Wednesday, May 6, 2026
spot_img
Home Blog Page 68

दिल्ली पुलिस का दावा: लापता लोगों की खबरें पैसे देकर फैलवाई जा रही हैं

दिल्ली में लोगों के अचानक लापता होने को लेकर सोशल मीडिया पर मचे शोर के बीच अब दिल्ली पुलिस ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। पुलिस का कहना है कि राजधानी में लापता लड़कियों और महिलाओं की संख्या बढ़ने को लेकर जो डर और घबराहट फैलाई जा रही है, वह पेड प्रमोशन का नतीजा है। पुलिस के मुताबिक, कुछ लोग पैसे लेकर भ्रामक सूचनाएं फैलाकर समाज में भय का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

दरअसल, साल 2026 के शुरुआती 36 दिनों में दिल्ली से 2,884 लोगों के लापता होने की खबरें सामने आईं, जिनमें से 409 लोगों की बरामदगी दर्ज की गई। ये मामले जनवरी से फरवरी 2026 के बीच के बताए गए। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि 1 जनवरी से 5 फरवरी के बीच 616 बच्चे और 1,372 महिलाएं लापता हुईं। इन आंकड़ों को आधार बनाकर सोशल मीडिया और कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यह संदेश तेजी से फैलाया गया कि दिल्ली में अचानक लापता लड़कियों की संख्या में भारी इजाफा हो गया है।

इन दावों के बाद आम लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बनने लगा। हालांकि, अब दिल्ली पुलिस ने इन खबरों को भ्रामक करार दिया है। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट जारी कर कहा कि मामले की जांच और कुछ सुरागों का पीछा करने के बाद यह सामने आया है कि लापता लड़कियों की संख्या बढ़ने को लेकर बनाई गई हाइप पेड प्रमोशन के जरिए फैलाई गई। पुलिस ने साफ शब्दों में कहा कि पैसे के लिए डर और अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे मामले पर दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर संजय त्यागी ने भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि लापता व्यक्तियों, खासकर बच्चों को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, दिल्ली में मिसिंग मामलों की रिपोर्टिंग में कोई असामान्य बढ़ोतरी नहीं हुई है। बल्कि जनवरी 2026 में पिछले वर्षों की समान अवधि की तुलना में ऐसे मामलों में कमी दर्ज की गई है।

दिल्ली पुलिस ने यह भी बताया कि लापता व्यक्ति की रिपोर्ट स्थानीय थाने, ऑनलाइन पोर्टल या ERSS-112 के जरिए दर्ज कराई जा सकती है। तय SOP के तहत शिकायत मिलते ही तुरंत तलाश शुरू की जाती है और बच्चों के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। सभी जिलों में डेडिकेटेड मिसिंग पर्सन स्क्वाड और क्राइम ब्रांच में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध सूचना की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से ही करें।

यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/dalals-attack-on-the-supreme-monastery-in-the-police-encounter-after-the-gangster-was-arrested-and-injured/

दिल्ली के आरके पुरम में मुठभेड़, पुलिस एनकाउंटर के बाद दो बदमाश दबोचे, एक घायल

दिल्ली के आरके पुरम इलाके में शुक्रवार तड़के पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। एनकाउंटर के बाद पुलिस ने लूट के मामलों में वांछित दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें से एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार बदमाशों की पहचान संजय और सोनू के रूप में हुई है। दोनों आरोपी इलाके में लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे। इसी दौरान आरके पुरम थाना पुलिस की टीम ने उन्हें संदिग्ध हालत में रोका और पूछताछ करने की कोशिश की।

हालांकि, पुलिस को देखते ही बदमाशों ने रुकने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की ओर से पुलिस पर कुल छह राउंड गोलियां चलाई गईं। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी चार राउंड फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को काबू में ले लिया।

यह मुठभेड़ तड़के करीब 3:30 बजे हुई। घायल बदमाश को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड के साथ-साथ अन्य लूट की वारदातों में संलिप्तता की जानकारी जुटा रही है।

दिल्ली में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं के बीच पुलिस की इस मुस्तैदी से एक बड़ी वारदात टल गई। मामले की जांच जारी है।

यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/your-lawyer-will-also-get-beaten-sagarpur-sho-and-wsi-caught-on-camera-calling-lawyers-beggars-in-front-of-rape-victim/

खाकी का ‘अंधेर राज’: सागरपुर थाने में रेप पीड़िता को धमकाया, SHO और महिला पुलिसकर्मियों ने वकीलों को कहा “भूखा-नंगा”

– दिल्ली दर्पण ब्यूरो 

नई दिल्ली | विशेष संवाददाता अक्सर थानों में सीसीटीवी कैमरे होने के बावजूद पुलिस का अमानवीय व्यवहार और बदतमीजी की खबरें चारदीवारी से बाहर नहीं आ पातीं। लेकिन सागरपुर थाने की एक रेप पीड़िता ने वह बहादुरी दिखाई जिसकी कल्पना शायद वहां तैनात अफसरों ने भी नहीं की होगी। महिला ने पुलिस के अहंकार और वकीलों के प्रति उनकी नफरत को अपने फोन में गुप्त रूप से रिकॉर्ड कर लिया। अगर यह वीडियो रिकॉर्ड नहीं होता, तो शायद दिल्ली पुलिस की यह ‘गुंडागर्दी’ और न्याय व्यवस्था के प्रति उनका शर्मनाक रवैया कभी दुनिया के सामने नहीं आ पाता।

SHO राज कुमार और महिला पुलिसकर्मियों की बदजुबानी

वायरल वीडियो में सागरपुर थाना अध्यक्ष SHO राज कुमार, WSI अंजू और WSI सुषमा का बेहद आपत्तिजनक और असंवैधानिक चेहरा सामने आया है। एक रेप पीड़ित महिला, जो न्याय की आस में थाने पहुंची थी, उसके सामने ये अधिकारी वकीलों की छवि खराब करते और उन्हें अपमानित करते दिखे।

वीडियो में पुलिस अधिकारियों ने वकीलों के लिए “भूखा-नंगा” और “पैसे का भूखा” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। महिला अधिकारियों ने पीड़िता को वकील न करने की हिदायत देते हुए कहा— “वकील गलत सलाह देते हैं, ये चार दिन के मेहमान होते हैं, इनके चक्कर में मत पड़ो।” हद तो तब हो गई जब सरेआम धमकी दी गई कि “तेरा वकील भी पिटेगा।”

न्याय के रास्ते में रोड़ा बने थानेदार

वीडियो में SHO राज कुमार का रवैया भी उतना ही तानाशाही पूर्ण दिखा। उन्होंने न केवल पीड़िता से बदतमीजी की, बल्कि कानूनी अधिकारों की धज्जियां उड़ाते हुए स्पष्ट आदेश दिया कि “वकीलों को थाने के अंदर नहीं घुसने दिया जाए।” एक तरफ सरकार ‘बेटी बचाओ’ और ‘पीड़ित को न्याय’ की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ सागरपुर थाने के ये जिम्मेदार अफसर एक रेप पीड़िता को कानूनी सहायता (Legal Aid) लेने से रोककर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।

वकीलों का आक्रोश: तत्काल निलंबन की मांग

जैसे ही यह वीडियो लीक हुआ, कानूनी गलियारों में हड़कंप मच गया। वकीलों ने इसे पूरी बिरादरी का अपमान बताते हुए सागरपुर थाने का घेराव किया। वकीलों का कहना है कि जो पुलिसकर्मी एक पीड़िता के सामने कानून के रक्षकों को “पीटने” और “थाने से भगाने” की बात करते हैं, वे वर्दी पहनने के लायक नहीं हैं।

पीड़ित महिला और वकीलों ने दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से मांग की है कि SHO राज कुमार, WSI अंजू और WSI सुषमा पर तत्काल प्रभाव से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए और उन्हें सेवा से निलंबित किया जाए।

गंभीर सवाल: रक्षक या भक्षक?

यह घटना दिल्ली पुलिस की ‘मित्र पुलिस’ वाली छवि पर एक गहरा दाग है। जब थाने के मुखिया और महिला अधिकारी ही पीड़िता को डराने लगें और वकीलों को सरेआम गाली दें, तो आम आदमी न्याय के लिए कहाँ जाएगा? इस गुप्त रिकॉर्डिंग ने साबित कर दिया है कि खाकी के भीतर कुछ लोग खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं।

यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/4-arrested-for-busting-a-factory-making-fake-birds-on-laxmi-road-north-west-water-police-takes-major-action/

लॉरेंस रोड पर नकली ब्रांडेड जींस बनाने वाली फैक्ट्रियों का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार-DIU उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस की बड़ी कार्रवाई

-लेवीज़, ज़ारा और CK जैसे नामी ब्रांड्स के हजारों नकली कपड़े व लेबल बरामद

नई दिल्ली, 5 फरवरी:
उत्तर-पश्चिम जिले की जिला जांच इकाई (DIU) ने लॉरेंस रोड औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे एक बड़े जालसाजी रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने यहां छापेमारी कर नामी अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के नाम पर नकली जींस और शर्ट तैयार करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से भारी मात्रा में तैयार माल, नकली टैग, लेबल और सिलाई मशीनें जब्त की गई हैं।


औद्योगिक क्षेत्र की छतों पर चल रहा था काला खेल
अपर पुलिस आयुक्त (उत्तर-पश्चिम जिला) भीष्म सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि लॉरेंस रोड इलाके में नामी ब्रांड्स के नकली लोगो लगाकर कपड़े तैयार किए जा रहे हैं। एसीपी अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में निरीक्षक सुनील कुमार और उनकी टीम ने 3 फरवरी को लॉरेंस रोड के विभिन्न भवनों (B-71, B-40/2 और B-28) पर अलग-अलग छापेमारी की।


भारी मात्रा में माल बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपियों ने फैक्ट्रियों के अंदर नामी कंपनियों के नकली लेबल और टैग रखे हुए थे। बरामद किए गए सामान का विवरण इस प्रकार है:

  • लेवीज़ (Levis): करीब 1831 नकली जींस पैंट और 205 शर्ट।
  • ज़ारा (Zara): 451 जींस पैंट और 800 से अधिक नकली लेबल।
  • केल्विन क्लेन (CK): 500 से अधिक तैयार और अधूरी जींस व फॉर्मल पैंट।
  • अन्य: कपड़ों पर लगाने वाले सैकड़ों नकली टैग और कपड़े सिलने वाली 3 सिलाई मशीनें।
    अशोक विहार और शकूरपुर के आरोपी गिरफ्तार
    पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान मो. शादिक अनवर (आजादपुर), रोशन झा (शकूरपुर), राजेश गुप्ता (अशोक विहार फेज-1) और साजन कुमार (लॉरेंस रोड) के रूप में हुई है।
  • कानूनी कार्रवाई
    आरोपियों के खिलाफ थाना केशव पुरम में ट्रेड मार्क अधिनियम (Trade Mark Act) की धारा 103/104 के तहत मुकदमा (FIR No. 35/2026) दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह नकली माल दिल्ली के किन-किन बड़े बाजारों में सप्लाई किया जा रहा था और इस रैकेट में अन्य कौन लोग शामिल हैं।

यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/the-young-man-was-impressed-by-the-girl-in-dalal-sakta-after-increasing-her-commitment/

दिल्ली: साकेत में लड़कियों पर कमेंट का विरोध करने पर युवक को बुरी तरह पीटा गया

नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के साकेत इलाके में लड़कियों पर अभद्र टिप्पणी का विरोध करना एक युवक को भारी पड़ गया। महरौली थाना क्षेत्र में चार युवकों ने एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। घायल युवक को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 3 फरवरी की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चार युवक सड़क पर एक शख्स को घेरकर लात-घूंसों से पीट रहे हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी सड़क किनारे खड़े थे, तभी वहां से कुछ लड़कियां गुजर रही थीं। आरोपियों ने उन पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसका विरोध वहां से गुजर रहे युवक ने किया। बस इसी बात से नाराज होकर चारों ने उस पर हमला कर दिया।

पीड़ित युवक की पहचान मुकेश के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विरोध करने पर आरोपियों को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने मुकेश की जमकर पिटाई कर दी। मारपीट के दौरान किसी ने भी उसे बचाने की कोशिश नहीं की। घटना का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

फिलहाल मुकेश की हालत गंभीर बनी हुई है और वह एम्स ट्रॉमा सेंटर में इलाजरत है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

दिल्ली में एक और हत्या की वारदात

इसी बीच दिल्ली के तिलक नगर इलाके से एक और गंभीर मामला सामने आया है। निजी विवाद के चलते एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग को हिरासत में लिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मृतक की पहचान शिवम (20) के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, 2 फरवरी को शिवम पर कई बार चाकू से वार किए गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक शिवम को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया जा चुका था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह कथित प्रेम संबंध को बताया जा रहा है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी घटनास्थल के पास से बरामद कर लिया है।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

यह भी पढ़ें:- https://delhidarpantv.com/the-ambulance-parked-outside-a-hospital-caused-trouble-for-thakurs-police-thakurs-police-took-major-action-by-seizing-several-vehicles-a-big-deal-was-reported-in-the-group-of-darpan-tv/