Sunday, May 3, 2026
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केजरीवाल का बड़ा ‘विस्फोट’: “जो बंगाल में ममता दीदी के साथ हो रहा है, वही ‘गंदा खेल’ मेरे साथ दिल्ली में हुआ था!”

नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में अधिकारियों के तबादले और चुनाव आयोग की कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों के बाद अब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल उनके समर्थन में उतर आए हैं। केजरीवाल ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि बीजेपी ने बेईमानी से चुनाव जीतने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को अपना हथियार बना लिया है।

केजरीवाल का आरोप: दिल्ली जैसा खेल बंगाल में दोहरा रही बीजेपी

अरविंद केजरीवाल ने पश्चिम बंगाल की स्थिति की तुलना दिल्ली के चुनावों से करते हुए कहा कि जो आज बंगाल में हो रहा है, वही दिल्ली के चुनावों में भी देखा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से नाम काटे गए और पुलिस प्रशासन ने बीजेपी की कथित ‘गुंडागर्दी’ को शह दी। केजरीवाल ने कहा, “आज ममता दीदी लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ रही हैं और इस संघर्ष में हम पूरी तरह उनके साथ हैं।”

ममता बनर्जी ने पूछा- “इतनी हताश क्यों है बीजेपी?”

इससे पहले, सीएम ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य सचिव (Chief Secretary) और डीजीपी (DGP) समेत 50 से ज्यादा अधिकारियों को मनमाने ढंग से हटाया गया है। उन्होंने इसे राज्य की प्रशासनिक मशीनरी को पंगु बनाने की एक सोचे-समझे साजिश करार दिया। ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि आज़ादी के 78 साल बाद भी नागरिकों को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कतारों में खड़ा करना बीजेपी को क्या संतोष देता है?

सप्लीमेंट्री इलेक्टोरल रोल्स पर विवाद

ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अभी तक सप्लीमेंट्री इलेक्टोरल रोल्स प्रकाशित नहीं किए गए हैं, जिससे जनता में भारी चिंता है। इसके साथ ही आईबी, एसटीएफ और सीआईडी जैसी महत्वपूर्ण एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों को चुन-चुनकर राज्य से बाहर भेजा जा रहा है, जो चुनाव आयोग के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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​MCD स्कूलों में डिजिटल क्रांति: अब ‘कैनवा’ के जरिए स्मार्ट बनेंगे प्राइमरी छात्र और शिक्षक

दिल्ली दर्पण ब्यूरो
​नई दिल्ली:
दिल्ली नगर निगम (MCD) के स्कूलों में शिक्षा के स्तर को आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री योगेश वर्मा के नेतृत्व में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में MCD स्कूलों के डिजिटल परिवर्तन के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया है। इस पहल के तहत अब प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों और छात्रों को विश्व प्रसिद्ध क्रिएटिव टूल ‘कैनवा’ (Canva) और अन्य डिजिटल संसाधन पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।

तकनीक से बदलेंगे क्लासरूम
​बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि पारंपरिक क्लासरूम को ‘डायनेमिक’ और ‘इनोवेटिव’ लर्निंग सेंटर में बदला जाएगा। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से लैस करना है ताकि वे पाठ्यपुस्तकों के कंटेंट को रचनात्मक तरीके से छात्रों के सामने पेश कर सकें। इससे बच्चों में रटने की प्रवृत्ति के बजाय रचनात्मकता (Creativity) और तार्किक सोच (Critical Thinking) का विकास होगा।
​भविष्य के ‘क्रिएटर’ बनेंगे छात्र

इस अवसर पर शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री योगेश वर्मा ने कहा:
​”हमारा लक्ष्य शिक्षकों को सशक्त बनाना है ताकि वे क्लासरूम में आधुनिक संसाधनों का उपयोग कर सकें। इस पहल से छात्र केवल पढ़ेंगे नहीं, बल्कि वे भविष्य के ‘क्रिएटर’ बनेंगे। यह दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक सराहनीय कदम है।”

बैठक में ये रहे मौजूद
​इस रणनीतिक बैठक में शिक्षा जगत के कई विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया, जिनमें शामिल थे:
​सुश्री सागरी चटर्जी, एजुकेशन लीड (कैनवा एजुकेशन)
​श्री सुधीर भटनागर, सीईओ (SARD)
​श्री निखिल तिवारी, निदेशक (शिक्षा), MCD
श्री सागर, प्रोग्राम मैनेजर (SARD)
​यह पहल निगम स्कूलों में पढ़ रहे लाखों बच्चों के लिए डिजिटल साक्षरता के नए द्वार खोलेगी और उन्हें निजी स्कूलों के समकक्ष लाकर खड़ा करेगी।

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पालम अग्निकांड: संजय सिंह ने प्रशासन पर साधा निशाना, 9 मौतों को बताया ‘प्रायोजित हत्या’

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के पालम इलाके में कल हुई एक हृदयविदारक घटना में राजेंद्र कश्यप जी के परिवार के 9 सदस्यों की आग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण अग्निकांड ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की पोल खोलकर रख दी है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे एक सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर दमकल विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे ‘प्रायोजित हत्या’ करार दिया है।

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि आग लगने की सूचना के बावजूद दमकल विभाग की गाड़ियाँ घटनास्थल पर एक घंटे की देरी से पहुँचीं। सांसद के अनुसार, जब बचाव कार्य शुरू करने की बारी आई, तब विभाग का हाइड्रोलिक सिस्टम भी खराब निकला, जिससे कीमती समय बर्बाद हो गया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि घर के अंदर फंसे लोग बचाने के लिए लगातार चिल्लाते रहे, लेकिन संसाधनों की कमी और विभागीय सुस्ती के कारण उन्हें समय रहते नहीं निकाला जा सका। यह पूरी तरह से प्रशासनिक विफलता का मामला है जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को खत्म कर दिया।

सांसद ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस भीषण लापरवाही के पीछे जो भी अधिकारी या कर्मचारी जिम्मेदार हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर राजधानी में ही दमकल विभाग की तैयारी इतनी लचर है, तो आम आदमी की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा।

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दिल्ली के पालम में भीषण अग्निकांड: फायर ब्रिगेड की लापरवाही ने ली एक ही परिवार के 9 लोगों की जान; सौरभ भारद्वाज का भाजपा पर तीखा हमला

नई दिल्ली:– दिल्ली दर्पण ब्यूरो 

देश की राजधानी दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार सुबह एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। एक रिहायशी इमारत की तीसरी मंजिल पर भीषण आग लगने के कारण एक ही परिवार के 9 सदस्यों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में मातम और आक्रोश पैदा कर दिया है। आम आदमी पार्टी के नेता और मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मौके का मुआयना करने के बाद दिल्ली फायर सर्विस और भाजपा सरकार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग सुबह लगभग 6:00 से 6:30 बजे के बीच लगी थी, लेकिन फायर ब्रिगेड की टीम करीब एक घंटे की देरी से सुबह 7:30 बजे मौके पर पहुँची।

हादसे के समय का मंजर बेहद खौफनाक था। इमारत की तीसरी मंजिल पर फंसा परिवार बालकनी से मदद के लिए चीख रहा था, लेकिन नीचे से उठती आग की लपटों और धुएं के कारण वे सीढ़ियों से नीचे नहीं उतर सके। सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि मौके पर पहुँची फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक लिफ्ट ऐन वक्त पर खराब हो गई और खुल ही नहीं पाई। इतना ही नहीं, दमकल विभाग के पास मौजूद सीढ़ियाँ भी इतनी छोटी थीं कि वे तीसरी मंजिल तक नहीं पहुँच सकीं। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि आपात स्थिति में लोगों के नीचे कूदने के लिए फायर ब्रिगेड के पास कोई सुरक्षा जाल (Net) तक उपलब्ध नहीं था।

इस जानलेवा आग के बीच एक पिता की बेबसी और हिम्मत का दिल दहला देने वाला उदाहरण भी देखने को मिला। परिवार के सदस्य सचिन ने अपनी मात्र 6 महीने की मासूम बच्ची को बचाने के लिए उसे तीसरी मंजिल से नीचे फेंक दिया, जिसे नीचे खड़े लोगों ने सुरक्षित लपक लिया। इसके बाद सचिन और एक 14-15 साल का किशोर भी जान बचाने के लिए ऊपर से कूद गए। ये तीनों गंभीर रूप से घायल हैं और फिलहाल अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं, लेकिन परिवार के बाकी 9 सदस्य अपनी आँखों के सामने जलकर खाक हो गए।

सौरभ भारद्वाज ने इस घटना को ‘प्रशासनिक हत्या’ करार देते हुए भाजपा नेता रेखा गुप्ता और केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार वीआईपी सुविधाओं और यमुना में वीवीआईपी नावों पर करोड़ों रुपये बहा रही है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली की जनता को बचाने के लिए फायर ब्रिगेड के पास बुनियादी उपकरण और ठीक सीढ़ियाँ तक नहीं हैं। उन्होंने पिछले साल द्वारका और रोहिणी में हुई इसी तरह की घटनाओं का हवाला देते हुए मीडिया और प्रशासन से जवाब माँगा है कि आखिर कब तक मासूमों की जान इस तरह की लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेगी।

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दिल्ली में गैस सिलेंडर माफिया का खेल खत्म! पुलिस ने अवैध रैकेट का किया भंडाफोड़

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अवैध LPG सिलेंडर कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने साउथ दिल्ली के राजपुर खुर्द गांव में चल रहे एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 200 से अधिक गैस सिलेंडर बरामद किए और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई

डीसीपी साउथ के अनुसार, 17 मार्च को पुलिस को सूचना मिली थी कि राजपुर खुर्द की ‘जनरेटर वाली गली’ में एक प्लॉट के अंदर अवैध रूप से गैस सिलेंडरों का भंडारण किया जा रहा है। सूचना के आधार पर स्पेशल स्टाफ की टीम ने मौके पर छापा मारा।

छापेमारी में भारी मात्रा में सिलेंडर बरामद

पुलिस को छापेमारी के दौरान कुल 223 LPG सिलेंडर मिले। इनमें 16 भरे हुए घरेलू सिलेंडर, 45 खाली घरेलू सिलेंडर और 162 खाली कमर्शियल सिलेंडर शामिल हैं। इसके अलावा मौके से एक इलेक्ट्रॉनिक वजन मापने की मशीन और 8 सेफ्टी कैप भी जब्त किए गए।

बिना लाइसेंस चल रहा था गोदाम

जांच में सामने आया कि यह पूरा गोदाम बिना किसी लाइसेंस या सरकारी अनुमति के चलाया जा रहा था। घनी आबादी वाले इलाके में इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडर रखना आसपास के लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बना हुआ था।

दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मौके से 38 वर्षीय हितेश राठी और 40 वर्षीय अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान दोनों ही आरोपी सिलेंडरों से संबंधित कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके।

केस दर्ज, जांच जारी

पुलिस ने खाद्य आपूर्ति विभाग और गैस कंपनी के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर सिलेंडरों की गिनती करवाई। इसके बाद मैदान गढ़ी थाने में भारतीय न्याय संहिता और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है कि ये सिलेंडर कहां से लाए जा रहे थे और इन्हें किन जगहों पर सप्लाई किया जा रहा था।

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