दिल्ली में इस महीने की सबसे ठंडी सुबह दर्ज, 21 अक्टूबर से 'खराब' हो सकती है हवा
सफदरजंग में न्यूनतम तापमान गिरकर 17.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा, आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता बिगड़ने का अनुमान।

राजधानी दिल्ली में सोमवार की सुबह इस महीने की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई। सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान गिरकर 17.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो इस मौसम के सामान्य औसत से 1.3 डिग्री सेल्सियस कम है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिन का अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शहर के बेस स्टेशन सफदरजंग पर दर्ज किया गया यह तापमान सामान्य से नीचे रहा और यह इस महीने की अब तक की सबसे ठंडी रात रही। तापमान में गिरावट के साथ ही आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता में गिरावट आने की आशंका जताई गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार शाम 4 बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 139 रहा, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है। आंकड़ों की रिपोर्ट देने वाले 58 निगरानी केंद्रों में से दो पर हवा 'खराब', छह पर 'संतोषजनक' और बाकी केंद्रों पर 'मध्यम' श्रेणी में दर्ज की गई। पूसा में सबसे अधिक 281 एक्यूआई दर्ज किया गया।
वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली ने पूर्वानुमान जारी किया है कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता 19 और 20 अक्टूबर को 'मध्यम' श्रेणी में बनी रहेगी। हालांकि, इसके बाद 21 और 22 अक्टूबर को स्थिति बिगड़कर 'खराब' श्रेणी में पहुंचने की संभावना है। इसके बाद के अगले छह दिनों के दौरान भी प्रदूषण स्तर 'खराब' रहने का अनुमान है।
पूर्वानुमान प्रणाली के अनुसार, प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियां प्रदूषकों के छितराव को बाधित कर सकती हैं। 6,000 वर्ग मीटर प्रति सेकंड से कम वेंटिलेशन इंडेक्स और 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम की औसत हवा की गति प्रदूषकों के फैलाव के लिए प्रतिकूल मानी जाती है।
दूसरी ओर, आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की क्रीम्स (CREAMS) प्रयोगशाला के उपग्रह आंकड़ों के अनुसार, 19 अक्टूबर को छह राज्यों में पराली जलाने की 98 घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें उत्तर प्रदेश में 27, पंजाब में 25, राजस्थान में 24, उत्तराखंड में 18 और मध्य प्रदेश में चार घटनाएं शामिल हैं। सोमवार को हरियाणा या दिल्ली में पराली जलाने का कोई मामला सामने नहीं आया।
संस्थान के आंकड़ों के मुताबिक, 15 सितंबर से 19 अक्टूबर के बीच छह राज्यों में कुल 1,171 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें मध्य प्रदेश में 370, पंजाब में 368, राजस्थान में 197, उत्तर प्रदेश में 175, उत्तराखंड में 51, हरियाणा में नौ और दिल्ली में एक घटना शामिल है।
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