Sunday, May 3, 2026
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फरीदाबाद में बिजली कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

मनोज सूर्यवंशी, संवाददाता 

दिल्ली एनसीआर।। आज बिजली निगम द्वारा कर्मचारियों पर ऑनलाइन तबादला नीति को जबरन थोपे जाने के विरोध में हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर यूनियन ने समस्त प्रदेश में बिजली दफ्तर कार्यालयों पर इकट्ठा होकर अपना विरोध दर्ज करवाते हुए बिजली कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया।

इसी कड़ी में ओल्ड फरीदाबाद से प्रधान लेखराज चौधरी व जयभगवान अन्तिल की मौजूदगी में सबडिवीजन मथुरा रोड, सबडिवीजन तिलपत, सबडिवीजन वेस्ट और सबडिवीजन नम्बर-4 व ईस्ट पर निगम मैनेजमेन्ट के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब यूनियन के प्रदेश प्रधान बिजेन्दर बेनीवाल व प्रदेश महासचिव सुनील खटाना से निगम प्रबन्धक की बातचीत इस पॉलिसी के मसौदे पर हो गयी थी और कहां गया था कि फिलहाल इसपर रोक लगाकर इसकी खामियों को यूनियन के साथ बैठकर दूर किया जाएगा । तो फिर अब बिजली कर्मचारियों के ऑनलाइन तबादले इस पोलिसी के तहत जबरन क्यों किये गए हैं ।

इसी के चलते बिजली कर्मचारियों में आज भारी रोष है और समस्त हरियाणा प्रदेश के कर्मचारियों ने इसके निरस्त करने को लेकर जबर्दस्त विरोध जताते कहा कि जब तक यह पॉलिसी रद्द नही की जाती तब तक कर्मचारी आन्दोलनरत प्रदर्शन करेंगे ।

दिल्ली एनसीआर में आज ऑरेंज अलर्ट जारी , तापमान गिरने से ठिठुरते दिखे लोग

खुशबु काबरा, संवाददाता

दिल्ली।। राजधानी दिल्ली में बारिश ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड, उसी के साथ एनसीआर में भी ठंडी हवाओ का प्रकोप जारी हैं, जिसके चलते आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया हैं। शीतलहर लहर की रफ़्तार में भी तेजी महसूस की जारी हैं। जिसके चलते आने-जाने वाली गाड़ी-घोड़े चलाने वाले लोगों को काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। अधिक कोहरा होने की वजह से लोगों को दिखाई ना देने पर कई जगह सड़क हादसे भी हो जाते हैं, जिसके चलते कई लोगों ने अपनी जान भी गवा दी हैं। मौसम बिगड़ने के कारण लोग अपने घरों में ही रहना ठीक समझ रहे हैं।

आपको ये भी बता दें की लोग पहले से ही कोरोना से घबराए हुए हैं और अब ज़्यादा बारिश होने की वजह से लोगों में बीमार होने का डर भी बना हुआ हैं।  बूंदाबांदी की वजह से मौसम लगातार करवट ले रहा हैं, जिसके चलते कोहरे की चादर ने आम जन-जीवन पर काफ़ी प्रभाव डाला और लोगों को ठिठुरने के लिए मज़बूर कर दिया हैं। घने कोहरे के कारण लोग दूपहर के समय भी अपनी गाड़ियों की बत्तियां जलाकर निकल रहे हैं जिसके चलते सड़क से लेकर ट्रैक तक यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा हैं।

अगले कुछ दिनों तक लगातार ठंड बढ़ने और शीतलहर रहने की आशंका मौसम विभाग ने जताई है। ठंड ने सबसे अधिक किसान, मज़दूर, बच्चे व बूढ़े लोगों को परेशान किया हैं। दिल्ली एनसीआर में बिन मौसम बरसात होने की वजह से किसानों को धान काटने में भी काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।

तो अब देखना ये होगा की आखिर कब तक दिल्ली वालो को ठंड़ और बरसात से निजात मिलेगा। 

किसानों के मार्च पर पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

रेवाड़ी।। राजस्थान के अलवर से हरियाणा के रेवाड़ी में प्रवेश को लेकर हरियाणा पुलिस और प्रदर्शनकारी किसान रेवाड़ी अलवर सीमा पर आमने सामने आ गए और झड़प शुरू हो गई। यह उस समय हुआ जब सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने केंद्र के विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ मुख्य आंदोलन में शामिल होने के लिए मार्च करना शुरू कर दिया।

पुलिस ने मार्च रोकने के लिए कई राउंड आंसू गैस के गोले दागे।सूत्रों ने कहा कि किसान आगे बढ़ने के लिए पुलिस घेरा और बैरिकेड को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें एक स्थानीय ओवरब्रिज पर रोक दिया। रेवाड़ी पुलिस प्रमुख अभिषेक जोरवाल ने समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा कि हमने उन्हें मसानी में रोक दिया है।

इस बीच पंजाब के संगरूर जिले में पुलिस ने आज किसानों के एक समूह पर लाठीचार्ज किया जो राज्य भाजपा अध्यक्ष अश्विनी कुमार शर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे।पिछले साल नवंबर में पंजाब के हजारों किसानों पर पानी के तोप और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे क्योंकि हरियाणा पुलिस ने उनके विरोध मार्च को दिल्ली तक रोकने की कोशिश की। रास्ते में कई झड़पों में दोनों पक्ष शामिल थे। पिछले हफ्ते किसान केंद्र की वार्ता के छठे दौर के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि दोनों पक्षों ने चार मुख्य मांगों में से दो पर एक समझौता किया है।

सरकार के सूत्रों ने कहा कि बिजली संशोधन विधेयक को वापस लेने और वायु गुणवत्ता आयोग अध्यादेश में पराली जलाने के दंडात्मक प्रावधानों को वापस लेने की पेशकश की। हालांकि किसानों की मुख्य मांगों पर कोई प्रगति नहीं हुई जिनमें तीन कानूनों को निरस्त करना और न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली के लिए कानूनी गारंटी देना शामिल हैं।अगर किसानों ने 4 जनवरी की बैठक में केंद्र ने शेष दो मांगों को अस्वीकार कर दिया तो किसानों ने विरोध प्रदर्शन तेज करने की धमकी दी है।

उन्हौने चेतावनी दी है कि वे 6 जनवरी को जीटी करनाल रोड पर एक ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे।विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाले 40 किसान यूनियनों के संयुक्त मोर्चे ने गणतंत्र दिवस तक मांगें पूरी न होने पर दिल्ली की ओर मार्च करने की भी धमकी दी है। 

संयुक्त मोर्चा के बयान में कहा गया है कि सरकार ने सैद्धांतिक रूप से यहाँ तक कि एमएसपी पर खरीद के कानूनी अधिकार की मांग करने से भी इनकार कर दिया है। हमारे पास कोई विकल्प नहीं है और यदि सरकार 26 जनवरी तक हमारी मांग को पूरा नहीं करती है तो हम कोई विकल्प नहीं छोड़ेंगे। दिल्ली में शांति से मार्च शुरू करने के लिए।

हंसराज हंस ने किया क्रिएटिंग मिरेकल मनोवैज्ञानिक हैल्थ वेब साइट का उद्घाटन

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

नई दिल्ली।। दिल्ली से लोकसभा सांसद हंसराज हंस ने आज स्वास्थ्य संबंधित एक नई तकनीक सेवा का शुभारंभ किया। क्रिएटिंग मिरैकल नाम की मनोवैज्ञानिक साइट का उद्घाटन करते हुए हंसराज हंस ने कहा कि आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई तकनीक की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह सेवा इंसानियत के भले के लिए है। आज इंसान अवसाद में, चिंताओं में घिरा रहता है। अगर मनोवैज्ञानिक तौर पर लोगों को सहायता मिलती है तो इससे बड़ी बात क्या हो सकती है।

खासतौर से कोरोना ने स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को और बढा दिया है। ऐसे में आपकी यह सेवा लोगों को बड़ी राहत देगी।इस अवसर पर क्रिएटिंग मिरैकल की फाउंडर रोहिणी राजदेवगे ने कहा कि इस साइट के माध्यम से साइक्लोजिकल हैल्थ से संबंधित हर तरह की सेवाएं हैं।

इनमें परिवार, बच्चों में अवसाद, नशे का आदी, स्किन प्रोब्लम, दांतों की समस्या, सोशल मीडिया का आदी, डायटिशियन सलाह, आध्यात्मिक सलाह, व्यावसायिक सलाह, पफैमिली काउंसलिंग, सैक्सुअल हरैसमेंट आदि तमाम तरह की मनौवैज्ञानिक सेवाएं उपलब्ध हैं। रोहिणी ने कहा कि हम लोग मानते हैं कि हम लोगों की जिंदगी को चैंज करेंगे और उनकी जिंदगी में मिरैकल लाएंगे। इसलिए हम साइक्लोजिकल साइट लेकर आ रहे हैं। इसमें अलग अलग फील्ड की सेवाएं हैं।

रोहिणी ने बताया कि इसमें स्वास्थ्य संबंधी नई तकनीक सुविधाएं हैं जिनमें एक हैल्थ रिकार्ड लाकर है जिसमें व्यक्ति की समूची हैल्थ हिस्ट्री सुरक्षित रहती है। इस लाकर के उपयोग के बाद आपको किसी चीज की जरूरत नहीं है। इसका उद्देश्य यह है कि लोग अपने परिवार के सदस्यांे या छात्र किसी भी तरह की मनोवैज्ञानिक सहायता ले सकते हैं।

अवसाद, अनिद्रा जैसे कोई भी लक्षण महसूस हो तो इस साइट के माध्यम से सहायता ली जा सकती है। यह सेवा दो महीने के लिए फ्री है।रोहिणी ने कहा कि यह सेवा कल से शुरू हो जाएगी।इस मौके पर अविनाश पुरी, साइट प्रमुख अनुपम, वीरेंद्र, विनीत आदि उपस्थित थे।

मुरादनगर श्मशान घाट में हादसा, दो दर्जन से ज्यादा मौतें

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

मुरादनगर।। दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले में मुरादनगर में कल रविवार को श्मशान घाट पर हुए हादसे में मारे गए लाेगों को परिजनों को योगी सरकार ने दस लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। इन मौतों पर हंगामा और कोहराम मच गया था।

दरअसल कल मुरादनगर बंबा मार्ग पर स्थित श्मशान घाट के पास 72 साल के जयराम के अंतिम संस्कार के लिए परिवार और आस.पड़ोस के लोग आए थे। अंतिम संस्कार के बाद लोग जाने ही वाले थे। इससे पहले ही छत गिरने से यह हादसा हो गया। हादसा अचानक हुआ कि इसमें चीख.पुकार भी नहीं सुनने को मिली। 

बता दें कि आज सुबह से ही ग्रामीणों ने शव रखकर जाम लगा दिया था। वे मुख्यमंत्री को बुलाए जाने की मांग पर अड़े थे। इसके बाद अधिकारियों ने परिवार के साथ वार्ता की। लखनऊ से मिले निर्देश के बाद गाजियाबाद के एडीएम सिटी शैलेंद्र सिंह ने मुआवजा देने का ऐलान किया। इस मामले में आज सुबह ईओ निहारिका सिंह, जेई सीपी सिंह, सुपरवाइजर आशीष को गिरफ़्तार कर लिया गया जबकि ठेकेदार अजय त्यागी को पकड़ने के लिए दबिश जारी है। मुरादनगर में मृतकों के परिजनों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा लिया। वहां सैकड़ों की संख्या में लोग जुट गए।  इसके बाद पुलिस प्रशासन ने उन्हें समझाना चाहा। इस पर लाेग भड़क गए।पुलिस से कहा कि पहले हमें गोली मार दो फिर शव ले जाओ।

मुरादनगर में मृतकों के परिजनों के प्रदर्शन के चलते मेरठ तिराहे से मुरादनगर तक भीषण जाम लग गया है। यह जाम मेरठ की सीमा तक पहुंच गया। जाम के चलते राजनगर एक्सटेंशन से मुरादनगर की तरफ जाने वाले वाहनों पर पाबंदी लगा दी गई है। इसी के चलते रूट डायवर्जन किया गया। लोगों के भारी विरोध को देखते हुए सरकार को मुआवजे की घोषणा करनी पड़ी। परिजनों को योग्यता के आधार पर नौकरी का भी वादा किया गया है। वहीं घायलों का प्राइवेट अस्पताल में फ्री में इलाज को कहा गया है। श्मशान घाट पर मौजूद घायलों का कहना है कि जो लोग लेंटर में दब गए उनकी आवाज नहीं सुनी और जो बच गए वह सदमें में हैं। घायल लोगों ने अपने नजदीकी लोगों को फोन करके बुलाया।

हादसे के करीब एक घंटे बाद वहां एंबुलेंस पहुंचनी शुरू हो गई। इससे पहले मलबे में दबे कुछ लोगों को निकालकर नजदीक के अस्पताल में पहुंचाया गया। इसके बाद जेसीबी की सहायता से दीवार को हटाकर वहां दबे लोगों को निकाला गया। परिजनों के अनुसार करीब 50 से ज्यादा लोग मौके पर थे। दोपहर करीब दो बजे जिला एमएमजी अस्पताल में एंबुलेंस घायल को लेकर पहुंचने लगी, उसमें से सभी मृतक थे। इमरजेंसी में पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने अधिकांश मरीजों को मृत घोषित कर दिया।

बता दें करीब 15 मृतकों के शव एक घंटे में अस्पताल में पहुंच गए। मृतकों के परिजन एक उम्मीद के साथ अस्पताल में पहुंचे थे कि घायल के उपचार के बाद वापस ले जाएंगे लेकिन एंबुलेंस से नीचे उतरते ही वह मृत अवस्था में मिल रहे। ऐसे में अधिकांश परिजन अस्पताल में ही सदमें में बैठ गए। अस्पताल परिसर में ही कोहराम मच गया था। घटना के बाद लगातार सभी अस्पतालों से एंबुलेस मौके पर पहुंच गई थीं। करीब 20 से ज्यादा एंबुलेंस में मृतक और घायलों को अस्पताल में भेजा गया था। इसमें कुछ लोग निजी कार और बस में बैठकर अस्पताल पहुंचे थे।