Monday, May 18, 2026
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कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा ने किया होली मिलन समारोह का आयोजन

मनोज सूर्यवंशी, संवाददाता

दिल्ली एन सी आर। मिलन वाटिका में कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा की तरफ से एक होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा के जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा समेत भाजपा के कई कार्यक्रता भी मौजूद रहे। कैबिनेट मंत्री गोपाल शर्मा ने समारोह में आए कार्यक्रताओं और लोगों को संबोधित भी किया।

संबोधन में उन्होंने कहा कि मोदी सरकार लोगों की मदद करने के वादे के साथ सत्ता में आई थी। जिस वादे को उन्होंने बखूबी पूरा भी किया है। प्रधानमंत्री मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में देश और प्रदेश दोनो का ही तेज़ी से विकास हो रहा है।

विकास के मुद्दे पर बात करते समय उन्होंने दोहराया कि मनोहर सरकार जब से सत्ता में आई है भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की पूरी कोशिश की जा रही है जिसमें सफलता उनके हाथ लगी है। सिर्फ यही नहीं नौकरियों में अब पर्ची और खर्ची को खत्म कर के सभी को ईमानदारी से नौकरी दी जा रही है।

बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी विधानसभा क्षेत्र में इतना कार्य नहीं किया गया जितना उनकी सरकार ने किया है। और आगे चल कर भी इसी तरह से ही वह बल्लभगढ़ के विकास के लिए कार्य करते रहेंगे।

सरकारी स्कूल की दीवार में फसने से आवारा जानवर की मौत

मनोज सूर्यवंशी, संवाददाता

दिल्ली एन सी आर। बल्लभगढ़ के ऊंचा गांव में सरकारी स्कूल की दीवार के बीच एक आवारा जानवर फस गया और उसने तड़प तड़प कर वहीं दम तोड़ दिया। आवारा जानवर की दर्दनाक मौत के बाद स्थानीय लोगों ने गौ सेवा करने वाले समाजसेवियों को इसकी सूचना दी जिसके बाद वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे।

करीब ढाई घंटे मशक्कत करने के बाद वह आवारा जानवर को वहां से निकालने में कामयाब हुए। और उसे बाहर निकाल कर उसका अंतिम संस्कार किया। बातचीत के दौरान गौ सेवा करने वाले शिवा ने बताया कि उनके पास किसी व्यक्ति का फोन आया जिसके बाद ही उन्हें इसकी सूचना मिली।

उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के तुरंत बाद ही उनकी टीम रेसक्यू के लिए निकल गई थी। लेकिन उससे पहले ही आवारा जानवर ने दम तोड़ दिया। इस घटना के जरिए सरकारी स्कूल की एक लापरवाही भी सामने आई है। कोई आवारा जानवर अगर स्कूल के अंदर घुस सकता है तो इससे कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।

अशोक विहार -अग्रवाल सोसाइटी का संग्राम, दोनों ग्रुप को पैनल बनाने में आ रहा पसीना 

-दिल्ली दर्पण ब्यूरो 

अशोक विहार। आगामी 4 अप्रैल को होने जा रहे अग्रवाल वेलफेयर सोसाइटी,अशोक विहार के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज़ हो गयी है। प्रधान स्व. पवन गुप्ता की आकस्मिक मृत्यु के बाद सोसाइटी की सियासत भी बदल गयी है। मौजूदा चुनाव कोर्ट द्वारा नियुक्त जस्टिस श्री एस.पी.गर्ग की  निगरानी में होने जा रहे है। इन चुनावों में श्री शंकर सिंघल एसपी गर्ग को अतिरिक्त चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है।  इस पर समाज के कुछ लोगों के साथ साथ कई सालों तक मुख्य चुनाव अधिकारी के रूप में चुनाव करते आ रहे डॉ एच सी गुप्ता भी बेहद नाराज तो है ही वे इस पर भी मंथन कर रहे है की वे किस भूमिका में और किस पाले में जाएं।

 सोसाइटी का प्रधान बनाने के लिए कितने ही प्रमुख लोग मौक़ा और माहौल तलाश करते आ रहे है। इस बार दो नाम सामने आ रहे है.एक पैनल पिछले बार पवन गुप्ता के केवल कुछ वोटों के अंतराल से चुनाव हारे अनिल गुप्ता (घी वाले ) का नामा है एक पैनल नन्द किशोर अग्रवाल की अगुवाई बनने जा रहा है। इन दोनों को ही लगता है की रसातल को जा रही सोसाइटी को उनकी जरूरत है। या यो कहें कि सोसाइटी का प्रधान बनने के लिए यह मौक़ा अनुकूल है। अनिल गुप्ता और नन्द किशोर गर्ग दोनों ग्रुप अपना अपना बनाने में लगे है तो लेकिन 1200 सदस्यों वाले इस सोसाइटी में उन्हें जिताऊ और उपयोगी उम्मीदवार तलाशना टेढ़ी खीर बना हुआ है। दोनों की नजर जिन चेहरों पर है वे चेहरे भी चर्चा कर रहे है की वे किस पाले में किस वादे के साथ और क्यों जायें। जाहिर है चुनाव परिणाम टीम की शक्ल पर काफी हद तक निर्भर होंगे। ऐसे में  मोल भाव दोनों तरफ से जारी है। 4 अप्रैल 2021 को होने वाले इन चुनावों के लिए 18 मार्च से 19 मार्च को नामांकन दाखिल किये जाएंगे। 20 मार्च को इनकी नामांकन की छटनी के बाद 21 मार्च को प्रत्याशियों की सूची जारी की जाएगी। 22 मार्च तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे और उसके बाद 23 को फाइनल सूची जारी कर दी जाएगी। चुनाव के बाद शाम को ही वोटों की गिनती भी शुरू हो जाएगी और देर शाम तक परिणाम आ जायेंगे। 
दोनों पैनल के के संभावित प्रत्याशी 

1  -नन्द किशोर अग्रवाल ( प्रधान ) 


 नन्द किशोर अग्रवाल की अगुवाई में बनने वाले पैनल में जिन नामों की चर्चा है उनमें राकेश बंसल , सुरेश गुप्ता , अजय गोयल (काशवी ) विजय गुप्ता, पवन अग्रवाल , बिमल प्रकाश अग्रवाल , मनीष मित्तल , आदि प्रमुख है। खबर है की स्व. मांगे राम गर्ग परिवार से भी नन्द किशोर अग्रवाल की चर्चा चल रही है। इस ग्रुप में उनके समर्थक समझे जाने वाले कई लोग शामिल है। इसमें ज्यादातर लोग बेशक बीजेपी और संघ समर्थक है लेकिन इन चुनावों में राजनैतिक पार्टी कोइ मायने नहीं रखती। चुनावों चेहरों और रिशतेदारियों के दम पर होता है। डॉ एचसी गुप्ता की अनिल गुप्ता से नाराजगी उन्हें इस ग्रुप में भेज सकती है। 
2  अनिल गुप्ता (घी वाले ) प्रधान 

अनिल गुप्ता (घी वाले ) पैनल में जिन नामों पर चर्चा है उनमें  नरेश  , राजेंद्र गर्ग , योगेश गोयल , श्री भगवान बंसल , डॉ एचसी गुप्ता ,अशोक गुप्ता ( दाल वाले ) दीपक जिंदल आदि के नाम प्रमुख है। खबर है की अनिल गुप्ता घी वाले डॉ गुप्ता की नारजगी को दूर कर उन्हें अपने पाले में ला सकते है।

 इस बार का चुनाव चेहरों का ही नहीं है बल्कि चुनौतियों से भरा भी है।  कोरोना महामारी के बीच अग्रसेन हॉस्पिटल में चल रहे निर्माण कार्य ने सोसाइटी की आर्थिक हालत खराब कर दी है। सोसाइटी को फिर पटरी पर लाने के लिए ऐसा पैनल चाहिए जिसके प्रयाश और प्रतिष्ठा से सोसाइटी को पैसा मिल सके। लेकिन कारोबार और कारोबारियों की जो हालत है उसे देखते हुए सोसाइटी के लिए 10 से 12 करोड़ रुपये जुटाना आने वाले प्रधान के लिए बड़ी चिंता और चुनौती होगी। सभी को साथ लेकर कौन से पैनल इस चुनौती को पूरा कर सकेगा , इस चुनाव में ट्रष्टियों के लिए यह एक बड़ा सवाल होगा।

दिल्ली- कोरोना चलते ट्रेने हुई कम, किराया हुआ ज्यादा

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

दिल्ली।। कोरोना के शुरुआती दौर में करीब 50 दिनों तक बंद रहने के बाद ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू होने में ज्यादा वक्त नहीं लगा, लेकिन कोरोना की मार से रेलवे अभी तक नहीं उबर पाया है। आपको बता दे कि ट्रेनें कम चल रहीं हैं, ऊपर से रही-सही कसर टिकटों के ने पूरी कर दी हम ऐसा इसलिए बोल रहे है क्योंकि ट्रेनों के दोबारा परिचलन से टिकट के दामों में ज्यादा बढ़ोतरी आई है। और नतीजा ये है कि  रेलवे को अभी भी भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है, क्योंकि छोटे शहरों के आम लोगों के लिए ट्रेनों का सफर काफी महंगा हो गया है।


बता दे कि बड़ी तादाद में लोग अभी भी ट्रेनों में सफर करने से बच रहे हैं। हाल ही में शुरू हुई अनारक्षित ट्रेनों में भी कम ही यात्री सफर कर रहे हैं, क्योंकि इन्हें मेल/एक्सप्रेस कैटिगरी के तहत चलाया जा रहा है। इसकी वजह से इन ट्रेनों का किराया काफी बढ़ गया है, जो रोज यात्रा करने वालों की जेब पर बहुत भारी पड़ रहा है।


अगर कोई व्यक्ति महीने में 20 या 25 दिन भी पैसेंजर ट्रेन पकड़कर गाजियाबाद से दिल्ली आता-जाता है, तो पहले जहां उसका काम 400-500 रुपये में हो जाता था, अब उसे 1,200 से 1,500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इसी वजह से लोग अभी भी अनारक्षित ट्रेनों में सफर करने से बच रहे हैं। इसलिए, अनारक्षित टिकटों की बिक्री में भारी गिरावट आ गई है।

दिल्ली- वैक्सीनेशन में तेजी के लिए बुजुर्गो के लिए खास सुविधा

काव्या बजाज, संवाददाता

दिल्ली।। कोरोना संक्रमण ने एक बार फिर अपना कहर दिखाना शुरु कर दिया है जिसको देखते हुए प्रशासन भी एक्शन में आ गया है। ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग सके इसके लिए सरकार ने एक कदम उठाया।

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन वैक्सीनेशन में तेज़ी लाने की हर संभव कोशिश कर रही है। जो बुजुर्ग तकनीकी सुविधाओं के कारण वैक्सीन के लिए रजिस्टर नहीं कर पा रहे हैं प्रशासन की टीमें घर जा कर उनका रजिस्ट्रेशन तो कर ही रहीं है साथ में उन्हें कैब की सुविधा भी दे रही है। जिससे उन्हें कोई तकलीफ ना हो और ज्यादा से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवा पाएं।

पश्चिमी दिल्ली समेत दिल्ली के कई ईलाकों में यह सुविधा शुरु हो चुकी है। जानकारी के अनुसार जे जे कॉलोनी जैसे ईलाकों में प्रशासन की टीम काम कर रही है। वैक्सीनेशन के दूसरे चरण में सिर्फ 60 साल से अधिक उम्र के लोग और 45 साल से अधिक जिन्हें कोई गंभीर बीमारी है वह वैक्सीन लगवा सकते हैं जिसके चलते इन लोगों की सुविधा के लिए बस वैन और टैक्सी को काम पर लगाया गया है। अब आगे देखना यह हागा कि प्रशासन का यह कदम वैक्सीनेशन अभियान में कितना असर दार साबित होता है।