Wednesday, May 6, 2026
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MCD Action: ड्रग माफिया अल्का के अवैध साम्राज्य पर चला बुलडोज़र, परिवार पर 57 केस

Delhi Drug Mafia: द्वारका में कुख्यात लेडी ड्रग माफिया अल्का के अवैध निर्माण पर चला MCD का बुलडोज़र

दिल्ली के द्वारका इलाके में ड्रग माफिया के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। नगर निगम (MCD) और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन के तहत कुख्यात लेडी ड्रग माफिया अल्का से जुड़े अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई द्वारका के डाबड़ी थाना क्षेत्र में की गई, जहां अवैध निर्माण पर बुलडोज़र चलाया गया।

यह कार्रवाई द्वारका जिले के पुलिस डिप्टी कमिश्नर अंकित सिंह के निर्देश पर अंजाम दी गई। ऑपरेशन में डाबड़ी थाना पुलिस और एमसीडी की टीम मौके पर मौजूद रही और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।

नव नियुक्त SHO की सख्ती, MCD को दी गई सूचना

डाबड़ी थाना के नव नियुक्त थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गंगा राम मीणा ने पदभार संभालते ही अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। ड्रग माफिया से जुड़े अवैध निर्माण की सूचना एमसीडी को दी गई, जिसके बाद निगम ने कार्रवाई की योजना बनाई।

एमसीडी की टीम ने मकान संख्या B-101, पॉकेट-4, जेजे कॉलोनी, उत्तम नगर (बिंदापुर, डाबड़ी) में अवैध निर्माण को तोड़ दिया। इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।

लेडी ड्रग माफिया अल्का पर 28 से अधिक केस

बताया जा रहा है कि यह संपत्ति मनोज नागिया की पत्नी अल्का की है, जो एक कुख्यात लेडी ड्रग माफिया के रूप में जानी जाती है। अल्का के खिलाफ आबकारी अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट के तहत 28 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

उसके पति मनोज नागिया का नाम भी 15 से ज्यादा आपराधिक मामलों में शामिल है, जिनमें नशा तस्करी और अन्य संगीन अपराध शामिल हैं।

पूरे परिवार पर दर्ज हैं 57 आपराधिक मामले

जांच में सामने आया है कि इस परिवार के अन्य सदस्य भी अपराध की दुनिया से जुड़े हुए हैं। मनोज नागिया के बेटे करण के खिलाफ आबकारी और एनडीपीएस एक्ट के तहत 7 केस दर्ज हैं। वहीं दूसरे बेटे गौरव उर्फ गोलू पर एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के 4 मामले दर्ज हैं।

इसके अलावा, बेटी मनीषा के खिलाफ भी आबकारी अधिनियम के 3 केस दर्ज हैं। इस तरह पूरे परिवार पर कुल 57 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

नशा तस्करी और अवैध निर्माण पर सख्त संदेश

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई संगठित अपराध, नशा तस्करी और अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त संदेश देने के उद्देश्य से की गई है। डाबड़ी थाना पुलिस और एमसीडी की संयुक्त कार्रवाई से इलाके में अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं।

प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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सुभाष प्लेस हाई-प्रोफाइल चोरी केस का खुलासा, आदतन अपराधी राकेश गिरफ्तार

– दिल्ली दर्पण ब्यूरो 

नई दिल्ली। थाना सुभाष प्लेस में दर्ज जालसाजी आधारित चोरी के एक हाई-प्रोफाइल मामले में दिल्ली पुलिस उत्तर-पश्चिम जिला की बड़ी कामयाबी सामने आई है। चौकी डब्ल्यूपीआईए, थाना अशोक विहार की टीम ने वांछित आरोपी राकेश को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर पीड़ित की एक सोने की चेन भी बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान राकेश पुत्र लेखी सिंह, निवासी बलीजीत नगर, वेस्ट पटेल नगर, दिल्ली, उम्र 45 वर्ष के रूप में हुई है। आरोपी थाना सुभाष प्लेस में दर्ज FIR संख्या 287/25 के तहत जालसाजी सह चोरी के मामले में फरार चल रहा था। जांच में सामने आया है कि आरोपी आदतन और सक्रिय अपराधी है, जो पहले भी चोरी के दो मामलों में संलिप्त रह चुका है।

2012 में सशस्त्र लूट में काट चुका है सजा

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी राकेश वर्ष 2012 में थाना अशोक विहार के सशस्त्र चोरी सह लूट के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और उसे तीन वर्ष की सजा भी हो चुकी है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने आसान पैसे कमाने के लालच में अपराध का रास्ता अपनाया।

घटना का पूरा मामला

पुलिस ने बताया कि 26 अप्रैल 2025 की शाम शिकायतकर्ता गौरव ढींगरा जब अपने परिवार के साथ डिनर के बाद कोहाट एन्क्लेव स्थित अपने घर लौटे, तो घर का सामान बिखरा पड़ा था। घरेलू सहायक सोनू मौके से गायब था और सोने-हीरे के आभूषण चोरी हो चुके थे। सहायक का मोबाइल फोन भी बंद मिला, जिसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिस टीम की सतर्कता से मिली सफलता

जांच के दौरान पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि राकेश फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसआई शिवेंद्र और एचसी द्रवेश की विशेष टीम बनाई गई, जिसने एसआई रोहित चाहर (प्रभारी चौकी डब्ल्यूपीआईए) के नेतृत्व में लगातार प्रयास करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार, एसएचओ अशोक विहार तथा एसीपी आकाश रावत के पर्यवेक्षण में की गई।

पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर शिकायतकर्ता की एक सोने की चेन बरामद की गई है। पुलिस अब आरोपी की अन्य मामलों में संलिप्तता की भी जांच कर रही है। मामले की आगे की जांच जारी है।

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DDA की मनमानी पर चला विधायक का हथौड़ा: अशोक गार्डन के बंद गेट तोड़े, दीवार ढहाई

 टिकट लगाने की मंशा से डीडीए ने बंद किए थे पार्क के रास्ते, ‘लेडी सिंघम’ अवतार में दिखीं विधायक पूनम भारद्वाज

– दिल्ली दर्पण ब्यूरो 

नई दिल्ली, मुख्य संवाददाता वजीरपुर के अशोका गार्डन में प्रवेश शुल्क (Entry Fee) लगाने की डीडीए की तैयारी और स्थानीय कॉलोनियों के रास्ते बंद करने के फैसले के खिलाफ जन-आक्रोश फूट पड़ा है। क्षेत्रीय विधायक पूनम भारद्वाज ने ‘सिंघम’ तेवर दिखाते हुए खुद हथौड़ा उठाकर डीडीए द्वारा बनाई गई दीवार को ढहा दिया और वेल्डिंग कर बंद किए गए गेटों को कटर से कटवा कर जनता के लिए रास्ता खोल दिया। इस दौरान डीडीए अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। 

दरअसल, डीडीए वजीरपुर के सबसे बड़े पार्क ‘अशोका गार्डन’ में प्रवेश के लिए टिकट प्रणाली लागू करने की योजना बना रहा है। इसी मंशा के साथ प्रशासन ने बुनकर कॉलोनी और भारत नगर की ओर से पार्क में जाने वाले एंट्री गेटों को दीवार चुनकर और वेल्डिंग कर पूरी तरह बंद कर दिया था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह पार्क न केवल टहलने के लिए है, बल्कि स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों के लिए मुख्य मार्ग भी है। रास्ता बंद होने से लोगों को कई किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ रहा था।

‘दिल्ली दर्पण टीवी’ की खबर का बड़ा असर

इस समस्या को लेकर ‘दिल्ली दर्पण टीवी’ ने प्रमुखता से खबर दिखाई थी, जिसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। जनता की पुकार सुनकर विधायक पूनम भारद्वाज मौके पर पहुंचीं। वहां की स्थिति और लोगों की बेबसी देखकर वह आग बबूला हो गईं। उन्होंने तुरंत भारी हथौड़ा मंगवाया और खुद ही दीवार तोड़ना शुरू कर दिया।  बुनकर कॉलोनी का रास्ता साफ करने के बाद विधायक समर्थकों और जनता के साथ भारत नगर गेट पहुंचीं। वहां गेट को इतनी मजबूती से वेल्ड किया गया था कि वह हथौड़े से नहीं टूटा। इसके बाद विधायक ने तत्काल इलेक्ट्रिक कटर मशीन मंगवाई और गेट को कटवाकर रास्ता बहाल कराया। मौके पर मौजूद जनता ने अपनी विधायक के इस साहसी कदम की सराहना करते हुए उन्हें ‘लेडी सिंघम’ का नाम दिया। 

पूनम भारद्वाज ने डीडीए अधिकारियों से साफ़ कहा कि जो पार्क जनता के काम ना सके , जिसमें जनता प्रवेश ना कर सके ऐसा पार्क उन्हें नहीं चाहिए। पार्क का विकास हो इसमें कोई बुराई नहीं है। लेकिन इस तरह लोगों का रास्ता बंद करना बिलकुल बर्दास्त नहीं किया जाएगा। पूनम भारद्वाज ने लोगों को आश्वस्त किया की किसी भी कॉलोनी में गेट को बंद नहीं होने दिया जाएगा। पूनम भारद्वाज के इस ऐलान के बाद लोगों में ख़ुशी की लहार दौर गयी। पूनम भारद्वाज के नारे लगते हुए उन्हें  लेडी सिंघम तक कह दिया। 

मौके पर मौजूद डीडीए अधिकारियों ने इस कार्रवाई का विरोध किया लेकिन जनता के भारी हुजूम के आगे उनकी एक न चली। अधिकारियों का कहना है कि पार्क में टिकट लगाने का निर्णय उच्च स्तर पर लिया गया है और सुरक्षा की दृष्टि से कुछ गेट बंद किए गए थे। फिलहाल, इस घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और अब सबकी नजरें डीडीए के अगले कदम पर टिकी हैं।

  “Lady Singham” in Action: MLA Poonam Bhardwaj Smashes DDA Wall with Sledgehammer to Reopen Park Gates 

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Delhi Jal Board ZRO Suspension: मंत्री परवेश साहिब सिंह की औचक रेड, तीन ZRO तत्काल सस्पेंड

दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब दिल्ली सरकार के मंत्री परवेश साहिब सिंह ने अचानक बोर्ड के दफ्तरों का निरीक्षण किया। सुबह कार्यालय समय के दौरान राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार जोन के ZRO (ज़ोनल रेवेन्यू ऑफिसर) अपने-अपने दफ्तरों से नदारद पाए गए। इस पर मंत्री ने तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए तीनों अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया।

मंत्री परवेश साहिब सिंह ने पहले संबंधित ZRO से फोन पर बातचीत की और उनकी अनुपस्थिति पर जवाब मांगा। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उन्होंने तीनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया। इस पूरी कार्रवाई का वीडियो मंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर साझा किया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है।

“लापरवाही बर्दाश्त नहीं” – मंत्री परवेश साहिब सिंह

मंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा, “आज निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताओं, लापरवाही और ड्यूटी पर देरी को देखते हुए दिल्ली जल बोर्ड के राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार जोन के ZRO को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। हमारी सरकार का स्पष्ट संदेश है कि जनसेवा में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदारी निभानी होगी, वरना कार्रवाई तय है।”

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं

मंत्री की इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने खुलकर अपनी राय रखी। एक यूजर ने सुझाव दिया कि सभी अधिकारियों की बायोमैट्रिक हाजिरी अनिवार्य की जाए और इन-आउट रिकॉर्ड के बिना वेतन न दिया जाए। वहीं, दूसरे यूजर ने नांगलोई क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होती और मामलों को बिना समाधान के बंद कर दिया जाता है।

शिकायतों पर कार्रवाई न होने से जनता नाराज

कई लोगों ने सीवर और पानी से जुड़ी समस्याओं की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि वर्षों से शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। यूजर्स का कहना है कि दिल्ली जल बोर्ड के पास पर्याप्त बजट और शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था होने के बावजूद हालात नहीं सुधर रहे हैं और सिर्फ औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं।

मंत्री परवेश साहिब सिंह के पास कौन-कौन से मंत्रालय

गौरतलब है कि मंत्री परवेश साहिब सिंह के पास लोक निर्माण विभाग (PWD), जल, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण, गुरुद्वारा चुनाव और विधायी मामलों का जिम्मा है। हाल ही में उन्होंने नई दिल्ली विधानसभा सीट से अरविंद केजरीवाल को चुनाव में हराया था।

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“फोन पर सिर्फ काजल की चीखें थीं…”: दिल्ली पुलिस कमांडो की हत्या पर भाई का दिल दहला देने वाला खुलासा

दिल्ली से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात SWAT कमांडो काजल की कथित तौर पर पति द्वारा बेरहमी से पिटाई किए जाने के बाद मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने इसे दहेज उत्पीड़न और लंबे समय से चली आ रही घरेलू हिंसा का मामला बताया है।

परिवार के मुताबिक, घटना के दिन काजल ने अपने भाई निखिल को फोन किया था। निखिल ने बताया कि फोन पर उनकी बहन की चीखें सुनाई दे रही थीं और वह असहनीय दर्द में थी। उन्होंने कहा कि कॉल करीब पांच मिनट तक चली, जिसके बाद फोन कट गया। कुछ ही देर बाद काजल के पति का फोन आया, जिसमें उसने काजल की मौत की सूचना दी।

शादी के बाद से ही दहेज को लेकर विवाद

काजल के भाई निखिल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज को लेकर असंतुष्ट था। बार-बार यह कहा जाता था कि उन्हें शादी में अपेक्षा से कम दहेज मिला है। शुरू में हालात कुछ समय के लिए सामान्य रहे, लेकिन बाद में पति का व्यवहार भी बदल गया और काजल के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना शुरू हो गई।

अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित

परिजनों के अनुसार, घटना के बाद काजल को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि वह ब्रेन डेड हो चुकी है और इलाज की कोई संभावना नहीं है। कुछ समय बाद अस्पताल में ही काजल की मौत हो गई।

मां का दर्द: पहले दिन से ही परेशान थी बेटी

काजल की मां ने बताया कि उनकी बेटी की शादी 23 नवंबर 2023 को हुई थी। शादी के तुरंत बाद से ही पति-पत्नी के बीच झगड़े शुरू हो गए थे। मां के अनुसार, काजल शादी के पहले दिन से ही अपनी परेशानी उन्हें बताने लगी थी। वह मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से बेहद परेशान थी, लेकिन परिवार को उम्मीद थी कि हालात सुधर जाएंगे।

फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और परिजन काजल को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर दहेज और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर सवाल खड़े करती है।

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