Tuesday, May 19, 2026
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फरीदाबाद में लोग हुए परेशान, नहीं मिलता पूरा राशन

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

दिल्ली एनसीआर। फरीदाबाद के आलमपुर से डिपो होल्डर द्वारा लोगों को राशन ना देने का एक मामला सामने आया है। गांव के लोगों का कहना है कि उनके यहां का डिपो होल्डर उन्हें पूरा राशन नहीं देता। सिर्फ इतना ही नहीं उन्होंने आरोप लगाया है कि डिपो होल्डर की मनमानी की वजह से राशन की कालाबाजारी हो रही है। जिसकी वजह से बीपीएल परिवार भी राशन के लिए धक्के खा रहा है।

गुस्साए लोग अपने हाथों में राशन कार्ड लेकर डिपो होल्डर की मनमानी दांस्ता बयां कर रहे थे। इतना ही नहीं लोगों के राशन कार्ड में 20 से 25 लोगों के नाम चढ़े हैं जिनके बारे में खुद राशन कार्ड धारकों को नहीं पता कि वह मेंबर कौन है। इससे साफ पता चलता है कि खाद आपूर्ति विभाग की लापरवाही के चलते लोगों के राशन कार्ड में अन्य लोगों के नाम चढ़े हैं जिन्हें वह खुद नहीं जानते।

जब इस मामले की शिकायत अधिकारी से की गई तो उन्होंने बताया कि खाद आपूर्ति विभाग की तरफ से हर इलाके में इंस्पेक्टर नियुक्त किए गए हैं। जो मामलों की समय-समय पर जांच करते रहते हैं लेकिन उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है ना ही आलमपुर गांव से किसी राशन कार्ड धारक ने कोई शिकायत की है। लेकिन अब शिकायत मिलने के बाद उन्होंने इस मामले में अब एक टीम बनाकर जांच करवाने का आश्वासन दिया है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है की आलमपुर गांव में ग्रामीणों को जो राशन कार्ड दिए गए है वो खाद्य आपूर्ति विभाग की तरफ से ही दिए गए है। तो उसमें अन्य लोगों के नाम चढ़ाने की गड़बड़ी किसने की और खाद्यआपूर्ति विभाग  को इतनी बड़ी राशन कार्ड में हुई गड़बड़ी के बारे में जानकारी क्यों नहीं है। इससे साफ पता चलता है कि या तो खाद आपूर्ति विभाग के अधिकारी अपनी ड्यूटी सही से नहीं कर रहे या हवा हवाई बातें कर मीडिया को गुमराह कर रहे है।

उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के फरीदाबाद आगमन को लेकर ग्रामीणों में गर्मा गर्मी

मनोज सूर्यवंशी, संवाददाता

दिल्ली एन सी आर। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला फरीदाबाद के गांव नरियाला में होली मिलन कार्यक्रम में शिरकत करने वाले हैं। और उनके इसी कार्यक्रम की जानकारी मिलते ही किसान संघर्ष समिति ग्रामीणों से उनका बहिष्कार करने की अपील कर रहे हैं। अपनी इसी अपील को लेकर वह अलग – अलग गांव में जा कर ग्रामीणों से दुष्यंत चौटाला का बहिष्कार करने की अपील कर रहे थे। लेकिन उनकी इसी बात को सुनकर ग्रामीण भड़क गए और जमकर गर्मा गर्मी देखने को मिली।

जिसके बाद वहां पर पंचायत का आयोजन किया गया जिसमें किसान संघर्ष समिति के लोग और कई ग्रामीण मौजूद थे। कांग्रेसी नेता जगन डागर ने कहा कि वह भी एक किसान के बेटे हैं और हर हालत में दुष्यंत चौटाला के कार्यक्रम का विरोध किया जाएगा। एक तरफ तो किसान पिछले कई महीने से अपनी परिवारों के साथ धरने पर बैठे हुए हैं और दुष्यंत चौटाला यहां होली मिलन समारोह करके उनके जख्मों पर नमक लगाने का काम कर रहे हैं।

किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारी रतन सिंह सौरोत ने बताया कि उन्होंने ग्रामीणों के सामने निवेदन किया था लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि उन्होंने तो केवल जमीन दी है और आयोजन करने वाला जे जे पी का पदाधिकारी है। सौरोत का कहना था संवैधानिक तरीके से विरोध करने का सभी को अधिकार है और वह इसका जमकर विरोध करेंगे।

बल्लभगढ़ एक व्यक्ति की रेल से कटकर दर्दनाक मौत

मनोज सूर्यवंशी, संवाददाता

दिल्ली एन सी आर। बल्लभगढ़ मलेरणा फ्लाईओवर के पास ही देर रात रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। जिसके बाद मौके पर काफी भीड़ भी जमा हो गई थी। पुलिस को घटना की सूचना मिलने के बाद ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमोर्टम के लिए बादशाह खान अस्पताल भेज दिया।

जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान महेश भाटी के नाम से हुई है जो आदर्श नगर का रहने वाला है। तो वहीं पुलिस का मानना है मृतक महेश ने आत्महत्या की है। मृतक के परिजनों को सूचित करने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

बल्लभगढ़ के सरकारी अस्पताल से सामने आई डॉक्टर की लापरवाही

मनोज सूर्यवंशी, संवाददाता

दिल्ली एन सी आर। सरकारी अस्पताल में प्रसव के दौरान महिलाओं को अच्छी सुविधाएं मिल सके इसके लिए सरकार काफी जद्दोजहद कर रही है। लेकिन इस वारदात को देखने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार की सारी कोशिशे अस्पताल की लापरवाही की वजह से नाकाम हो सकती हैं।

बल्लभगढ़ के सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टर और नर्स की एक लापरवाही सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार महिला की डिलिवरी के समय डॉक्टर और नर्स ने बच्चेदानी के रास्ते में पट्टी का पूरा रोल ही रखा हुआ छोड़ दिया।

इस लापरवाही की वजह से महिला की हालत काफी ज्यादा खराब हो गई। जिसके बाद उसे नज़दीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया और वहीं पर इस मामले का खुलासा हुआ। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया जहां पर डॉक्टरों ने उसके बच्चेदानी के रास्ते में रखी पट्टी के रोल को निकाला। पीड़ित महिला डॉक्टर और नर्सों के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रही है ताकि आगे से किसी महिला के साथ ऐसा ना हो।

परिवार नियोजन के मामले में गंभीर हैं दिल्लीवाले

जूही तोमर, संवाददाता

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में परिवार नियोजन से जुड़े आंकड़ें काफी हैरान कर देने वाले है। बता दे की पिछले सात वर्षों में दिल्ली में परिवार नियोजन को लेकर लोगों की गंभीरता कम होती नज़र आई। वहीं इस बीच 30 वर्ष से कम आयु में प्रजनन दर घटी है। इसके अलावा 15 से 19 वर्ष के बीच प्रजनन दर अभी भी 3.2 फीसदी है।

दरअसल स्वास्थ्य विभाग ने परिवार नियोजन से जुड़ी जानकारी पर रिपोर्ट तैयार की है जिसे आर्थिक सर्वे में भी शामिल किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार पुरूषों के साथ महिलाओं में भी नसबंदी के प्रति दिलचस्पी कम हुई है। आंकड़ों के अनुसार गर्भनिरोधक तौर तरीके अपनाने में भी दिल्ली वालों की रूचि कुछ खास नही है।  रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2013 से लेकर 2019-20 के बीच नसबंदी को लेकर लगातार कमी देखने को मिली है ।

जानकारी के अनुसार दिल्ली में इस समय 41 परिवार नियोजन केंद्र हैं। जहां पर सबसे ज्यादा महिलाएं नसबंदी कराने के लिए पहुंचती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार नियोजन के प्रति दिल्ली वालों की गंभीरता कम होना चिंता की बात है। लेकिन वहीं प्रजनन दर बढ़ने से थोड़ी राहत जरूर मिलती है।