दिल्ली में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी, हवा की गुणवत्ता लगातार दूसरे दिन 'खराब' श्रेणी में दर्ज
राजधानी के सभी मौसम केंद्रों पर रात के पारे में उछाल दर्ज किया गया, वहीं दशहरे के बाद प्रदूषण के स्तर में लगातार इजाफा बना हुआ है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को न्यूनतम तापमान में इजाफा दर्ज किया गया, जबकि शहर की आबोहवा लगातार दूसरे दिन 'खराब' श्रेणी में बनी रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के मुताबिक सुबह के समय दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 226 दर्ज किया गया। गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे समाप्त हुए 24 घंटों के दौरान शहर के किसी भी मौसम केंद्र पर बारिश दर्ज नहीं की गई।
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी के साथ 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक है। वहीं लोधी रोड पर सामान्य से सर्वाधिक विचलन देखा गया, जहां न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री की बढ़त के साथ 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से दो डिग्री सेल्सियस ऊपर है।
अन्य मौसम केंद्रों में भी तापमान में बढ़त दर्ज की गई। पालम में न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री की वृद्धि के साथ 18.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.2 डिग्री कम है। इसके अलावा रिज केंद्र पर पारा 19.4 डिग्री और आयानगर में 19.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बुधवार को सफदरजंग का अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री, लोधी रोड और आयानगर में 31.8 डिग्री और पालम में 29.5 डिग्री सेल्सियस रहा था।
पारे में बदलाव के बीच वायु प्रदूषण की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। शहर के 59 में से 56 निगरानी केंद्रों से मिले आंकड़ों के अनुसार जहांगीरपुरी में एक्यूआई 309, चांदनी चौक में 307 और विवेक विहार में 306 रिकॉर्ड किया गया, जिससे ये क्षेत्र 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच गए। गुरुवार सुबह 19 केंद्रों पर वायु गुणवत्ता 'मध्यम' और शेष अधिकांश जगहों पर 'खराब' श्रेणी में दर्ज की गई।
दशहरे के बाद से ही दिल्ली के वायु गुणवत्ता स्तर में भारी गिरावट देखी गई है। उत्सव के धुएं और शांत नम हवा के कारण बुधवार शाम एक्यूआई 245 पर पहुंच गया था, जो 13 जुलाई के बाद का सबसे खराब स्तर था। वायु प्रदूषण की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप के पहले चरण को लागू कर दिया है।
आने वाले दिनों में भी प्रदूषण से तुरंत राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के अनुसार दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलने की हिस्सेदारी गुरुवार को 7.4 प्रतिशत और शुक्रवार को बढ़कर 15.9 प्रतिशत होने का अनुमान है। आईएमडी और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान ने आशंका जताई है कि आगामी दिनों में राजधानी की हवा 'खराब' श्रेणी में ही बनी रह सकती है।
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