दिल्ली में न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज, अगले सप्ताह बारिश की संभावना
राजधानी में शनिवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रहा, वहीं 6 अक्टूबर से पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश के आसार हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार की सुबह न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के सामान्य औसत से 0.9 डिग्री सेल्सियस अधिक है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के मुताबिक, शहर के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग वेधशाला में दर्ज यह तापमान शुक्रवार के स्तर पर ही स्थिर रहा।
राजधानी के अन्य इलाकों में स्थित मौसम केंद्रों पर तापमान इससे कम दर्ज हुआ। आईएमडी के सुबह 8.30 बजे के आंकड़ों के अनुसार, रिज क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड पर 22.4 डिग्री सेल्सियस, पालम में 22.6 डिग्री सेल्सियस और आयानगर में 22.8 डिग्री सेल्सियस रहा। शहर के प्रमुख केंद्रों पर बीते 24 घंटों के दौरान कोई वर्षा दर्ज नहीं की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बने रहने की संभावना है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण 6 अक्टूबर से राजधानी में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने के आसार हैं। विभाग ने 6 से 8 अक्टूबर के बीच दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में छिटपुट वर्षा का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।
आईएमडी के अधिकारियों ने बताया कि 6 से 8 अक्टूबर के दौरान दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा और चंडीगढ़ में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के चलते बारिश का यह दौर 9 और 10 अक्टूबर तक भी खिंच सकता है। बारिश का यह दौर शुरू होने से पहले अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने का अनुमान है।
इस बीच शनिवार सुबह दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक सुबह 9 बजे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 171 दर्ज किया गया। सीपीसीबी के अनुसार, इस दौरान हवा में मुख्य प्रदूषक तत्व पीएम10 पाया गया।
मानकों के अनुसार 101 से 200 के बीच एक्यूआई को मध्यम श्रेणी में माना जाता है। इससे पहले 1 अक्टूबर को भी एक्यूआई 166 दर्ज किया गया था, जो उससे एक दिन पहले के 129 के मुकाबले अधिक था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु गुणवत्ता में इस गिरावट के लिए पीएम10 के बढ़ते स्तर को प्रमुख कारण बताया था।
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