दिल्ली के पॉश इलाके अमर कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां 1997 बैच के एक आईआरएस (IRS) अधिकारी की 21 वर्षीय बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुकी और यूपीएससी की तैयारी में जुटी युवती उस समय घर पर अकेली थी जब उसके माता-पिता सुबह जिम गए हुए थे। पुलिस की शुरुआती जांच में घटनास्थल पर यौन शोषण के संकेत मिले हैं, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। हत्या के लिए मोबाइल चार्जर के तार का इस्तेमाल किया गया था, और पुलिस का मुख्य शक परिवार के एक पूर्व घरेलू नौकर, राजस्थान निवासी राकेश मीणा पर है, जिसे करीब एक महीने पहले नौकरी से निकाला गया था। माना जा रहा है कि आरोपी घर में घुसा और दुष्कर्म की कोशिश की, जिसका विरोध करने पर उसने युवती की हत्या कर दी।
दूसरी ओर, उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके से मानवता को शर्मसार करने वाली एक और घटना सामने आई है, जहां एक 36 वर्षीय कलयुगी बेटे ने अपनी ही 67 वर्षीय वृद्ध मां के साथ बलात्कार की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता, जो घरों में झाड़ू-पोछा कर अपना और परिवार का भरण-पोषण करती है, ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे घर में बंधक बना लिया और कई बार अपनी हवस का शिकार बनाया। महिला ने यह भी बताया कि आरोपी ने इससे पहले अपनी ही 16 वर्षीय बेटी के साथ भी मारपीट की थी। किसी तरह खुद को बंधन मुक्त कराने में सफल रही पीड़िता ने अपनी दूसरी बेटी को आपबीती सुनाई, जिसके बाद सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
राजधानी में एक ही दिन सामने आई इन दो जघन्य घटनाओं ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने दोनों ही मामलों में तत्परता दिखाते हुए जांच तेज कर दी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है।

