Monday, May 4, 2026
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शटर तोड़ कैश लेकर फरार चोर

मनोज सूर्यवंशी

फरीदाबाद। एनआईटी फरीदाबाद की संजय कलोनी में चोरों ने एक दुकान को निशाना बनाते हुए उसका शटर तोड़ कर उसके अंदर रखे  कैश पर हाँथ साफ कर दिया। पीड़ित दुकानदार के मुताबिक घटना चार पाँच दिन पहले की है घटना को अंजाम देने वालो चोरों की तस्वीरें वहाँ लगे सीसीटीवी कैमरे कैद हुई है। जिसके बाद दुकानदार ने घटना की सूचना संजय कलोनी पुलिस चौकी में जाकर दी लेकिन चार पाँच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं की है।

सीसीटीवी मैं कैद हुई तस्वीरें एनआईटी फरीदाबाद की संजय कॉलोनी की है बता दें की संजय कॉलोनी में स्थित एक दुकान में बीते चार-पांच दिन पहले चोरों ने दुकान का शटर तोड़कर उसमें रखे कुछ कैश पर हाथ साफ कर दिया था। जिनकी तस्वीरें वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई  थी। पीड़ित दुकानदार के मुताबिक उसे सुबह उनके सामने रहने वाले एक शख्स ने फोन कर उसे सूचना दी कि उसकी दुकान में चोरी हो गई है। जिसके बाद में मौके पर पहुंचा तो दुकान का शटर टूटा हुआ था और दुकान के अंदर रखा कुछ कैश गायब था। जिसकी सूचना उसने संजय कॉलोनी पुलिस चौकी में जाकर की थी लेकिन चार-पांच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।

दुकानदार के आरोप के बाद पुलिस का कहना है कि उन्होंने इस मामले में पीड़ित के बयान पर मामला दर्ज कर लिया है। जिसके साथ – साथ आरोपियों को खोजने के लिए जांच की शुरूआत कर दी गई है।

ज्योतिष विज्ञानी डा. शीशम बंसल अग्रवाल की पुस्तक “ओ३म” ब्रह्मांड का नाद पुस्तक का विमोचन

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

नई दिल्ली। हमारी संस्कृति में ‘ओ३म; का बहुत महत्व है। लेकिन यह क्या है, इसकी उपयोगिता क्या है और कैसे यह मानव जीवन में बड़ा परिवर्तन लाकर लाभ पहुंचा सकता है, इस विषय पर आज की पीढ़ी और युग में गहन जानकारी का आभाव है। अब इस विषय ‘ऊँ’ पर बहुत गहन रिसर्च के बाद एक पुस्तक का प्रकाशन हुआ है। प्रसिद्ध ज्योतिष विज्ञानी डॉ. शीशम बंसल द्वारा नव प्रकाशित इस पुस्तक “ओ३म” ब्रह्मांड का नाद, का विमोचन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री इंद्रेश ने दिनांक 17 जनवरी  कांस्टीट्यूशन क्लब के स्पीकर हाॅल में दोपहर तीन बजे किया जाना है।  


भारत प्रकाशन के डायरेक्टर श्री बिहारी लाल सिंघल के संयोजन में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. नन्द किशोर गर्ग, संस्थापक अध्यक्ष, महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय करेंगे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद मनोज तिवारी होंगे। इस अवसर पर शिवली कालेज, आजम गढ की संस्कृत विभागाध्यक्ष डा. शाहीन जाफरी और सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के डा. भंते अनंदमाथोरो उपस्थिति रहेंगे और ॐ पर परिचर्चा में भाग लेंगे।

पुस्तक “ओ३म” ब्रह्मांड का नाद की लिखिका डा. शीशम बंसल एक विख्यात एस्ट्रोलोजर, टैरोट कार्ड रीडर, न्यूमरोलोजिस्ट, होलिस्टिक हीलर, वास्तुु सलाहकार, टेरो कार्ड रीडर और टीचर हैं। विगत 18 वर्षों से मनोगत विज्ञान को समर्पित डा. शीशम ने सफलतापूर्वक अनेक लोगों के जीवन में बदलाव लाने में मदद की है। जीवन के सभी क्षेत्रों के लोग अपने कष्टों के निवारण के लिए उनसे संपर्क करते हैं। देश के तमाम राष्ट्रीय टेलीविजन चैनलों पर डा. शीशम लाखों दर्शकों को ज्योतिषीय सलाह देती रहती हैं। वह भारत में ही नहीं, अमेरिका, ब्रिटेन, ईस्ट एशिया देशों में बैठे लोगों को भी अपनी अमूल्य ज्योतिषीय सलाह देती रहती हैं।


ज्योतिष के क्षेत्र में उनका अपूर्व योगदान है। माण्डूक्य उपनिषद एवं ईशोपनिषद, वैदिक ज्योतिष, पराशर ज्योतिष, अंक ज्योतिष, रैकी, रत्न शास्त्र आदि सात विषयों में डाक्ट्रेट डा. शीशम को ज्योतिष क्षेत्र के प्रतिष्ठित सम्मान और पुरस्कार प्राप्त किए हैं। वह एस्ट्रोलोजी डाक्ट्रेट में गोल्ड मेडलिस्ट हैं। इसके अतिरिक्त बेस्ट एस्ट्रोलोजर अवार्ड, यूनिवर्सिटी आफ ज्योतिष पीठ द्वारा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड, यंग अचीवर्स अवार्ड, कनाडा चैप्टर द्वारा बेस्ट रेकी हीलर अवार्ड भी प्राप्त किए।


विभिन्न आध्यात्मिक पंथों से जुड़ीं डा. शीशम अनेक पत्रिकाओं में लेखन कर रही हैं। मुख्यतौर पर वह मनोगत विज्ञान से संबंधित विषयों पर लिखती रहती हैं। वह अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका मेंटर की एक्सपर्ट ग्राफोलोजिस्ट अर्थात विशेषज्ञ हस्तरेखा विज्ञानी के रूप में सहयोगी हैं।
डा. शीशम ने स्वाभाविक रूप से अयूर अंकशास्त्र की कला का बीड़ा उठाया है, जहां वह अंकशास्त्र के साथ प्रकृति, भविष्य और स्वास्थ्य की सटीकता के साथ संपूर्ण नाड़ी विश्लेषण करती हैं।


उन्हें अंकशास्त्र में जन्म की तारीख के माध्यम से संपूर्ण कुंडली बनाने में भी महारत हासिल है।
आपसे निवेदन है इस विमोचन समारोह को कवर करने हेतु अपने समाचार संस्थान ,टीवी न्यूज चॅनेल का प्रतिनिधि नियुक्त करने की कृपा करें।  

डाइट और एससीइआरटी का पुनर्गठन करेगी दिल्ली सरकार

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का एक और कदम उठाने जा रही है। अब सरकार ने राज्य शिक्षण अनुसंधान परिषद एवं प्रशिक्षण यानी एससीइआरटी और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान यानी डाइट का पुनर्गठन करने जा रही है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि सरकार राज्य शिक्षण अनुसंधान परिषद एवं प्रशिक्षण, एससीइआरटी और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, डीआइइटी के पुनर्गठन की दिशा में अहम कदम उठा रही है।

एससीइआरटी और डीआइइटी के पुनर्गठन पर शिक्षा विभाग का जिम्मा संभाल रहे सिसोदिया ने कहा कि हमें ऐसे शिक्षक तैयार करने हैं जो हमारे बच्चों में अन्वेषणशीलता की आदत डाल सकें और कक्षाओं में सवाल करने के लिए उन्हें सशक्त बना सकें। बच्चों में सच जानने का साहस होना चाहिए।

सिसोदिया ने कहा कि सिर्फ शिक्षक ही हमारे समाज को बदल सकते हैं। इसलिए यह अहम है कि हमारे शिक्षकों के मन में सही भावना बैठाई जाए। हम इस शिक्षक प्रशिक्षण के जरिए ही इसे हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार एससीइआरटी और डीआइइटी का पुनर्गठन करने के लिए अहम कदम उठा रही है। शिक्षा में एक देश की उन्नति उसके शिक्षकों के प्रयासों पर निर्भर करती है। यह उन देशों में होता है जिनकी गुणवत्तापूर्वक शिक्षा प्रणालियों के लिए सराहना की जाती है और इसलिए उन देशों ने अपने शिक्षकों के विकास और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने बीते कुछ सालों में शिक्षकों के प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया है जिनमें एससीइआरटी में शिक्षकों के पद एवं वेतनमान बढ़ाना शामिल है। उन्होंने कहा कि उन्हें यूजीसी का वेतनमान दिया गया है।सिसोदिया ने कहा कि देश में दिल्ली ही एक ऐसा राज्य है जहां एससीईआरटी को यह वेतनमान और सम्मान दिया गया है। एससीईआरटी के पद 509 से बढ़ाकर 1295 किए गए हैं।

शालीमार बाग में डीडीए के नोटिस से लोग हुए परेशान

शिवानी मोरवाल, संवाददाता

नई दिल्ली। कुछ महीने पहले ही दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट का एक फरमान आया था, जिसमें साफ तौर पर कहा गया था कि दिल्ली में रेलवे ट्रेक के पास की जितनी भी झुग्गियां और अवैध निर्माण की कालोनियां बसी हुई हैं, उन्हें तोड़ दिया जाये। उसके बाद उनमें रहने वाले सभी निवासियों के मन में मकान तोड़े जाने की आशांक बन गई थी। बचाव को लेकर लोगों ने गुहार लगाई। उन्होंने अपनी परेशानी सुप्रीम कोर्ट को बताई। कोर्ट ने भी झुग्गियों को तोड़ने की तरीख आगे बढ़ा दी। उसके बाद शालीमार बाग में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जिसने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।

इस बार फरमान सुप्रीम कोर्ट की तरफ से नहीं, बल्कि डीडीए यानी दिल्ली विकास प्रधिकरण की तरफ शालीमार बाग की एओ ब्लाक की अवैध कालोनियों के लिए आया है।  वहां की एक दीवार पर नोटिस चिपका दी गई है। उसके साथ वहां रहने वाले हजारों लोगों की नामों की सूची भी है। इस बारे में जब दिल्ली दर्पण टीवी ने तहकीकात की तब पाया उस नोटिस और लिस्ट की वजह से लोग परेशान हो गए हैं। उन्होंने बताया कि वे इस इलाके की झुग्गियों में 2 से 3 साल पहले सर्वे किया गया था। जिसमें सभी लोगों के आधार कार्ड और पहचान पत्र को देखते हुए नाम लिखा गया था। उसके बाद ही यह नोटिस यहां लगाया गया है।

कुछ लोगों ने बताया कि नोटिस अनुसार जो लोग 2012 के पहले से रह रहे हैं, वे यहां सुरक्षित हैं। उसके बाद के समय रहने वाले लोगों को अपना घर छोड़कर जाना होगा। ऐसे में इस नोटिस ने लोगों को दुविधा में डाल दिया है। कुछ लोगों की यह भी शिकायत है कि उनके नाम गलतियां हैं। कई लोगों के नाम और पते में गलतियां हैं। उन्हें वे पीतमपुरा के सर्वे में सेंटर आकर ठीक करवाने को कहा गया है।

इस वजह से लोग परेशान हो गए हैं कि जब उनका नाम लिस्ट में है और उसमें गलतियों को सुधारने के लिए सरकारी कार्यालय के चक्कर क्यों लगाने के लिए क्यों कहा जा रहा है। वे अपना रोज का कामधंघा छोड़कर कैसे जा सकते हैं? वैसे ही लॉकडाउन की वजह से उनके कामकाज प्रभावित हो चुके हैं। उपर से यह नई मुसिबत आ गई है। जिनके नाम नहीं हैं वे कुछ ज्यादा ही परेशान हो गए हैं। वे भी गुस्से में हैं। उनका कहना है अगर  झुग्गियां खाली करवाई जाती है तो हम चुप नहीं बैठेगें हम सड़को पर उतरेंगे और दिल्ली वालों को अपनी ताकत दिखायेंगे कि एक इंसान अपना घर बचाने के लिए किस हद तक जा सकता है।

भारतीय सेना दिवस पर सेना ने रखी एक नई थीम-विजय रन

नेहा राठौर 

सेना दिवस, भारतीय सेना के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज ही के दिन लेफ्टिनेंट जनरल केएम करियप्पा ने 15 जनवरी 1949 में भारत के अंतिम भारतीय सेना के जनरल फ्रांसिस बुचर से सेना के पहले कमांडर.इन.चीफ के रूप में कार्य भार संभाला था। वह फील्ड मार्शल के पांच सितारा रखने वाले दो अधिकारियों में से एक थे और दूसरे अधिकारी सैम मानेकशॉ थे। करियप्पा ने उस दौरान जय हिंद का नारा अपनाया था, जिसका मतलब था भारत की जीत। इस दिन को भारत में हर साल सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के साथ साथ सभी मुख्यालयों में परेड और अन्य सैन्य कार्यक्रमों के रूप में मनाया जाता है । 2021 को 73वां भारतीय सेना दिवस नई दिल्ली में मनाया जाएगा। यह दिन उन सभी बहादुर सैनिकों को देश की तरफ से एक सलाम है जो देश और इसके नागरिकों की रक्षा के लिए अपनी जान का बलिदान देने से एक बार भी नहीं कतराए।

सेना दिवस पर बदलाव का सिलसिला
इस दिन देश भर में समारोह होते है और उन्हीं समारोह के दौरान दिल्ली छावनी के करियप्पा परेड मैदान में मुख्य सेना दिवस परेड का आयोजन किया जाता है। इन समारोह में सैनिकों को वीरता पुरस्कार और सेना पदक से भी सम्मानित किया जाता है। इन परेड में परमवीर चक्र और अशोक चक्र पुरस्कार विजेता हर साल हिस्सा लेते हैं। इस समारोह में सैन्य हार्डवेयर, कई टुकड़ी और एक लड़ाकू प्रदर्शनी भी परेड का एक अहम भाग है। समय के साथ साथ भारतीय सेना में भी कई बदलाव देखने को मिले हैं। पहले महिलाओं को परेड की कमान संभालने का अवसर नहीं दिया जाता था लेकिन 2020 में पहली बार एक महिला तानिया शेरगिल ने आर्मी डे पर परेड की कमान संभाली थी। हर साल इस दिन को अलग अलग विषयों और विचारों के साथ मनाया जाता है। जैसे 2020 में भारतीय सेना दिवस की थीम डिफेंस का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन थी। लेकिन इस साल कुछ अलग और नई थीम को लिया गया है इस साल भारतीय सेना ने 1971 में पाकिस्तान पर भारत की शानदार जीत के लिए स्वर्णिम विजय वर्ष समारोह मनाने के लिए एक मैराथन यानी विजय रन का आयोजन किया गया है।