Sunday, May 3, 2026
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जहांगीरपुरी से 18 किलो चांदी की मुर्ति पर चोरों ने किया हाथ साफ, 50 हज़ार का ईनाम

भगवान से भी चोरों को नहीं है डर !

सीसीटीवी कैमरे में कैद मुर्ति चोर

संजय सिंह, दिल्ली दर्पण टीवी

जहांगीरपुरी के ब्लॉक में भगवान की मुर्ति चोरी ।

चोरी से पहले भगवान की मुर्ति

चोरों ने 18 किलो की चांदी की मूर्ति पर किया हाथ साफ।

चोरी के बाद एफआईआर

जहांगीरपुरी में घर के अंदर बना हुआ था मंदिर

सीसीटीवी मे चोर

चोरी की पूरी वारदात CCTV कैमरे में हुई कैद

इन चोरों पर 50 हज़ार तक का ईनाम

जहांगीरपुरी में पुलिस ने शुरु की मामले की जांच

भलस्वा डेरी में विधायक फंड से लगी हाई मास्ट लाइटें

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

दिल्ली के बादली विधानसभा के अंतर्गत आने वाले भलस्वा डेयरी के लोगों को हाई मास्क लाइट की सौगात मिली है। बता दें की भलस्वा में ऐसी हाई मास्क लाइट छह जगहों पर लगाई गई है। ये सभी हाई मास्ट लाइटस एमएलए अजेश यादव के फंड से लगावाई गई हैं।

जिसका उद्घाटन खुद विधायक अजेश यादव ने ही किया। इस दौरान अजेश यादव के साथ स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। इसके अलावा भलस्वा डेयरी वार्ड के अध्यक्ष सुरेश शर्मा भी मौके पर मौजूद रहे और इस कार्य के लिए विधायक अजेश यादव का दिल से शुक्रिया किया। 

भलस्वा डेयरी के एरिया में दो हाई मास्क लाइट्स पार्कों में  साथ ही एक मंदिर के पास तो दो भलस्वा जेजे कॉलोनी समेत 6 जगहों पर लगाई गई है। जिसके लिए स्थानीय लोगों ने अजेश यादव का धन्यवाद किया।

कालका जी मंदिर के महंत सुरेंद्रनाथ ने कहा, पूरे भारत में महासंघ को मजबूत करूंगा

दिल्ली दर्पण टीवी

हिन्दुओं के लिए हमेशा कार्य करने वाले कालका जी मंदिर के महंत और सनातन हिन्दु वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्रनाथ अवधूत को विश्व हिन्दु महासंघ ने एक बड़ी जिम्मेदारी देते हुए उन्हें भारत का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया है।

विश्व हिन्दु महासंघ के भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महासंघ के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद कुमार चौरिया ने सुरेंद्रनाथ को अंतरिम अध्यक्ष बनाने का फैसला किया। इसको लेकर नेपाल के काठमांडू में महासंघ के पदाधिकारियों कीे बैठक हुई जहां सर्वसम्मति से सुरेंद्रनाथ को अंतरिम अध्यक्ष बनाने फैसला किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत को बनाया विश्व हिन्दु महासंघ का भारत का अंतरिम अध्यक्ष

इस मौके पर महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने बताया कि विश्व हिन्दु महासंघ हिन्दुओं के हितों के लिए काम करने वाला अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जिसे संयुक्त राष्ट्र महासंघ से परामर्श दात्री के रूप में मान्यता प्राप्त है। अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद एवं भारत के अध्यक्ष योगी आदित्यनाथ जी महाराज के आशीर्वाद से मुझे भारत का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

मैं इस कर्तव्य का पूरी निष्ठा से पालन करूंगा और उनकी आकांक्षाओं पर खड़ा उतरने का पूरा प्रयास करूंगा। मैं शीर्घ ही भारत के अन्य प्रदेशों में भी संगठन को खड़ा करूंगा और वहां संगठन को मजबूत करूंगा। इसके अलावा मेरी कोशिश रहेगी कि पूरे भारत में इसकी साखाएं खोली जाएं ताकि विश्व हिन्दु महासंघ का नाम सभी जगह फैल जाए।

उन्होंने बताया कि मैंने शुरू से ही हिन्दु के लिए कई काम किए हैं और आगे भी करता रहूंगा। अब अंतरिम अध्यक्ष बनने के बाद मेरा काम और जिम्मेदारी दोनों बढ़ गई है और मैं इसे निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार हूं।

कोरोना की भेंट चढ़ते पर्व-त्यौहार |

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मन्नत, दिल्ली दर्पण टीवी

परिवार-समाज की समृद्धि और हर व्यक्ति द्वारा ऋतु परिवर्तन का मनाये जाने वाला जश्न इस बार कोरोना संक्रमण के सन्नाटे में खो गया। हिंदू धर्म के अनुसार एकादशी-पूर्णिमा और सत्यनारायण स्वामी की पूजा, मस्जिदों में नमाज पढ़ने, चर्च की प्रार्थनाओं में हिस्सा लेने और गुरुद्वारों में अरदास करने जैसे धार्मिक-अध्यात्मिक अनुष्ठान से लेकर बड़े-बड़े सामाजिक सरोकार और संस्कार को दर्शाने वाले त्यौहार मानो कोरोना की भेंट चढ़ गए।

कोरोना से पड़ा त्योहारों का रंग फिक्का

कोरोना काल के हाल में समाने की शुरुआत त्यौहारों से भरे अप्रैल के बैसाखी, रामनवमी, ईस्टर, नवरोज, रमजान माह से ही हो गई थी। तब संभवतः इसका अंदाजा किसी को भी नहीं था कि उसकी वजह से रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रक्षा-बंधन, गणेश चतुर्थी और मोहर्रम के बाद दशहरे में आयोजित की जाने वाली सैंकड़ों साल पुरानी रामलीलाओं पर भी ग्रहण लग जाएगा। इनका व्यापक असर सामान्य जन-जीवन पर हुआ। हर किस्म का त्यौहारी माहौल काफी फीका हो गया।  

कोरोना काल में हुआ रामलला मंदिर का भूमिपूजन |

लोगों के मन में महामारी को लेकर मायूसी और नीरसता को दूर करने के लिए धार्मिक भावनाओं से मिलने वाले आत्मबल का मनोवैज्ञानिक सहारा भी छिनने जैसा हो गया। यहां तक कि अयोध्याम में दशकों से लंबित रामलाला के लिए भव्य भवन का भूमिपूजन भी कोरोना के साये में संपन्न हुआ। नतीजा लोगों का उत्साह और उमंग भी टीवी के पर्दे तक ही सिमटा रहा।

कोरोना काल में किया नियमो का पालन

यह स्थिति महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने की जरूरत के कारण बनी। इस सिलसिले में चिकित्सा विज्ञानियों के सुझावों को अहमियत दी गई। सरकार के दिशा-निदेर्शों का पालन किया गया। लोगों ने आपसी फासले को कायम रखने की पूरी कोशिश की। साथ ही धार्मिक या सामाजिक स्तर के सामूहिक आयोजनों से लोगों ने पूरी तरह से परहजे भी किया। यह सब करीब छह माह से चल रहा है। इस बीच आवश्यक जरूरतों को ध्यान में रखकर कई छूट मिली चुकी है, फिर भी धार्मिक आयोजनों पर पाबंदियां लगी हुई है।

पूजा-पाठ और त्योहार की ही क्यों बली दी जाए?

सवाल है कि कोरोना काल में केवल आस्थाएं ही क्यों आहत हों? धार्मिक भावनाएं ही क्यों कुचली जाएं? पूजा-पाठ और त्योहार की ही क्यों बली दी जाए? जबकि हम अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कमर कस चुके हैं? क्या त्योहारों के धार्मिक अनुष्ठानों के लिए  हम अनुशासित नहीं बन सकते हैं? कोई तरीका निकाला जाना चाहिए।

आनेवाले दिनों में कई त्यौहार हैं, जिनसे लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। उनमें सबसे महत्वपूर्ण दुर्गापूजा और इस दौरान मंदिरों में आयोजित होने वाली नौरात्राएं हैं। इन्हीं दिनों दिल्ली में जगह-जगह आयोजित होने वाली रामलीलाओं का मंचन भी महत्वपूर्ण है। इन्हीं के साथ पर्व-त्यौहारों के बेहतर आयोजन का अगर हमारा एक संकल्प होना चाहिए, इसके लिए सरकारों को भी कर्तव्य का निर्वाह करना चाहिए।