दिल्ली के 78 कम्युनिटी सेंटरों में खुलेंगे आयुष्मान आरोग्य मंदिर, एमसीडी ने दी मंजूरी
राजधानी में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम के कम इस्तेमाल होने वाले सामुदायिक भवनों को स्वास्थ्य केंद्रों में बदला जाएगा।

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने राजधानी के 78 कम्युनिटी सेंटरों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में विकसित करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद शहर के लगभग 25 प्रतिशत सामुदायिक केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तौर पर काम करेंगे। वरिष्ठ नागरिक अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य राजधानी में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
परियोजना के लिए उन परिसरों का चयन किया गया है, जिनका उपयोग सामान्य तौर पर बेहद कम हो रहा था। पिछले वर्ष किए गए एक सर्वेक्षण में सामने आया था कि एमसीडी के 114 सामुदायिक हॉल और आठ कम्युनिटी सेंटर खाली या कम उपयोग की स्थिति में थे। वर्तमान में नगर निगम द्वारा शहर भर में कुल 299 हॉल और केंद्रों का संचालन किया जाता है।
एमसीडी आयुक्त के प्रस्ताव के मुताबिक, सामुदायिक सेवा विभाग ने ऐसे स्थानों की पहचान की थी जिनकी वार्षिक बुकिंग काफी कम थी और जहां पहुंचना भी आसान था। चयनित स्थानों में मीनाक्षी गार्डन, हरि नगर, रोहिणी सेक्टर 24, तिमारपुर, फतेह नगर, न्यू राजेंद्र नगर, रोहिणी सेक्टर 15 और ईस्ट पटेल नगर के केंद्र शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, इन केंद्रों में साल भर में महज 2 से 17 दिनों की ही बुकिंग दर्ज की गई थी।
प्रस्ताव के तहत एमसीडी आयुक्त को इस संबंध में भविष्य की मंजूरियों के लिए भी सैद्धांतिक अधिकार दिए गए हैं, जिससे निगम की संपत्तियों में आरोग्य मंदिरों को शुरू करने की प्रक्रिया सुगम हो सके। पूर्व में 'आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर' के नाम से जानी जाने वाली यह पहल स्थानीय समुदायों को मुफ्त और व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने का प्रमुख कार्यक्रम है।
निगम के आंकड़ों से यह भी पता चला है कि कुल 299 सामुदायिक हॉलों में से 21 हॉल खराब रखरखाव और मरम्मत की आवश्यकता के कारण बंद पड़े हैं। इसके अलावा सभी आठ कम्युनिटी सेंटर भी काम नहीं कर रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विभाग में कर्मचारियों की भी भारी कमी है, जहां सुचारू कामकाज के लिए आवश्यक 1,288 कर्मियों के पद खाली पड़े हैं।
कम्युनिटी सेंटरों के एक आंतरिक ऑडिट के अनुसार, दक्षिण दिल्ली के 39 हॉल साल में 10 दिन से भी कम समय के लिए बुक हुए थे। वहीं, 48 हॉलों की बुकिंग साल में 11 से 50 दिनों के बीच रही और 15 इकाइयां 51 से 100 दिनों तक इस्तेमाल हुईं। 365 दिनों में से केवल दो हॉल 101 से 150 दिन और महज दो अन्य इकाइयां 150 से अधिक दिनों के लिए उपयोग में लाई गईं।
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