Sunday, May 17, 2026
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पूठ खुर्द में महिलाओं के सम्मान की मुहिम जारी, बरवाला में हुआ कार्यक्रम

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

दिल्ली।। उत्तर पश्चिमी दिल्ली के पूठ खुर्द वार्ड 32 N में निगम पार्षद द्वारा महिलाओं को सम्मानित करने का कार्यक्रम अब एक मुहिम का रूप ले चुका है। 13 फरवरी को राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पूठ खुर्द से शुरू हुआ। यह कार्यक्रम, गुरुवार को बरवाला गाँव स्थित मंदिर में आयोजित किया गया। जहाँ 900 महिलाओं को शॉल के साथ निगम पार्षद अंजू देवी ने सम्मानित किया। भजन कीर्तन के भव्य कार्यक्रम में सैंकड़ो की संख्या में स्थानीय महिलाओं की भीड़ जुटी और सभी भक्ति गीतों का आनंद पूरे भाव से लेते दिखे। निगम पार्षद अंजू देवी और उनके पति अमन कुमार के द्वारा किये गए कार्यों की सराहना क्षेत्र की महिलाएँ बखूबी करती हैं। 

गुरुवार को महिलाओं के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा दिल्ली प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता भी पहुँचे थे। जिन्होंने निगम पार्षद अंजू देवी के कार्यों को न केवल सराहा बल्कि उनका हौसला भी बढ़ाया। 

निगम पार्षद अंजू देवी ने कहा है कि राष्ट्रीय महिला दिवस पर शुरू हुआ कार्यक्रम अब अंतराष्ट्रीय महिला दिवस तक जारी रहेगा। और इसके माध्यम से वह 10000 महिलाओं तक सीधे संपर्क कर उनका सम्मान कर सकेंगी।

महिलाओं के चेहरों पर कार्यक्रम और उसके बाद शॉल से सम्मानित किये जाने की खुशी साफ दिखी। वहीं निगम पार्षद और उनकी टीम पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। जाहिर तौर पर जब अगले निगम चुनाव के महज एक साल ही बचे हों तो इस तरह के प्रयास क्षेत्र की जनता को आकर्षित करने के लिये कारगर साबित होते हैं।

रेल रोको आंदोलन से कितना पड़ा देश में असर ?

प्रदीप अंतील, संवाददाता

दिल्ली एनसीआर।। किसान आंदोलन अपने 3 महीने पूरे करने जा रहा है लेकिन सरकार और किसानों के  बीच अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है इससे आम जनता को तो परेशानी हो ही रही है साथ ही साथ सरकार को इस आंदोलन के चलते आर्थिक तौर पर नुकसान हो रहा है या फिर यूं कह लें कि 2020 सरकार के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण रहा है पहले कोविड-19  और अब किसान आंदोलन के चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है अभी यह कहना मुश्किल होगा कि आंदोलन कितना और चलेगा या कब तक चलेगा |

सरकार और किसानों के बीच अभी इस समस्या का हल निकलने की संभावना दूर-दूर तक नहीं नजर आ रही है। इस बीच जो आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और साथ ही सरकार को भी भारी-भरकम आर्थिक चोट पहुंच रही है। सर्दी का पूरा सीजन प्रदर्शनकारी किसानों के ऊपर से गुजरा है इसी बीच लगभग 200 से ज्यादा किसानों की मौत का आंकड़ा सामने आया है अपने आप में यह देश जनता और किसान संगठन के लिए बहुत दुखद बात है। इसके बावजूद भी सरकार और किसान प्रदर्शन आंदोलनकारी मानने के लिए कतई राजी नहीं है किसानों के लिए कृषि आंदोलन किसी रणभूमि से कम नहीं आंका जा सकता।

केंद्र सरकार के 3 नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने कल दोपहर 12:00 बजे से 4:00 बजे तक देशभर में रेल को रोक कर अपना विरोध जताया| भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि स्थानीय स्तर पर रेल रोकी जाएगी यानि जहां पर किसान आंदोलन की जगह पे बैठा हुआ है वहां से उठ करके वह रेल रोकने नहीं जाएगा रेल रोको आंदोलन स्थानीय लोगों को ही पूरा करना होगा। किसानों के इस आह्वान को देखते हुए रेलवे ने भी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी की गई थी।

देशव्यापी रेल रोको आंदोलन के दौरान हजारों की संख्या में किसान रेल पटरियों पर बैठे नजर आए रेलवे ने इस आंदोलन को देखते हुए कई ट्रेनों को रद्द किया था वहीं कुछ के रूट में परिवर्तन किया था इसके अलावा जीआरपी और आरपीएफ के जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई।  रेल रोको आंदोलन का असर उत्तर भारत में ज्यादा देखने को मिला इनमें हरियाणा यूपी पंजाब शामिल रहे।

निगम पार्षद अंजू जैन ने उठाया स्वछता की ओर एक और कदम

डिम्पल भारद्वाज, संवाददाता

दिल्ली।। दिल्ली में निगम चुनाव का बिगुल निगम उप-चुनाव की आहट के साथ ही बज चुका है। ऐसे में सभी निगम पार्षद भी अपनी कमर कस चुके हैं लेकिन वार्ड नं 64 N पीतमपुरा की निगम पार्षदा अंजू जैन लगातार अपने क्षेत्र में विकास के कार्य कर जनता को एक से बढ़कर एक तोहफे दे रही हैं। फिर जाहे बात वार्ड के सौंदर्यकरण की हो या साफ सफाई की अंजू जैन लगातार समाज को एक बेहत वातावरण देने के लिये तत्पर दिखाई देती हैं।

इसी कड़ी में अंजू जैन ने अपने वार्ड के अंतरगर्त आने वाले एमपी मॉल के सामने बने कूड़ेदान को बंद कर समाज के योदगान से एक लाईब्रेरी बनाने का लक्ष्य रखा है। बाता दें की अंजू जैन ने एक कार्यक्रम का आयोजन कर स्थानीय जनता को इसकी सौगात दी। जिसमें बीजेपी की राष्ट्रीय मंत्री अनिता गुर्जर ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। तो वहीं नॉर्थ एमसीडी के महापौर जय प्रकाश, स्टेंडिंग कमिटी के चैयरमेन छैल बिहारी गौस्वामी के साथ ही नेता सदन योगेश वर्मा भी मौजूद रहे। जिन्होंने मंच से अंजू जैन के कार्यों की जमकर सराहना की और आम आदमी पार्टी के नाकार बता बीजेपी के कार्यों को जनता के सामने रखा।

बता दें की अंजू जैन ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्ष वर्धन से प्रेरणा लेकर अपने वार्ड को एनिमिया मुक्त करने का प्रण लिया है। यही वजह है की कार्यक्रम के दौरान महिलाओं का बल्ड टैस्ट लेकर हिमोग्लोबिन चैक किया गया और जिस महिला का हिमोग्लोबिन 10 यूनिट से कम आया उन्हें अंजू जैन ने कार्यक्रम के अतिथियों द्वारा एक किलो चने और गुड़ बंटवाए साथ ही आर्यन की दवाईयों को भी वितरित किया गया। जिसकी जिलाध्यक्ष राजकुमार भाटिया ने सराहना की

बता दें की जिस तरह से अंजू जैन अपने वॉर्ड में काम कर रही हैं उसे देख कर साफ है की अंजू जैन जनता के लिये ना केवल अपने दायित्व पूरा कर रही हैं बल्कि समाज सेवा कर उन्हें अपने साथ जोड़ने का काम भी कर रही हैं यही वजह है की जनता भी उन्हें पूरा प्यार और साथ दे रही है।

नर्सरी एडमिशन के लिए बड़ी पैरंट्स की उलझनें

शिवानी मोरवाल, संवाददाता

दिल्ली।। नर्सरी एडमिशन की ओपन सीटों के लिए फॉर्म भरने शुरू हो गए हैं और ज्यादातर स्कूलों ने अपने एडमिशन क्राइटेरिया को वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। 100 पॉइंट क्राइटेरिया में कई स्कूलों ने डिस्टेंस, सिबलिंग, अल्मनाई, गर्ल चाइल्ड, फर्स्ट बॉर्न चाइल्ड के अलावा स्टाफ को भी पॉइंट दिए हैं, जो पैरंट्स को उलझन में डाल रहा है। दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में इस बार भी मैनेजमेंट कोटा 20% है। जनरल सीटों से अलग ये सीटें स्कूलों ने ‘मैनेजमेंट’ के नाम पर रिजर्व हैं मगर फिर भी कई स्कूलों ने स्टाफ को इसमें शामिल नहीं किया है, बल्कि उसे अलग जगह दी है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्टाफ मैनेजमेंट का ही हिस्सा है। अगर स्कूल अलग से स्टाफ के लिए सीटें रख रहे हैं तो शिक्षा निदेशालय को एक्शन लेना चाहिए

18 फरवरी से शुरू हुए नर्सरी फॉर्म भरना शुरू हो चुके हैं। कई स्कूलों में स्टाफ को 5 से 50 पॉइंट दिए गए हैं, या 5% सीटें रिजर्व की, जिससे जनरल सीटें और कम हो रही हैं। एडमिशन की मारामारी के बीच कई पैरंट्स तो मैनेजमेंट कोटे का जुगाड़ ढूंढ रहे हैं। प्राइवेट स्कूलों में 25% सीटें इकनॉमिकली वीकर सेक्शन/डिसएडवांटेज ग्रुप के लिए रिजर्व रहती हैं। इसके बाद बचीं 75% ओपन सीटों में 20% सीटें स्कूल मैनेजमेंट कोटे के नाम पर रख लेते हैं।

आशु भाई गुरूजी ने की जंग की शुरुआत

संवाददाता, दिल्ली दर्पण टीवी

दिल्ली।। दिल्ली में सामूहिक बलाक्तकार और यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे बाबा आशु भाई गुरूजी ने जहाँ एक तरफ अपने ऊपर लगे आरोपों को एक साजिश बताकर सीबीआई  जांच की मांग की है। इसमें आरोप लगाया है की वे एक ऐसे गैंग का शिकार हुए है जो हाई प्रोफाइल लोगों से अवैध वसूली करता है। इसमें शिकायतकर्ता लड़की और उसके साथ के अलावा क्राइम ब्रांच के डीसीपी भी मिले हुए है। बाबा के वकील के अनुसार सभी सबूतों को देखकर उच्च न्यायालय ने क्राइम ब्रांच को दो हफ्ते में जबाब दाखिल करने को कहा है, और भी के बड़े राज खोले जो बेहद चौंकाने वाले है।

ये बाबा तो आपको याद होंगे। ये वही आशु भाई गुरु जी उर्फ़ आसिफ खान हैं जिनपर गाज़ियाबाद की एक महिला ने सामूहिक बलात्कार और यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद आशु भाई गुरूजी को 20 महीने की जेल भी काटनी पडी थी। लेकिन अब आशु भाई गुरूजी ने पलटवार कर जंग का ऐलान किया है। दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने ऊपर लगे आरोपों की सीबाईआई जांच की मांग की है। कोर्ट में ऐसे कई सबूत पेश किये है और आरोप लगाया है की वो एक ऐसे गैंग का शिकार हुए जिसका काम ही एक्सटॉरशन करना है। शिकायतकर्ता महिला सीपीडल्ब्यूडी के दो बड़े उच्च अधिकारीयों पर भी 2019 में मंडावली पुलिस स्टेशन गैंग रेप मामला दर्ज़ है। लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया। आशु भाई गुरूजी ने आरोप लगाया की उनसे करोड़ों रुपये के एक्सटॉरशन की मांग की गयी थी। इसमें तत्कालीन क्राइम ब्रांच डीसीपी राम गोपाल नायक पर भी संगीन आरोप लगाए —

आशु भाई गुरूजी के वकील ने कई खुलासे किये। आशु भाई गुरूजी ने व्हाट्सअप चैट पेश किये है जिनमें आशु भाई गुरूजी का ख़ास व्यक्ति डीसीपी राम नरेश नायक के एजेंट बात कर 7 करोड़ रुपये में मुक़दमा ख़ारिज करवाने के लिए मांग रहा है। उसी नंबर से राम नरेश शर्मा ने शिव कुमार को बताया की उन्होंने दाती महाराज के मुकदमें में भी 13 करोड़ रुपये रिश्वत लेकर दाती महाराज को गिरफ्तारी से बचाया था।

आशु भाई गुरूजी के वकील विशाल चोपड़ा ने क्राइम ब्राँच पर पर भी कई सवाल खड़े किये। एक महिला 2008  गुरूजी को जानती थी, 2018 यानि 10 साल बाद में शिकायतकर्ता आरोप लगती है की उसके साथ 2013 में बलात्कार हुआ था। इस पर बिना गहन जांच के ही आशु भाई गुरुजी को गिरफ्तार कर लिया जाता है। हद तो यहाँ तक है की उनसे जेल में भी 7 अप्रैल को तीन लोग मिलाने आये और शिकायतकर्ता महिला से फ़ोन पर बात कराकर एक्सटॉरशन की मांग की। उन्होंने इस बात पर हैरत जताई की जेल में भी ये लोग कैसे पहुंच गए।

आशु भाई गुरु जी ने एक एक करके मीडिया में उन पर लगे सभी आरोपों का जबाब दिया। फिर चाहे बात आसिफ से आशु भाई बनाने की हो या उन पर लगे यौन शोषण के आरोपों की। आशु भाई गुरूजी के आरोप बेहद संगीन है। दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी याचिका पर क्राइम ब्रांच को दो हफ्ते में जबाब दाखिल करने को कहा है। अब देखना है की दिल्ली पुलिस इन आरोपों पर क्या जबाब देती है।