मेरठ में ठंड की दस्तक के साथ बढ़ा प्रदूषण, दिवाली से पहले AQI 230 पहुंचा
मेरठ में तापमान में गिरावट और शुष्क मौसम के बीच वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंची, सांस के मरीजों की बढ़ी परेशानी।
दीपावली के त्योहार से पहले मेरठ में वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 230 दर्ज किया गया है। हवा की गुणवत्ता बिगड़ने से सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों और अन्य संवेदनशील नागरिकों के लिए स्वास्थ्य संबंधी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
मेरठ में गुरुवार की सुबह मौसम साफ रहा और धूप खिली रही, हालांकि सुबह के वक्त हल्की ठंडक महसूस की गई। मौसम विभाग के मुताबिक शहर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। तापमान में आ रही गिरावट के साथ ही ठंड ने दस्तक दे दी है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार क्षेत्र में बारिश होने की कोई संभावना नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम शुष्क रहने के कारण वातावरण में मौजूद प्रदूषक तत्व छंट नहीं पा रहे हैं, जिससे प्रदूषण की समस्या लगातार बनी रह सकती है। ऐसे में खासकर सुबह और शाम के समय हवा की गुणवत्ता अधिक प्रभावित हो रही है।
बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का पहला चरण लागू कर दिया गया है। हवा की धीमी गति और शुष्क मौसम के चलते प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो रहे हैं, जिसके कारण हवा में पीएम 2.5 की मात्रा बढ़ना चिंता का विषय बना हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार दीपावली पर होने वाली आतिशबाजी और हवा की मंद रफ्तार के चलते आगामी दिनों में प्रदूषण का स्तर और अधिक बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी है और आवश्यकता पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने तथा लंबे समय तक खुले में रहने से बचने को कहा है।
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