Wednesday, May 6, 2026
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Delhi Fog Alert: कोहरे से ढकी Delhi, आज बारिश संभव, फरवरी की शुरुआत में रिकॉर्डतोड़ बरसात

नई दिल्ली:
फरवरी की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। अगर आप सोच रहे थे कि जनवरी की बारिश के बाद फरवरी में मौसम साफ और सुहावना रहेगा, तो पहले ही हफ्ते में यह उम्मीद टूटती नजर आ रही है। फरवरी के पहले दो दिनों में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर पश्चिमी भारत में मौसम का मिजाज बिगड़ गया है।

दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सोमवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। हालात ऐसे रहे कि कई इलाकों में कुछ मीटर तक भी देख पाना मुश्किल हो गया। वहीं मौसम विभाग ने इस हफ्ते मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ी राज्यों में बारिश व बर्फबारी की चेतावनी जारी की है।

दिल्ली और वेस्ट यूपी में घने कोहरे का अलर्ट

मौसम विभाग ने दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए घने से अत्यधिक घने कोहरे का ऑरेंज और कई स्थानों पर रेड अलर्ट जारी किया है। आगरा, बरेली और बठिंडा जैसे शहरों में सुबह के समय जीरो विजिबिलिटी दर्ज की गई।

गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पर भी दृश्यता बेहद कम रही, जबकि दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी करीब 150 मीटर रिकॉर्ड की गई। आईटीओ, अक्षरधाम और राजीव चौक समेत राजधानी के कई इलाकों में कोहरे के कारण ट्रैफिक प्रभावित हुआ।

कोहरे से रेल यातायात प्रभावित, 80 से ज्यादा ट्रेनें लेट

घने कोहरे का असर रेल यातायात पर भी साफ नजर आया। भारतीय रेलवे के अनुसार, उत्तर भारत में करीब 87 ट्रेनें तय समय से देरी से चल रही हैं। खराब दृश्यता के चलते कई ट्रेनों को डायवर्ट भी करना पड़ा।

प्रयागराज एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, रीवा-आनंद विहार एक्सप्रेस और दिल्ली-पटना तेजस राजधानी जैसी कई प्रमुख ट्रेनें लेट रहीं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि सफर पर निकलने से पहले ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें।

IGI एयरपोर्ट पर एडवाइजरी जारी

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और इंडिगो एयरलाइंस ने कोहरे को लेकर एडवाइजरी जारी की है। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, घने कोहरे के कारण उड़ानों का संचालन CAT-III प्रणाली के तहत किया जा रहा है, जिससे कुछ फ्लाइट्स में देरी संभव है।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि उड़ान से पहले एयरलाइन या उसकी वेबसाइट से लेटेस्ट अपडेट जरूर लें।

फरवरी के पहले हफ्ते में दो बार बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के मुताबिक, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण 1 से 3 फरवरी के बीच दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

इसके बाद 5 से 7 फरवरी के बीच अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर उत्तर भारत में दिखेगा। इस दौरान उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी, जबकि दिल्ली-NCR और यूपी में फिर से बारिश होने के आसार हैं।

पंजाब-हरियाणा में भी फॉग अलर्ट

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में सुबह और शाम के समय कोहरा छाए रहने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर तक 5 फरवरी तक फॉग अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, असम और मेघालय में भी कोहरे का असर देखने को मिल सकता है।

दिल्ली में आज का मौसम

दिल्ली में आज बादल छाए रहने और सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना है। तेज हवाओं के कारण ठंड का अहसास बना रहेगा। 3 से 7 फरवरी तक बादल और कोहरे का असर जारी रह सकता है। हालांकि राजधानी में भारी बारिश की संभावना कम जताई गई है।

फरवरी में गर्मी कब दिखाएगी असर?

मौसम विभाग का कहना है कि फरवरी के पहले हफ्ते में बारिश के बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। फरवरी 2026 के दौरान न्यूनतम तापमान 11 से 13 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।

हालांकि उत्तर पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में शीत लहर वाले दिन अभी बने रह सकते हैं। कुल मिलाकर फरवरी में बारिश के बावजूद अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहने का अनुमान है।

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बजट 2026 को लेकर घमासान: सत्ता पक्ष ने सराहा, इमरान मसूद ने किया सिरे से खारिज

Union Budget 2026: बजट पर सियासी घमासान, बीजेपी ने बताया ऐतिहासिक तो कांग्रेस बोली—‘खाली डब्बा’

बजट 2026 के पेश होते ही देश की राजनीति में गर्माहट तेज हो गई है। केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। बजट भाषण के तुरंत बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच इसे लेकर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई।

बीजेपी ने बताया दूरदर्शी और ऐतिहासिक

बजट को लेकर बीजेपी सांसद एसपी सिंह बघेल ने इसे ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि आम बजट 2026 सभी वर्गों और क्षेत्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
एसपी सिंह बघेल के मुताबिक, इस बजट में ‘विकसित भारत 2047’ की स्पष्ट झलक देखने को मिलती है और यह आने वाले वर्षों में देश को मजबूत आधार देने का काम करेगा।

2047 तक आत्मनिर्भर भारत की नींव—बघेल

बीजेपी सांसद ने कहा कि किसान, युवा, महिलाएं, शिक्षक, डॉक्टर और व्यापारी—समाज का कोई भी वर्ग ऐसा नहीं है जिसे बजट में नजरअंदाज किया गया हो।
विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट तात्कालिक राजनीति के लिए नहीं बल्कि 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दीर्घकालिक सोच के साथ पेश किया गया है।

कांग्रेस का तीखा हमला, बताया ‘खाली डब्बा’

वहीं कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बजट को लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आम बजट 2026 को ‘खाली डब्बा’ बताते हुए कहा कि इसमें जनता के लिए कोई ठोस राहत नहीं है।
इमरान मसूद का कहना है कि सरकार ने पुराने वादों को नई पैकेजिंग में पेश करने की भी कोशिश नहीं की और इस बार तो पुराने वादों का जिक्र तक नहीं किया गया।

महंगाई और बेरोजगारी पर चुप्पी का आरोप

कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि बजट में महंगाई, बेरोजगारी और आम आदमी की रोजमर्रा की समस्याओं को लेकर कोई ठोस समाधान नहीं दिखता।
उनके अनुसार, यह बजट खोखले दावों से भरा है और इससे देश के आम नागरिक को कोई सीधा फायदा नहीं मिलने वाला।

बजट पर आगे और तेज होगी सियासत

इस तरह आम बजट 2026 को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के रुख में साफ अंतर नजर आ रहा है। बीजेपी इसे ऐतिहासिक और दूरदर्शी बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे जनता के लिए निराशाजनक करार दे रही है।
आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर बजट को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं।

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बारिश से ठिठुरे दिल्ली-NCR के लोग, फरवरी में मौसम दिखाएगा भीषण गर्मी के तेवर

दिल्ली एनसीआर में रविवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। इलाकों में हुई हल्की से मध्यम बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड का असर बढ़ गया है। बीती रात भी कुछ क्षेत्रों में बारिश देखने को मिली, जिसने लोगों को सर्दी का एहसास फिर से करा दिया।

आज कैसा रहेगा मौसम?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 1 फरवरी को दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में मौसम बदला-बदला रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिन में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
दिन का अधिकतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि रात के समय तापमान गिरकर करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। इससे सुबह और रात के वक्त ठंड और ज्यादा महसूस हो सकती है।

फरवरी में सामान्य से ज्यादा रहेगी गर्मी

हालांकि, यह राहत ज्यादा दिनों तक रहने वाली नहीं है। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि इस साल फरवरी का महीना सामान्य से अधिक गर्म रहने वाला है।
शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि देश के अधिकांश हिस्सों में फरवरी के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा। साथ ही, इस दौरान बारिश भी औसत से कम होने की संभावना है।

उत्तर भारत में बढ़ेगा तापमान, बारिश होगी कम

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, फरवरी में उत्तर और मध्य भारत सहित देश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा।
केवल दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ इलाकों में ही मौसम सामान्य रह सकता है। उत्तर-पश्चिम भारत—जिसमें दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं—में मासिक वर्षा सामान्य से कम रहने की आशंका जताई गई है।

क्यों कमजोर रही सर्दी?

इस सर्दी के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ की संख्या और तीव्रता दोनों ही कम रही। इसके चलते हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी भी देरी से हुई और वह भी 20 जनवरी के बाद। दिसंबर और जनवरी में बारिश और बर्फबारी की कमी के कारण पूरा सर्दी का मौसम अपेक्षाकृत शुष्क बना रहा।

गेहूं की फसल पर मंडरा रहा खतरा

आईएमडी प्रमुख ने रबी फसलों को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि तापमान में असामान्य बढ़ोतरी से गेहूं और जौ जैसी फसलें समय से पहले पक सकती हैं।
ऐसी स्थिति में बालियों में दाने पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते, जिससे दाने हल्के रह जाते हैं और कुल उत्पादन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

जलवायु परिवर्तन की ओर इशारा

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की कमी का सीधा संबंध जलवायु परिवर्तन से है।
हालांकि किसी एक कारण को चिन्हित करना मुश्किल है, लेकिन लंबे समय के आंकड़े साफ तौर पर ग्लोबल वार्मिंग और बदलते जलवायु पैटर्न की ओर इशारा करते हैं।

इस बार बारिश क्यों नहीं हुई?

महापात्र ने बताया कि जनवरी महीने में बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र का प्रभाव मुख्य रूप से पूर्वोत्तर भारत तक सीमित रहा। इसके अलावा, प्रभावी पश्चिमी विक्षोभों की कमी ने मैदानी इलाकों में नमी और ठंड दोनों को कमजोर कर दिया।

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वीर बाल दिवस: एमसीडी के ‘फर्स्ट वीरता फुटबॉल कप’ में सेंट्रल और नजफगढ़ ज़ोन का जलवा

दिल्ली दर्पण ब्यूरो
नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा वीर बाल दिवस के अवसर पर गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबज़ादों, बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी की अमर शहादत को समर्पित ‘फर्स्ट वीरता फुटबॉल कप’ का भव्य आयोजन किया गया। हरि नगर स्थित खाटू श्याम जी स्टेडियम में आयोजित इस प्रतियोगिता में दिल्ली के सभी ज़ोनों की छात्र-छात्राओं की टीमों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।


रोमांचक मुकाबलों में ये रहे विजेता
प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबलों में कड़ा संघर्ष देखने को मिला। लड़कों की श्रेणी में सेंट्रल ज़ोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताबी जीत हासिल की, वहीं लड़कियों की श्रेणी में नजफगढ़ ज़ोन की टीम विजेता बनकर उभरी।


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा, “यह आयोजन साहिबज़ादों के अदम्य साहस और बलिदान को याद करने का एक प्रयास है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि दृढ़ निश्चय ही सफलता की कुंजी है। एमसीडी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए हमेशा उनके साथ खड़ा है।”
शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री योगेश वर्मा (एडवोकेट) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “खेलेगा इंडिया, तो बढ़ेगा इंडिया” के विजन को धरातल पर उतारते हुए एमसीडी के स्कूल अब शिक्षा और खेल, दोनों क्षेत्रों में निजी स्कूलों को टक्कर दे रहे हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का आश्वासन दिया।


स्थाई समिति की अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने बच्चों की छिपी प्रतिभा को निखारने के लिए खेल मंचों की महत्ता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष श्री अमित खड़खड़ी, वेस्ट ज़ोन की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला कुमारी, उद्यान विभाग के अध्यक्ष श्री हरीश ओबेरॉय और क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती रविंद्र कौर सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में एडिशनल कमिश्नर श्री पंकज नरेश अग्रवाल, श्री संजय यादव और कार्यक्रम संयोजक श्रीमती कामना रावत का विशेष योगदान रहा।

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दिल्ली में फ्लाईओवर देरी मामला: ACB की कार्रवाई, गड़बड़ घोटाले का खुलासा

Delhi Flyover Scam: बारापुला फ्लाईओवर फेज-3 में देरी पर ACB की कार्रवाई, अज्ञात अधिकारियों और ठेकेदार पर FIR

देश की राजधानी दिल्ली में फ्लाईओवर निर्माण में देरी और लागत बढ़ोतरी को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने बारापुला फ्लाईओवर फेज-3 के निर्माण में असामान्य देरी और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के मामले में FIR दर्ज की है। यह FIR अज्ञात सरकारी अधिकारियों और एक निजी ठेकेदार के खिलाफ दर्ज की गई है।

ACB ने प्रारंभिक जांच के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7A और 13 के तहत मामला दर्ज किया है। इस आर्टिकल में जानिए पूरा मामला और जांच में अब तक क्या सामने आया है।

LG के निर्देश पर शुरू हुई जांच

जांच में सामने आया है कि फ्लाईओवर परियोजना में अनुचित और असामान्य देरी हुई, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। इस मामले की जांच के आदेश दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) ने अक्टूबर 2025 में दिए थे।

ACB ने परियोजना से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी है और निर्माण में हुई देरी के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

PWD को सौंपने होंगे सभी रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सिफारिश पर LG ने इस मामले का संज्ञान लिया था। 28 जुलाई 2025 को हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में इस प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे।

EFC ने गैर-सक्षम अधिकारियों द्वारा मध्यस्थता स्वीकार किए जाने और परियोजना में देरी को लेकर विस्तृत जांच की सिफारिश की थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) को ACB को सभी संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड सौंपने के निर्देश दिए गए।

2011 में मिली थी परियोजना को मंजूरी

बारापुला फ्लाईओवर फेज-3 परियोजना के तहत लगभग 3.5 किलोमीटर लंबा, चार लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाना है, जो सराय काले खां में मौजूदा बारापुला फ्लाईओवर से जुड़ेगा।

इस परियोजना को वर्ष 2011 में मंजूरी मिली थी। दिसंबर 2014 में इसके लिए 1,260.63 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। अप्रैल 2015 में निर्माण कार्य का ठेका L&T को दिया गया और परियोजना को अक्तूबर 2017 तक पूरा किया जाना था।

देरी और बढ़ी लागत पर उठे सवाल

परियोजना तय समय पर पूरी नहीं हो सकी। अधिकारियों के अनुसार, भूमि अधिग्रहण, पेड़ कटाई की अनुमति में देरी और विभागीय लापरवाही के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ।

अब इस परियोजना के जून 2026 तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। अब तक इस पर 1,238.68 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जबकि इसकी नई अनुमानित लागत 1,330 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

जांच जारी, और खुलासों की संभावना

ACB का कहना है कि जांच के दौरान अगर किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला दिल्ली में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी और जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करता है।

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