Saturday, May 2, 2026
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कुशीनगर से ISIS का ‘स्लीपर सेल’ गिरफ्तार: नाबालिगों का ब्रेनवॉश कर धमाकों की रच रहा था साजिश; बम बनाने का सामान बरामद

नई दिल्ली/कुशीनगर: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट) ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से एक खतरनाक आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने रिजवान अहमद नाम के एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है, जो सीरिया में बैठे अपने हैंडलर्स के इशारे पर भारत में बड़े हमले की फिराक में था। रिजवान न केवल विस्फोटक इकट्ठा कर रहा था, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए मासूम नाबालिगों का ब्रेनवॉश कर उन्हें ‘मानव बम’ बनाने की कोशिश में जुटा था।

बम बनाने की ‘किट’ और टाइमर बरामद

सुरक्षा एजेंसियों को रिजवान के पास से विस्फोटक सामग्री का जखीरा मिला है। सूत्रों के अनुसार, उसके पास से 500 ग्राम से अधिक संदिग्ध केमिकल, एक मॉडिफाइड टेबल घड़ी (जो टाइमर के रूप में इस्तेमाल होनी थी), बॉल वायरिंग और सर्किट बनाने का अन्य सामान बरामद हुआ है। इसके अलावा, उसके मोबाइल से भारी मात्रा में कट्टरपंथी और आपत्तिजनक डिजिटल कंटेंट भी मिला है, जिसका इस्तेमाल वह युवाओं को उकसाने के लिए करता था।

4-5 नाबालिगों को बना रहा था ‘आतंकी’

जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि रिजवान का निशाना स्कूल जाने वाले बच्चे और कम उम्र के लड़के थे। वह 4 से 5 नाबालिगों के सीधे संपर्क में था। वह एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए सीरिया में बैठे आईएसआईएस (ISIS) के हैंडलर्स से जुड़ा था और उन्हीं के निर्देश पर स्थानीय लड़कों को कट्टरपंथ की ओर धकेल रहा था। उसका प्लान इन युवाओं से भीड़भाड़ वाले इलाकों में बम धमाके करवाने का था।

2023 में जेल से छूटा, फिर शुरू की आतंकी गतिविधियां

रिजवान अहमद का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। पुलिस के अनुसार:

  • वह साल 2015 में भी आतंकी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार हुआ था।
  • करीब 8 साल जेल की सलाखें काटने के बाद वह 2023 में बाहर आया।
  • बाहर आते ही वह फिर से सक्रिय हो गया और पुराने नेटवर्क को पुनर्जीवित करने लगा।

स्पेशल सेल की रिमांड में खुलेगा पूरा नेटवर्क

सोमवार को पुलिस रिमांड खत्म होने पर रिजवान को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे दोबारा एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब उससे यह उगलवाने की कोशिश कर रही है कि उसके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है और क्या उसने उत्तर प्रदेश या दिल्ली में कहीं विस्फोटक पहले से ही प्लांट तो नहीं कर दिए थे।

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दिल्ली विधानसभा में बड़ी सुरक्षा चूक: बैरियर तोड़ अंदर घुसी ‘UP नंबर’ की कार; स्पीकर की गाड़ी के पास गुलदस्ता रख फरार हुआ युवक, पुलिस ने दबोचा

नई दिल्ली: राजधानी की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जगहों में से एक, दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सोमवार दोपहर एक बड़ी चूक का मामला सामने आया। एक अज्ञात युवक उत्तर प्रदेश (UP) रजिस्ट्रेशन नंबर वाली कार के साथ वीआईपी गेट (गेट नंबर 2) का लोहे का बैरियर तोड़कर परिसर के भीतर घुस गया। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं, क्योंकि आरोपी विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) की गाड़ी तक पहुँचने में कामयाब रहा।

वारदात: हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में ‘फिल्मी’ एंट्री

विधानसभा कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना दोपहर करीब 2:00 बजे हुई। एक तेज रफ्तार कार ने गेट नंबर 2 पर लगे लोहे के भारी बैरियर को टक्कर मारी और उसे तोड़ते हुए सीधे अंदर दाखिल हो गई। सुरक्षाकर्मी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही कार सीधे उस स्थान पर जा रुकी जहाँ विधानसभा स्पीकर की गाड़ी खड़ी थी।

स्पीकर की गाड़ी के पास रखा गुलदस्ता और कागज़

हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी का मकसद हमला करना नहीं, बल्कि कुछ और ही प्रतीत हो रहा था। कार से उतरकर युवक ने स्पीकर की गाड़ी के पास फूलों का गुलदस्ता और कुछ कागज़ रखे। इसके बाद वह तुरंत अपनी कार में सवार हुआ और उसी गेट से रफूचक्कर हो गया। इस दौरान सुरक्षा घेरे को जिस तरह से तोड़ा गया, उसने विधानसभा की किलेबंदी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

UP नंबर की कार और आरोपी गिरफ्तार

घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और गाड़ी के नंबर के आधार पर पीछा करते हुए पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वह कार भी बरामद कर ली है जिसका इस्तेमाल बैरियर तोड़ने में किया गया था। शुरुआती जांच में पता चला है कि कार उत्तर प्रदेश की है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है कि उसका दिल्ली विधानसभा के भीतर जबरन घुसने और गुलदस्ता रखने के पीछे असली मकसद क्या था।

संसद सुरक्षा चूक की यादें हुईं ताज़ा

इस घटना ने 13 दिसंबर 2023 को संसद में हुई सुरक्षा चूक की यादें ताज़ा कर दी हैं, जब दो युवक दर्शक दीर्घा से सदन के भीतर कूद गए थे। हालांकि, दिल्ली विधानसभा की इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन वीआईपी मूवमेंट वाले इलाके में एक बाहरी गाड़ी का इस तरह घुसना सुरक्षा ऑडिट की ज़रूरत की ओर इशारा करता है।

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दिल्ली: पार्किंग को लेकर भिड़ गईं महिला SI और बुजुर्ग; रोहिणी में सरेराह हंगामा, पुलिस ने दर्ज की FIR; जानें क्या है पूरा विवाद

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के नॉर्थ रोहिणी इलाके में कार पार्किंग को लेकर एक महिला सब-इंस्पेक्टर (SI) और एक बुजुर्ग दुकानदार के बीच हुआ मामूली विवाद अब बड़े कानूनी पचड़े में बदल गया है। इस घटना के बाद इलाके में काफी हंगामा हुआ, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बुजुर्ग की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, महिला अधिकारी की ओर से दी गई शिकायत की भी गहन जांच की जा रही है।

मामला: एक ‘चेक-अप’ और पार्किंग का बवाल

दिल्ली पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब दिल्ली पुलिस में कार्यरत एक महिला सब-इंस्पेक्टर (प्रेग्नेंट) अपने पति के साथ निजी कार में मेडिकल चेक-अप के लिए एक क्लिनिक आई थीं। वह सिविल कपड़ों में थीं और उस समय किसी आधिकारिक ड्यूटी पर नहीं थीं। महिला SI ने एक दुकान के सामने अपनी गाड़ी खड़ी की, जिस पर दुकान के मालिक (जो एक सीनियर सिटीजन हैं) ने आपत्ति जताई।

5-10 मिनट का समय और विवाद

पुलिस के मुताबिक, महिला सब-इंस्पेक्टर ने कथित तौर पर दुकानदार से कहा था कि वह डॉक्टर को दिखाने जा रही हैं और 5-10 मिनट में कार हटा लेंगी। लेकिन इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जिसने देखते ही देखते बड़े हंगामे का रूप ले लिया। स्थानीय लोग भी इस विवाद में कूद पड़े, जिससे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

पुलिस का एक्शन: दर्ज हुई FIR

नॉर्थ रोहिणी थाना पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दोनों पक्षों की बात सुनी।

  • बुजुर्ग की शिकायत पर: पुलिस ने सीनियर सिटीजन की शिकायत को प्राथमिकता देते हुए FIR नंबर 180/2026 दर्ज कर ली है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 126, 351 और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है।
  • महिला SI की शिकायत: दूसरी ओर, लेडी सब-इंस्पेक्टर ने भी अपनी शिकायत दर्ज कराई है, जिसकी पुलिस फिलहाल जांच कर रही है।

स्पष्टीकरण: आधिकारिक ड्यूटी पर नहीं थी अधिकारी

दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि उक्त महिला सब-इंस्पेक्टर उस इलाके (नॉर्थ रोहिणी) में तैनात नहीं हैं, बल्कि वह पास के ही किसी अन्य इलाके की रहने वाली हैं। घटना के समय वह एक आम नागरिक की तरह क्लिनिक आई थीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

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दिल्ली दहलाने की साजिश का ‘मास्टरमाइंड’ या PUBG का शिकार? मुंबई से 18 साल का हमाज गिरफ्तार; पिता बोले— “मेरा बेटा बेगुनाह है”

नई दिल्ली/मुंबई: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और महाराष्ट्र एटीएस (ATS) ने एक संयुक्त ऑपरेशन में मुंबई के कुर्ला इलाके से 18 वर्षीय हमाज सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। हमाज पर राजधानी दिल्ली में बड़े बम धमाकों की साजिश रचने का गंभीर आरोप है। इस गिरफ्तारी ने जहां सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है, वहीं हमाज के पिता जलालुद्दीन सिद्दीकी ने मीडिया के सामने आकर बेटे को बेगुनाह बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

PUBG की लत और अनजान फोन कॉल्स

हमाज के पिता जलालुद्दीन ने बताया कि उनका बेटा पिछले तीन साल से ऑनलाइन गेम PUBG का आदी हो गया था। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कुछ महीनों से हमाज फोन पर अनजान लोगों से घंटों बातें करता था, लेकिन उन्हें कभी अंदेशा नहीं हुआ कि यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। जलालुद्दीन का दावा है कि उनका बेटा पूरी तरह निर्दोष है और उसे इस मामले में फंसाया जा रहा है।

पिता का दर्द: “कर्ज लेकर पढ़ाया, पत्नी को कैंसर है”

भावुक होते हुए जलालुद्दीन ने बताया कि उनका परिवार अत्यंत गरीबी में गुजर-बसर कर रहा है। हमाज पढ़ाई में बहुत होशियार है और इस साल 12वीं की परीक्षा देने वाला था। उन्होंने कहा, “मैंने कर्ज लेकर उसे पढ़ाया है। हम किराए के घर में रहते हैं और मेरी पत्नी कैंसर से जूझ रही है। हमारे पास तो दिल्ली जाकर बेटे से मिलने तक के पैसे नहीं हैं।”

पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

जलालुद्दीन ने छापेमारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस दिन पुलिस उनके घर पहुँची, वह अपने भांजे के अंतिम संस्कार में गए हुए थे। उन्होंने दावा किया कि घर की पूरी तलाशी के दौरान पुलिस को कोई भी संदिग्ध वस्तु, हथियार या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। पुलिस ने केवल दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें से एक जलालुद्दीन का खुद का है और दूसरा उनके बड़े बेटे का।

स्पेशल सेल की जांच जारी

हालांकि परिवार हमाज को निर्दोष बता रहा है, लेकिन दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का मानना है कि हमाज किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल के संपर्क में था और डिजिटल माध्यमों से धमाकों की साजिश को अंतिम रूप दे रहा था। पुलिस अब जब्त किए गए मोबाइल फोन के डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है ताकि उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुँचा जा सके।

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पश्चिम एशिया संकट: व्यापार और MSME पर मंडराया खतरा, कैट ने वित्त मंत्री से की ‘टास्क फोर्स’ के गठन की मांग

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों ने भारतीय व्यापार जगत की चिंता बढ़ा दी है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने इस संकट से घरेलू व्यापार और विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को लेकर केंद्र सरकार को आगाह किया है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री और सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर तत्काल राहत उपायों और एक विशेष ‘टास्क फोर्स’ बनाने का आग्रह किया है।

प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना, लेकिन भविष्य की चिंता
श्री खंडेलवाल ने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सरकार की सक्रियता के कारण अब तक वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की आपूर्ति श्रृंखला स्थिर बनी हुई है। हालांकि, पश्चिम एशिया के ताजा तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने की आशंका है। इसका सीधा असर पेट्रोकेमिकल्स, फार्मा, प्लास्टिक, टेक्सटाइल, फर्टिलाइजर और ऑटो कंपोनेंट्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर पड़ेगा।

निर्यातकों और MSME के सामने दोहरी चुनौती
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी.सी. भरतिया ने बताया कि शिपमेंट में देरी, रूट परिवर्तन और बीमा प्रीमियम में बढ़ोतरी से निर्यातकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत और कार्यशील पूंजी (Working Capital) पर बढ़ते दबाव के कारण MSME क्षेत्र के मुनाफे में कमी और ऋण भार बढ़ने की गंभीर चिंता है।

राहत उपायों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
व्यापारी नेताओं ने सरकार से निम्नलिखित राहत कदमों की मांग की है:

कर्ज राहत: MSME को ऋण चुकाने के लिए अतिरिक्त समय और विशेष क्रेडिट गारंटी योजना।

ब्याज सब्सिडी: युद्ध से बुरी तरह प्रभावित उद्योगों को ब्याज में छूट।

निर्यात सहायता: निर्यातकों के लिए फ्रेट (माल ढुलाई) और बीमा में वित्तीय सहायता एवं त्वरित रिफंड।

मूल्य नियंत्रण: ईंधन और कच्चे माल की कीमतों की निरंतर निगरानी और स्थिरीकरण।

‘ इम्पैक्ट असेसमेंट टास्क फोर्स’ का प्रस्ताव
कैट ने सुझाव दिया है कि एक “वेस्ट एशिया इम्पैक्ट असेसमेंट एवं रिस्पॉन्स टास्क फोर्स” का गठन किया जाए। इसमें संबंधित मंत्रालयों, आरबीआई और व्यापार संगठनों के विशेषज्ञों को शामिल किया जाए, जो स्थिति का वास्तविक समय पर आकलन कर तुरंत नीतिगत निर्णय ले सकें। श्री खंडेलवाल ने विश्वास जताया कि समय पर उठाए गए कदम ही आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करेंगे।

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