Sunday, May 3, 2026
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क्या दिल्ली की मुख्यमंत्री चला रही हैं क्रिमिनल नेक्सस? AAP ने वीडियो जारी कर पूछा—किसके इशारे पर छोड़े जा रहे हैं हत्यारे?

नई दिल्ली | दिल्ली दर्पण ब्यूरो

आम आदमी पार्टी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि दिल्ली में बढ़ते अपराध और नशे के अवैध कारोबार को सत्ता का सीधा संरक्षण प्राप्त है। ‘आप’ नेताओं ने भारत नगर इलाके के एक पुलिस अधिकारी का वीडियो जारी किया, जिसमें वह कथित तौर पर यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि जब भी पुलिस अपराधियों को पकड़ती है, तो मुख्यमंत्री कार्यालय और स्थानीय विधायक की ओर से उन्हें छोड़ने के आदेश आ जाते हैं। पार्टी का आरोप है कि वजीरपुर जैसे इलाकों में सरेआम नशा बिक रहा है और पुलिस चाहकर भी इन ‘सिंडिकेट्स’ पर कार्रवाई नहीं कर पा रही है क्योंकि उनके हाथ राजनीतिक दबाव में बंधे हुए हैं

प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाबालिगों द्वारा किए जा रहे अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली के गरीब और रिसेटलमेंट इलाकों में 12 से 16 साल के बच्चों को ‘सूखे नशे’ की लत लगाकर ‘छोटी मशीन’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। ये बच्चे मामूली पैसों और नशे की पुड़िया के लिए हत्या और रंगदारी जैसे संगीन जुर्म कर रहे हैं। हाल ही में वजीरपुर जेजे कॉलोनी में हुई एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का खौफ खत्म हो चुका है, क्योंकि उन्हें पता है कि उनके पीछे मुख्यमंत्री और सत्ताधारी दल का हाथ है।

अंत में, आम आदमी पार्टी ने इस पूरे नेक्सस के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्र सरकार की सुरक्षा नीति को जिम्मेदार ठहराया। नेताओं ने कहा कि दिल्ली पुलिस और बॉर्डर्स केंद्र के पास होने के बावजूद भारी मात्रा में नशा दिल्ली की गलियों तक पहुँच रहा है। ‘आप’ ने उपराज्यपाल से मांग की है कि इस मामले में तुरंत संज्ञान लें और नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री का इस्तीफा लिया जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि वे इस ‘क्रिमिनल नेक्सस’ के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर उतरेंगे और मुख्यमंत्री के इस्तीफे के लिए एक चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।

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दिल्ली के नेचर बाजार में आग का तांडव, दर्जनों दुकानें जलकर राख

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के अंधेरिया मोड़ इलाके में स्थित नेचर बाजार में रविवार सुबह भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। इस हादसे में करीब 40 दुकानें जलकर खाक हो गईं। आग की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। फिलहाल इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

सुबह मिली आग लगने की सूचना

दिल्ली अग्निशमन विभाग के मुताबिक, रविवार सुबह 7:37 बजे नेचर बाजार में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 10 दमकल गाड़ियों को मौके पर रवाना किया। दमकलकर्मियों ने पहुंचते ही आग बुझाने का अभियान शुरू कर दिया और आग को आसपास के इलाकों में फैलने से रोकने की कोशिश की।

तेजी से कई दुकानों में फैली आग

अंधेरिया मोड़ के पास स्थित नेचर बाजार में हस्तशिल्प और अन्य सामान बेचने वाली कई अस्थायी और अर्ध-स्थायी दुकानें लगी हुई हैं। आग लगने के बाद लपटें तेजी से फैल गईं और देखते ही देखते कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। बाजार परिसर से उठते धुएं के गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहे थे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

करीब 40 दुकानें जलकर नष्ट

दमकलकर्मियों की टीम ने लंबे समय तक अभियान चलाकर आग पर काबू पाया। इस हादसे में लगभग 40 दुकानें पूरी तरह जलकर नष्ट हो गईं, जिससे दुकानदारों को भारी नुकसान हुआ है। फिलहाल दमकलकर्मी इलाके में कूलिंग ऑपरेशन चला रहे हैं ताकि आग दोबारा भड़क न सके।

आग लगने के कारणों की जांच जारी

घटना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ दमकल कर्मियों की मदद की। अधिकारियों के अनुसार, अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच जारी है।

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अशोक विहार में ‘गैस कटर’ गैंग का तांडव: पुलिस की नाक के नीचे एटीएम काट ले गए चोर, प्रशासन की नींद कब टूटेगी?

नई दिल्ली | दिल्ली दर्पण ब्यूरो

राजधानी का पॉश इलाका कहा जाने वाला अशोक विहार अब सुरक्षित नहीं रहा। दीप मार्केट जैसे व्यस्त क्षेत्र में बेखौफ बदमाशों ने एक्सिस बैंक (Axis Bank) के एटीएम को गैस कटर से काटकर लाखों रुपए उड़ा लिए। यह घटना न केवल दिल्ली की कानून व्यवस्था पर तमाचा है, बल्कि उन दावों की भी पोल खोलती है जिनमें दिल्ली को सुरक्षित बताया जाता है।

पॉश इलाके में ‘सुनसान’ सुरक्षा

हैरानी की बात यह है कि जिस मार्केट में रात भर हलचल रहती है, वहां चोर घंटों तक गैस कटर चलाते रहे और किसी को भनक तक नहीं लगी। सुबह जब कस्टोडियन कैश डालने पहुंचे, तब पता चला कि तिजोरी का गेट कटा हुआ है और करीब 4-5 लाख रुपए गायब हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह एक चलती सड़क है, यहाँ इस तरह की वारदात होना पुलिस की गश्त पर एक बड़ा सवालिया निशान है।

एमसीडी और स्ट्रीट लाइट की नाकामी

अशोक विहार जैसे इलाकों में सुरक्षा का जिम्मा केवल पुलिस का नहीं है। एमसीडी (MCD) के अधीन आने वाले पार्कों और गलियों में खराब स्ट्रीट लाइटें अपराधियों के लिए मददगार साबित हो रही हैं। स्थानीय निवासी विजय का कहना है कि यहाँ मोबाइल छीनना और छोटी चोरियां अब आम हो गई हैं। अगर एमसीडी ने इलाकों में उचित रोशनी और सीसीटीवी कैमरों का रखरखाव सही ढंग से किया होता, तो शायद अपराधियों में कुछ खौफ होता। प्रशासन केवल टैक्स वसूलने में व्यस्त है, लेकिन जनता की जान-माल की सुरक्षा ‘राम भरोसे’ है।

बिना गार्ड के एटीएम: बैंक भी जिम्मेदार?

जांच में यह भी सामने आया है कि एटीएम पर कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था। बैंक की इस लापरवाही ने चोरों का काम आसान कर दिया। कस्टोडियन अवधेश ने बताया कि पुलिस सूचना मिलने के 5 मिनट बाद पहुंच तो गई, लेकिन तब तक अपराधी अपना काम करके चंपत हो चुके थे।

“एक रेजिडेंशियल और व्यस्त कमर्शियल एरिया में अगर एटीएम काटकर ले जाया जा रहा है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता है। हम यहां खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करें?”

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वजीरपुर हत्याकांड: सिसकता परिवार, सोता प्रशासन; क्या जेजे कॉलोनी के गरीबों के खून की कोई कीमत नहीं?

नई दिल्ली | – दिल्ली दर्पण ब्यूरो 

वजीरपुर जेजे कॉलोनी के के-ब्लॉक में मामूली सी बात पर एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, लेकिन इस घटना ने दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे और जनप्रतिनिधियों के दोहरे चरित्र को नंगा कर दिया है। जहाँ एक ओर पीड़ित परिवार इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय निगम पार्षद और क्षेत्रीय विधायक की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।

अपराध में भी ‘वीआईपी’ कल्चर?

पीड़ित परिवार का सीधा आरोप है कि जब उत्तम नगर जैसे इलाकों में ऐसी वारदातें होती हैं, तो पूरी दिल्ली की सियासत वहां उमड़ पड़ती है। लेकिन वजीरपुर की गलियों में जब एक गरीब का घर उजड़ता है, तो रेखा गुप्ता और पूनम भारद्वाज जैसे नेताओं को रास्ता तक याद नहीं रहता। क्या इन नेताओं के लिए संवेदनाएं भी इलाके की प्रोफाइल देखकर जागती हैं? मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, पर सांत्वना देने के लिए किसी ‘माननीय’ के पास समय नहीं है।

पुलिस की संवेदनहीनता और खौफ का साया

दिल्ली दर्पण टीवी के कार्यालय पहुंची दर्जनों महिलाओं ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि:

  • थाने में उपहास: जब पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाने गया, तो कथित तौर पर पुलिसकर्मियों और एसएचओ ने उनकी बातों को हंसी में उड़ा दिया।
  • अधूरी कार्रवाई: आरोप 15-20 लोगों पर है, लेकिन पुलिस ने मात्र 4 लोगों को पकड़कर खानापूर्ति कर दी है। बाकी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को धमका रहे हैं।
  • डर का माहौल: हत्यारों की मां खुलेआम अस्पताल में आकर पैसे के दम पर केस रफा-दफा करने की धमकी दे रही है। जेजे कॉलोनी की महिलाएं पूछ रही हैं— “क्या हम अपने घरों में सुरक्षित नहीं हैं?”

एमसीडी और स्थानीय निकाय के गाल पर तमाचा

स्थानीय लोगों का आक्रोश नगर निगम और क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ चरम पर है। जेजे कॉलोनियों में बढ़ती गुंडागर्दी और असुरक्षा के माहौल ने एमसीडी के ‘सुरक्षित दिल्ली’ के दावों की पोल खोल दी है। आखिर क्यों इन इलाकों में पुलिस गश्त और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं? क्या प्रशासन सिर्फ टैक्स वसूलने और रैलियों के लिए है?

“मेरे पति को मार दिया, अब मुझे अपने बच्चों की जान का डर है। पुलिस कहती है हम कुछ नहीं कर सकते। अगर सरकार हमें सुरक्षा नहीं दे सकती, तो उन हत्यारों को जनता के हवाले कर दे।” — दीक्षा (पीड़ित की पत्नी)

वजीरपुर की ये चीखें अब सत्ता के गलियारों तक पहुंचनी चाहिए। इंसाफ में देरी, अन्याय के बराबर है।

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उत्तम नगर केस में बड़ा खुलासा, QR कोड से पीड़ितों के नाम पर 37 लाख की ठगी

उत्तम नगर हत्याकांड के बाद मदद के नाम पर फर्जीवाड़ा, QR कोड से 2 दिन में 37 लाख रुपये जमा

राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दिन हुई हत्या की घटना के बाद अब एक नया मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार की मदद के नाम पर कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से पैसे जुटाने की कोशिश की और QR कोड के जरिए लोगों से आर्थिक सहायता मांगकर दो दिनों में करीब 37 लाख रुपये इकट्ठा कर लिए। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही थीं अफवाहें

उत्तम नगर की घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें और भड़काऊ सामग्री भी सामने आई हैं। कुछ लोग इस मामले को धार्मिक एंगल देकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे।

मामले को गंभीरता से लेते हुए द्वारका जिला पुलिस ने ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, कई लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक और अपुष्ट जानकारी फैलाकर लोगों को गुमराह कर रहे थे। इसे रोकने के लिए पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों से संपर्क किया है।

अब तक पुलिस ने प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर भड़काऊ कंटेंट हटाने के लिए आईटी एक्ट की धारा 79(3)(b) के तहत 14 टेकडाउन रिक्वेस्ट भेजी हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर 8 टेकडाउन रिक्वेस्ट भेजी गई हैं।

झूठी कहानी बनाकर मांगे जा रहे थे पैसे

जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि कुछ लोग इस घटना से जुड़ी झूठी कहानियां बनाकर लोगों से पैसे जुटाने की कोशिश कर रहे थे

10 मार्च को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक QR कोड के जरिए लोगों से आर्थिक मदद की अपील की जा रही थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि इस संदिग्ध बैंक खाते में सिर्फ दो दिनों के भीतर करीब 37 लाख रुपये जमा हो चुके थे

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत संबंधित बैंक शाखा के मैनेजर को सूचना देकर खाते को फ्रीज करवा दिया और उसमें जमा रकम पर रोक लगा दी

महिला का वीडियो कर रहे थे इस्तेमाल

पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक महिला का वीडियो शेयर कर लोगों से मदद मांगी जा रही थी। वीडियो 10 मार्च को अपलोड किया गया था, जिसमें एक यूट्यूब लिंक के जरिए QR कोड दिखाकर लोगों से पैसे देने की अपील की गई थी।

जांच में पता चला कि वीडियो में दिख रही महिला आरोपियों की रिश्तेदार है, लेकिन उसका इस हत्याकांड से कोई संबंध नहीं है और उसे इस बात की जानकारी भी नहीं थी कि उसके वीडियो के जरिए लोगों से पैसे मांगे जा रहे हैं।

पुलिस ने संबंधित यूट्यूब लिंक भी हटवा दिया है, जिसमें QR कोड दिखाया गया था।

अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

द्वारका जिला पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अप्रमाणित या भ्रामक जानकारी साझा न करें

पुलिस का कहना है कि जो भी लोग अफवाह फैलाकर कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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