दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: ई-स्कूटर बैटरी चोरों का अंतरराज्यीय गैंग बेनकाब, 20 लिथियम बैटरियां बरामद
-समयपुर बादली पुलिस ने दिल्ली से हाथरस तक फैले चोरी के नेटवर्क का किया खुलासा, 14 बैटरी चोरी के मामले सुलझे। -हेयर ट्रांसप्लांट कॉल सेंटर की आड़ में चल रहा था बैटरी चोरी का खेल, जीपीएस हटाकर यूपी भेजी जाती थीं चोरी की बैटरियां।

- राजेंद्र स्वामी , दिल्ली दर्पण ब्यूरो
दिल्ली: आउटर नॉर्थ जिले की समयपुर बादली थाना पुलिस ने इलेक्ट्रिक स्कूटरों की लिथियम बैटरी चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 20 चोरी की गई लिथियम बैटरियां बरामद की हैं। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पांच अन्य लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें मामले में बांधा (Bound Down) गया है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से बैटरी चोरी के 14 मामलों का खुलासा हुआ है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई उत्तरी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह के निर्देशन, आउटर नॉर्थ जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-प्रथम लोकेश्वरन आर. और एसीपी एसपी बादली फिरोज आलम की निगरानी में की गई।मामले की शुरुआत 30 सितंबर 2026 को हुई, जब राजा विहार, बादली निवासी श्याम बाबनू कुमार ने अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी से लिथियम बैटरी चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर समयपुर बादली थाने में ई-एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। क्षेत्र में लगातार हो रही बैटरी चोरी की घटनाओं को देखते हुए एसएचओ शैलेंद्र सिंह जाखड़ के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थलों और आसपास लगे करीब 50 से 60 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान दो संदिग्ध बैटरी चोरी करते हुए दिखाई दिए।
तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय सूचना के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी लक्ष्य सिंह उर्फ लकी (19) को बादली से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर इलेक्ट्रिक स्कूटरों की लिथियम बैटरियां चोरी करता था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-24 स्थित दीप विहार में एक छोटा हेयर ट्रांसप्लांट कॉल सेंटर चलाते थे। आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने बैटरी चोरी का रास्ता अपनाया।जांच में यह भी सामने आया कि चोरी की गई बैटरियों से पहले जीपीएस डिवाइस निकाल दिए जाते थे, फिर उन्हें रोडवेज बसों के जरिए आनंद विहार आईएसबीटी से उत्तर प्रदेश भेजा जाता था। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र का रहने वाला विकास इन बैटरियों को प्राप्त करता था और ऑनलाइन भुगतान करता था।पुलिस ने लक्ष्य सिंह की निशानदेही पर हाथरस से विकास (24) को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से सात चोरी की लिथियम बैटरियां बरामद हुईं। आगे की जांच में पता चला कि विकास चोरी की बैटरियां जतीन से खरीदकर दिल्ली के मंडोली में पंकज और दीपक को बेचता था। इसके बाद पुलिस ने पंकज, दीपक और जतीन को भी पकड़ लिया। उनकी निशानदेही पर मंडोली स्थित एक गोदाम से 13 और चोरी की लिथियम बैटरियां बरामद की गईं।
पुलिस के अनुसार, जांच में चोरी, बैटरियों को खोलने, परिवहन और बिक्री का एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क सामने आया है, जो दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बीच सक्रिय था।गिरफ्तार आरोपियों में लक्ष्य सिंह उर्फ लकी (19) निवासी बादली, दिल्ली और विकास (24) निवासी गांव बसई, थाना सिकंदराराऊ, जिला हाथरस, उत्तर प्रदेश शामिल हैं। विकास पहले भी दिल्ली के प्रशांत विहार थाने में दर्ज दो चोरी के मामलों में शामिल रह चुका है।वहीं, प्रशांत झा उर्फ ब्राह्मण, आर्यन वाधवा उर्फ रोनी, पंकज उर्फ देवानंद, दीपक और जतीन के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है।बरामदगी में 20 चोरी की गई लिथियम बैटरियां (खोली हुई अवस्था में), अपराध में इस्तेमाल की गई एक स्कूटी तथा बैटरी चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजारों से भरा एक ब्लिंकिट बैग शामिल है।समयपुर बादली थाना पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए बैटरी चोरी से जुड़े कुल 14 ई-एफआईआर मामलों का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि पूरे गिरोह के नेटवर्क, चोरी की कमाई और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच अभी जारी है।

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