Tuesday, May 19, 2026
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दिल्ली भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष जी एस बावा की लाश देख लोगों के छूटे पसीने

जूही तोमर, संवाददाता

नई दिल्ली।। दिल्ली भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष जी एस बावा का पार्क में ग्रिल से लटका मिला शव , कहा जा रहा है, उन्होंने घरेलू झगड़े के चलते आत्महत्या कर ली लेकिन पुलिस और परिवार दोनों ही अभी आत्महत्या के कारणों पर कुछ नहीं कह रहे है।

दिल्ली भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष जी एस बावा का शव सुभाष नगर स्थित एक पार्क में लटका हुआ मिला। पार्क में घूमने गए लोगों ने शव को देखा और पुलिस को सूचना दी। घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और छानबीन शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। 58 साल के जीएस बावा पश्चिमी दिल्ली के फतेह नगर में रहते थे। सोमवार की शाम जब लोग पार्क में घूम रहे थे, तो उन्होंने पार्क की ग्रिल से किसी शख्स की लाश को लटकते हुए देखा। लाश को देख लोगों के पसीने छूट गए। मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने फिर इसकी जानकारी पुलिस को दी।

पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।वहीं इस मामले में अभी तक पुलिस या पार्टी के लोगों द्वारा कुछ खास जानकारी नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

टीकाकरण के बाद आखिर क्यों होता है फिर से कोरोना ?

तेजस्विनी पटेल, संवाददाता

नई दिल्ली।। विशेषज्ञ कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए टीकाकरण को सबसे प्रभावी तरीका मानते हैं। कोरोना को रोकने के लिए 56 दिनों के अंतराल पर दो टीकों को खुराक देने का प्रावधान है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि टीकाकरण के बाद भी आप कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं? डॉक्टरों का मानना ​​है कि यदि आप दोनों खुराक लेने के बाद भी कुछ गलतियां कर रहे हैं, तो आप संक्रमण फैलाने के लिए कोरोना वायरस को आमंत्रित कर रहे हैं।

डॉक्टरों का मानना ​​है कि टीकाकरण से संक्रमण और मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलती है, लेकिन हमारे पास यह बताने के लिए पर्याप्त उदाहरण नहीं हैं कि यह किस प्रतिशत तक संचरण को कम कर सकता है? ऐसी स्थिति में, टीकाकरण के बाद भी, आपको संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए सुरक्षात्मक उपायों का उपयोग करते रहना चाहिए। डॉक्टरों के अनुसार, आमतौर पर लोग टीकाकरण के बाद ये गलतियां करते हैं, जो हानिकारक हो सकती है।

मास्क न पहनना

ज्यादातर लोग मानते हैं कि टीकाकरण के बाद मास्क लगाने की आवश्यकता नहीं है, हालांकि यह सच नहीं है। टीकाकरण के बाद भी मास्क सही ढंग से और हर बार पहना जाना चाहिए। इस आदत का उपयोग तब तक करना आवश्यक है जब तक कि समुदाय-स्तर की प्रतिरक्षा हासिल न हो जाए। हर बार जब आप घर से निकलें, तो मास्क लगाकर रखें।

गैरजरूरी यात्रा करना

कोविड -19 के कारण लॉकडाउन ने लोगों को लंबे समय तक घरों में रहने के लिए मजबूर किया। अब जब टीकाकरण शुरू हो गया है, लोगों ने फिर से यात्रा शुरू कर दी है। डॉक्टरों का मानना ​​है कि चूंकि कोरोना समुदाय के स्तर पर अभी तक नहीं जीता गया है, केवल तभी यात्रा करें जब कोई बड़ी जरूरत हो। अनायास यात्रा से बचें।

पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों को विशेष सावधानी की जरूरत

डॉक्टरों का मानना ​​है कि अगर आपको पहले से ही प्रतिरक्षा संबंधी बीमारियां हैं और टीका लगाया गया है, तो भी आपको सतर्क रहना चाहिए। कुछ डॉक्टरों का यह भी मानना ​​है कि जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है उन्हें संक्रमण का खतरा होता है, इसलिए उन्हें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

दिल्ली में कोरोना के कहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जारी किये आदेश

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

नई दिल्ली।। राजधानी दिल्ली में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नया आदेश जारी किया है। जिसके मुताबिक, संक्रमण से पीड़ित मरीजों में कोरोना के नए स्ट्रेन की पहचान के लिए व्यापक स्तर पर जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अब हर जिले से प्रत्येक सप्ताह हल्के लक्षण वाले, कम गंभीर, गंभीर और पुन: संक्रमण वाले मरीजों और टीके की दो डोज लगने के बाद संक्रमित होने वाले मरीजों के नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल भेजे जाएंगे। 

विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमितों में ब्रिटेन और साउथ अफ्रीका के स्ट्रेन की पुष्टि हुई है। दिल्ली में भी 153 लोगों में संक्रमण के नए स्वरूप की पुष्टि हुई है। ऐसे मरीजों की पहचान के लिए ही यह आदेश जारी किया गया है। जीनोम सीक्वेंसिंग से संक्रमण के नए स्ट्रेन का पता चल सकेगा और समय रहते इन मरीजों को आइसोलेट कर इलाज किया जा सकेगा।

दिल्ली में नहीं लगेगा इस बार लॉकडाउन।

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

नई दिल्ली।। कोरोना महामारी दिल्ली में फिर से विकराल रूप धारण करती नजर आ रही है। दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे संक्रमितों के आंकड़े रोज नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। इसे देखते हुए लोगों को फिर से लॉकडाउन का डर सताने लगा है लेकीन इस पर स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन का कहना है कि लॉकडाउन लगाना ही कोरोना का समाधान नही।

देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच लॉकडाउन की अफवाह पर ब्रेक लग गया है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने लॉकडाउन नहीं करने के संकेत दिए है। मंत्री का मानना है कि कोरोना रोकने के लिए लॉकडाउन समाधान नहीं है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि ‘लॉकडाउन की कोई संभावना नहीं है. लॉकडाउन करके देखा गया था, उसके पीछे एक लॉजिक था। उस समय किसी को नही पता था कि वायरस कैसे फैलता है। तब कहा गया था कि संक्रमित होने से लेकर ख़त्म होने तक 14 दिन का सायकिल है. तब एक्सपर्ट का कहना था कि अगर 21 दिनों के लिए एक्टिविटी को लॉक कर दें तो वायरस फैलना बन्द हो जाएगा। फिर भी लॉकडाउन बढ़ता गया, लेकिन इसके बावजूद कोरोना ख़त्म नहीं हुआ। मुझे लगता है कि लॉक डाउन समाधान नही है।

दिल्ली में लॉकडाउन लगाने की चर्चा पर सत्येंद्र जैन ने कहा कि फिलहाल सप्ताह भर तक कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर हमें ट्रेंड को देखना पड़ेगा। इसके बाद ही कोई भी निश्चित ट्रेंड आने में 3-4 हफ्ते का समय लग जाता है। कई बार लोगों में ढिलाई  वाली भावना भी आ जाती है, जैसा कि इन दिनों हो रहा है।

होली के दिन नहीं चलेगी दिल्ली मेट्रो !

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

नई दिल्ली। मेट्रो यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने होली अपडेट जारी किया है। होली के मद्देनजर डीएमआरसी ने फैसला किया है कि 29 मार्च को किसी भी रूट पर 2:30 बजे के पहले मेट्रो नहीं चलेगी। उन्होंने यह भी कहा है कि होली के दिन रैपिड मेट्रो और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन की सेवा भी 2:30 बजे तक बंद रहेगी।

होली के दिन हर साल डीएमआरसी आधे दिन के बाद ही मेट्रो सेवा की शुरुआत करता है। होली पर जारी सरकार की गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है. दिल्ली समेत देशभर में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं। कई राज्यों ने होली और अन्य त्योहारों को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत होली के सामूहिक आयोजन पर रोक लगा दी गई है। होलिका दहन के मौके पर भी एक साथ पांच से ज्यादा लोग नहीं रह सकते।

दिल्ली में 25 मार्च को 1500 से ज्यादा केस सामने आए थे। कोरोना के बढ़ते मामले देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है. डीएमआरसी के कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा करते समय कोविड से संबंधित प्रोटोकॉल का पालन करें. उन्होंने कहा कि दिल्ली में केस लगातार बढ़ रहे हैं. हमने स्टेशन के बाहर भी यात्रियों के बीच एक मीटर की दूरी बनाए रखने का फैसला किया है.