दिल्ली में सर्दियों की आहट के साथ बढ़ा प्रदूषण का डर, लोगों ने शुरू की बचाव की तैयारी
राजधानी में शनिवार को औसत एक्यूआई 171 दर्ज हुआ, वहीं स्मॉग से बचने के लिए नागरिकों ने दिल्ली छोड़ने और इंडोर रहने की योजना बनाई।

राजधानी दिल्ली में अक्टूबर का महीना शुरू होते ही प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है, जिसके चलते सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। स्मॉग और जहरीली हवा के दुष्प्रभावों से बचने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के निवासियों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। कई लोग नवंबर और दिसंबर के महीनों में शहर से बाहर जाने की योजना बना रहे हैं, तो वहीं कई अन्य घरों में ही सुरक्षित रहने के उपाय तलाश रहे हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 171 दर्ज किया गया। हालांकि शहर का औसत स्तर मध्यम श्रेणी में रहा, लेकिन दिल्ली के कम से कम पांच प्रमुख इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई। इसके साथ ही आसपास के एनसीआर के कई प्रमुख शहरों में भी वायु प्रदूषण का असर साफ नजर आने लगा है।
दिल्ली के जिन इलाकों में शनिवार को वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही, उनमें आईआईटी दिल्ली का एक्यूआई सर्वाधिक 241 दर्ज किया गया। इसके अलावा जहांगीरपुरी में 224, दिलशाद गार्डन में 224, द्वारका सेक्टर-8 में 231 और नरेला में 201 एक्यूआई रहा। वहीं एनसीआर के शहरों में गाजियाबाद में 222 और नोएडा में 204 एक्यूआई दर्ज हुआ, जबकि गुरुग्राम में 194, फरीदाबाद में 139 और ग्रेटर नोएडा में 107 दर्ज किया गया।
पूर्वानुमान के अनुसार 4 से 6 अक्टूबर के दौरान दिल्ली में प्रदूषण का स्तर सामान्य से संतोषजनक श्रेणी के बीच बना रह सकता है। इसके अलावा अगले लगभग छह दिनों तक भी हवा की गुणवत्ता में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। इसके बावजूद आने वाले महीनों में प्रदूषण की गंभीर स्थिति की आशंका से नागरिक पहले से सतर्क हो गए हैं।
प्रदूषण से बचने के लिए कई नागरिकों ने पहले से ही रणनीतियां बनानी शुरू कर दी हैं। कुछ लोग सर्दियों के चरम प्रदूषण वाले महीनों के दौरान मुंबई या हॉन्गकॉन्ग जैसी जगहों पर समय बिताने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं बुजुर्गों और सांस के मरीजों के परिवारों ने घर में एयर प्यूरीफायर की सर्विसिंग करवा ली है या नए उपकरण लगवाए हैं।
सुबह और शाम को पार्कों में टहलने और कसरत करने वाले लोग भी अपनी दिनचर्या में बदलाव कर रहे हैं। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए लोगों ने खुले पार्कों में जाने के बजाय घर के भीतर ही चहलकदमी करने का फैसला किया है। कुछ फिटनेस प्रेमी ऐसे जिम का रुख कर रहे हैं जहां एयर प्यूरीफायर लगे हों, ताकि वर्कआउट के दौरान जहरीली हवा से बचा जा सके।
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