Monday, May 4, 2026
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दिल्ली: मौसम में गर्मी के बीच शुरू होगा बारिश का दौर, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी।

दिल्ली में मौसम का बड़ा ‘यू-टर्न’: रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच झमाझम बारिश का अलर्ट जारी

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मौसम की लुका-छिपी जारी है। एक ओर जहाँ भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है, वहीं दूसरी ओर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राहत भरी खबर दी है। दिल्ली-NCR में जल्द ही झमाझम बारिश का दौर शुरू होने वाला है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है।

गर्मी का रिकॉर्ड और अचानक बदलाव

पिछले 24 घंटों में दिल्ली ने सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया, जिससे पारा सामान्य से कई डिग्री ऊपर पहुंच गया। दोपहर की गर्म हवाओं (Loo) ने सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिया था। हालांकि, शाम होते-होते बादलों की आवाजाही ने मौसम के मिजाज बदलने के संकेत दे दिए हैं।

IMD की चेतावनी और अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, एक सक्रिय ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbance) के कारण दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम में यह अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है।

  • चेतावनी: विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
  • प्रभाव: इस बारिश से न केवल उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि प्रदूषण के स्तर में भी सुधार होने की उम्मीद है।

क्या होगा आम जनता पर असर?

बारिश और तेज हवाओं के चलते वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जलभराव वाले इलाकों में यातायात प्रभावित हो सकता है। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।

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डॉ. सागर प्रीत हुड्डा की विशिष्ट सेवा को सलाम : चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक उनकी ‘कानून-प्रिय’ कार्यशैली के चर्चे 

राजेंद्र स्वामी , दिल्ली दर्पण 

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डीजीपी चंडीगढ़, डॉ. सागरप्रीत हुड्डा (IPS) को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ (President’s Police Medal for Distinguished Service) से सम्मानित किया है। इस सम्मान की जितनी चर्चा आज चंडीगढ़ में हो रही है, उतनी ही देश की राजधानी दिल्ली में भी है। यह पदक डॉ. हुड्डा के दशकों के समर्पित नेतृत्व, उत्कृष्ट सेवा और कानून-व्यवस्था के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का एक जीवंत प्रमाण है, जो उनके शानदार करियर में एक और गौरवशाली अध्याय जोड़ता है।

डॉ. सागरप्रीत हुड्डा जनवरी 2024 से दिल्ली पुलिस में स्पेशल कमिश्नर (Special Commissioner of Police) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अपनी मजबूत प्रशासनिक पकड़ और प्रभावी पुलिसिंग रणनीतियों के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. हुड्डा की यह नियुक्ति दिल्ली की कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इससे पहले वे दिल्ली में DCP के रूप में भी तैनात रह चुके हैं, जहाँ उनके कार्यकाल को अपराध नियंत्रण और जन-हितैषी पुलिसिंग के लिए आज भी याद किया जाता है।

उनकी छवि एक बेहद शांत, शालीन और ईमानदार अधिकारी की रही है, जो सदैव नियम-कानून के प्रावधानों पर चलना पसंद करते हैं। विभाग में यह सर्वविदित है कि वे केवल उसी सिफारिश को स्वीकार करते हैं जो कानून के दायरे में सही हो। डॉ. हुड्डा की पोस्टिंग जहाँ-जहाँ भी हुई, वहाँ की जनता ने उनकी पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा को भरपूर सम्मान दिया। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पुलिस विभाग की गरिमा को बढ़ाने वाला एक मील का पत्थर है।

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दिल्ली: नाबालिग ने स्कॉर्पियो से मचाया तांडव, हादसे में जान गंवाने वाले युवक की मां का छलका दर्द।

नई दिल्ली: द्वारका इलाके से एक रूहानी और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। 3 फरवरी को हुए एक भीषण सड़क हादसे में 23 वर्षीय होनहार युवक, साहिल धनेशरा, की जान चली गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि घातक स्कॉर्पियो चला रहा ड्राइवर नाबालिग है। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर रफ़्तार के जुनून और नाबालिगों के हाथों में स्टीयरिंग थमाने वाले अभिभावकों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हादसे का मंजर: रफ़्तार और लापरवाही का तांडव

दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के मुताबिक, एक तेज रफ़्तार स्कॉर्पियो ने पहले गलत दिशा (Wrong Side) से आ रही साहिल की मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मारी और फिर पास खड़ी एक डिजायर कार को रौंद दिया।

इस टक्कर में साहिल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक टैक्सी ड्राइवर, अजीत सिंह, गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मौके से क्षतिग्रस्त वाहन जब्त कर लिए हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।

कानूनी पेंच: 19 साल से 17 साल का हुआ आरोपी

मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ आरोपी की उम्र को लेकर आया।

  • शुरुआती एफआईआर: शुरुआती पूछताछ के आधार पर पुलिस ने आरोपी की उम्र 19 साल दर्ज की थी।
  • जांच का खुलासा: विस्तृत जांच के बाद पता चला कि आरोपी महज 17 साल का नाबालिग है।
  • जमानत: नाबालिग होने के कारण उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) के समक्ष पेश किया गया। 10 फरवरी 2026 को बोर्ड ने आरोपी की 10वीं की परीक्षाओं के आधार पर उसे अंतरिम जमानत दे दी।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपी के पास कोई ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। घटना के वक्त उसकी बहन बगल वाली सीट पर बैठकर मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी, हालांकि पुलिस ने फिलहाल इसे ‘रील’ बनाने का मामला मानने से इनकार किया है।

“मैंने 23 साल तक अकेले पाला था उसे” – माँ की न्याय की गुहार

साहिल की माँ, जो एक सिंगल मदर हैं, का दर्द सोशल मीडिया पर छलक पड़ा है। उन्होंने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए न्याय की मांग की है। उन्होंने लिखा: मैंने अपना बेटा खो दिया, जो मेरा सब कुछ था। 23 साल तक उसे अकेले पाला-पोसा और एक पल की लापरवाही ने उसे मुझसे छीन लिया। वे लोग वीडियो बना रहे थे और मेरे बेटे को बेरहमी से मार डाला।

पिता पर भी गिरेगी गाज?

आरोपी के पिता द्वारका के एक ट्रांसपोर्टर बताए जा रहे हैं। पुलिस ने साफ किया है कि भले ही पिता सीधे तौर पर हादसे में शामिल न हों, लेकिन नाबालिग को गाड़ी देने के जुर्म में उन पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 199A के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत कोर्ट भारी जुर्माना या सजा तय करेगा।

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लड़की के वेश में आया शख्स, फिजियोथेरेपिस्ट पर किया जानलेवा हमला… निकला अपना ही जीजा!

नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिम दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-24 इलाके में एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट पर चाकू से जानलेवा हमला किए जाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। चौंकाने वाली बात यह है कि हमलावर कोई और नहीं, बल्कि पीड़िता का जीजा बताया जा रहा है। आरोपी लड़की के भेष में क्लीनिक पहुंचा था, ताकि अपनी पहचान छिपा सके।

लड़की के कपड़ों में पहुंचा क्लीनिक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी पूरी तैयारी के साथ सेक्टर-24 स्थित क्लीनिक पहुंचा। उसने पहचान छिपाने के लिए लड़की के कपड़े पहने हुए थे। जैसे ही उसे मौका मिला, उसने महिला फिजियोथेरेपिस्ट पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। अचानक हुए हमले से क्लीनिक और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

लोगों की मुस्तैदी से पकड़ा गया आरोपी

हमले के बाद आरोपी मौके से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पीड़िता की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत वहां पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए भाग रहे आरोपी को पकड़ लिया। पकड़े जाने पर खुलासा हुआ कि लड़की के भेष में छिपा शख्स दरअसल पुरुष है। इसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी और आरोपी को उनके हवाले कर दिया।

पीड़िता की हालत गंभीर

चाकू के हमले में महिला फिजियोथेरेपिस्ट गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।

पुलिस जांच में जुटी

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और अन्य सामान बरामद किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पीड़िता का जीजा है। हालांकि, हमले के पीछे की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

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एपीएमसी (एमएनआई) के निर्वाचित सदस्यों की गजट अधिसूचना में देरी का मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुँचा

– दिल्ली दर्पण ब्यूरो 

नई दिल्ली। कृषि उपज मंडी समिति (APMC–MNI) के निर्वाचित सदस्यों की औपचारिक गजट अधिसूचना में हो रही देरी का मामला अब दिल्ली उच्च न्यायालय की चौखट तक पहुँच गया है। इस संबंध में एक रिट याचिका दायर कर प्रशासन को वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश देने की मांग की गई है।

गौरतलब है कि एपीएमसी (एमएनआई) के चुनाव 6 दिसंबर 2022 को संपन्न हुए थे। इन चुनावों में प्रवीण कोहली उर्फ राजू कोहली समिति के सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए थे। 8 दिसंबर 2022 को कृषि विपणन निदेशक द्वारा निर्वाचित सदस्यों के नामों की अधिसूचना जारी कर दी गई थी।

हालांकि, नियमानुसार निर्वाचित सदस्यों के नामों को उपराज्यपाल द्वारा आधिकारिक राजपत्र (गजट) में प्रकाशित किया जाना आवश्यक है। काफी समय बीत जाने और प्रवीण कोहली द्वारा कई बार प्रतिनिधित्व एवं स्मरण पत्र दिए जाने के बावजूद उपराज्यपाल की ओर से गजट अधिसूचना जारी नहीं की गई।

लगातार हो रही देरी के चलते प्रवीण कोहली ने अक्टूबर 2025 में अपने अधिवक्ताओं ऋषभ कपूर, विशाल छाबड़ा और जितेंद्र कोहली के माध्यम से भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दिल्ली उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की। याचिका में मांग की गई है कि उपराज्यपाल को एपीएमसी (एमएनआई) के विधिवत निर्वाचित सदस्यों के नाम राजपत्र में प्रकाशित करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि समिति विधि के अनुसार कार्य कर सके।

मामला पहली बार 29 अक्टूबर 2025 को न्यायालय की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध हुआ, जहां उपराज्यपाल को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद 18 दिसंबर 2025 की तारीख निर्धारित की गई, लेकिन भारी मामलों की सूची के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी 2026 को निर्धारित की गई है।

इस बीच, विपणन ढांचे में कुछ प्रशासनिक बदलाव भी हुए हैं। जानकारी के अनुसार एक मार्केटिंग बोर्ड की नियुक्ति की गई है, जिसे प्रवीण कोहली द्वारा उठाए गए कानूनी कदम का परिणाम माना जा रहा है।

व्यापारियों और कृषि समुदाय के बीच अब 24 फरवरी 2026 की सुनवाई को लेकर विशेष उत्सुकता है। बाजार से जुड़े लोगों का मानना है कि समिति की औपचारिक अधिसूचना जारी होने से लंबित कार्यों को गति मिलेगी और मंडी संचालन में पारदर्शिता एवं सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।

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