Tuesday, May 19, 2026
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दिल्ली में जल्द शुरु होने वाली है अटल रसोई

तेजस्विनी पटेल, संवाददाता

दिल्ली मे आने वाले कुछ महीनो मे तीन नगर निगमों ने अटल रसोई से गरीबों की भूख मिटाने की तैयारी शुरू कर दी है। यदि, यह योजना सफल होगी तो लोग केवल 10-15 रुपये मे दिल्ली के 60 स्थानों मे भरपेट भोजन कर सकेंगे। और सब ठीक रहा तो आने वाले माह में स्थायी समिति के समक्ष इस प्रस्ताव को रख दिया जाएगा।

दिल्ली के तीन नगरपालिका क्षेत्रों में अटल रसोई खोलने पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। योजना के अनुसार, उत्तरी दिल्ली नगर निगम 40 स्थानों पर दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में 20 स्थानों पर अटल रसोई शुरू करेगा। अधिकारियों के अनुसार, अटल रसोई के माध्यम से गरीब लोगों को मात्र 10 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। निगम अधिकारियों के अनुसार, राजधानी दिल्ली में गरीबों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के लिए 60 जगहों पर अटल किचन शुरू होगा। इसके लिए एक विस्तृत योजना तैयार कि जा रही है। अगर सब ठीक रहा तो आने वाले महीने में स्थायी समिति के समक्ष यह प्रस्ताव रखा जाएगा।

अटल रसोई खोलने का उद्देश्य कम कीमत पर जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराना है। 10 से 15 रुपये में भोजन की थाली प्रदान की जाएगी। दक्षिणी निगम के नेता सदन नरेंद्र चावला ने अपने बजट भाषण में अटल रसोई से 15 रुपये में भोजन देने की घोषणा की थी।

फिर एमसीडी कर्मचारी वेतन ना मिलने से हुए परेशान, उतरे हड़ताल पर

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

नई दिल्ली।। उत्तर दिल्ली नगर निगम के डिस्पेंसरी, पॉलिक्लीनिक और हिंदु राव अस्पताल में एक बार फिर बकाए वेतन का मुद्दा गरमा रहा है। इस कड़ी में डॉक्टर असोसिएशन ने सोमवार से हड़ताल पर जाने का फैसला किया है।

आपको बता दे कि एक बार फिर बकाये वेतन की मांग को लेकर उत्तर दिल्ली नगर निगम के डॉक्टर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। इसी को लेकर डॉक्टरों ने भी शुक्रवार को सामूहिक अवकाश भी मनाया था।


हाल ही में इसी नगर निगम के कस्तूरबा अस्पताल ने अपनी हड़ताल वापस ली थी। इससे पहले कोविड काल में कई महीनों तक सैलरी न मिलने पर डॉक्टरों ने अक्टूबर में हड़ताल की थी। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें नियमित रूप से वेतन का वादा किया गया था। हालांकि तीन-चार महीने से दोबारा बकाया सैलरी नहीं मिल रही है

बेटी की लव मेरिज से न खुश पिता ने की अपनी ही बेटी की हत्या !

मनोज सूर्यवंशी, संवाददाता

दिल्ली एनसीआर।। फरीदाबाद में एक ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है जहां हरियाणा पुलिस के सब इंस्पेक्टर और उसके परिवार पर अपनी ही बेटी की लव मैरिज से नाराज होकर उसकी हत्या करने और शव का दाह संस्कार करने का संगीन आरोप है पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी सब इंस्पेक्टर जोकि बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन पर जीआरपी में तैनात हैं उसे व उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।


रोती हुई यह महिला मृतका कोमल की सास है जोकि इस बात से बेहद दुखी है कि कोमल के परिजनों ने ही उसकी हत्या कर दी और उसके शव जला दिया। कोमल के पति सागर ने बताया कि वह और कोमल कॉलेज के दिनों से ही एक दूसरे को पसंद करते थे और इसी के चलते हैं उन्होंने 8 फरवरी 2021 को हिंदू रीति रिवाज के तहत शादी कर ली। इसके बाद कोमल ने इस बात की जानकारी अपने परिवार को दी तो उन्हें यह बात बेहद नागवार गुजरी जिसके बाद उन्होंने इस मामले में कोर्ट की शरण ली। जिसके बाद से उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई गई, लेकिन इसी बीच कोमल के परिजनों ने आश्वासन दिया कि अब उन्हें इस रिश्ते से कोई परेशानी नहीं और इसी के तहत उन्होंने 19 फरवरी को कोमल और सागर की सगाई कर दी।

कोमल के पति सागर ने बताया कि इस दौरान कोमल के परिजन उसे अपने साथ अपने घर ले गए। हालांकि सागर ने यह भी बताया कि कोमल ने उसे फोन कर बताया कि उसके परिजन अभी भी इस शादी से खुश नहीं है। इसी बीच 18 मार्च को कोमल की एक सहेली ने सागर को फोन कर सूचित किया कि कोमल की हत्या कर दी गई है और उसका शव उसके गांव में जला भी दिया गया है सागर का कहना है कि इस सूचना के बाद वह अपने परिवार के साथ कोमल के पैतृक गांव सहरोला पहुंचे जहां उन्हें बताया गया कि कोमल की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी और उसका शव बिना पोस्टमार्टम कराए जला दिया गया।

अब सागर सागर की मां का आरोप है कि कोमल के परिजनों ने जानबूझकर अपनी झूठी शान की खातिर उसकी हत्या कर दी और हत्या की बात छुपाने के लिए बिना पोस्टमार्टम कराए उसकी लाश का दाह संस्कार कर दिया।

दिल्ली एक बार फिर हुई कोरोना रफ्तार से परेशान

संवाददाता,दिल्ली दर्पण टीवी

नई दिल्ली।। राजधानी में एक बार फिर कोरोना अपना कहर सबको डरा रहा है। कोरोना की इस बढ़ती रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए एक बार फिर कंटेनमेंट जोन और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर जोर दिया जा रहा है। कोरोना मरीजों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर भी फोकस शुरू हो गया है।

बता दे कि राजधानी के 11 जिलों में से महज दो में 100 से कम एक्टिव मरीज हैं। 15 मार्च तक की स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार राजधानी में कुल 2133 एक्टिव मरीज थे। इनमें से 1164 कंटेनमेंट जोन में थे। इस समय सबसे अधिक एक्टिव मरीज दक्षिणी जिले में 402 हैं, जबकि नॉर्थ वेस्ट जिले में 384 और साउथ ईस्ट में 278, साउथ वेस्ट में 202 और वेस्ट जिले में 201 एक्टिव मरीज हैं। नॉर्थ ईस्ट जिले में सबसे कम 24 एक्टिव मामले और शाहदरा जिले में 84 मामले हैं।

अधिकारियों के अनुसार, गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों की रिकवरी सामान्य लोगों की तुलना में देरी से हो रही है। यही वजह है कि एक्टिव केस बढ़ रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, बीते शुक्रवार तक राजधानी में 682 कंटेनमेंट जोन हैं, इनमें से 360 जोन 1 मार्च के बाद बने हैं। 

आखिर क्यों लगाई केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार की ‘योजना’ पर रोक ?

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

नई दिल्ली।। दिल्ली सरकार की योजना पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है। जी हां केजरीवाल सरकार 25 मार्च से राशन की घर-घर डिलीवरी  की योजना शुरू करने वाले थे। जिसके तहत लोगों को उन्हें घर पर ही सूखा राशन मिलता लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस पर रोक लगा दी है।

दिल्ली सरकार लोगों को एक तोहफा देने जा रही थी जी हां दिल्ली सरकार का कहना था कि अब किसी को भी राशन लेने में परेशानी नहीं होगी दिल्ली सरकार खुद राशन को घर-घर पहुंचायेगी, पर दिल्ली सराकर इस योजना पर शुक्रवार को केंद्र सरकार द्वारा रोक लगा दी गई है।

जानकारी के अनुसार केजरीवाल सरकार ने इसके लिए टेंडर तक जारी कर दिए थे। कहा जा रहा है कि केंद्र ने दिल्ली सरकार को चिट्ठी लिखकर कहा है कि देशभर में राशन वितरण की योजना केंद्र सरकार के अधीन आती है, ऐसे में दिल्ली सरकार इसमें कोई बदलाव न करे। इसीलिए इस योजना पर रोक लगा दी गई है। बता दे कि दिल्ली सरकार ने इस योजना का नाम मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना रखा था। आम आदमी पार्टी ने ट्वीट कर पूछा है कि इस योजना को रोककर मोदी सरकार आखिर क्यों राशन माफिया के खात्मे का विरोध कर रही है?