RWA प्रधान और बुजुर्ग पिता पर जानलेवा हमला

राजेंद्र स्वामी, दिल्ली दर्पण ब्यूरो

नई दिल्ली, वजीरपुर: राजधानी के वजीरपुर स्थित स्वाभिमान अपार्टमेंट में खौफ और गुंडागर्दी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले इन फ्लैट्स में रहने वाले लोग आज गुंडों के आतंक के साये में जीने को मजबूर हैं। हाल ही में, इलाके के एक घोषित अपराधी और उसके गैंग ने RWA (Residents Welfare Association) के प्रधान और उनके परिवार पर उस वक्त हमला कर दिया, जब वे अंबेडकर जयंती की तैयारियों में जुटे थे।

क्या है पूरा मामला?

घटना 12 अप्रैल की रात की है। RWA प्रधान अरविंद कुमार के अनुसार, वे अपनी टीम के साथ अपार्टमेंट में उत्सव के लिए चंदा इकट्ठा कर रहे थे। इसी दौरान ‘W-गैंग’ के एक गुर्गे, जिसका नाम ‘मोती’ (असली नाम अभिषेक कुमार) बताया जा रहा है, ने नशे की हालत में उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।

आरोप है कि हमलावर ने मौके पर अपने 50 से 100 साथियों को बुला लिया और पूरी टीम पर धावा बोल दिया। अरविंद कुमार पर चाकू से हमला करने की कोशिश की गई, लेकिन जब वे बच निकले, तो दंगाइयों ने उनके बुजुर्ग पिता को पकड़कर बेरहमी से पीटा। इस हिंसा में कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

पीड़ितों का सीधा आरोप है कि घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी अशोक विहार थाना पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। स्थानीय निवासियों का कहना है कि:

  • सबूतों की अनदेखी: CCTV फुटेज और वीडियो सबूत होने के बावजूद अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।
  • मिलीभगत का शक: पीड़ितों का कहना है कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने के बजाय उन्हें ही डरा-धमका रही है।
  • धमकी का सिलसिला: आरोपी अब शिकायत वापस लेने के लिए पीड़ितों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।

“सम्मान से जीने का सपना बना दुस्वप्न”

स्वाभिमान अपार्टमेंट में रहने वाली महिलाओं और युवाओं में भारी रोष है। एक महिला निवासी ने रोते हुए बताया, “PM मोदी ने हमें ये घर इसलिए दिए थे ताकि हम झुग्गी से निकलकर सम्मान और सुरक्षा के साथ रह सकें, लेकिन यहां तो दिन-दहाड़े मोबाइल छीने जाते हैं और नाबालिग बच्चों के हाथ में हथियार थमा दिए गए हैं।”

निवासियों का आरोप है कि इलाके में सट्टा और नशे का कारोबार फल-फूल रहा है और पुलिस सब जानते हुए भी मौन है। अब सवाल यह उठता है कि क्या दिल्ली पुलिस इन असुरक्षित नागरिकों को इंसाफ दिला पाएगी या यह ‘स्वाभिमान’ गुंडागर्दी की भेंट चढ़ जाएगा?

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