Wednesday, May 6, 2026
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सिद्धू मूसेवाला से दिशा पाटनी केस तक, हर बड़े मामले को सुलझाने वाली दिल्ली पुलिस की सुपरकॉप जोड़ी को वीरता पुरस्कार

नई दिल्ली | विशेष रिपोर्ट

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर निशांत दहिया और मंजीत जागलान को गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर पुलिस वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। बीते कुछ वर्षों में देश के सबसे संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामलों में निर्णायक भूमिका निभाने वाली यह जोड़ी आज दिल्ली पुलिस की “सुपरकॉप” पहचान बन चुकी है।

हाई-प्रोफाइल और हाई-रिस्क मामलों में बड़ी सफलता

स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट में तैनात दोनों अधिकारियों ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड, सलमान खान के घर फायरिंग, मोहाली RPG हमला, फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर गोलीबारी, सिंगर बादशाह के कैफे पर फायरिंग और संसद भवन से जुड़े सुरक्षा मामलों जैसे कई बड़े केसों में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल की तलाश और उससे जुड़े नेटवर्क को तोड़ने में भी इनकी सूझबूझ और जमीनी कार्रवाई निर्णायक साबित हुई।

रणनीति ही नहीं, फ्रंटलाइन पर लीडरशिप

इंस्पेक्टर निशांत दहिया और मंजीत जागलान की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इन्होंने सिर्फ ऑपरेशन की योजना नहीं बनाई, बल्कि खुद मैदान में उतरकर टीम का नेतृत्व किया। चाहे गैंगस्टरों की गोलीबारी हो या अंतरराष्ट्रीय अपराध गिरोहों का पीछा, दोनों अफसर हर बार फ्रंटलाइन पर डटे रहे। इन्हीं असाधारण साहसिक कार्रवाइयों के लिए केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा इन्हें वीरता पुरस्कार प्रदान किया गया।

2014 बैच के अफसर, फील्ड से बनी पहचान

हरियाणा के रहने वाले दोनों अधिकारी 2014 बैच के हैं। शुरुआती दिनों से ही इन्होंने फील्ड में मजबूत पकड़ बनाई। लगातार ऑपरेशनल सफलता, सटीक इंटेलिजेंस इनपुट और जोखिम भरे अभियानों के चलते इन्हें आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन भी मिला। इसके बाद यह जोड़ी उत्तर भारत में सक्रिय कुख्यात गैंगस्टर नेटवर्क के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गई।

गैंगस्टर और आतंकी नेटवर्क पर कड़ा प्रहार

इनकी अगुवाई में लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, कौशल चौधरी, जग्गू भगवानपुरिया, काला जठेड़ी और आतंकी अर्श डाला से जुड़े नेटवर्कों पर शिकंजा कसा गया। कई शूटर गिरफ्तार हुए, भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए गए और कई मुठभेड़ों में कुख्यात अपराधी ढेर हुए। कई मामलों में बदमाशों को जिंदा पकड़कर अदालत तक पहुंचाया गया।

अमृतपाल केस से लेकर एनकाउंटर तक अहम योगदान

खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल की गिरफ्तारी में जमीनी स्तर पर जुटाए गए इनपुट्स को बड़ी सफलता माना गया। सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में शूटरों की पहचान, मोहाली RPG हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी, दिशा पाटनी के घर फायरिंग मामले में शूटरों का एनकाउंटर और सलमान खान के घर फायरिंग करने वालों तक पहुंचने में भी इस जोड़ी की भूमिका अहम रही।
इसके अलावा हिमांशु भाऊ गैंग के अजय उर्फ गोली और तीन लाख के इनामी रोमील बोहरा के एनकाउंटर, गैंगस्टर गोगी की गिरफ्तारी और लॉरेंस बिश्नोई के करीबी राशिद उर्फ केबलवाला को पकड़ने जैसे ऑपरेशनों में भी यह जोड़ी आगे रही।

दिल्ली पुलिस की पहचान बनी सुपरकॉप जोड़ी

लगातार गैंगस्टरों और आतंकियों के खिलाफ साहसिक कार्रवाई, जोखिम भरे ऑपरेशन और प्रोफेशनल पुलिसिंग के लिए इंस्पेक्टर निशांत दहिया और इंस्पेक्टर मंजीत जागलान को वर्ष 2025 का पुलिस वीरता पुरस्कार दिया गया।
आज यह जोड़ी आम लोगों के लिए भरोसे का नाम और अपराधियों के लिए खौफ का दूसरा नाम बन चुकी है।

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दिल्ली पुलिस का मेगा एक्शन, कवच 12.0 में एक दिन में 586 गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली में अपराध पर शिकंजा कसने के लिए दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन कवच 12.0 के तहत बड़ा अभियान चलाया। इस 24 घंटे चले मेगा ऑपरेशन में पुलिस ने 586 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि 1,439 लोगों को एहतियाती हिरासत में लिया गया।

दिल्ली पुलिस का यह विशेष अभियान 23 जनवरी 2026 शाम 6 बजे से 24 जनवरी 2026 शाम 6 बजे तक चला। इस दौरान दिल्ली भर में 147 पुलिस टीमों ने 325 स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की।

पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन कवच 12.0 के तहत एनडीपीएस एक्ट में 4 मामले दर्ज किए गए और 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा दिल्ली आबकारी अधिनियम के तहत 15 केस दर्ज कर 22 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। वहीं आर्म्स एक्ट के अंतर्गत 15 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।

इस अभियान के दौरान दिल्ली पुलिस ने लगातार नाकाबंदी, मोबाइल पेट्रोलिंग, तकनीकी और मानव खुफिया जानकारी के आधार पर निगरानी और दबिश दी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरे ऑपरेशन का फोटो और वीडियो डॉक्यूमेंटेशन भी किया गया।

ऑपरेशन कवच 12.0 में स्पेशल स्टाफ, ANTF, AATS और तकनीकी निगरानी इकाइयों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन यूनिट्स ने खुफिया सूचनाएं विकसित करने, रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन और जमीनी स्तर पर कार्रवाई को प्रभावी बनाने में अहम योगदान दिया।

पुलिस ने बताया कि इस दौरान 328 COTPA चालान काटे गए, जबकि एनडीपीएस, आबकारी, बीएनएसएस, आर्म्स एक्ट और अन्य निवारक धाराओं के तहत कुल 165 गिरफ्तारियां की गईं।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन कवच 12.0 का उद्देश्य अपराधियों में खौफ पैदा करना और राजधानी में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के सघन अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

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दिल्ली मेट्रो में 20 लाख के कीमती सामान से भरा बैग चोरी, 18 वर्षीय छात्रा दबोची गई

नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो स्टेशन से कीमती सामान से भरे बैग की चोरी का मामला सामने आया है। इस बैग में करीब 20 लाख रुपये मूल्य के गहने और अन्य कीमती वस्तुएं थीं। पुलिस ने इस मामले में 18 वर्षीय बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, बैग चोरी होने के बाद 22 जनवरी को कश्मीरी गेट मेट्रो पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मेट्रो स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।

जांच के दौरान चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज में एक युवती बैग लेकर मिलेनियम सिटी सेंटर की ओर जाने वाली मेट्रो ट्रेन में चढ़ती हुई दिखाई दी। युवती ने गुलाबी रंग की जैकेट और काली पैंट पहन रखी थी।

इसके बाद फुटेज की कड़ी जोड़ते हुए पुलिस को पता चला कि वह युवती नोएडा सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-2 से बाहर निकली थी। पुलिस ने पहचान के आधार पर युवती का पता लगाया और उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में युवती ने बताया कि वह चांदनी चौक बाजार में खरीदारी के लिए गई थी। मेट्रो स्टेशन पर सामान की स्कैनिंग के दौरान उसने शिकायतकर्ता का बैग उठा लिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि युवती कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी, जिसके बाद उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी छात्रा का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। वहीं, चोरी किया गया बैग बरामद कर लिया गया है, जिसमें सोने के गहने और अन्य सभी कीमती सामान सुरक्षित मिले हैं। बैग मिलने के बाद शिकायतकर्ता ने राहत की सांस ली है।

फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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दिल्ली क्राइम : शास्त्री पार्क में 32 साल के युवक की गोली मारकर हत्या फॉरेंसिक टीम ने परदा खोला

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके से शनिवार रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां 32 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

पुलिस के अनुसार, गोली चलने की यह घटना शनिवार रात करीब 11:24 बजे थाना शास्त्री पार्क क्षेत्र के बुलंद मस्जिद इलाके में हुई। गोली लगने के बाद युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तत्काल जेपीसी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पहचान समीयर उर्फ मुस्तकीम उर्फ कामू पहलवान (32 वर्ष) पुत्र अलीमुद्दीन, निवासी बुलंद मस्जिद, शास्त्री पार्क के रूप में हुई है।

सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू की। इसके साथ ही फॉरेंसिक टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हत्या में शामिल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है।

फिलहाल आरोपी फरार है, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही हत्या में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की जांच जारी है।

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दिल्ली के नारायणा गांव में पार्किंग संकट गहराया, DDA की दीवार से बढ़ी परेशानी

Delhi News:
पश्चिमी दिल्ली के नारायणा गांव में इन दिनों पार्किंग की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को अपने घरों के आसपास वाहन खड़ा करने की जगह नहीं मिल पा रही है और मजबूरी में उन्हें करीब दो किलोमीटर दूर खुले मैदानों में अपनी गाड़ियां छोड़नी पड़ रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि घर से इतनी दूरी पर वाहन पार्क करने से न सिर्फ चोरी का खतरा बना रहता है, बल्कि गलत स्थान पर पार्किंग होने की वजह से चालान कटने की आशंका भी बनी रहती है। इस समस्या ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को खासा प्रभावित कर दिया है।

डीडीए की कार्रवाई से बढ़ी मुश्किलें
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने गांव से सटी खाली जमीन को अचानक दीवार बनाकर घेर दिया और उस पर ताला लगाकर प्रवेश बंद कर दिया। इसी के बाद से गांव में पार्किंग संकट और गहरा गया। लोगों का कहना है कि वर्षों पहले जब डीडीए ने गांव की जमीन का अधिग्रहण किया था, तब विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे। यहां तक कि राज्यसभा में भी सैकड़ों बीघा जमीन अधिग्रहण की जानकारी दी गई थी, लेकिन आज उसी गांव के लोग अपनी गाड़ियों के लिए जगह ढूंढने को मजबूर हैं।

अस्थायी पार्किंग के नियम पर अटका मामला
स्थानीय लोगों के अनुसार डीडीए ने 5 जनवरी से एक नया प्रावधान लागू किया है, जिसके तहत खाली जमीन को अस्थायी पार्किंग के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए ग्रामीणों की ओर से आवेदन भी किया गया है, लेकिन अब तक जमीन को नहीं खोला गया है। लोगों का कहना है कि अचानक दीवार खड़ी कर प्रवेश बंद कर देने से उन्हें रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और वाहन दूर खड़े कर पैदल घर लौटना पड़ता है।

25 साल पुरानी व्यवस्था टूटी, सड़क पर उतरे लोग
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब 25 वर्षों से इसी स्थान पर वाहन पार्क किए जाते रहे हैं। उस समय न चोरी का डर था और न ही चालान की चिंता। अब हजारों ग्रामीण इस संकट से प्रभावित हैं। अपनी मांगों को लेकर लोग एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं, ताकि उनकी आवाज सरकार तक पहुंचे और इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान निकल सके।

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