Sunday, May 17, 2026
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दिल्ली -हनुमान जी के सामने सभी दल नतमस्तक ,नार्थ एमसीडी नेता सदन के प्रस्ताव को “आप ” और कांग्रेस का भी समर्थन  

राजेंद्र स्वामी , दिल्ली दर्पण  
नार्थ दिल्ली। प्रभु श्रीराम के भक्त हनुमान के सामने दिल्ली की तीनो प्रमुख राजनैतिक पार्टियां नतमस्तक है। दिल्ली के चांदनी चौक पर स्थाई रूप से हनुमाना मंदिर रहे और इसका पुनर्निर्माण हो इस पर बीजेपी , कांग्रेस और आम आदमी पार्टी तीनों ही सहमत है। चाहे वह दिल्ली नगर निगम हो या दिल्ली सरकार या फिर भारत सरकार के मंत्री और स्थानीय सांसद डॉ हर्ष वर्धन सभी बजरंग बलि और उसके भक्तों से इतने डरे हुए है की सभी चाहते है कि जल्द से जल्द हनुमान जी स्थाई रूप से वहां विराजमान हो। इस मामले में राजनैतिक दलों में गज़ब की एकता उस समय भी दिखाई दी जब नार्थ एमसीडी सदन में नेता सदन योगेश वर्मा ने चांदनी चौक में स्थिति मंदिर को स्थाई रूप से स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव का अनुमोदन स्थाई समिति के अध्यक्ष छैल बिहारी गोस्वामी ने किया और उस प्रस्ताव का अनुमोदन नेता विपक्ष विकास गोयल और कांग्रेस दल के नेता मुकेश गोयल ने भी किया। प्रस्ताव में कहा गया कि कहा गया है की सेंट्रल वर्ज पर 18 ट्रांसफार्मर है और उसी जगह पर मंदिर भी बना है। यह मंदिर यातायात में किसी भी तरह की बाधा नहीं पहुचायेगा। स्थानीय लोग भी मंदिर तोड़े जाने से आहात है और वहां स्थाई मंदिर की मांग कर रहे है। इन सबकों ध्यान में रखते हुए नार्थ एमसीडी ने रेसोलुशन पास किया है। 

North mcd passed Resolution to build hanumand temple at Chandni chowk

रेसोलुशन पास किये जाने के बाद उत्तरी नगर निगम के महापौर जेपी, स्थायी समिति अध्यक्ष छैल बिहारी गोस्वामी और नेता सदन योगेश वर्मा चांदनी चौक स्थित हनुमान मंदिर गए और हनुमान जी का आशीर्वाद लिया। नेता सदन योगेश वर्मा का कहना है की अब दिल्ली सरकार की धार्मिक कमेटी को इसे बनवाना चाहिए। स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने भी उप-राज्यपाल अनिल बैजल को पत्र लिखकर चांदनी चौक के हनुमाना मंदिर के पुनर्निर्माण करने का निवेदन किया है। आम आदमी पार्टी के पार्षद और नेता सदन विकास गोयल ने भी कहा है कि वे मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को पत्र लिखकर निवेदन करेंगे की चांदनी चौक का हनुमान मंदिर जल्द से जल्द दिल्ली सरकार बनाये। कांग्रेस नेताओं ने भी बयान देकर जल्द से जल्द मंदिर बनाने की सिफारिश की है।

 गौरतलब है कि दिल्ली सरकार दिल्ली के ऐतिहासिक स्थल चांदनी चौक का सौंदर्यकरण कर रही है। इसी मामले में कोर्ट ने चन्दगी चौक के इस प्राचीन हनुमान मंदिर को हटाने के निर्देश दिए थे। इस निर्देश के बाद दिल्ली नगर निगम ने इस मंदिर को तोड़ दिया था। निगम की इस कार्यवाही से लोगो में गुस्सा फ़ैल गया और विरोध प्रदर्शन होने लगे। लोगों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए तीनों दल भी हनुमान भक्तों की मांग के समर्थन में आ गए। यही वजह रही की नगर निगम सदन में यह प्रस्ताव पास किया और सभी दलों ने इसका समर्थन भी किया। 

MCD के सेमीफाईनल के बीच चला आरोपों का सिलसिला

काव्या बजाज, संवाददाता

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के उपचुनाव को सेमीफाइनल के नजरिए से देखने वाले उम्मीदवारों की धुंआधार प्रचार के बाद 28 फरवरी को वोट डाले जाएंगें। जिसके लिए शुक्रवार को प्रचार प्रसार थम गया। सभी पार्टियों ने अपने – अपने उम्मीदवार को जीताने के लिए पूरा दमखम लगा दिया। चुनावों से करीब एक महीना पहले ही जनसभा और पद यात्राओं का सिलसिला आरंभ कर दिया गया था। जिसके बीच में लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानने के साथ – साथ विपक्षी पार्टियों ने जमकर एक-दूसरे पर आरोप भी लगाए गए।

कांग्रेस की जनसभा में बढ़ते पेट्रोल के दामों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा गया कि महंगाई की वजह से गृहस्थ लोगों को काफी परेशानियां हो रही है, लेकिन प्रधानमंत्री इस बात को कभी समझ नहीं सकते क्योंकि उन्हें गृहस्थ जीवन के बारे में जानकारी ही नहीं है। इस स्थिति में वे उनका दुख कभी भी समझ ही नहीं सकते। कांग्रेस ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी और भाजपा जनता की भावनाओं के साथ खेलकर सिर्फ उन्हें लूटने काम कर रहे हैं।

जबकि आप का कहना था कि भाजपा हमेशा से ही सिर्फ भगवान राम के नाम पर वोट मांगती आई है। इस वक्त भी वही काम कर रही है। उसके उम्मीदवार भगवान को भी राजनीति में लेकर आ गए हैं, जो  काफी दुर्भाग्यपूर्ण बात है। आम आदमी पार्टी सिर्फ और सिर्फ अपने काम पर वोट मांगती है। आगे भी जनता के लिए काम कर उन्ंही मुद्दों पर वोट मांगेगी।

भाजपा ने इन सभी आरोपों का जवाब देने के साथ – साथ आरोप लगाते हुए कहा कि न जाने कांग्रेस और आप को भगवान राम के नाम से चिढ़ क्यों हैं? वह एक सामुदाय के लोगों को लाभ देकर बाकी के लोगों को सुविधाओं से वंचित कर रहे हैं, जो बेहद अनुचित है। इन्हीं आरोप प्रत्यारोप के सिलसिले में अब MCD का सेमीफाइनल अपने अंतिम चरण में है। जिसमें देखने वाली बात यह होगी कि जनता किसके सिर पर जीत का ताज सजाती है।

एमसीडी उपचुनाव बन गया सभी दलों के नाक का सवाल

राजेंद्र स्वामी, संवाददाता

दिल्ली।। राजधानी में नगर निगमों की पांच सीटों के लिए हो रहे उप चुनाव में भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के अतिरिक्त बहुजन समाजवादी पार्टी भी मैदान में है। कोई अपनी जमीन तलाशने में जुटी है तो कोई अपनी स्थिति को मजबूत करने का मंसूबा लिए हुए है। सभी को लगता है इस चुनाव की जीत से उनकी तरफ से लागों में उनकी लोकप्रियता का अच्छा संदेश जाएगा। इसक लाभ उन्हें अगले साल होने वाले एमसीडी के चुनाव में मिल सकता है।


सवाल यह है कि जहां चुनाव हो रहे हैं वहां के लोगों पर इसका क्या फर्क पड़ेगा? क्या लोगों की परेशानियों में कमी आएगी? क्या उन्हें बुनियादी सुविधाएं मिल पाएंगी? क्या क्षेत्र के विकास में चली आ रही बाधाएं दूर हो पाएंगी? इसका जवाब संभवतः न तो किसी उम्मीदवार के पास है और न ही उनके दलों के पास। कारण कायदे से देखें तो पाएंगे कि यह चुनाव मुद्दा विहीन लड़ा जा रहा है। उम्मीदवारों के पास क्षेत्र के विकास और असुविधाओं को दूर करने के लिए कोई ठोस खाका नहीं तैयार किया है। उन्होंने अपने-अपने दलों की नीतियों और उनके दिग्गज नेताओं के बयानों के आधार पर मतदाताओं को रिझाने की कोशिश की है।


राजनीतिक दलों में एमसीडी पर करीब डेढ़ दशकों से काबिज भाजपा से लेकर परंपरागत वोटों की दावेदार कांग्रेस और आज की विकास को नया नजरिया देने वाली पार्टी आम आदमी पार्टी ने वार्डों की समस्याओं से हटकर एक-दूसरे को ही आड़े हाथों लिया है। भाजपा के स्थानीय नेता हों या फिर केंद्रीय नेताओं में उनके सांसद, सभी आप की दिल्ली सरकार पर एमसीडी के वकाए फंड और उससे संबंधित दूसरी खामियां ही गिनवाने का काम किया है। इसके जवाब में आप के नेताओं ने पलटवार करते हुए भाजपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।


इसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक शामिल हैं। यह अलग बता है कि आप द्वारा दिल्ली में विकास माॅडल की तरह बड़े प्रोजेक्ट के वादे किए गए हैं। चुनावी जनसभाओं में भी उनके बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला बना रहा। कांग्रेस ने भी चुनाव प्रचार में दिग्गज नेताओं को मैदान में उतारा। उसके नेताओं ने भाजपा और आप के कामकाज पर उंगली उठाई। साथ ही अपने कार्यकाल में बेहतर काम की प्रशांसा की और खुद को गरीबों का हितैषी करार देते हुए केंद्र सरकार पर  पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम बढ़ने पर निशाना साधा। इनके अतिरिक्त बसपा ने तीनों दलों के खिलाफ आवाज उठाई।

 

कुल मिलाकर देखों तो पाएंगे कि चुनाव प्रचार के दरम्यान जो बातें क्षेत्र के विकास के बारे में की जानी चाहिए थी उनमें कहीं न कहीं कमी रह गई। दिग्गज स्टार प्रचारकों के रोड शो और जनसभाओं में की गई घोषणाओं से अगर प्रत्याशी हासिए पर चले गए, तो मतदाता भी सही उम्मीदवार का चयन करने की दुविधा से घिर गए। बहरहाल, उपचुनाव के बहाने से भाजपा, कांग्रेस, आप और बसपा ने अपनी धार तेज करने की ही कोशिश की है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि किसे कितनी सफलता मिलती है।

पत्नी की कर दी पीटी—पीटकर हत्या

पत्रिका संवाददाता

नई दिल्ली।  रोहिणी जिले के विजय विहार थाने के अंतर्गत बुध विहार में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की लकड़ी की बेंच से पीट—पीटकर ह्त्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है। प्राप्त जानकारी के दिल्ली के बुद्धविहार इलाके में 27 फरवरी को एक शख्स ने अपनी पत्नी की पीट-पीट कर ह्त्या कर दी। घर में फर्श पर फैले खून को देखकर कोई भी अंदाजा लगा सकता है कि उसे किस कदर बेरहमी से पीटा गया होगा। हुआ भी ऐसा ही था।  उसे इतनी बेहरमी से पीटा गया था कि उसकी चीखों ने पड़ोसियों को दहला दिया था। ड़ोसियों ने महिला के घर वालों को फ़ोन कर इसकी सूचना दी। घर वाले पहुंचे तो देखा कि उनकी बेटी गीता को लकड़ी की बेंच से पीटा गया है। पति चेतन प्रकाश भी लगभग अचेत अवस्था में है। आस पास के लोगों ने इसी बीच थाना पुलिस के बीट स्टाफ को भी इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गीता को रोहिणी के अम्बेडरकर हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां उसे ब्रॉड डेड घोषित कर दिया। 

मृतका के बारे में पड़ोसी ने बताया कि मृतक 30 वर्षीय गीता की एक पांच साल के बेटी भी है। जांच में पता चला है कि गीता और उसके पति 35 वर्षीय चेतन प्रकाश के बीच आये दिन छोटी—छोटी बातों पर झगड़ा होता था। बीती रात भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था, जिसमें पति ने गीता की पीट—पीट  ह्त्या कर दी। चेतन भी घायल हालत में अस्पताल में भर्ती है पुलिस ने उसे हिरासत में दिया है। इससे पहले बुराड़ी और भलस्वा इलाके में भी पति द्वारा पत्नी की पीट—पीट कर ह्त्या कर देने का मामला सामने आया था। इस तरह की घटनाओं का सामने आना न केवल पारिवारिक ताने—बाने के कमजोर होने की और इशारा कर रहा है, बल्कि घरेलु हिंसा और समाज में बढ़ते गुस्से को भी सामने रख रहा है।

ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाने वाले दो शातिर ठगों को साइबर सेल ने किया गिरफ्तार

मनोज सूर्यवंशी, संवाददाता

दिल्ली एनसीआर।। देश मे लगभग 1000 लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बना चुके है। दो शातिर ठगों ने फरीदाबाद की साईबर सेल ने गिरफ्तार करने में सफलता हाँसिल की है।गौरतलब है कि आरोपी फरीदाबाद के भी 3 लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना चुके थे। जिसपर कारवाही करते हुए साईबर सैल की टीम नो दोनो आरोपियों को गिरफ्तार कर 30000 नगद ,2 मोबाईल फोन और सिम बरामद की है।

साईबर सैल की गिरफ्त में दिखाई दे रहे यह दोनों वही आरोपी है जो फरीदाबाद सहित पूरे देश मे लगभग 1000 लोगों को ऑनलाईन ठगी में अपना शिकार बना कर अबतक लोगों से लाखों की ठगी कर चुके है। मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी हैडक्वार्टर अर्पित जैन ने बताया कि आरोपी दिल्ली के रहने वाले है दोनों ही आरोपी पिछले एक डेढ़ साल से ऑनलाइन ठगी करने में सक्रिय थे। अर्पित जैन ने बताया कि आरोपी लोगों को RBL बैंक कर्मी बनकर क्रेडिट कार्ड पर खरीददारी करने पर 10/10 हजार के कैश गिफ्ट बाउचर निकलने की बात कहकर अपने अपने झांसे में लेकर ऑनलाइन ठगी करते थे।

डॉक्टर जैन ने बताया कि फरीदाबाद में मिली ऑनलाइन ठगी की 3 शिकायतों पर कार्यवाही करते हुए साईबर सेल को बड़ी कामयाबी मिली है जिसमे दो साईबर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर करेगी और पूछताछ।वहीं उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कच्चे लालच में न फसें ऑनलाइन कोई भी लिंक खोलते समय सावधान रहें किसी को अपना ओटीपी न बताएं तभी साईबर ठगों से बचा जा सकता है।