Tuesday, May 19, 2026
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दिल्ली में फिर बढ़ा प्रदूषण।

अविशा मिश्रा, संवाददाता

नई दिल्ली।। राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार हरकत में आ चुकी है। आपको बता दें कि पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बढ़ते प्रदूषण को कम करने को लेकर कहा कि अब सरकार दीर्घकालीन कार्य योजना बनाएगी।  

दिल्ली सरकार ने बढ़ते प्रदूषण के मुद्दे पर सख्त रूख अपनाते हुए 12 और 13 अप्रैल को पर्यावरण विशेषज्ञों और संगठनों  के साथ राउंड टेबल कान्फ्रेंस का आयोजन करने का निर्णय लिया है। साथ ही सरकार सभी विशेषज्ञों और संगठनों से मिले सुझावों को मद्दे नजर रखते हुए दीर्घकालीन कार्य योजना बनाएगी। यह जानकारी गुरूवार को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय़ ने पर्यावरण विभाग और डीपीसीसी के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद दी।

यही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि दिल्ली में संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिल्ली के सभी हॉट-स्पॉट की नियमित रूप से निगरानी करने और निर्माण कार्य से संबंधित एजेंसियों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उन्होंने आदेश दिया कि ग्रीन वार रूम में जिस भी विभाग की शिकायत आ रही है, उस पर तय समय सीमा पर ही कार्रवाई की जाए।

दिल्ली में जल्द दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक AC बसें, 300 बसों का ऑर्डर हुआ जारी

जूही तोमर, संवाददाता

नई दिल्ली।। दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने शुक्रवार को डीटीसी के बेड़े में 300 लो फ्लोर इलेक्ट्रिक एसी बसों को शामिल करने की मंजूरी दे दी। 118 बसों की पहली खेप अक्टूबर 2021 में आएगी और नवंबर में 100 बसें आएंगी, जबकि दिसंबर में 60 और बसें आ जाएंगी और शेष 20 बसें जनवरी 2022 तक मिलने की संभावना है।

सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्ववाली दिल्ली कैबिनेट ने शुक्रवार को इलेक्ट्रिक वातानुकूलित 300 लो फ्लोर बसों को दिल्ली परिवहन निगम के बेड़े में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। बता दे की नई लो फ्लोर इलेक्ट्रिक बसें स्टेट ऑफ द आर्ट सुविधाओं जैसे रियल-टाइम पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, सीसीटीवी, पैनिक बटन, जीपीएस से लैस होंगी। साथ ही विकलांग यात्रियों की सुविधाओं का भी इन बसों में खास ध्यान रखा गया है। बता दें कि यह भारत सरकार की ‘फास्ट एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इन इंडिया (फेम) फेज-2’ योजना का हिस्सा है।

दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि केजरीवाल सरकार टिकाऊ और अत्याधुनिक सुविधाओं को सुनिश्चित करने और गैर-प्रदूषणकारी इलेक्ट्रिक वाहनों पर स्विच करने के लिए कई उपाय कर रहे हैं। वास्तव में इलेक्ट्रिक बसों को पहली बार दिल्ली में डीटीसी के बेडे में शामिल किया जा रहा है और यह किसी भी राज्य सरकार या राज्य परिवहन उपक्रम द्वारा इलेक्ट्रिक बसों की सबसे बड़ी तैनाती है. जल्द ही हमारे पास दिल्ली की सड़कों पर चलने वाली इलेक्ट्रिक बसें होंगी।

‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ फिल्म घिरी विवाद में

तेजस्विनी पटेल, संवाददाता

नई दिल्ली।। संजय लीला भंसाली की अपकमिंग फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म की एक्ट्रेस आलिया भट्ट, निर्देशक संजय लीला भंसाली और फिल्म के राइटर को मुंबई की मझगांव कोर्ट ने समन जारी किया है, और इन सभी को 21 मई को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया है।

यह फिल्म मुंबई की माफिया क्वीन और एक वेश्यालय की मालकिन रही गंगूबाई के जीवन पर आधारित है। आपको बता दें कि इसी फिल्म को लेकर एक्ट्रेस आलिया भट्ट और डायरेक्टर संजय लीला भंसाली के खिलाफ केस फाइल किया गया है। और इन सभी को 21 मई को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है। बाबूजी रावजी शाह जो की गंगूबाई के 4 अडॉप्टेड बच्चों में से एक है, उन्का कहना है कि जबसे फिल्म के पोस्टर्स और प्रोमो आए हैं, तबसे उनके इलाके के लोग उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं, उनके मुताबिक न केवल उन्हें, बल्कि उनके परिवार और रिश्तेदारों को भी ‘वेश्या के परिवार वाले’ कहकर प्रताड़ित किया जा रहा है।

शाह ने गंगूबाई के उपर छपी किताब में उनकी वेश्यावृत्ति के बारे में लिखे गए हिस्से को भी अपमानजनक बताया है और कहा है कि यह उनकी निजता, आजादी और स्वाभिमान के अधिकार का उलंघन है। शाह ने फिल्म के प्रोडक्शन पर रोक लगाने के साथ – साथ बुक की छपाई और सर्कुलेशन पर भी रोक लगाने की मांग की है। और ये अपील की है कि बुक के कुछ स्पेसिफिक चैप्टर्स को हटा दिया जाए।

फरीदाबाद में ‘पत्रकार एकता मंच’ ने मनाया होली मिलन समारोह

मनोज सूर्यवंशी, संवाददाता

दिल्ली एनसीआर।। फरीदाबाद में पत्रकार एकता मंच की तरफ से बड़ी ही धूम-धाम से मनाया होली मिलन समारोह मनाया गया। इस होली मिलन कार्यक्रम में अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुरेंद्र शर्मा ‘बबली’ बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

दिखाई दे रही तस्वीर फरीदाबाद के सेक्टर 16 आशीर्वाद रेस्टोरेंट का है। जहां पर आज पत्रकारिता एकता मंच की तरफ से होली मिलन समारोह का आयोजन रखा गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि पंडित सुरेंद्र शर्मा बबली ने शिरकत की और उन्होंने कहा होली मिलन समारोह में हमें बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए, क्योंकि यह भाई चारे का प्रति है। इस दिन हमें किसी भी जाति भेदभाव से दूर हट कर भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए और यहां पर पहुंचने पर पंडित सुरेंद्र शर्मा बबली को फूल माला पहनाकर और बुक्का देकर उनका सम्मान  किया।

पंडित सुरेंद्र शर्मा ने कहा की हमें होली का त्यौहार कोरोना से सतर्क अभी टली नहीं है  साथ ही ज्यादा से ज्याद प्रकृतिक रंगों का इस होली पर प्रयोग करें।

जानिए आखिर कब करे होलिका दहन, क्या है मुहुर्त का समय ?

अविशा मिश्रा, संवाददाता

नई दिल्ली।। एकता और सौहार्द का प्रतीक होली का त्योहार 29 मार्च को मनाया जाएगा। इस साल खास बात यह है कि इस दिन ध्रुव योग भी बन रहा है, जो 499 साल के बाद पड़ रहा है। बता दें कि होली की रंगत एक सप्ताह पहले होलाष्टक से नजर आने लगती है। रंगों की होली फाल्गुन मास की तिथि को मनाई जाएगी यानी 29 मार्च को रंग खेला जाएगा।

होलिका दहन का मुहूर्त

होली में इस बार बताया जा रहा है कि चंद्रमा कन्या राशि में गोचर करेगा। साथ ही मकर राशि में गुरु और शनि विराजमान रहेंगे। शुक्र और सूर्य मीन राशि में रहेंगे। इस बार होली का खास महत्व है। 28 मार्च को होली दहन का मुहूर्त शाम 6:21 बजे से रात 8:41 बजे तक है। शुभ मुहूर्त में गुलाब व बेला की खुशबू युक्त गुलाल अर्पित करना शुभ माना जाता है। वहीं, पूर्णिमा तिथि 28 मार्च को सुबह करीब 03:30 बजे से 29 मार्च की रात करीब 12.15 बजे तक रहेगी।

होली पूजा की विधि

जानकारों का कहने है कि होलिका दहन से पहले होली पूजन की परंपरा है। होली पूजा से पूर्व स्नान आदि करें। होली पूजा के लिए आप अक्षत्, गंध, फूल, कच्चा सूत, एक लोटा जल, माला, रोली, गुड़, गुलाल, रंग, नारियल, गेंहू की बालियां, मूंग आदि का प्रबंध कर लें। इसके बाद पूजा सामग्री लेकर होलिका के स्थान पर जाएं। वहां, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठ जाएं। फिर गंध, धूप, पुष्प आदि से होलिका की पंचोपचार विधि से पूजा करें। इसके बाद अपने पितरों, परिवार के नाम से बड़गुल्ले की एक-एक माला होलिका को समर्पित करें। इसके बाद 3 या 7 बार परिक्रमा करें। इस दौरान कच्चा सूत होलिका में लपेट दें। अब लोटे का जल तथा अन्य पूजा सामग्री होलिका को समर्पित कर दें। इस प्रकार होली की पूजा पूर्ण हो जाएगी। होली पूजा के बाद बताए गए मुहूर्त में परिजनों के साथ सार्वजनिक स्थान पर बनी होलिका के पास एकत्र हो जाएं। अब कपूर या उप्पलों की मदद से होलिका में आग प्रज्जवलित कर दें।